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*सीएम कैंप कार्यालय की पहल से चेटबा के रेंगारटोली में बदला गया खराब ट्रांसफार्मर, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का ग्रामीणों ने जताया आभार……*

*सीएम कैंप कार्यालय की पहल से चेटबा के रेंगारटोली में बदला गया खराब ट्रांसफार्मर, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का ग्रामीणों ने जताया आभार……*

जशपुरनगर। जिले के कांसाबेल तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत चेटबा के रेंगारटोली में सीएम कैंप कार्यालय बगिया की त्वरित पहल से बिजली संकट का समाधान अब हो गया है। क्षेत्र में पिछले कुछ समय से खराब ट्रांसफार्मर के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इससे न केवल बिजली की आपूर्ति प्रभावित हो रही थी, बल्कि गर्मी के मौसम में आम लोगों को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। समस्या की गंभीरता को देखते हुए, ग्राम पंचायत चेटबा की सरपंच सारिका पैंकरा ने सीएम कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन देकर इस समस्या के समाधान की गुहार लगाई थी। उनका प्रयास रंग लाया, और सीएम कैंप कार्यालय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खराब ट्रांसफार्मर को बदलने का आदेश दिया।

*ग्रामीणों की समस्या पर सीएम कैंप कार्यालय की त्वरित कार्रवाई*

 

रेंगारटोली में ट्रांसफार्मर खराब होने से क्षेत्र में लंबे समय तक बिजली की आपूर्ति प्रभावित हो रही थी, जिससे लोगों की दैनिक जीवन की गतिविधियों में रुकावट आ रही थी। गर्मी के मौसम में बिजली कटौती की वजह से पानी की सप्लाई और अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो रही थीं, जिससे ग्रामीणों को खासा कठिन समय झेलना पड़ रहा था।सीएम कैंप कार्यालय के इस त्वरित पहल से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को बहाल किया और लोगों को गर्मी के मौसम में राहत प्रदान की। नया ट्रांसफार्मर लगने के बाद, बिजली की सप्लाई स्थिर हो गई, जिससे न केवल गर्मी में राहत मिली, बल्कि ग्रामीणों को अपने दैनिक कामकाज में भी सुधार महसूस हुआ।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का ग्रामीणों ने जताया आभार*

खराब ट्रांसफार्मर को बदलने के बाद, ग्राम पंचायत के सरपंच सारिका पैंकरा एवं ग्रामीणों ने सीएम साय का आभार व्यक्त किया है। सरपंच ने कहा, “सीएम कैंप कार्यालय की मदद से हमारी समस्या का समाधान हुआ है। अब क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति सुसंगत है और इससे ग्रामीणों को राहत मिली है। हम सीएम साय के आभारी हैं जिन्होंने हमारी शिकायत को त्वरित गति से हल किया।ग्रामवासियों ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए सीएम साय का आभार व्यक्त किया। स्थानीय निवासी ने बताया, “अब हमें दिन-रात की बिजली की समस्या से छुटकारा मिला है। गर्मी में बिजली ना होने से बहुत कठिनाइयाँ हो रही थीं, लेकिन अब सब कुछ ठीक हो गया है।”

*मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में श्रवणदोष से पीड़ित बलसाय और बलिस को मिला श्रवण यंत्र, प्रसन्नता जाहिर कर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दिया धन्यवाद*

*समाचार*

*मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में श्रवणदोष से पीड़ित बलसाय और बलिस को मिला श्रवण यंत्र*

*प्रसन्नता जाहिर कर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दिया धन्यवाद*

