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*राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी के छत्तीसगढ़ आगमन पर प्रदेशवासियों में हर्ष, बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार में होंगी शामिल…*

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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी के छत्तीसगढ़ आगमन पर प्रदेशवासियों में हर्ष, बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार में होंगी शामिल…

 

रायपुर,छत्तीसगढ़। प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन धरा छत्तीसगढ़ में माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु जी के आगमन पर समस्त प्रदेशवासियों की ओर से हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

राष्ट्रपति जी की ऐतिहासिक बस्तर दशहरा एवं मुरिया दरबार में गरिमामयी उपस्थिति छत्तीसगढ़ की समृद्ध जनजातीय संस्कृति, गौरवशाली परंपराओं और विशिष्ट सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने का महत्वपूर्ण अवसर है। बस्तर दशहरा अपनी अनूठी परंपराओं, जनजातीय आस्था और जनसहभागिता के लिए देशभर में विशिष्ट स्थान रखता है।

मुरिया दरबार बस्तर की लोकतांत्रिक परंपराओं, जनजातीय समाज की सामूहिक सहभागिता और स्थानीय जनभावनाओं की अभिव्यक्ति का महत्वपूर्ण मंच है। राष्ट्रपति जी की उपस्थिति से इन सांस्कृतिक परंपराओं के महत्व को और अधिक व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता, जनजातीय गौरव और परंपराओं को सम्मान देने वाला यह अवसर प्रदेश की विशिष्ट पहचान को रेखांकित करता है। साथ ही, विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को आगे बढ़ाने और प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में भी प्रेरणादायी साबित होगा।

युवा उड़ान 2026 – युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और संकल्प से साकार होगा विकसित भारत का सपना, मंत्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में युवा उड़ान कार्यक्रम संपन्न, शिक्षा, रोजगार और खेल के अवसरों पर हुआ संवाद….

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर युवाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने, उनकी आकांक्षाओं को समझने और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग एवं जिला प्रशासन कोरबा द्वारा आज पंडित जवाहरलाल नेहरू सभागार में ‘युवा उड़ान 2026’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में आयोजित इस कार्यक्रम में युवाओं को शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, खेल एवं व्यक्तित्व निर्माण के अवसरों का लाभ उठाकर विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षण संस्थानों के प्राध्यापकों तथा स्कूल, कॉलेज, आईटीआई और लाइवलीहुड से जुड़े छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्वविजय सिंह तोमर, महापौर श्री संजूदेवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, सभापति श्री नूतन सिंह ठाकुर, कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत, निगम आयुक्त श्री आशुतोष पाण्डेय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रतीक जैन, श्री गोपाल मोदी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

चुनावी प्रक्रिया में संसाधनों की बचत से विकास कार्यों को मिलेगी गति – मंत्री लखन लाल देवांगन

मुख्य अतिथि उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने अपने संबोधन में युवाओं से सकारात्मक सोच, विवेक और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने तथा किसी भी भ्रामक सूचना या बहकावे में आए बिना देश एवं प्रदेश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की अवधारणा चुनावी खर्च कम करने तथा बार-बार लागू होने वाली आदर्श आचार संहिता के कारण विकास कार्यों में आने वाली बाधाओं को कम करने में सहायक हो सकती है। चुनावी प्रक्रिया में प्रशासनिक अमले और सरकारी संसाधनों के लंबे समय तक व्यस्त रहने से जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्यों की गति प्रभावित होती है। संसाधनों का बेहतर उपयोग कर विकास की प्रक्रिया को गति देना और वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ना आवश्यक है।

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से प्रत्येक परिवार को आवास, शौचालय, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र एवं राज्य सरकार युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए निरंतर कार्य कर रही हैं। युवाओं को इन अवसरों का लाभ उठाते हुए अपनी क्षमता का विकास करना चाहिए और मेहनत के बल पर अपने लक्ष्य हासिल करने चाहिए।

कोरबा जिले में जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) के माध्यम से शिक्षा एवं अधोसंरचना के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की आर्थिक परिस्थितियां उनकी उच्च शिक्षा में बाधा न बनें, इसके लिए सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, छात्रावासों एवं महाविद्यालय भवनों के निर्माण और मरम्मत के साथ महाविद्यालयों में सांस्कृतिक एवं अन्य गतिविधियों के लिए डोम निर्माण की पहल की जा रही है। जिले में मेडिकल कॉलेज की शुरुआत तथा सड़क एवं रेल संपर्क के विस्तार जैसे विकास कार्य कोरबा के भविष्य को मजबूत आधार प्रदान करेंगे। उन्होंने युवाओं से इन अवसरों का सदुपयोग कर प्रदेश और देश की प्रगति में सहभागी बनने की अपील की।

इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने प्रियदर्शिनी इंदिरा स्टेडियम परिसर स्थित राजीव गांधी ऑडिटोरियम के नवीनीकरण के लिए जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) से 2 करोड़ रुपये की स्वीकृति की घोषणा की। इस पहल से जिले में कार्यक्रमों, सांस्कृतिक गतिविधियों एवं अन्य आयोजनों के लिए उपलब्ध सुविधाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

’सेवा, संस्कार और निरंतर परिश्रम ही युवा शक्ति की असली पहचान – श्री विश्वविजय सिंह तोमर’

छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्वविजय सिंह तोमर ने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि युवा होने की पहचान केवल उम्र या वेशभूषा से नहीं, बल्कि विचारों, कर्मों और समाज के प्रति जिम्मेदारी से होती है। सच्चा युवा वह है जो गिरे हुए व्यक्ति को उठाए, जरूरतमंद का सहारा बने, सेवा को अपना धर्म माने तथा नारी शक्ति, माता-पिता और बड़ों का सम्मान करे। कथनी और करनी में समानता रखते हुए देशसेवा को जीवन का उद्देश्य बनाना ही युवा शक्ति का वास्तविक परिचय है।

उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और उनके विचार तथा सुझाव शासन की युवा नीति को अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कार्यक्रम में युवाओं को उपलब्ध कराए गए सुझाव-पत्रों के माध्यम से वे अपनी आवश्यकताओं, समस्याओं और विचारों को साझा करें। प्राप्त सुझावों पर विचार कर उपयुक्त प्रस्तावों को युवा नीति में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

श्री तोमर ने स्वामी विवेकानंद के संदेश, “उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो”, का स्मरण कराते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। निरंतर परिश्रम, आत्मविश्वास और अपनी कमियों को पहचानकर उन्हें दूर करने का प्रयास ही प्रगति का मार्ग प्रशस्त करता है। उन्होंने प्रेरक संदेश देते हुए कहा, “राजा का बेटा ही राज करेगा, यह जरूरी नहीं; अपनी मेहनत से हर युवा अपना मुकाम बना सकता है।” उन्होंने युवाओं को अपनी परिस्थितियों से निराश होने के बजाय दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

प्रदेश की बेटियों की खेल उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने पाली क्षेत्र की कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी और राजनांदगांव की ज्ञानेश्वरी का उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि संजू देवी भारतीय महिला कबड्डी टीम की विश्व कप विजेता सदस्य रही हैं। विश्व कप की उपलब्धि पर उन्हें 50 लाख रुपये तथा एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने पर 51 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दिए जाने की जानकारी भी साझा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश की बेटियां विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा से नई पहचान बना रही हैं और युवाओं को इन उपलब्धियों से प्रेरणा लेनी चाहिए। पतंग और चकरी का उदाहरण देते हुए श्री तोमर ने युवाओं से कहा कि वे शिक्षा, रोजगार और सफलता के लिए देश-विदेश में आगे बढ़ें, लेकिन अपने माता-पिता, परिवार, गांव, संस्कृति और विरासत से जुड़े रहें। उन्होंने युवाओं से सूचना की सत्यता परखने, सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने तथा शिक्षा, कौशल, खेल और रचनात्मक कार्यों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की।

युवाओं की प्रतिभा को अवसर और संसाधन उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता – कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत’

कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने कहा कि ‘युवा उड़ान 2026’ की वास्तविक शक्ति यहां उपस्थित विद्यार्थी और युवा हैं। विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भागीदारी निर्णायक होगी। उन्होंने ‘एक राष्ट्र, एक चुनाव’ की अवधारणा का उल्लेख करते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया में लगने वाले समय, धन और प्रशासनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग विकास कार्यों को गति देने में सहायक हो सकता है।

