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*मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत उपभोक्ताओं को मिलता रहेगा छूट का लाभ, छत्तीसगढ़ में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं झारखंड की तुलना में सस्ती बिजली, बीते वर्षों में महंगाई, कोयला, बिजली उत्पादन और आपूर्ति लागत में वृद्धि को देखते हुए विद्युत टैरिफ दरों में की गई है मामूली वृद्धि…*

मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत उपभोक्ताओं को मिलता रहेगा छूट का लाभ

छत्तीसगढ़ में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं झारखंड की तुलना में सस्ती बिजली

बीते वर्षों में महंगाई, कोयला, बिजली उत्पादन और आपूर्ति लागत में वृद्धि को देखते हुए विद्युत टैरिफ दरों में की गई है मामूली वृद्धि

रायपुर, 15 जून 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा की गई है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। आयोग ने बिजली शुल्क में औसतन 6.23 प्रतिशत की वृद्धि की है। आयोग का कहना है कि पिछले वर्षों में बढ़ी महंगाई, कोयला, बिजली उत्पादन और आपूर्ति लागत तथा पूर्व वर्षों के घाटे की भरपाई को देखते हुए यह मामूली वृद्धि, जरूरी और न्यायसंगत है।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में औसतन 30 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। हालांकि उपभोग के अलग-अलग स्लैब के अनुसार यह बढ़ोतरी 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक रहेगी। शून्य से 200 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 30 पैसे प्रति यूनिट, 201 से 600 यूनिट तक खपत करने वालों के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट तथा 600 यूनिट से अधिक खपत पर 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि निर्धारित की गई है। राज्य के लाखों परिवारों पर बढ़े हुए टैरिफ का वास्तविक प्रभाव केवल 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट के आसपास होगा। टैरिफ वृ द्धि करते समय आयोग ने आम जनता और निम्न आय वर्ग के हितों का ध्यान रखा है।

सरकार की मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत 400 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक की खपत पर आधा बिजली बिल देने की सुविधा मिल रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के परिवारों पर वास्तविक अतिरिक्त भार अपेक्षाकृत कम रहेगा। अनुमान है कि इन उपभोक्ताओं के बिल पर प्रभाव औसतन केवल 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट के बराबर होगा।

इसी प्रकार 201 से 600 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले कई उपभोक्ता पीएम सूर्यघर योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाकर अपनी ग्रिड आधारित खपत 400 यूनिट के भीतर कर रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं पर भी बढ़ोतरी का प्रभाव बहुत ही कम होने की संभावना है।

गैर-घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में औसतन 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। वहीं कृषि पंपों के लिए दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी घोषित की गई है। हालांकि कृषि उपभोक्ताओं को राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के कारण इस वृद्धि का सीधा प्रभाव किसानों पर नहीं होगा।

उच्च दाब (एचटी) श्रेणी के औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली शुल्क में संशोधन किया गया है। 220 केवी और 132 केवी श्रेणी में ऊर्जा प्रभार में 30 पैसे प्रति यूनिट तथा डिमांड चार्ज में 25 रुपये प्रति केवीए की वृद्धि की गई है। 33 केवी श्रेणी में 40 पैसे प्रति यूनिट और 11 केवी श्रेणी में 30 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी लागू होगी।

 

नई टैरिफ व्यवस्था में कुछ विशेष रियायतें भी दी गई हैं। बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के आदिवासी विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में स्थित छात्रावासों को व्यावसायिक श्रेणी के बजाय घरेलू श्रेणी में शामिल कर राहत प्रदान की गई है। इसके अलावा विलंबित भुगतान अधिभार की व्यवस्था को भी उपभोक्ता हित में सरल बनाया गया है। अब अतिरिक्त शुल्क केवल वास्तविक विलंब अवधि के आधार पर लगेगा। घरेलू और गैर-घरेलू श्रेणी के 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं को ऑफ-पीक अवधि में बिजली उपयोग करने पर 20 पैसे प्रति यूनिट की छूट भी मिलेगी।

