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*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जारी की पीएम किसान सम्मान निधि की 23 वीं किस्त, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से हुए शामिल, डीबीटी के माध्यम से देशभर में 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में राशि अंतरित…*

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जारी की पीएम किसान सम्मान निधि की 23 वीं किस्त*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कार्यक्रम में वर्चुअल रूप से हुए शामिल*

*डीबीटी के माध्यम से देशभर में 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में राशि अंतरित*

*जशपुर के 71 500 से अधिक किसानों को मिला लाभ*

*जशपुर, 20 जून 2026/* प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के तारकेश्वर जिला-हुगली में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 23वीं किस्त के रूप में 18,880 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जारी करते हुए देशभर के 9.44 करोड़ से अधिक पात्र किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से राशि अंतरित की गई। इस दौरान प्रधानमंत्री श्री मोदी ने सभी किसानों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय , स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, सलियाटोली कुनकुरी से वर्चुअल रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों से किसान इस कार्यक्रम से जुड़े हैं और पीएम उत्सव दिवस में सहभागी बने हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए धरती माता और कृषि भूमि का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। इसी उद्देश्य से खेत बचाओ अभियान संचालित किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने किसानों से इस अभियान से जुड़ने तथा अपने आसपास के अन्य किसानों को भी इसके प्रति जागरूक एवं प्रेरित करने का आह्वान किया। इस योजना के तहत जशपुर जिले के 71,517 पात्र किसानों के बैंक खातों में 23 वीं किस्त की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से अंतरित की गई। कार्यक्रम में उपस्थिति किसानों ने खुशी जाहिर करते हुए बताया कि इस राशि से उन्हें खरीफ सीजन के दौरान खाद, बीज एवं अन्य कृषि आदान सामग्री की खरीद में सहायता होगी। समय पर आर्थिक सहयोग मिलने से खेती-किसानी के कार्यों को गति के साथ कृषि उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। राशि प्राप्त होने से जिले के किसानों में खुशी का माहौल है उन्होंने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।

*बोनी के साथ खेतों के लिए किसानों को समय पर मिल रहा आवश्यक कृषि आदान सामग्री*

जशपुर जिले में 255720 हेक्टेयर में खेती की जा रही है। बोनी का कार्य प्रारंभ हो चुकी है। बीज की कुल मांग 9746.00 क्विंटल के विरुद्ध सभी सहकारी समितियों में 8064.00 क्वि बीज का भण्डारण कर 2974.00 क्वि बीज अद्यतन स्थिति तक वितरण किया गया है। रसायनिक उर्वरक की कुल मांग 25675 मे.टन के विरूद्ध 19171 मे. टन उपलब्ध है। जिसमें से 7075 मे.टन वितरण किया गया है एवं 11396 मे.टन शेष है। खाद एवं बीज वितरण का कार्य प्रगति पर है ।रसायनिक खाद के वैकल्पिक खाद को बढ़ावा देने के लिए जिले में कुल 156.00 क्वि. हरी खाद का बीज 1358 किसानों को वितरण किया गया है। कृषि प्रक्षेत्र सुसडेगा पत्थलगांव एवं कृषि विज्ञान केन्द्र डुमरबहार पत्थलगांव में नील हरित काई का मदर कल्वर उत्पादन कर 600 किसानों के खेतों में पहुंचाया जा रहा है। जिले में प्राकृतिक खेती, जैविक खेती कुल 1680 हे. में की जा रही है। जिसमें 2700 से अधिक किसान लाभान्वित हो रहे है।
इस अवसर पर पत्थलगांव विधायक एवं सरगुजा आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनी भगत, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेसरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत कुनकुरी अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, वरिष्ठ नागरिक श्री आलोक ठाकुर, श्री भरत सिंह, श्री सुनील गुप्ता, श्री कृष्ण कुमार राय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री लाल उमेद सिंह, वनमंडलाधिकारी श्री शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, उप संचालक कृषि श्री एमआर भगत सहित बड़ी संख्या में कृषक, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष का कार्यकाल ऐतिहासिक, देश ने हर क्षेत्र में किया अभूतपूर्व विकास : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय…*

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष का कार्यकाल ऐतिहासिक, देश ने हर क्षेत्र में किया अभूतपूर्व विकास : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*मुख्यमंत्री ने विभिन्न समाज के वरिष्ठ प्रतिनिधियों को किया सम्मानित*