*जशपुरनगर 24 मार्च 2025/* मनुष्य की पांच इंद्रियां आंख, कान, नाक जीभ और त्वचा हमारे जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है यें इंद्रिया हमें देखने, सुनने, सूंघने, स्वाद लेने और छूने की क्षमता प्रदान करती है। इनमें से कोई एक काम करना बंद कर दें तो जीवन बेरंग सा हो जाता है। आज के समय आधुनिक चिकित्सा में ऐसे उपकरण और ईलाज की पद्धति आ गई है जिससे काफी हद तक इसका उपचार संभव हो सका है, लेकिन कई लोग आर्थिक तंगी की वजह से ईलाज नहीं करा पाते हैं। गरीबों को मदद करने की संवेदनशील सोच और समय पर उनका काम बन सके इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया में कैंप कार्यालय की नींव रखी, जहां कई जरूरतमंदों को सही समय में मदद मिल रही है।
इसी संवेदनशील पहल की वजह से आज बंदरचुंआ के ग्राम मुस्कुटी के बलसाय और बलिस साय के चेहरे पर एक बार फिर से मुस्कुराहट तैरने लगी है। श्रवणदोष से पीड़ित दोनों को आज कैंप कार्यालय में श्रवण यंत्र प्रदान किया गया है। खेती-किसानी कर अपना जीवन-यापन करने वाले बलसाय और बलिस साय श्रवणदोष से पीड़ित थे। दोनों ने उम्मीद के साथ कैंप कार्यालय में आवेदन देकर अपनी समस्या बताई और श्रवण यंत्र प्रदान करने की मांग की। कैंप कार्यालय ने इस पर त्वरित पहल करते हुए उन्हें श्रवण यंत्र प्रदान किया। दोनों ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया और कहा कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में उनकी समस्या का त्वरित निदान किया गया। आज उनके जीवन में खुशिया फिर से लौट आई है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का ग्रीष्मकाल में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर, फील्ड विजिट कर समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी- मुख्यमंत्री श्री साय*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का ग्रीष्मकाल में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर*

*फील्ड विजिट कर समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी- मुख्यमंत्री श्री साय*

*15 दिवसीय विशेष अभियान : हैंडपंप और सार्वजनिक नलों की मरम्मत*

रायपुर, 24 मार्च 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि ग्रीष्मकाल में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक निर्बाध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय और जनसहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जल संकट से निपटने के लिए जल संरक्षण की दिशा में ठोस और निर्णायक कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, जिससे आने वाले समय में प्रदेश जल संकट की किसी भी स्थिति से सुरक्षित रह सके। मुख्यमंत्री श्री साय मंत्रालय में आयोजित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रीष्म ऋतु के दौरान प्रदेशभर में पेयजल की समुचित और सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी उपायों को प्राथमिकता पर क्रियान्वित किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में पेयजल की उपलब्धता को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जल संकट की किसी भी संभावना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, ऊर्जा, वन एवं कृषि विभाग को परस्पर तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में उत्पन्न हो रही पेयजल समस्याओं के समाधान हेतु अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियाँ समान रूप से आवश्यक हैं। इसके लिए उन्होंने जल संरक्षण के प्रभावी उपायों जैसे रिचार्ज पिट, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और सौर ऊर्जा आधारित पंपों को तेजी से बढ़ावा देने पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने भूजल के अनियंत्रित दोहन पर सख्त निगरानी रखने और कम जल-खपत वाली फसलों की खेती को प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए, जिससे जल संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहते हुए, फील्ड में जाकर स्वयं स्थिति का आकलन करें और स्थल पर ही पेयजल संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी 15 दिनों के भीतर प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर सभी हैंडपंपों और सार्वजनिक नलों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अनेक स्थानों पर हैंडपंपों में केवल मामूली तकनीकी समस्याएँ होती हैं, जिन्हें यदि समय रहते स्थानीय मैकेनिक द्वारा दुरुस्त किया जाए, तो नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकता है।

बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई कि राज्य सरकार ने इस कार्य के त्वरित निष्पादन हेतु पूरे प्रदेश में मोबाइल वैन यूनिट्स की विशेष व्यवस्था की है, जो आगामी चार महीनों तक फील्ड में सक्रिय रहकर रखरखाव और मरम्मत का कार्य प्राथमिकता से संपादित करेंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसके लिए स्थानीय भू-प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण उपायों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने वन्य प्राणियों के लिए गर्मी के मौसम में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि प्रदेशभर में अमृत सरोवरों को जल प्रबंधन के मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, ताकि वे जल संग्रहण, वर्षा जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के सफल उदाहरण बन सकें। उन्होंने तालाबों और जलाशयों के आसपास हो रहे अतिक्रमण को प्राथमिकता से हटाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जलस्रोतों की रक्षा करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव की प्रक्रिया को तीव्र गति से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन से जल स्रोतों के अपव्यय को नियंत्रित किया जा सकता है और ऊर्जा की बचत भी सुनिश्चित होती है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि सोलर पेयजल योजनाओं में ‘सेंसर आधारित स्वचालित प्रणाली’ लागू की जाए, जिससे जल वितरण की निगरानी और नियंत्रण तकनीकी रूप से संभव हो सके और स्मार्ट जल प्रबंधन प्रणाली की दिशा में राज्य एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाए।

मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका को जल संरक्षण के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर जनजागरूकता और सहभागिता ही जल संकट का दीर्घकालिक समाधान है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं में जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन और निस्तारी जल योजनाओं पर व्यापक चर्चा सुनिश्चित की जाए, ताकि समुदाय स्तर पर ठोस पहल हो सके। मुख्यमंत्री ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को इन गतिविधियों के सुनियोजित क्रियान्वयन और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से निर्देशित किया।

इस उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो और कृषि, वन, जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

*तामसिक भोजन से दूर रहने और अपने मन के अहंकार को दूर करने का दिया संदेश –पंडित श्री प्रदीप मिश्रा, मयाली में शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन हर हर महादेव से गुंजा शिव धाम*

*तामसिक भोजन से दूर रहने और अपने मन के अहंकार को दूर करने का दिया संदेश –पंडित श्री प्रदीप मिश्रा

मयाली में शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन हर हर महादेव से गुंजा शिव धाम

भोले बाबा को बस एक लोटा जल सारी समस्या का हल

जशपुरनगर, 22 मार्च 2025/ कुनकुरी मयाली में सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के पास प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा शिव भक्तों को संगीतमय वातावरण में भोले बाबा… ने बहुत दे दिया है … तेरा शुक्रिया है।
शिव भक्ति में झूमते नजर आए श्रद्धालु । आज शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य को मांस मंदिरा तामसिक भोजन से दूर रहने का आग्रह किया शिव की आराधना शिव की भक्ति में मन लगाने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि भोजन करते समय अपना पानी स्वयं रखें उसके बाद ही भोजन करें इससे तीन प्रकार की बीमारी ठीक हो जाती है। पहला घुटने का दर्द, दूसरा रीड की हड्डी का दर्द और तीसरा सर का दर्द दूर हो जाता है। शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कैलाश पर्वत पर नन्दी भोले बाबा के प्रिय क्यों है उनकी महत्ता बताई भक्तों को पंडित मिश्रा जी ने बताया कि कोई काम बहुत समय से सफल नहीं हो पा रहा है तो एक काम करो शिव की भक्ति करो। भक्तों को अहंकार से दूर रहने और अपने भीतर के बुरे विकारों को भी दूर करने के लिए कहा।

कुनकुरी विकासखंड में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के तौर पर मान्यता प्राप्त मधेश्वर महादेव के समीप हो रहे शिव महापुराण कथा को सुनने छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों से बड़ी संख्या में भक्तगण यहां पहुंचे हैं। 27 मार्च तक चलने वाली इस कथा में श्रद्धालुगण दिव्य अनुभव प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सहित उनके परिवार के अन्य सदस्य भी आज शिव महापुराण कथा का रसपान किया।
जशपुर जिला प्रशासन ने भी श्रदालुओं की सुविधा के लिए पूरे इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल में मंच, बैठक व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पंडाल खोया पाया केंद्र और अस्थाई अस्पताल की भी सुविधा उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की टावर की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने कथा स्थल पर जीवों का टावर भी लगवाया है।

*जो कोई कैलाश मानसरोवर का यात्रा नहीं कर पाता वो मधेश्वर महादेव का दर्शन कर ले, जीवन धन्य हो जाएगा: पंडित श्री प्रदीप मिश्रा*

 

*जो कोई कैलाश मानसरोवर का यात्रा नहीं कर पाता वो मधेश्वर महादेव का दर्शन कर ले, जीवन धन्य हो जाएगा: पंडित श्री प्रदीप मिश्रा*