उन्होंने कहा कि भारत के पास विशाल युवा शक्ति है। युवाओं को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए चुने हुए क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन का लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए। जापान और जर्मनी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अनुशासन, परिश्रम और मजबूत कार्यसंस्कृति के बल पर देश कठिन परिस्थितियों से उबरकर प्रगति कर सकते हैं। कोरबा जिले के युवाओं ने राजनीति, प्रशासन, खेल और अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा साबित की है। अब आवश्यकता है कि इन उपलब्धियों को व्यापक स्तर पर पहुंचाने के लिए युवाओं को उचित मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और अवसर उपलब्ध कराए जाएं।

कलेक्टर ने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन युवाओं को योग्यता के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराने तथा भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में प्रयासरत है। जिले में उच्च शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए जिला खनिज न्यास के माध्यम से स्वामी विवेकानंद शिक्षा प्रोत्साहन योजना संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत पात्र विद्यार्थियों की आर्थिक स्थिति उच्च शिक्षा में बाधा न बने, इसके लिए सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही, दिशा पहल के तहत मेडिकल एवं इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की निःशुल्क आवासीय कोचिंग शुरू की जा रही है। विद्यार्थियों को अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर कार्य किया जा रहा है।

खेलों को करियर निर्माण और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए उन्होंने कहा कि कोरबा को खेलों के मॉडल शहर के रूप में विकसित करने के लिए आवश्यक अधोसंरचना तैयार की जा रही है। शासकीय पीजी कॉलेज में सिंथेटिक एथलेटिक ट्रैक, इंदिरा प्रियदर्शिनी स्टेडियम के उन्नयन तथा आदिवासी बालक एवं बालिका खेल परिसर के विस्तार सहित विभिन्न खेल सुविधाओं से जुड़े प्रस्तावों पर कार्य किया जा रहा है। इन प्रयासों का उद्देश्य जिले के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, संसाधन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना है।
कलेक्टर ने विद्यार्थियों से अपने लक्ष्य स्पष्ट रखने, नियमित परिश्रम करने और उपलब्ध अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन युवाओं को शिक्षा, करियर मार्गदर्शन, कौशल विकास और खेल के क्षेत्र में सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

युवाओं और स्काउट-गाइड के विद्यार्थियों का सम्मान, राष्ट्र निर्माण में भागीदारी का संदेश

कार्यक्रम के दौरान युवाओं में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार देखने को मिला। विभिन्न महाविद्यालय के प्राध्यापकों द्वारा एक राष्ट्र एक चुनाव, केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं , विकसित भारत विकसित छत्तीसगढ़ की संकल्पना में युवाओं के योगदान पर अपने व्याख्यान प्रस्तुत किए।

विभिन्न शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संस्थानों से पहुंचे विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए युवा शक्ति, शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विचारों को सुना। युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने, सामाजिक दायित्वों के प्रति सजग रहने और उपलब्ध अवसरों का उपयोग कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।

इस अवसर पर स्काउट-गाइड के छात्र-छात्राओं सहित उपस्थित युवाओं को उपहार भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं को अपने विचार साझा करने, शासन की युवा नीति से जुड़ने और विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाने का अवसर प्रदान किया।

पीडब्ल्यूडी सचिव ने सड़कों, पुलों, कॉलेज भवन और विश्राम गृह का किया निरीक्षण, गुणवत्ता में लापरवाही पर जताई नाराजगी….

रायपुर: लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने आज राजनांदगांव और डोंगरगांव क्षेत्र में सड़कों, पुलों, निर्माणाधीन कॉलेज भवन और पुराने विश्राम गृह का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने सड़क निर्माण एवं मरम्मत की गुणवत्ता पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को कार्यालयों तक सीमित रहने के बजाय नियमित रूप से निर्माण स्थलों पर पहुंचकर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सड़क की चौड़ाई, ग्रेन्युलर सब-बेस (जीएसबी) की मोटाई, लेवल और मार्किंग की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

पीडब्ल्यूडी सचिव ने सड़कों, पुलों, कॉलेज भवन और विश्राम गृह का किया निरीक्षण, गुणवत्ता में लापरवाही पर जताई नाराजगी

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने राजनांदगांव से अंबागढ़ चौकी मार्ग के फोरलेन चौड़ीकरण कार्य का जायजा लेते हुए सड़क की विभिन्न परतों, निर्धारित चौड़ाई और लेवल की जांच करने को कहा। ग्राम पैरी नाला में निर्माणाधीन पुल की नींव, पिलर, कैप एवं अन्य संरचनात्मक कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर जल निकासी और तकनीकी मापदंडों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम सुखरी से दीवानभेड़ी तक निर्माणाधीन सड़क का निरीक्षण कर खुदाई, बेस निर्माण एवं अन्य कार्यों की गुणवत्ता जांचने तथा निर्माण कार्यों की वीडियोग्राफी और आवश्यक अभिलेखों का संधारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने ठेकेदारों से निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार काम कराने और तकनीकी खामियां तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।