*स्वच्छ भारत, जनधन, आवास, बिजली और बुनियादी सुविधाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में लाया सकारात्मक बदलाव*

जशपुरनगर, 20 जून 2026। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्षों का कार्यकाल देश के विकास, सुशासन और जनकल्याण का स्वर्णिम काल रहा है। उन्होंने कहा कि इस दौरान भारत ने बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, गरीब कल्याण, राष्ट्रीय सुरक्षा, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। बगिया स्थित कैम्प कार्यालय में 19 जून को आयोजित विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों के सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी के साथ पांच वर्षों तक राज्य मंत्री के रूप में कार्य करने का अवसर मिला, जिसके दौरान उन्होंने गरीबों, किसानों, महिलाओं और वंचित वर्गों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को निकट से देखा है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने विभिन्न समाजों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों का सम्मानस्वरूप शाल, श्रीफल और शासन की उपलब्धियों को पुस्तिका प्रदान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए स्वच्छ भारत मिशन ने देश में स्वच्छता के प्रति जनजागरण पैदा किया है। घर-घर शौचालय निर्माण से करोड़ों महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा और सुविधा मिली है। उन्होंने कहा कि शौचालय केवल एक बुनियादी सुविधा नहीं, बल्कि महिलाओं के सम्मान और गरिमा से जुड़ा विषय है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया, जिससे सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों के खातों तक पहुंच रहा है। इससे पारदर्शिता बढ़ी है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सौभाग्य योजना के माध्यम से देश के दूरस्थ गांवों और करोड़ों घरों तक बिजली पहुंचाई गई है। वहीं प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीब परिवारों को पक्के मकान उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में अब तक 10 लाख 60 हजार से अधिक प्रधानमंत्री आवास निर्मित हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने प्रदेश के 18 लाख गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का संकल्प लिया था। राज्य में सरकार बनने के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति देकर इस वादे को पूरा किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में तेजी से बढ़ते बुनियादी ढांचे का उल्लेख करते हुए कहा कि 49 हजार करोड़ रुपये से अधिक की रेल परियोजनाओं पर कार्य जारी है। धर्मजयगढ़-लोहरदगा रेल लाइन को स्वीकृति मिल चुकी है तथा जशपुर जिले तक रेल संपर्क स्थापित करने की दिशा में भी अंतिम प्रक्रियाएं चल रही हैं। उन्होंने बताया कि रायपुर से धनबाद को जोड़ने वाली भारतमाला परियोजना तथा राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के निर्माण एवं चौड़ीकरण का कार्य भी तेजी से प्रगति पर है। केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण निर्णयों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाने, तीन तलाक कानून लागू करने तथा राष्ट्रीय सुरक्षा के क्षेत्र में सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे निर्णायक कदमों ने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा को और मजबूत किया है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और सोमनाथ मंदिर के विकास कार्य भारत की सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान प्रदान कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विश्व के 32 देशों द्वारा सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किया जाना भारत की बढ़ती वैश्विक प्रतिष्ठा का प्रतीक है। बस्तर क्षेत्र के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की प्रतिबद्धता से नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति और विकास का नया वातावरण निर्मित हुआ है। पिछले दो वर्षों में 700 से अधिक मोबाइल टावर स्थापित किए गए हैं तथा सुदूर गांवों तक सड़क, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई गई हैं। उन्होंने बताया कि इंद्रावती नदी से संबंधित देवुर और मटनार सिंचाई परियोजनाओं के लिए 1,600 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जिससे लगभग 80 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। स्थानीय रोजगार सृजन के लिए जैविक खेती, इमली प्रसंस्करण एवं निर्यात तथा होम-स्टे नीति को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सुरक्षा शिविरों को सेवा डेरा के रूप में विकसित कर महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई उद्योग नीति के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में होम-स्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के तहत जिले में मेडिकल कॉलेज, 220 बिस्तरों वाला अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र, फिजियोथेरेपी महाविद्यालय और क्रिटिकल केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं। इसके अलावा ऊर्जा पार्क, स्नेक पार्क, पमशाला एनीकट और आधुनिक बस स्टैंड जैसी महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं को भी स्वीकृति मिल चुकी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत विकास, सुशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक गौरव के नए युग में प्रवेश कर चुका है तथा आने वाले वर्षों में विश्व की अग्रणी शक्तियों में और अधिक मजबूती से अपनी पहचान स्थापित करेगा।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कुनकुरी को मिली बड़ी सौगात, 33/11 केवी सब स्टेशन में 5 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित, अतिरिक्त 11 केवी फीडर भी हुआ चालू, क्षेत्र वासियों के लिए बड़ी राहत…..*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कुनकुरी को मिली बड़ी सौगात, 33/11 केवी सब स्टेशन में 5 एमवीए का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित, अतिरिक्त 11 केवी फीडर भी हुआ चालू, क्षेत्र वासियों के लिए बड़ी राहत…..*