आयोग के अनुसार संशोधित दरों के बावजूद छत्तीसगढ़ में बिजली शुल्क पड़ोसी राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और झारखंड की तुलना में अभी भी कम है। ऐसे में राज्य में उपभोक्ताओं और उद्योगों के लिए बिजली दरें प्रतिस्पर्धी बनी रहेंगी। कुल मिलाकर, बिजली दरों में वृद्धि जरूर हुई है, लेकिन राहत योजनाओं, सब्सिडी और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली नीतियों के कारण आम घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम होगा।

*इतिहास में पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ेगा जशपुर, धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना की केंद्र सरकार से अधिसूचना जारी, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों से साकार हुआ सपना…*

*इतिहास में पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ेगा जशपुर*

*धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना की केंद्र सरकार से अधिसूचना जारी*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों से साकार हुआ सपना*

जशपुरनगर 13 जून 2026/ जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा भारत के राजपत्र में धरमजयगढ़ –पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित कर दिया गया है। लगभग 291.881 किलोमीटर लंबी इस रेल परियोजना के अधिसूचित होने के साथ ही जशपुर जिले को पहली बार रेल संपर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह रेल नेटवर्क रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से जशपुर जिले के पत्थलगांव से होते हुए झारखंड राज्य के लोहरदगा तक विकसित होगी। नई रेल लाइन परियोजना के मूर्त रूप लेने से जशपुर जिला विकास की नई मुख्यधारा से जुड़ेगा और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिलेगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में जिले की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना साबित होगी। यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विकसित की जा रही आधुनिक आधारभूत संरचना तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों का परिणाम है। लंबे समय से क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग रही रेल सुविधा अब साकार होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा चुकी है। राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार रेल अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के तहत सार्वजनिक हित एवं राष्ट्रीय अवसंरचना विकास के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्यों में इस नई रेल लाइन परियोजना को अधिसूचित किया गया है। अधिसूचना के प्रकाशन के साथ ही यह परियोजना प्रभावशील हो गई है।

*सुदूर वनांचल क्षेत्र को मिलेगा विकास का नया आधार* –

जशपुर जिला लंबे समय से सड़क परिवहन पर निर्भर रहा है। रेल संपर्क नहीं होने के कारण यहां के लोगों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले युवाओं को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नई रेल लाइन बनने से जिले की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा और लोगों को सुरक्षित, सुलभ एवं किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

*किसानों और व्यापारियों को मिलेगा बड़ा लाभ* –

रेल परियोजना से कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी। जशपुर अपनी जैविक खेती, सुगंधित धान, मक्का, दलहन, सब्जियों एवं बागवानी उत्पादों के लिए जाना जाता है। रेल संपर्क स्थापित होने से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ उनकी आय में वृद्धि होगी। व्यापार एवं उद्योग को भी नई गति मिलेगी।

*पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा* –

जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, जलप्रपात, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक सुगम होगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। रेल परियोजना के निर्माण एवं संचालन से भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

*शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक होगी आसान पहुंच*-

रेल संपर्क स्थापित होने से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा संस्थानों तक पहुंचने में सुविधा होगी। साथ ही गंभीर मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों तक शीघ्र पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और पहुंच दोनों में सुधार होगा।

*क्षेत्र में खुशी की लहर*-

परियोजना की अधिसूचना जारी होने के बाद जशपुर सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लोगों का मानना है कि यह रेल लाइन केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र के समग्र सामाजिक और आर्थिक विकास का मजबूत आधार बनेगी। वर्षों से रेल सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे जिले के नागरिकों के लिए यह एक ऐतिहासिक और यादगार उपलब्धि है।

*प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने घोषणा अनुरूप जशपुर को दी बड़ी सौगात, वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल का 80 लाख रुपए की लागत से होगा जीर्णोद्धार…..*