*मयाली में शिव महापुराण कथा का के पहले दिन शिवभक्ति में डूबे श्रद्धालु*

जशपुरनगर, 21 मार्च 2025/ हर हर महादेव से गूंजता पूरा स्थल, शिव भक्ति से डूबे श्रद्धालुगण, यहां का भक्तिमय वातावरण सचमुच चकित करने वाला था। शिव महापुराण कथा का वाचन कर रहे पंडित श्री प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से हो रहे भगवान शिव की दिव्य कथा ने भक्ति का ऐसा रस घोला की शिवभक्त झूमते नजर आए। आज शिव महापुराण कथा के पहले दिन पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने अपने प्रवचन में कहा कि जो कोई कैलाश मानसरोवर का यात्रा नहीं कर पाता वो मधेश्वर महादेव का दर्शन कर ले, जीवन धन्य हो जाएगा। भारत भूमि पर और सनातन धर्म में जन्म लेना सौभाग्य की बात है। महाराज ने देवराज ब्राह्मण के जीवन से जुड़े कथा को सुनाकर सार्थक कर्म कर जीवन जीने का संदेश भी दिया
कुनकुरी विकासखंड में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के तौर पर मान्यता प्राप्त मधेश्वर महादेव के समीप हो रहे शिव महापुराण कथा को सुनने छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों से बड़ी संख्या में भक्तगण यहां पहुंचे हैं। 27 मार्च तक चलने वाली इस कथा में श्रद्धालुगण दिव्य अनुभव प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सहित उनके परिवार के अन्य सदस्य भी आज शिव महापुराण कथा का रसपान किया।
जशपुर जिला प्रशासन ने भी श्रदालुओं की सुविधा के लिए पूरे इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल में मंच, बैठक व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पंडाल, भोजन, पेयजल, पार्किंग, अस्थाई शौचालय, साफ-सफाई, सुरक्षा, रूट चार्ट, मेडिकल सहित अन्य व्यवस्था किया गया है। इसके साथ ही जिले के कोने कोने से 40 बसों को श्रदालुओं को लाने ले जाने के लिए स्पेशल परमिट जारी किया गया है।

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किया मुलाकात, बस्तर के विकास का रोडमैप सहित प्रदेश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई चर्चा……*

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किया मुलाकात, बस्तर के विकास का रोडमैप सहित प्रदेश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई चर्चा……*

 

रायपुर 18 मार्च 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात कर राज्य के विकास संबंधी विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बस्तर विकास के मास्टर प्लान का खाका प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। इस बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर विकास का मास्टर प्लान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को बुनियादी सुविधाओं, उद्योगों और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की रूपरेखा शामिल थी। प्रधानमंत्री ने इस योजना पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सुरक्षा बलों की संगठित रणनीति एवं जनभागीदारी के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में तेजी से बदलाव आ रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस और केंद्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों से कई नक्सल गढ़ों में विकास की किरण पहुंची है, जिससे जनता का विश्वास सरकार की योजनाओं में और मजबूत हुआ है। सरकार का अब पूरा ध्यान बस्तर को नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर है, जिससे युवाओं को रोजगार और आदिवासी समुदायों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य की नई औद्योगिक नीति और निवेशकों की बढ़ती रुचि पर भी विस्तृत चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि निवेश को आसान बनाने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस, टैक्स छूट और अनुकूल नीतियों को लागू किया है, जिससे बड़ी कंपनियां छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आकर्षित हो रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मुलाकात में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

मुख्यमंत्री ने बैठक में बस्तर की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी। उन्होंने बताया कि बस्तर के महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हजारों महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लघु वनोपज, जैविक कृषि, हथकरघा, बांस उद्योग और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित कर महिलाओं को न केवल आजीविका के साधन मिल रहे हैं, बल्कि वे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही हैं। इसके अलावा, स्टार्टअप्स और छोटे उद्योगों के माध्यम से बस्तर की महिलाओं को उत्पादन और विपणन से जोड़ने की पहल की जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान दे सकें।

*प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ दौरा, बड़े विकास कार्यों का होगा शुभारंभ*

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा साझा की। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस दौरे को लेकर की जा रही तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की और प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया।