पीडब्ल्यूडी सचिव ने सड़कों, पुलों, कॉलेज भवन और विश्राम गृह का किया निरीक्षण, गुणवत्ता में लापरवाही पर जताई नाराजगी

श्री बंसल ने डोंगरगांव में पुराने विश्राम गृह का निरीक्षण करते हुए मुख्य भवन को लोक निर्माण विभाग के कार्यालय के रूप में विकसित करने तथा परिसर के अन्य उपयोग योग्य भवनों की मरम्मत कर कार्यालय एवं भंडारण कक्ष के रूप में उपयोग करने को कहा। उन्होंने जर्जर और अनुपयोगी संरचनाओं को हटाने, परिसर का समतलीकरण एवं साफ-सफाई कराने सहित सभी आवश्यक सुधार कार्य 15 से 20 दिनों के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। इसके लिए उपलब्ध विभागीय मदों से राशि की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने सड़क की स्थिति सुधारने, रोड मार्किंग एवं सेंटर लाइन का कार्य कराने तथा डिवाइडर की साफ-सफाई और रंग-रोगन कराने के भी निर्देश दिए।

विभागीय सचिव ने डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम अर्जुनी में निर्माणाधीन नवीन शासकीय महाविद्यालय भवन का भी निरीक्षण किया। उन्होंने महाविद्यालय की लगभग 10 एकड़ भूमि का विधिवत सीमांकन कर चारों ओर सीमा-चिन्ह के रूप में पिलर स्थापित करने के निर्देश दिए, ताकि शासकीय भूमि अतिक्रमण से सुरक्षित रहे। उन्होंने भूमि और पहुंच मार्ग से संबंधित राजस्व अभिलेख अद्यतन कराने को भी कहा। उन्होंने महाविद्यालय के निर्माणाधीन दो मंजिला भवन में फ्लोरिंग, प्लास्टर एवं अन्य कार्यों की गुणवत्ता का जायजा लेते हुए मुख्य प्रवेश द्वार और सड़क के स्तर में अंतर को ध्यान में रखकर सुगम आवागमन की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा दिव्यांगजनों के लिए उपयुक्त रैम्प निर्माण की संभावनाएं तलाशने को कहा। उन्होंने वर्षा जल निकासी के लिए डाउन-पाइप की उचित व्यवस्था और पाइपों की सुरक्षा के उपाय करने के भी निर्देश दिए।

श्री बंसल ने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, सुरक्षा और तकनीकी मापदंडों का कड़ाई से पालन करते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने को कहा। उन्होंने निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी और लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी कार्यों के निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी, दुर्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री एन.के. जयंत, अधीक्षण अभियंता श्रीमती अपर्णा चौरपगार और कार्यपालन अभियंता सुश्री रितु खरे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

अबूझमाड़ के मुहाने पर जलापूर्ति की नई मिसाल, जल जीवन मिशन से बदली ग्राम कचोरा की तस्वीर….

रायपुर: छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों तक मूलभूत सुविधाओं और शासकीय योजनाओं का लाभ पहुँचाने की मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की प्रतिबद्धता रंग ला रही है। जिला मुख्यालय नारायणपुर से लगभग 55 किलोमीटर दूर,ग्राम पंचायत महोरा के आश्रित गाँव कचोरा में जल जीवन मिशन ने ग्रामीणों के दैनिक जीवन में सुगमता और खुशहाली का नया अध्याय लिखा है। कलेक्टर के कुशल मार्गदर्शन में जिले के अंतिम व्यक्ति तक विकास योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित की जा रही है,जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण यह दूरस्थ गाँव बना है।

*​पानी के संघर्ष से घर-घर नल तक की यात्रा*

​मुख्य रूप से कृषि पर निर्भर 24 परिवारों वाले इस गाँव की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण ग्रामीणों, विशेषकर महिलाओं को पेयजल की व्यवस्था के लिए रोज़ाना कड़ी मशक्कत और कठिन श्रम करना पड़ता था। इस समस्या का स्थायी समाधान करते हुए जल जीवन मिशन के तहत गाँव में लगभग 2,084 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई गई और 10 हज़ार लीटर क्षमता वाली दो सोलर-आधारित पानी की टंकियों का निर्माण किया गया।​आज गाँव के शत-प्रतिशत (24) परिवारों के घरों तक नल से शुद्ध और सुरक्षित पेयजल पहुँच रहा है, जिससे ग्रामीणों के समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है।