 

कुनकुरी 17 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर प्रदेश में विद्युत अधोसंरचना को मजबूत करने के अभियान के तहत कुनकुरी क्षेत्र को बड़ी सौगात मिली है। 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र कुनकुरी में 3.15 एमवीए क्षमता के पुराने पावर ट्रांसफार्मर को हटाकर 5 एमवीए क्षमता का नया पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर सफलतापूर्वक चालू कर दिया गया है। इसके साथ ही कुनकुरी नगर के लिए बहुप्रतीक्षित अतिरिक्त 11 केवी फीडर का निर्माण एवं चार्जिंग कार्य भी पूरा कर लिया गया है।नए ट्रांसफार्मर की स्थापना आसान नहीं थी। इसके लिए विभाग को कई तकनीकी एवं संरचनात्मक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। कार्यस्थल पर पर्याप्त जगह उपलब्ध कराने के लिए दो डीपी को स्थानांतरित किया गया, अनुपयोगी नियंत्रण कक्ष को हटाया गया तथा पुराने ट्रांसफार्मर प्लिंथ की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण का कार्य किया गया। सभी आवश्यक तैयारियों के बाद आज ट्रांसफार्मर प्रतिस्थापन का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।विद्युत विभाग के अधिकारियों के अनुसार ट्रांसफार्मर की क्षमता 3.15 एमवीए से बढ़ाकर 5 एमवीए किए जाने से क्षेत्र की बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। वहीं अतिरिक्त 11 केवी फीडर शुरू होने से कुनकुरी नगर में विद्युत भार का बेहतर प्रबंधन होगा, ओवरलोडिंग की समस्या कम होगी तथा उपभोक्ताओं को अधिक सुचारू और निर्बाध बिजली आपूर्ति का लाभ मिलेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर किए गए इस कार्य को क्षेत्र के विकास और बेहतर जनसुविधाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। स्थानीय नागरिकों एवं विद्युत उपभोक्ताओं ने इस सौगात का स्वागत करते हुए इसे कुनकुरी की विद्युत व्यवस्था को मजबूत बनाने वाला ऐतिहासिक कदम बताया है।

*मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत उपभोक्ताओं को मिलता रहेगा छूट का लाभ, छत्तीसगढ़ में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं झारखंड की तुलना में सस्ती बिजली, बीते वर्षों में महंगाई, कोयला, बिजली उत्पादन और आपूर्ति लागत में वृद्धि को देखते हुए विद्युत टैरिफ दरों में की गई है मामूली वृद्धि…*

मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत उपभोक्ताओं को मिलता रहेगा छूट का लाभ

छत्तीसगढ़ में मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र एवं झारखंड की तुलना में सस्ती बिजली

बीते वर्षों में महंगाई, कोयला, बिजली उत्पादन और आपूर्ति लागत में वृद्धि को देखते हुए विद्युत टैरिफ दरों में की गई है मामूली वृद्धि

रायपुर, 15 जून 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए नई बिजली दरों की घोषणा की गई है। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। आयोग ने बिजली शुल्क में औसतन 6.23 प्रतिशत की वृद्धि की है। आयोग का कहना है कि पिछले वर्षों में बढ़ी महंगाई, कोयला, बिजली उत्पादन और आपूर्ति लागत तथा पूर्व वर्षों के घाटे की भरपाई को देखते हुए यह मामूली वृद्धि, जरूरी और न्यायसंगत है।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में औसतन 30 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। हालांकि उपभोग के अलग-अलग स्लैब के अनुसार यह बढ़ोतरी 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक रहेगी। शून्य से 200 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 30 पैसे प्रति यूनिट, 201 से 600 यूनिट तक खपत करने वालों के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट तथा 600 यूनिट से अधिक खपत पर 50 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि निर्धारित की गई है। राज्य के लाखों परिवारों पर बढ़े हुए टैरिफ का वास्तविक प्रभाव केवल 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट के आसपास होगा। टैरिफ वृ द्धि करते समय आयोग ने आम जनता और निम्न आय वर्ग के हितों का ध्यान रखा है।