*प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने घोषणा अनुरूप जशपुर को दी बड़ी सौगात, वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल का 80 लाख रुपए की लागत से होगा जीर्णोद्धार…..*

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर अमल करते हुए जशपुर नगरवासियों को एक बड़ी सौगात मिली है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नगर पालिका परिषद जशपुरनगर के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अधोसंरचना मद से 80 लाख रुपये की तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई है।इस स्वीकृति के तहत वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल, जशपुरनगर के जीर्णोद्धार कार्य के लिए 80 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है। लंबे समय से हॉल के उन्नयन की मांग की जा रही थी, जिसे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लेते हुए अपनी घोषणा के अनुरूप स्वीकृति दी है।इस कार्य के पूर्ण होने से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा नगरवासियों को आधुनिक और सुसज्जित कम्युनिटी हॉल का लाभ मिलेगा।

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन, मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर कॉलर श्री पूनाराम ठाकरे से स्वयं की बात, पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम…*

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन*

*मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर कॉलर श्री पूनाराम ठाकरे से स्वयं की बात*

*पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम*

रायपुर 9 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली 1076 की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा शिकायतों के निराकरण तंत्र का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा तथा कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिशरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी मंत्रियों ने हेल्पलाइन संचालन व्यवस्था, शिकायत प्रबंधन प्रणाली तथा नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन सेंटर में पहुंचकर शिकायतों के पंजीयन, उनकी निगरानी एवं समाधान की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा करते हुए शिकायतों के त्वरित निराकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

*मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर कॉलर श्री पूनाराम ठाकरे से की बात*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सीएम हेल्पलाइन सेंटर के शुभारंभ के अवसर पर सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले कॉलर श्री पूना राम ठाकरे से खुद बात की और उनका नाम, निवास तथा समस्या की जानकारी ली । मुख्यमंत्री को श्री ठाकरे ने बताया कि वे रायपुर के रहने वाले हैं और उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था जिसके संबंध में शिकायत दर्ज कराने उन्होंने हेल्पलाइन में कॉल किया है। मुख्यमंत्री ने कॉल पर श्री ठाकरे को आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी समस्या का निराकरण हो जाएगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय एवं अन्य मंत्रियों ने हेल्पलाइन के माध्यम से जुड़े हितग्राहियों से बातचीत भी की। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को सुना तथा संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया। हितग्राहियों ने भी अपनी समस्याओं को सीधे शासन तक पहुंचाने के लिए इस व्यवस्था की सराहना की।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली राज्य के सभी विभागों को एकीकृत रूप से जोड़ने वाली व्यवस्था है। इसमें 1,200 से अधिक शिकायत श्रेणियां तथा लगभग 8,000 अधिकारियों को चार प्रशासनिक स्तरों पर मैप किया गया है। ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बहु-स्तरीय एस्केलेशन प्रणाली के माध्यम से शिकायतों के समाधान की सतत निगरानी की जाती है।

मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन संचालन में कार्यरत युवाओं से भी संवाद किया और उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बताया गया कि इस व्यवस्था के संचालन में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे सेवा गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रणाली के अंतर्गत उपलब्ध एमआईएस डैशबोर्ड, शिकायत विश्लेषण प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के प्रदर्शन मूल्यांकन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को सुशासन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए शिकायतों के विश्लेषण के आधार पर व्यवस्थागत सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने फेफड़े के कैंसर पीड़ित महिला के इलाज हेतु दी 21 लाख रुपये से अधिक की सहायता, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 21.69 लाख रुपये स्वीकृत, रायपुर में होगा उपचार…*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने फेफड़े के कैंसर पीड़ित महिला के इलाज हेतु दी 21 लाख रुपये से अधिक की सहायता*

*मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 21.69 लाख रुपये स्वीकृत, रायपुर में होगा उपचार*