अबूझमाड़ के मुहाने पर जलापूर्ति की नई मिसाल

*​’हर घर जल उत्सव’ से जगा जल संरक्षण का संकल्प*

योजना के सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर गाँव में पूरे उत्साह के साथ ‘हर घर जल उत्सव’ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयोजित ग्रामसभा में ‘जल अर्पण’ कार्यक्रम के ज़रिए ग्रामीणों ने जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता बनाए रखने और पानी की एक-एक बूंद को सहेजने का सामूहिक संकल्प लिया। ग्रामीणों को समझाया गया कि सुविधा मिलने के साथ ही जल स्रोतों का उत्तरदायित्वपूर्ण उपयोग और रखरखाव ही इसकी निरंतरता का आधार है।

*​जनभागीदारी से सुदृढ़ हुई योजना की नींव*

योजना को आत्मनिर्भर और सुचारू बनाए रखने के लिए स्थानीय स्तर पर ज़िम्मेदारियों का बँटवारा किया गया है। जिसमें ​पंप संचालन एवं रखरखाव,​जल गुणवत्ता परीक्षण और ​निगरानी और प्रबंधन को शामिल किया गया है। ​ग्राम कचोरा की यह सफलता इस बात का जीवंत प्रमाण है कि जब शासन की नीति और स्थानीय जनभागीदारी एक साथ आते हैं, तो दुर्गम क्षेत्रों में भी कोई सकारात्मक सामाजिक और ढांचागत परिवर्तन संभव हो जाता है। घर-घर नल से पहुँचा शुद्ध जल न केवल बीमारियों से सुरक्षा दे रहा है, बल्कि ग्रामीणों के जीवनस्तर को ऊँचा उठाकर एक सशक्त और आत्मनिर्भर गाँव का सपना साकार कर रहा है।

उद्योग मंत्री ने कोरबा में बरेठ समाज को दी 15 लाख के सामुदायिक भवन की सौगात, 96.76 लाख के कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन….

रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री श्री लखन लाल देवांगन आज कोरबा के ढोढ़ीपारा में आयोजित लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने विभिन्न समाजों एवं वार्डों में विकास कार्यों की सौगात देते हुए कुल 96.76 लाख रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।

उद्योग मंत्री ने कोरबा में बरेठ समाज को दी 15 लाख के सामुदायिक भवन की सौगात, 96.76 लाख के कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन

कार्यक्रम में वार्ड क्रमांक 15 अंतर्गत जीटी हॉस्टल, सीएसईबी के नहर पुल के समीप बरेठ समाज की मांग पर डीएमएफ मद से 15 लाख रुपये की लागत से निर्मित सामुदायिक भवन का लोकार्पण किया गया। वहीं, वार्ड क्रमांक 18 कोहड़िया एवं आसपास के क्षेत्रों में 81.76 लाख रुपये के विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया।

इस अवसर पर मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि बीते पौने तीन वर्षों में कोरबा शहर के सभी समाजों की मांगों के अनुरूप विकास कार्य कराए जा रहे हैं। लगभग 60 समाजों को विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी जा चुकी है। आज बरेठ समाज को नए सामुदायिक भवन की सुविधा मिली है, वहीं कहरा समाज को भी विभिन्न विकास कार्यों की सौगात दी जा रही है।

उद्योग मंत्री ने कोरबा में बरेठ समाज को दी 15 लाख के सामुदायिक भवन की सौगात, 96.76 लाख के कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन

मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के सशक्त नेतृत्व में कोरबा में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। बीते तीन वर्षों में 1100 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की सौगात मिली है। हमारा प्रयास है कि स्वीकृत कार्य जल्द से जल्द धरातल पर उतरें और आम नागरिकों को उनका लाभ मिले। उन्होंने बताया कि आने वाले एक से दो महीनों में 100 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की शुरुआत की जाएगी।