सरकार की मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत योजना के तहत 400 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक की खपत पर आधा बिजली बिल देने की सुविधा मिल रही है। ऐसे में बड़ी संख्या में निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के परिवारों पर वास्तविक अतिरिक्त भार अपेक्षाकृत कम रहेगा। अनुमान है कि इन उपभोक्ताओं के बिल पर प्रभाव औसतन केवल 15 से 20 पैसे प्रति यूनिट के बराबर होगा।

इसी प्रकार 201 से 600 यूनिट तक बिजली उपयोग करने वाले कई उपभोक्ता पीएम सूर्यघर योजना के तहत रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाकर अपनी ग्रिड आधारित खपत 400 यूनिट के भीतर कर रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं पर भी बढ़ोतरी का प्रभाव बहुत ही कम होने की संभावना है।

गैर-घरेलू श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली दरों में औसतन 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। वहीं कृषि पंपों के लिए दरों में 40 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी घोषित की गई है। हालांकि कृषि उपभोक्ताओं को राज्य सरकार द्वारा दी जा रही सब्सिडी के कारण इस वृद्धि का सीधा प्रभाव किसानों पर नहीं होगा।

उच्च दाब (एचटी) श्रेणी के औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली शुल्क में संशोधन किया गया है। 220 केवी और 132 केवी श्रेणी में ऊर्जा प्रभार में 30 पैसे प्रति यूनिट तथा डिमांड चार्ज में 25 रुपये प्रति केवीए की वृद्धि की गई है। 33 केवी श्रेणी में 40 पैसे प्रति यूनिट और 11 केवी श्रेणी में 30 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी लागू होगी।

 

नई टैरिफ व्यवस्था में कुछ विशेष रियायतें भी दी गई हैं। बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के आदिवासी विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में स्थित छात्रावासों को व्यावसायिक श्रेणी के बजाय घरेलू श्रेणी में शामिल कर राहत प्रदान की गई है। इसके अलावा विलंबित भुगतान अधिभार की व्यवस्था को भी उपभोक्ता हित में सरल बनाया गया है। अब अतिरिक्त शुल्क केवल वास्तविक विलंब अवधि के आधार पर लगेगा। घरेलू और गैर-घरेलू श्रेणी के 10 किलोवाट से अधिक भार वाले उपभोक्ताओं को ऑफ-पीक अवधि में बिजली उपयोग करने पर 20 पैसे प्रति यूनिट की छूट भी मिलेगी।

आयोग के अनुसार संशोधित दरों के बावजूद छत्तीसगढ़ में बिजली शुल्क पड़ोसी राज्यों मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और झारखंड की तुलना में अभी भी कम है। ऐसे में राज्य में उपभोक्ताओं और उद्योगों के लिए बिजली दरें प्रतिस्पर्धी बनी रहेंगी। कुल मिलाकर, बिजली दरों में वृद्धि जरूर हुई है, लेकिन राहत योजनाओं, सब्सिडी और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने वाली नीतियों के कारण आम घरेलू उपभोक्ताओं पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत कम होगा।

*इतिहास में पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ेगा जशपुर, धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना की केंद्र सरकार से अधिसूचना जारी, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों से साकार हुआ सपना…*

*इतिहास में पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ेगा जशपुर*

*धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना की केंद्र सरकार से अधिसूचना जारी*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों से साकार हुआ सपना*