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कोरबा निवासी 66 वर्षीय उमातिन बाई के फेफड़े के कैंसर के इलाज के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 21,69,344 रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है। इस सहायता से मरीज का उपचार रायपुर स्थित Pt. J.N.M. Medical College में कराया जाएगा।जानकारी के अनुसार, उमातिन बाई के परिजनों ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज के लिए सहायता की मांग करते हुए बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मरीज के उपचार हेतु मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत 21.69 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की।मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील पहल से मरीज के परिजनों को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी बड़ी राशि की सहायता मिलने से अब बेहतर इलाज संभव हो सकेगा।

*लोगों के लिए राहत का केंद्र बना मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया*

बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। यहां प्राप्त आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई कर जरूरतमंदों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और अन्य जनहितकारी मामलों में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से लोगों को राहत मिल रही है, जिससे आमजन में विश्वास और संतोष का माहौल है।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बना जनसेवा का भरोसेमंद केंद्र, दिव्यांगजनों को मिली तत्काल बैटरी चलित ट्राई सायकल, चेहरों पर लौटी मुस्कान, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार…*

*मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बना जनसेवा का भरोसेमंद केंद्र,

*दिव्यांगजनों को मिली तत्काल बैटरी चलित ट्राई सायकल*

*चेहरों पर लौटी मुस्कान, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार*

जशपुरनगर,02 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के गृह निवास बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी केंद्र बनकर उभर रहा है। यहां पहुंचने वाले जरूरतमंदों की समस्याओं का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निराकरण किया जा रहा है।इसी क्रम में आज मंगलवार को सहायता की उम्मीद लेकर पहुंचे दो दिव्यांगजनों को तत्काल बैटरी चलित ट्राई सायकल उपलब्ध कराई गई। ग्राम चंद्रपुर, तहसील पत्थलगांव निवासी त्रिनाथ पैंकरा तथा ग्राम घुघरी, तहसील बगीचा निवासी फूलसुंदरी बाई को बैटरी संचालित ट्राई सायकल प्रदान की गई।
ट्राई सायकल मिलने से दोनों दिव्यांगजनों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास की नई चमक देखने को मिली। उन्होंने कहा कि अब उन्हें दैनिक कार्यों और आवागमन में काफी सुविधा होगी। दोनों हितग्राहियों ने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया के माध्यम से जरूरतमंदों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की पहल लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। इससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है तथा सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की भावना मजबूत हो रही है।जनसेवा और त्वरित समाधान के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया, जरूरतमंदों के लिए आशा और विश्वास का केंद्र बन गया है।

*प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केवल बिजली बिल कम करने की योजना नहीं, बल्कि सामान्य परिवारों को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक अभियान : मुख्यमंत्री श्री साय…*

*प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केवल बिजली बिल कम करने की योजना नहीं, बल्कि सामान्य परिवारों को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक अभियान : मुख्यमंत्री श्री साय*

*बस्तर संभाग का पहला प्रधानमंत्री आवास, जहां स्थापित हुआ प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का सोलर सिस्टम*

रायपुर 1 जून 2026/ सुशासन तिहार के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के हितग्राही श्री आनंद कुमार पवार से उनके निवास पर आत्मीय मुलाकात कर योजना से आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने परिवार से संवाद कर जाना कि किस प्रकार एक जनकल्याणकारी योजना ने उनके जीवन में आर्थिक राहत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद जगाई है।मुख्यमंत्री श्री साय से चर्चा के दौरान श्री आनंद कुमार पवार ने बताया कि पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग 1200 से 1500 रुपये तक आता था, जो सीमित आय वाले परिवार के लिए एक बड़ा आर्थिक बोझ था। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घर में सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया और अब परिवार को बिजली खर्च की चिंता से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है।

श्री पवार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि पहले उनका परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता था, लेकिन अब वे स्वयं बिजली उत्पादन भी कर रहे हैं। इससे न केवल आर्थिक बचत बढ़ी है, बल्कि परिवार में आत्मनिर्भरता का भाव भी मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि हर महीने होने वाली बचत अब परिवार की अन्य जरूरतों और बच्चों के भविष्य पर खर्च की जा रही है।

मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान श्री पवार ने यह भी बताया कि योजना के लिए आवेदन करने के लगभग एक माह के भीतर उन्हें सब्सिडी प्राप्त हो गई। साथ ही बैंक से सरल प्रक्रिया के तहत ऋण भी उपलब्ध कराया गया, जिससे सोलर संयंत्र लगाने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आई। शेष राशि का भुगतान आसान मासिक किश्तों में किया जा रहा है, जिससे परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी नहीं पड़ा।

श्री आनंद कुमार पवार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को केवल बिजली बिल से राहत ही नहीं दी, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी दिया है। उन्होंने कहा कि अब उनका परिवार स्वच्छ ऊर्जा से जुड़कर भविष्य की ओर अधिक भरोसे के साथ देख रहा है।

उल्लेखनीय है कि श्री आनंद कुमार पवार, पिता श्री चमन लाल पवार का घर बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास है, जहां प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर सिस्टम स्थापित किया गया है। यह आवास ग्रामीण विकास, स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी समन्वय का प्रेरक मॉडल बनकर सामने आया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केवल बिजली बिल कम करने की योजना नहीं, बल्कि सामान्य परिवारों को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक अभियान है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से परिवारों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और आमजन के जीवन में वास्तविक परिवर्तन दिखाई दे। बड़ेकनेरा के आनंद कुमार पवार की कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब योजनाएं संवेदनशीलता और प्रभावशीलता के साथ जमीनी स्तर तक पहुंचती हैं, तो वे केवल सुविधा नहीं देतीं, बल्कि जीवन की दिशा बदलने वाली नई संभावनाएं भी लेकर आती हैं।

*मन की बात में गूंजा छत्तीसगढ़ का गौरव: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा – यह प्रदेश की प्रतिभा और विरासत को राष्ट्रीय सम्मान मिलने का क्षण*

*मन की बात में गूंजा छत्तीसगढ़ का गौरव: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा – यह प्रदेश की प्रतिभा और विरासत को राष्ट्रीय सम्मान मिलने का क्षण*

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने युवा धावक अनिमेष कुजूर की ऐतिहासिक उपलब्धि और मल्हार की सांस्कृतिक धरोहर का किया उल्लेख*

*मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और आमजनों के साथ सुनी मन की बात की 134वीं कड़ी*

 