*बगिया में बच्चों संग मुख्यमंत्री ने मनाई रंगों की होली*

*बगिया में बच्चों संग मुख्यमंत्री ने मनाई रंगों की होली*

रायपुर, 15 मार्च 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज गांव के बच्चों के साथ होली का उत्सव हर्षोल्लास से मनाया और उनके संग रंगों की खुशियां साझा कीं। बगिया के मंझापारा गांव में होली के रंगों से सराबोर बच्चों का मुख्यमंत्री के प्रति उत्साह और अपनापन देखते ही बनता था, जब वे अपने गांव के पुरोधा और प्रदेश के मुखिया से मिलने उनके निवास पहुंचे, तो दृश्य किसी पारिवारिक उत्सव जैसा प्रतीत हुआ।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने निज निवास पर बच्चों की टोली का आत्मीय स्वागत किया और खुद भी उनके संग होली के रंगों में रंग गए। उनकी सहजता और सादगी ने बच्चों को बेझिझक उनसे मिलने और घुल-मिलकर बातचीत करने का अवसर दिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने न केवल बच्चों से उनका हालचाल जाना, बल्कि उन्हें मिठाई खिलाई और उनके साथ ठहाके लगाते हुए हंसी-ठिठोली भी की।

बच्चों ने बताया कि वे पूरे गांव में होली खेलते हुए मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे हैं, और जब वे वहां पहुंचे, तो मुख्यमंत्री ने भी उनके संग पूरी आत्मीयता से रंग-गुलाल खेला। यह मिलन एक अनोखे उल्लास का प्रतीक बन गया, जिसमें प्रेम, स्नेह और भाईचारे के रंग घुल गए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि होली मेल-जोल, प्रेम और सौहार्द का पर्व है, जो समाज में भाईचारे को और भी मजबूत करता है। इस तरह के उत्सव हमारी सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत बनाए रखते हैं और हमें अपनी जड़ों से जोड़े रखते हैं।

गांव के बच्चों के उत्साह और मुख्यमंत्री की आत्मीयता ने इस होली को और भी यादगार बना दिया। यह अवसर केवल रंगों का नहीं था, बल्कि उसमें अपनत्व, स्नेह और खुशियों के अनगिनत रंग घुले हुए थे।

*स्व.श्री दिलीप सिंह जूदेव स्मृति में वृहद स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन सलियाटोली कुनकुरी में 08 मार्च को, मुख्यमंत्री श्री साय शिविर में आयुष्मान कार्ड, सिकल सेल कार्ड, टी.बी. मरीजों को फुड बॉस्केट एवं निक्षय मित्रों को प्रमाण-पत्र करेगें वितरण*

*समाचार*

*स्व.श्री दिलीप सिंह जूदेव स्मृति में वृहद स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन सलियाटोली कुनकुरी में 08 मार्च को*

*मुख्यमंत्री श्री साय शिविर में आयुष्मान कार्ड, सिकल सेल कार्ड, टी.बी. मरीजों को फुड बॉस्केट एवं निक्षय मित्रों को प्रमाण-पत्र करेगें वितरण*

*शिविर में एम्स रायपुर के जनरल मेडीसीन विभाग सहित विशेषज्ञों द्वारा मरीजों का किया जाएगा उपचार*