इन विकास कार्यों की मिली सौगात
इस दौरान उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री देवांगन ने विभिन्न विकास कार्यों की सौगातें दी। लोकार्पण कार्य में वार्ड क्रमांक 15, जीटी हॉस्टल सीएसईबी के नहर पुल के समीप बरेठ समाज के लिए सामुदायिक भवन निर्माण  लगात  राशि 15 लाख रुपये है। इसी तरह भूमिपूजन कार्य में वार्ड क्रमांक 18, कोहड़िया में मुक्तिधाम निर्माण एवं विकास कार्य जिसकी लागत राशि 48.61 लाख रुपये है।

उद्योग मंत्री ने कोरबा में बरेठ समाज को दी 15 लाख के सामुदायिक भवन की सौगात, 96.76 लाख के कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन

इसके अलावा वार्ड क्रमांक 18 में पचरी निर्माण कार्य — 6.60 लाख रुपये, वार्ड क्रमांक 18, बावापारा कोहड़िया में पचरी निर्माण कार्य — 6.57 लाख रुपये, वार्ड क्रमांक 18 में सामुदायिक भवन के समीप पेवर ब्लॉक, शेड एवं अतिरिक्त विकास कार्य — 9.98 लाख रुपये शामिल है। साथ ही कहरा मोहल्ला सामुदायिक भवन के समीप शौचालय, किचन शेड एवं सांस्कृतिक मंच निर्माण 10 लाख रुपये, 15 लाख रुपये के कार्य का लोकार्पण और 81.76 लाख रुपये के कार्यों का भूमिपूजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कोरबा महापौर श्रीमती संजू देवी राजपूत ने की तथा नगर निगम सभापति श्री नूतन ठाकुर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

सिरपुर हमारी समृद्ध सभ्यता, कला और ज्ञान परंपरा की अनमोल धरोहर : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सिरपुर को यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सिरपुर हमारी समृद्ध सभ्यता, कला, आध्यात्मिकता और ज्ञान परंपरा की अनमोल धरोहर है। प्राचीन काल से ही सिरपुर शिक्षा, संस्कृति, धर्म और स्थापत्य कला का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहां की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक विरासत छत्तीसगढ़ के गौरवशाली अतीत और समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा की जीवंत पहचान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में ‘विरासत भी, विकास भी’ के संकल्प के साथ देश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन और उन्हें वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में निरंतर कार्य हो रहा है। इसी भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए पर्यटन की नई संभावनाओं से जोड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यूनेस्को की संभावित सूची में सिरपुर का शामिल होना हमारी गौरवशाली विरासत को विश्व पटल पर स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे सिरपुर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने के साथ पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सिरपुर सहित छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी गौरवशाली विरासत से परिचित हों और छत्तीसगढ़ की संस्कृति की कीर्ति विश्वभर में और अधिक विस्तारित हो।

बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, अहिंसा और सामाजिक समरसता के मार्ग पर आगे बढ़ रही प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज आरंग विकासखंड स्थित सतनाम पंथ की आस्था के प्रमुख केंद्र भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने गुरुगद्दी आसन के दर्शन कर नमन किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 29 करोड़ रुपए की लागत के तीन महत्वपूर्ण सड़क विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया।

मुख्यमंत्री श्री साय भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री साय भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी ने सत्य, अहिंसा, करुणा, समानता और सामाजिक समरसता का जो संदेश दिया, वह संपूर्ण मानव समाज के लिए सदैव पथ-प्रदर्शक रहेगा। बाबा गुरु घासीदास जी का अमर संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ हमें भेदभाव से ऊपर उठकर प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री श्री साय भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री साय भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी की पावन कर्मभूमि भण्डारपुरी धाम सतनाम पंथ की आस्था के साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला हमारी आस्था, सामाजिक एकता और सद्भाव की गौरवशाली परंपरा का जीवंत प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के बताए सत्य, करुणा, समानता और सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। विकास की यात्रा में कोई भी समाज, वर्ग अथवा क्षेत्र पीछे न रहे, इसी भावना के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि सतनामी समाज की शिक्षा, सामाजिक और आर्थिक प्रगति के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। समाज के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली स्थित कोचिंग संस्था में सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 की गई है। उन्होंने भण्डारपुरी में मोती महल के भूमिपूजन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार समाज की आस्था, संस्कृति और गौरव से जुड़े स्थलों के विकास एवं संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के इस संकल्प को साकार करने के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारा लक्ष्य है। उन्होंने सभी से बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए सामाजिक सद्भाव और समरसता को मजबूत करने तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।