जशपुरनगर 13 जून 2026/ जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा भारत के राजपत्र में धरमजयगढ़ –पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित कर दिया गया है। लगभग 291.881 किलोमीटर लंबी इस रेल परियोजना के अधिसूचित होने के साथ ही जशपुर जिले को पहली बार रेल संपर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह रेल नेटवर्क रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से जशपुर जिले के पत्थलगांव से होते हुए झारखंड राज्य के लोहरदगा तक विकसित होगी। नई रेल लाइन परियोजना के मूर्त रूप लेने से जशपुर जिला विकास की नई मुख्यधारा से जुड़ेगा और क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिलेगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में जिले की तस्वीर और तकदीर बदलने वाली महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना साबित होगी। यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विकसित की जा रही आधुनिक आधारभूत संरचना तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों का परिणाम है। लंबे समय से क्षेत्रवासियों की बहुप्रतीक्षित मांग रही रेल सुविधा अब साकार होने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ा चुकी है। राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार रेल अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के तहत सार्वजनिक हित एवं राष्ट्रीय अवसंरचना विकास के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्यों में इस नई रेल लाइन परियोजना को अधिसूचित किया गया है। अधिसूचना के प्रकाशन के साथ ही यह परियोजना प्रभावशील हो गई है।

*सुदूर वनांचल क्षेत्र को मिलेगा विकास का नया आधार* –

जशपुर जिला लंबे समय से सड़क परिवहन पर निर्भर रहा है। रेल संपर्क नहीं होने के कारण यहां के लोगों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले युवाओं को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नई रेल लाइन बनने से जिले की कनेक्टिविटी में क्रांतिकारी बदलाव आएगा और लोगों को सुरक्षित, सुलभ एवं किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

*किसानों और व्यापारियों को मिलेगा बड़ा लाभ* –

रेल परियोजना से कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों के परिवहन में आसानी होगी। जशपुर अपनी जैविक खेती, सुगंधित धान, मक्का, दलहन, सब्जियों एवं बागवानी उत्पादों के लिए जाना जाता है। रेल संपर्क स्थापित होने से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने में सुविधा होगी, जिससे किसानों को बेहतर मूल्य मिलने के साथ उनकी आय में वृद्धि होगी। व्यापार एवं उद्योग को भी नई गति मिलेगी।

*पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा* –

जशपुर की प्राकृतिक सुंदरता, जलप्रपात, धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक सुगम होगी। इससे पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। रेल परियोजना के निर्माण एवं संचालन से भी प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

*शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक होगी आसान पहुंच*-

रेल संपर्क स्थापित होने से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा संस्थानों तक पहुंचने में सुविधा होगी। साथ ही गंभीर मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों तक शीघ्र पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और पहुंच दोनों में सुधार होगा।

*क्षेत्र में खुशी की लहर*-

परियोजना की अधिसूचना जारी होने के बाद जशपुर सहित पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। लोगों का मानना है कि यह रेल लाइन केवल एक परिवहन परियोजना नहीं, बल्कि क्षेत्र के समग्र सामाजिक और आर्थिक विकास का मजबूत आधार बनेगी। वर्षों से रेल सुविधा की प्रतीक्षा कर रहे जिले के नागरिकों के लिए यह एक ऐतिहासिक और यादगार उपलब्धि है।

*प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने घोषणा अनुरूप जशपुर को दी बड़ी सौगात, वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल का 80 लाख रुपए की लागत से होगा जीर्णोद्धार…..*

*प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने घोषणा अनुरूप जशपुर को दी बड़ी सौगात, वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल का 80 लाख रुपए की लागत से होगा जीर्णोद्धार…..*

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की घोषणा पर अमल करते हुए जशपुर नगरवासियों को एक बड़ी सौगात मिली है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नगर पालिका परिषद जशपुरनगर के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में अधोसंरचना मद से 80 लाख रुपये की तकनीकी स्वीकृति प्रदान की गई है।इस स्वीकृति के तहत वशिष्ठ कम्युनिटी हॉल, जशपुरनगर के जीर्णोद्धार कार्य के लिए 80 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है। लंबे समय से हॉल के उन्नयन की मांग की जा रही थी, जिसे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लेते हुए अपनी घोषणा के अनुरूप स्वीकृति दी है।इस कार्य के पूर्ण होने से सामाजिक, सांस्कृतिक एवं सामुदायिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा नगरवासियों को आधुनिक और सुसज्जित कम्युनिटी हॉल का लाभ मिलेगा।

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन, मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर कॉलर श्री पूनाराम ठाकरे से स्वयं की बात, पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम…*

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने किया मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली का अवलोकन*

*मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर कॉलर श्री पूनाराम ठाकरे से स्वयं की बात*