*जशपुरनगर 05 मार्च 2025/* मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशानुसार उनके विधानसभा क्षेत्र कुनकुरी में 08 मार्च को जिला प्रशासन जशपुर द्वारा स्व. श्री दिलीप सिंह जूदेव स्मृति में वृहद स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन एम्स रायपुर के सहयोग से बालासाहेब देशपाण्डे महाविद्यालय मैदान सलियाटोली कुनकुरी में किया जा रहा है। उक्त शिविर शनिवार को सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक आयोजित होगी।
शिविर में एम्स रायपुर के जनरल मेडीसीन विभाग, जनरल सर्जरी विभाग, स्त्री राग विशेषज्ञ विभाग, नाक कान गला रोग विभाग, नेत्र रोग विभाग, अस्थिरोग विभाग, मनोरोग विभाग, गुर्दा रोग विभाग, चर्म रोग विभाग, कैंसर रोग विभाग एवं न्यूरोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों द्वारा मरीजों का उपचार किया जाएगा। साथ ही जरूरतमंद मरीजों का चिन्हांकन कर एम्स रायपुर एवं उच्च संस्थानों में ईलाज प्रदान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा शिविर में आयुष्मान कार्ड, सिकल सेल कार्ड, टी. बी. मरीजों को फुड बॉस्केट एवं निक्षय मित्रों को प्रमाण-पत्र वितरण करेगें। यह शिविर का आयोजन वृहद स्तर पर किया जा रहा है। जिसमें मरीजों के लिए 10 पंजीयन काउण्टर, 7 जनरल ओपीडी काउण्टर, 2 लेबोरेटरी काउण्टर, सभी विशेषज्ञ विभागों के पृथक-पृथक काउण्टर सहित जनरल वार्ड की सुविधा भी उपलब्ध रहेगा।
वृहद स्वास्थ्य शिविर में जरूरतमंद मरीजों को इलाज करने के साथ निःशुल्क दवाई भी दी जाएगी और गंभीर मरीजों को रायपुर इलाज के लिए भेजा भी जाएगा।

ब्रेकिंग् जशपुर – कलेक्टर जशपुर ने निर्वाचन कार्य में अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित शिक्षक आनन्द साय पैंकरा किया निलंबित

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जशपुर – कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी रोहित व्यास ने निर्वाचन कार्यालय में लापरवाही बरतने के कारण आनंद साय पैंकरा को किया निलंबित रिटर्निंग ऑफिसर (पंचायत) फरसाबहार के द्वारा शिक्षक टी. वर्ग (एल.बी.) आनन्द साय पैकरा विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी बगीचा को त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन 2024-25 के सूचारू संचालन हेतु मतदान अधिकारी क्रमांक 01 के रूप में अम्बाकछार खण्ड फरसाबहार के मतदान केन्द्र क्रमांक 34 में ड्यूटी लगाई थी।

22 फरवरी को मतदान दल के द्वारा मतदान केन्द्रों में पहुंचने के पश्चात् रिटर्निंग ऑफिसर (पंचायत) फरसाबहार के द्वारा मतदान केन्द्र में औचक निरीक्षण किया गया। जिसमें आनन्द साय पैंकरा कार्य मे अनुपस्थित पाये गये। जिसका पंचनामा तैयार किया गया पीठासीन अधिकारी एवं उपस्थित अन्य मतदान कर्मियों के द्वारा भी आनन्द साय पैंकरा के द्वारा मतदान केन्द्र में आते ही शराब सेवन कर कहीं चले जाने एवं मतदान केन्द्र में मतदान के पूर्व की तैयारी में सहयोग ना करते हुए, कहीं घूमने के संबंध में जानकारी दी गई।

शिक्षक आनन्द साय पैंकरा के उक्त कृत्य को अपनी पदीय कर्तव्य का निर्वहन निष्ठापूर्वक नहीं करते हुए निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में अनाधिकृत अनुपस्थित पाया गया। अपने पदीय कर्तव्य के विरुद्ध घोर लापरवाही, उदासीनता एवं कदाचरण की श्रेणी में मानते हुए छ०ग० सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3, नियम-7, नियम-23 एवं छ०ग० सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 की नियम-9 के तहत् तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी बगीचा, जिला जशपुर में नियत किया गया है।

जशपुर में ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ कार्यक्रम हुआ आयोजित। इसरो से वैज्ञानिक डॉ. आर श्रीनिवास पहुंचे जशपुर,कलेक्टर रोहित व्यास की पहल पर अन्वेषण कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों को मिला अंतरिक्ष विज्ञान का अनोखा अनुभव।