रायपुर 31 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और आमजनों के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 134वीं कड़ी का श्रवण किया। कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व, प्रेरणा और आत्मविश्वास का क्षण बन गया, क्योंकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय मंच से प्रदेश की प्रतिभा और सांस्कृतिक धरोहर दोनों का उल्लेख कर पूरे छत्तीसगढ़ का सम्मान बढ़ाया है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जब देश का सर्वोच्च नेतृत्व किसी राज्य की उपलब्धियों और प्रतिभाओं का उल्लेख करता है, तो वह केवल व्यक्तियों का सम्मान नहीं होता, बल्कि करोड़ों प्रदेशवासियों की आकांक्षाओं, परिश्रम और पहचान को राष्ट्रीय प्रतिष्ठा मिलती है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ आज देश के सकारात्मक प्रयासों, नवाचारों, प्रतिभाओं और प्रेरक जीवन यात्राओं को राष्ट्रीय पहचान देने वाला एक सशक्त मंच बन चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज जशपुर जिले के छोटे से गांव घुइटांगर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने वाले युवा धावक अनिमेष कुजूर की उपलब्धि का उल्लेख कर प्रदेश के युवाओं को यह संदेश दिया है कि सीमित संसाधन किसी प्रतिभा की उड़ान को रोक नहीं सकते, यदि उसके भीतर लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत का जुनून हो।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में अनिमेष कुजूर और गुरिंदरवीर सिंह की उपलब्धि को जिस आत्मीयता और प्रेरक शैली में प्रस्तुत किया, वह देश के युवाओं में नई ऊर्जा भरने वाला है। प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान दोनों खिलाड़ियों से फोन पर संवाद करते हुए उल्लेख किया कि पुरुषों की 100 मीटर दौड़ में महज दो दिनों के भीतर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा और इसे उन्होंने खेलों में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा का अद्भुत उदाहरण बताया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह केवल रिकॉर्ड टूटने की कहानी नहीं, बल्कि भारतीय युवाओं के आत्मविश्वास, अनुशासन और विश्वस्तरीय सोच की कहानी है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के युवा धावक अनिमेष कुजूर ने 100 मीटर दौड़ मात्र 10.15 सेकंड में पूरी कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया है और राष्ट्रमंडल खेल 2026 के लिए क्वालीफाई कर प्रदेश तथा देश का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि अनिमेष की यात्रा विशेष रूप से प्रेरणादायक है, क्योंकि जशपुर के ग्रामीण परिवेश से निकलकर सैनिक स्कूल अंबिकापुर से शिक्षा प्राप्त करने वाले इस युवा ने सीमित परिस्थितियों में अपनी मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग के दम पर विश्वस्तरीय मंच तक पहुंचने का सफर तय किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष की उपलब्धि यह साबित करती है कि छत्तीसगढ़ की धरती प्रतिभाओं से परिपूर्ण है और उचित अवसर मिलने पर यहां के युवा विश्व पटल पर अपनी पहचान स्थापित कर सकते हैं।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री और अनिमेष कुजूर के बीच हुए संवाद का उल्लेख करते हुए कहा कि युवा खिलाड़ी की सोच विशेष रूप से प्रेरक है। प्रधानमंत्री से बातचीत में अनिमेष ने बताया कि किस प्रकार कोविड काल के दौरान खेल के प्रति रुचि बढ़ी, साथियों के प्रोत्साहन से एथलेटिक्स में प्रवेश हुआ और कठिन चुनौतियों तथा संदेहों के बावजूद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखने का संकल्प लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अनिमेष ने यह भी स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय खिलाड़ी विश्वस्तरीय स्प्रिंटिंग में नई पहचान बना सकते हैं और भारतीय युवा किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। यह आत्मविश्वास नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कार्यक्रम में खेल भावना का अत्यंत प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करते हुए यह संदेश दिया कि प्रतिस्पर्धा केवल एक-दूसरे को पीछे छोड़ने के लिए नहीं, बल्कि देश का मान बढ़ाने के लिए होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा कही गई यह बात कि “एक-दूसरे को चुनौती भी देना है, आगे निकलने का प्रयास भी करना है और साथ ही एक-दूसरे की मदद के लिए भी खड़े रहना है” वास्तव में भारत की नई खेल संस्कृति की पहचान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार भी इसी सोच के साथ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, बेहतर खेल अधोसंरचना और अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज ‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा बिलासपुर जिले के ऐतिहासिक मल्हार में ज्ञान भारतम् अभियान के अंतर्गत प्राप्त दुर्लभ ताम्र-पट्टिकाओं का उल्लेख किया जाना भी छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक चेतना के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 1400 से 1500 वर्ष पुरानी मानी जा रही ये ताम्र-पट्टिकाएं पांडुवंशी शासनकाल, विशेष रूप से महर्षि बालार्जुन काल से जुड़ी मानी जा रही हैं, जो उस समय की शासन व्यवस्था, संस्कृति, धर्म और सामाजिक जीवन की महत्वपूर्ण जानकारी देती हैं। उन्होंने कहा कि प्राचीन ब्राह्मी लिपि और पाली भाषा में लिखी गई यह धरोहर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक परंपरा का सशक्त प्रमाण है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार भारत और छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मल्हार की यह खोज केवल पुरातात्विक उपलब्धि नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक स्मृति, ऐतिहासिक चेतना और आने वाली पीढ़ियों के ज्ञान-विस्तार से जुड़ा महत्वपूर्ण अध्याय है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब प्रधानमंत्री राष्ट्रीय मंच से ऐसी उपलब्धियों का उल्लेख करते हैं, तो इससे विरासत संरक्षण के प्रति समाज में नई जागरूकता और सम्मान की भावना भी विकसित होती है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का ‘मन की बात’ एपिसोड इस बात का सशक्त उदाहरण है कि नया भारत अपनी प्रतिभा, परिश्रम, खेल भावना, संस्कृति और विरासत – सभी को समान सम्मान देने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि एक ओर जशपुर का युवा खिलाड़ी देश को नई गति देने का सपना देख रहा है और दूसरी ओर मल्हार की धरोहर भारत के गौरवशाली अतीत की कहानी कह रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह दोहरी उपलब्धि पूरे प्रदेश में आत्मगौरव, प्रेरणा और नई ऊर्जा का संचार करने वाली है।