*पारदर्शी, जवाबदेह और नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था को मिलेगा नया आयाम*

रायपुर 9 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली 1076 की कार्यप्रणाली, तकनीकी व्यवस्थाओं तथा शिकायतों के निराकरण तंत्र का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त की और नागरिकों को बेहतर एवं समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा तथा कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद, सुशासन एवं अभिशरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, विशेष सचिव श्री रजत बंसल सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे। सभी मंत्रियों ने हेल्पलाइन संचालन व्यवस्था, शिकायत प्रबंधन प्रणाली तथा नागरिकों को प्रदान की जा रही सेवाओं का अवलोकन किया।

मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन सेंटर में पहुंचकर शिकायतों के पंजीयन, उनकी निगरानी एवं समाधान की प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से चर्चा करते हुए शिकायतों के त्वरित निराकरण, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की प्राथमिकता प्रत्येक नागरिक की समस्या का समयबद्ध और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

*मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन पर कॉलर श्री पूनाराम ठाकरे से की बात*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सीएम हेल्पलाइन सेंटर के शुभारंभ के अवसर पर सीएम हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली अवलोकन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले कॉलर श्री पूना राम ठाकरे से खुद बात की और उनका नाम, निवास तथा समस्या की जानकारी ली । मुख्यमंत्री को श्री ठाकरे ने बताया कि वे रायपुर के रहने वाले हैं और उन्होंने आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया था जिसके संबंध में शिकायत दर्ज कराने उन्होंने हेल्पलाइन में कॉल किया है। मुख्यमंत्री ने कॉल पर श्री ठाकरे को आश्वस्त किया कि जल्द ही उनकी समस्या का निराकरण हो जाएगा।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय एवं अन्य मंत्रियों ने हेल्पलाइन के माध्यम से जुड़े हितग्राहियों से बातचीत भी की। उन्होंने नागरिकों की समस्याओं और सुझावों को सुना तथा संबंधित मामलों के त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया। हितग्राहियों ने भी अपनी समस्याओं को सीधे शासन तक पहुंचाने के लिए इस व्यवस्था की सराहना की।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं शिकायत प्रबंधन प्रणाली राज्य के सभी विभागों को एकीकृत रूप से जोड़ने वाली व्यवस्था है। इसमें 1,200 से अधिक शिकायत श्रेणियां तथा लगभग 8,000 अधिकारियों को चार प्रशासनिक स्तरों पर मैप किया गया है। ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक बहु-स्तरीय एस्केलेशन प्रणाली के माध्यम से शिकायतों के समाधान की सतत निगरानी की जाती है।

मुख्यमंत्री ने हेल्पलाइन संचालन में कार्यरत युवाओं से भी संवाद किया और उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान बताया गया कि इस व्यवस्था के संचालन में स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे सेवा गुणवत्ता में सुधार के साथ-साथ रोजगार सृजन को भी बढ़ावा मिला है।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रणाली के अंतर्गत उपलब्ध एमआईएस डैशबोर्ड, शिकायत विश्लेषण प्रणाली तथा विभिन्न विभागों के प्रदर्शन मूल्यांकन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया को सुशासन का महत्वपूर्ण आधार बताते हुए शिकायतों के विश्लेषण के आधार पर व्यवस्थागत सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह व्यवस्था केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं है, बल्कि शासन और जनता के बीच संवाद को मजबूत बनाने का एक प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुनकर उनका समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने फेफड़े के कैंसर पीड़ित महिला के इलाज हेतु दी 21 लाख रुपये से अधिक की सहायता, मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 21.69 लाख रुपये स्वीकृत, रायपुर में होगा उपचार…*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने फेफड़े के कैंसर पीड़ित महिला के इलाज हेतु दी 21 लाख रुपये से अधिक की सहायता*

*मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 21.69 लाख रुपये स्वीकृत, रायपुर में होगा उपचार*

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कोरबा निवासी 66 वर्षीय उमातिन बाई के फेफड़े के कैंसर के इलाज के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत 21,69,344 रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है। इस सहायता से मरीज का उपचार रायपुर स्थित Pt. J.N.M. Medical College में कराया जाएगा।जानकारी के अनुसार, उमातिन बाई के परिजनों ने आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज के लिए सहायता की मांग करते हुए बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। आवेदन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मरीज के उपचार हेतु मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के अंतर्गत 21.69 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की।मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील पहल से मरीज के परिजनों को बड़ी राहत मिली है। परिजनों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इतनी बड़ी राशि की सहायता मिलने से अब बेहतर इलाज संभव हो सकेगा।