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जशपुर – जिले के विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान और इसरो की उपलब्धियों से परिचित कराने के लिए ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ कार्यक्रम केंद्रीय विद्यालय जशपुर में अन्वेंषण कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया। कलेक्टर रोहित व्यास की पहल और इसरो (ISRO) के सहयोग से कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है।
स्पेस साइंस और टेक्नोलॉजी के मॉडल और कॉन्सेप्ट्स से सुसज्जित वाहन केंद्रीय विद्यालय जशपुर के प्रांगण में डेमोंसट्रेशन के लिए खड़ा रहा। ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ कार्यक्रम के लिए नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर हैदराबाद के वैज्ञानिक व हेड, स्टूडेंट एंड पब्लिक आउटरीच डिविजन डॉ. आर. श्रीनिवास विशेष रूप से हैदराबाद से आए। कार्यक्रम में समाजसेवी राजीव नंदे, डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा, जिला शिक्षा अधिकारी पी.के. भटनागर, संकल्प प्राचार्य विनोद गुप्ता, केंद्रीय विद्यालय के प्राचार्य नरेंद्र कुमार की उपस्थिति में आयोजित हुआ।

वैज्ञानिक डॉ आर श्रीनिवास ने विद्यार्थियों को अंतरिक्ष विज्ञान को जानने का अवसर उपलब्ध कराने के लिए कलेक्टर रोहित व्यास की सराहना की और इसरो की उपलब्धियों और अंतरिक्ष विज्ञान के कॉन्सेप्ट्स की जानकारियां दी। स्पेस आन व्हील्स में सुसज्जित स्पेस मॉडल्स चंद्रयान, मंगलयान, आरएलवी, पीएसएलवी, जीएसएलवी, रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट, कम्युनिकेशन सैटेलाइट, नेवीगेशन सेटेलाइट और उनकी कार्यप्रणाली व संभावनाओं के विषय में अधिकारियों को बताया।
कलेक्टर रोहित व्यास ने सभी को संबोधित करते हुए भारत के पहले रॉकेट को साइकिल पर ले जाने की जानकारी देते हुए डॉ. विक्रम साराभाई के द्वारा इसरो को एक वैश्विक स्पेस एजेंसी के रूप में स्थापित करने के संघर्ष का भी उल्लेख किया। उन्होंने यह भी कहा कि आज हम गर्व के साथ इसरो का नाम लेते हैं। भारत अब अंतरिक्ष अनुसंधान में दुनिया का प्रमुख देश बन चुका है। विद्यार्थियों को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए । इसमें करियर की अपार संभावनाएँ हैं। वे चाहते हैं कि आने वाले स्पेस मिशन में जशपुर की प्रतिभाएं भी रहे।
समाजसेवी राजीव नंदे ने कहा कि उत्सुकता विज्ञान की जननी होती है। कार्यक्रम के जशपुर में आयोजन के उद्देश्य के साथ प्राचीन ऋषियों जैसे आर्यभट्ट के कार्यों का उदाहरण देते हुए उन्होंने प्रेरणा दी। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी क्षमता पर विश्वास रखने को कहा।
प्राचार्य विनोद गुप्ता ने कार्यक्रम के विषय में अतिथियों को संक्षिप्त जानकारी दी। केंद्रीय विद्यालय, मॉडल स्कूल और प्रयास विद्यालय के विद्यार्थियों ने अंतरिक्ष विज्ञान की गतिविधियों को समझा। इस अवसर पर यशस्वी जशपुर के अवनीश पांडेय, मॉडल स्कूल के प्राचार्य वकारूज्जमा खान, नव संकल्प के विनीत पाठक सहित केंद्रीय विद्यालय के शिक्षक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित अधिकारियों को इसरो के वैज्ञानिक डॉ आर श्रीनिवास द्वारा बस के अंदर स्थित विभिन्न सैटेलाइट, रॉकेट्स तथा अन्य मॉडल्स का विस्तार से जानकारी देते हुए इसरो की तकनीकी सफलता और गौरव शाली इतिहास को प्रभावी ढंग से बताया गया स यह स्पेस ऑन व्हील्स बस २० फ़रवरी तक जिले के आठों विकास खंडों के ४० हाई और हायर सेकेण्डरी स्कूलों का भ्रमण करेगी और लगभग छह हज़ार विद्यार्थियों को अंतरिक्ष ज्ञान तथा इसरो की सफलता का जीवंत प्रमाण प्रस्तुत करेगी स इस कार्य के लिए सभी संबंधित स्कूलों के एक एक भौतिक विषय के व्याख्याताओं को प्रशिक्षित भी किया गया है।