लगभग 29 करोड़ रुपए के तीन सड़क विकास कार्यों का भूमिपूजन

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कुल 28 करोड़ 96 लाख 82 हजार रुपए की लागत के तीन सड़क विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें 8 करोड़ 31 लाख 5 हजार रुपए की लागत से मोहंदी-अड़सेना मार्ग के 4 किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण और 3 करोड़ 30 लाख 78 हजार रुपए की लागत से नरदहा में 2 किलोमीटर लंबे आंतरिक मार्ग का निर्माण शामिल है।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने 17 करोड़ 34 लाख 99 हजार रुपए की लागत से 29 किलोमीटर लंबे छतौना-दरबा-कूटेसर-बड़गांव-कुंडा-नारा-लखौली मार्ग के डामर नवीनीकरण कार्य का भूमिपूजन किया। इन कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होने के साथ गांवों के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा।

चार विकास कार्यों की घोषणा, 40 स्थानों पर बनेंगे लकड़ी के जैतखाम

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब की मांग पर चार महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की घोषणा की। उन्होंने ग्राम पंचायत खमतराई में हाई स्कूल भवन निर्माण के लिए 75 लाख रुपए, नगर पंचायत आरंग के ओड़का में नवीन प्राथमिक शाला भवन के लिए 30 लाख रुपए, नगरपालिका परिषद मंदिर हसौद के पीएम श्री स्कूल में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए एक करोड़ रुपए तथा चंदखुरी में नगर पंचायत कार्यालय के नवीन भवन निर्माण के लिए 85 लाख रुपए देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इसके साथ ही अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से 40 स्थानों पर लकड़ी के जैतखाम स्थापित करने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सतनामी समाज सतत विकास की ओर अग्रसर : मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब

तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सतनामी समाज सतत विकास की ओर अग्रसर है। समाज की ओर से विकास से जुड़ी जितनी भी मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई हैं, उन्हें उन्होंने संवेदनशीलता के साथ पूरा किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में समाज आगे भी चहुंमुखी विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।

श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि भण्डारपुरी में मोती महल का भूमिपूजन सामाजिक समरसता और समाज की सांस्कृतिक विरासत के प्रति मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वहीं दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 किए जाने से समाज के अधिक युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान

सतनामी समाज के धर्मगुरु श्री बालदास साहेब ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने समानता का संदेश देकर समाज को सत्य, सद्भाव और मानवता की राह दिखाई। उन्होंने समाज के लोगों से बाबा गुरु घासीदास जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए उनके विचारों और आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, अभनपुर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, राजिम विधायक श्री रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, सतनामी समाज के संतगण एवं पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

नगर सैनिकों के लिए खुशखबरी : मानदेय बढ़कर 30,870 प्रतिमाह मिलेगा…..

रायपुर: छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में अपनी सेवाएं दे रहे स्वयंसेवी नगर सैनिकों (Home Guards) के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में राज्य शासन द्वारा नगर सैनिकों के मानदेय में एक बार फिर से भारी बढ़ोतरी की गई है। नए प्रस्ताव के अनुसार, अब सैनिकों का कुल मानदेय बढ़ाकर 30,870 रूपए प्रतिमाह (यानी 1,029 रूपए प्रतिदिन) किया जा रहा है। इस फैसले से प्रदेश के लगभग 7,900 नगर सैनिकों और उनके परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

नया मानदेय

गृह विभाग द्वारा तैयार किए गए नए प्रस्ताव के मुताबिक मूल मानदेय 19,500 रूपए प्रतिमाह, महंगाई भत्ता (58 प्रतिशत) 11,310 रूपए, वर्दी धुलाई भत्ता 60 रूपए इस प्रकार कुल प्रस्तावित मानदेय 30,870 रूपए प्रतिमाह मिलगा।

पहले कितनी थी बढ़ोतरी

नगर सैनिकों के मानदेय में समय-समय पर संशोधन किया जाता रहा है। वर्ष 2017 गृह विभाग के आदेश से मानदेय में 3,200 रूपए की वृद्धि कर इसे 10,000 रूपए से बढ़ाकर 13,200 रूपए प्रतिमाह किया गया था। 30 मई 2023 इसके बाद 1 अप्रैल 2023 से मानदेय में 6,300 रूपए की और वृद्धि की गई, जिससे यह बढ़कर 19,500 रूपए प्रतिमाह हो गया था।