 

इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, सीजीएमएससी के चेयरमैन श्री दीपक म्हस्के सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक और आमजन उपस्थित थे।

*एकादशी पर्व में श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में हुआ दिव्य दीप प्रज्वलन, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं शामिल, 35वीं वैवाहिक वर्षगांठ पर लिया भगवान श्री जगन्नाथ का आशीर्वाद….*

*एकादशी पर्व में श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में हुआ दिव्य दीप प्रज्वलन, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं शामिल, 35वीं वैवाहिक वर्षगांठ पर लिया भगवान श्री जगन्नाथ का आशीर्वाद….*

 

जशपुरनगर। दोकड़ा स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर में एकादशी तिथि के पावन अवसर पर भव्य दीप प्रज्वलन एवं धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय विशेष रूप से शामिल हुईं। मंदिर परिसर में श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच भगवान श्री जगन्नाथ स्वामी की पूजा-अर्चना की गई।

कार्यक्रम के दौरान श्रीमती कौशल्या साय ने अपनी 35वीं वैवाहिक वर्षगांठ के अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर समिति एवं श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री दंपत्ति को वैवाहिक वर्षगांठ की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। साथ ही मंदिर परंपरा के अनुसार गजपति महाराज का भी स्मरण करते हुए मंगलकामनाएं व्यक्त की गईं।

इस विशेष अवसर पर रात्रि बगिया में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय वर्चुअल माध्यम से रायपुर से जुड़े। समर्थकों एवं कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री दंपत्ति की वैवाहिक वर्षगांठ पर केक काटकर खुशी जाहिर की तथा उनके स्वस्थ, सुखमय एवं सफल जीवन की कामना की।वहीं श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में आयोजित दीप प्रज्वलन कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था और सामाजिक सौहार्द का अद्भुत संदेश दिया। श्रद्धालुओं की बड़ी उपस्थिति से मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने की सौजन्य मुलाकात, कोयला उत्पादन, ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और आधारभूत संरचना विस्तार पर हुई सकारात्मक चर्चा, केंद्र-राज्य समन्वय से औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को गति देने पर जोर…*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने की सौजन्य मुलाकात*

*कोयला उत्पादन, ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और आधारभूत संरचना विस्तार पर हुई सकारात्मक चर्चा*

*केंद्र-राज्य समन्वय से औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को गति देने पर जोर*

रायपुर, 26 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित उनके कार्यालय में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा, खनिज क्षेत्र के विस्तार तथा आधारभूत संरचना विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई।

बैठक में छत्तीसगढ़ में कोयला उत्पादन बढ़ाने, खनन क्षेत्रों में बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने, रेल एवं लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी के विस्तार तथा औद्योगिक गतिविधियों को और गति देने के विषय पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन, कोयला गैसीकरण, सौर ऊर्जा विकास तथा खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर भी विशेष चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और केंद्र सरकार के सहयोग से ऊर्जा, खनन एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में राज्य नई संभावनाओं की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करते हुए युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री रजत बंसल, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री हरीश दुहन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।