वर्तमान में माननीय न्यायालय के निर्देशों, लगातार बढ़ती महंगाई तथा नगर सैनिकों द्वारा ड्यूटियों के दौरान कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और अन्य आवश्यक सेवाओं में दिए जा रहे उत्कृष्ट योगदान को ध्यान में रखते हुए गृह विभाग ने यह अनुशंसा की है। शासन के इस कदम से न केवल नगर सैनिकों को आर्थिक संबल (मजबूती) प्राप्त होगी, बल्कि उनका मनोबल और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता भी और अधिक मजबूत होगी। स्वयंसेवी नगर सैनिकों ने मानदेय में हुई इस बढ़ोत्तरी के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किए हैं।

सेवा सेतु पोर्टल से पांच दिन में बना विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र, अब प्रक्रिया हुई आसान, तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने से मिली राहत….

रायपुर: सुकमा जिले में सेवा सेतु अभियान के माध्यम से नागरिकों को आवश्यक प्रमाण पत्र समय-सीमा में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ग्राम चिड़पाल निवासी श्री मनीराम समरथ को आवेदन के महज पांच दिनों के भीतर विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र बनकर मिल गया। प्रमाण पत्र शीघ्र मिलने से उन्हें राहत मिली और शासकीय सेवाओं की ऑनलाइन व्यवस्था का लाभ भी मिला।

श्री मनीराम समरथ को व्यक्तिगत कार्य के लिए विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। इसके लिए उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ तहसील कार्यालय तोंगपाल में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन के बाद संबंधित प्रक्रिया पूरी कर महज पांच दिनों में उन्हें प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया गया। इससे उन्हें प्रमाण पत्र के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी।

प्रमाण पत्र मिलने पर श्री मनीराम समरथ ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि पहले शासकीय दस्तावेज बनवाने में अधिक समय लगने की चिंता रहती थी। सेवा सेतु के माध्यम से उनका काम आसानी से और कम समय में पूरा हो गया। उन्होंने इस त्वरित सेवा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन सुकमा के प्रति आभार व्यक्त किया।

सेवा सेतु अभियान के माध्यम से नागरिक सेवाओं को अधिक सुगम और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया जा रहा है।ऑनलाइन आवेदन और त्वरित निराकरण की व्यवस्था से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को आवश्यक शासकीय दस्तावेज प्राप्त करने में सहूलियत हो रही है।

आजाद हिन्द फौज के स्थापना दिवस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वीर स्वतंत्रता सेनानियों को किया श्रद्धापूर्वक नमन….

रायपुर: वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने आजाद हिन्द फौज के स्थापना दिवस पर मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले सभी वीर सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि आजाद हिन्द फौज भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति, त्याग और बलिदान का गौरवशाली प्रतीक है। मां भारती को पराधीनता की बेडि़यों से मुक्त कराने के लिए आजाद हिन्द फौज के वीर सेनानियों ने जिस शौर्य और समर्पण का परिचय दिया, वह सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में आजाद हिन्द फौज ने देश की स्वतंत्रता के संघर्ष को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की। श्जय हिन्दश् और ‘दिल्ली चलो’ जैसे ओजस्वी नारों ने देशवासियों के हृदय में राष्ट्रप्रेम और स्वतंत्रता की भावना को और प्रबल किया। आजाद हिन्द फौज के वीर सेनानियों ने कठिन परिस्थितियों में भी मातृभूमि की स्वतंत्रता के संकल्प को सर्वाेपरि रखा।

उन्होंने कहा कि आजाद हिन्द फौज का इतिहास हमें सिखाता है कि राष्ट्र की स्वतंत्रता, स्वाभिमान और सम्मान की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प, एकता और त्याग की भावना आवश्यक है। इन वीर सेनानियों का संघर्ष केवल स्वतंत्रता प्राप्ति तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने आने वाली पीढि़यों को राष्ट्र के प्रति कर्तव्यनिष्ठा, साहस और समर्पण का अमूल्य संदेश दिया।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आजाद हिन्द फौज के स्थापना दिवस पर हम सभी को उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान का स्मरण करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए। विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण ही उन वीर सेनानियों के सपनों को साकार करने की दिशा में सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

श्री चौधरी ने आजाद हिन्द फौज से जुड़े सभी ज्ञात-अज्ञात वीर सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि मां भारती की स्वतंत्रता के लिए उनका अतुलनीय योगदान भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।