*लोगों के लिए राहत का केंद्र बना मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया*

बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। यहां प्राप्त आवेदनों पर शीघ्र कार्रवाई कर जरूरतमंदों को सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और अन्य जनहितकारी मामलों में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से लोगों को राहत मिल रही है, जिससे आमजन में विश्वास और संतोष का माहौल है।

मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बना जनसेवा का भरोसेमंद केंद्र, दिव्यांगजनों को मिली तत्काल बैटरी चलित ट्राई सायकल, चेहरों पर लौटी मुस्कान, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार…*

*मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बना जनसेवा का भरोसेमंद केंद्र,

*दिव्यांगजनों को मिली तत्काल बैटरी चलित ट्राई सायकल*

*चेहरों पर लौटी मुस्कान, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार*

जशपुरनगर,02 जून 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के गृह निवास बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी केंद्र बनकर उभर रहा है। यहां पहुंचने वाले जरूरतमंदों की समस्याओं का संवेदनशीलता और तत्परता के साथ निराकरण किया जा रहा है।इसी क्रम में आज मंगलवार को सहायता की उम्मीद लेकर पहुंचे दो दिव्यांगजनों को तत्काल बैटरी चलित ट्राई सायकल उपलब्ध कराई गई। ग्राम चंद्रपुर, तहसील पत्थलगांव निवासी त्रिनाथ पैंकरा तथा ग्राम घुघरी, तहसील बगीचा निवासी फूलसुंदरी बाई को बैटरी संचालित ट्राई सायकल प्रदान की गई।
ट्राई सायकल मिलने से दोनों दिव्यांगजनों के चेहरे पर खुशी और आत्मविश्वास की नई चमक देखने को मिली। उन्होंने कहा कि अब उन्हें दैनिक कार्यों और आवागमन में काफी सुविधा होगी। दोनों हितग्राहियों ने इस सहायता के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया के माध्यम से जरूरतमंदों को त्वरित सहायता उपलब्ध कराने की पहल लोगों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। इससे शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र हितग्राहियों तक पहुंच रहा है तथा सुशासन और संवेदनशील प्रशासन की भावना मजबूत हो रही है।जनसेवा और त्वरित समाधान के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया, जरूरतमंदों के लिए आशा और विश्वास का केंद्र बन गया है।

*प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केवल बिजली बिल कम करने की योजना नहीं, बल्कि सामान्य परिवारों को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक अभियान : मुख्यमंत्री श्री साय…*

*प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केवल बिजली बिल कम करने की योजना नहीं, बल्कि सामान्य परिवारों को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक अभियान : मुख्यमंत्री श्री साय*

*बस्तर संभाग का पहला प्रधानमंत्री आवास, जहां स्थापित हुआ प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का सोलर सिस्टम*

रायपुर 1 जून 2026/ सुशासन तिहार के अंतर्गत आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेकनेरा पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के हितग्राही श्री आनंद कुमार पवार से उनके निवास पर आत्मीय मुलाकात कर योजना से आए सकारात्मक बदलावों की जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने परिवार से संवाद कर जाना कि किस प्रकार एक जनकल्याणकारी योजना ने उनके जीवन में आर्थिक राहत, ऊर्जा आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य की नई उम्मीद जगाई है।मुख्यमंत्री श्री साय से चर्चा के दौरान श्री आनंद कुमार पवार ने बताया कि पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग 1200 से 1500 रुपये तक आता था, जो सीमित आय वाले परिवार के लिए एक बड़ा आर्थिक बोझ था। उन्होंने बताया कि दिसंबर 2025 में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घर में सोलर सिस्टम स्थापित होने के बाद बिजली बिल पूरी तरह समाप्त हो गया और अब परिवार को बिजली खर्च की चिंता से पूरी तरह मुक्ति मिल गई है।

श्री पवार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री को बताया कि पहले उनका परिवार केवल बिजली का उपभोक्ता था, लेकिन अब वे स्वयं बिजली उत्पादन भी कर रहे हैं। इससे न केवल आर्थिक बचत बढ़ी है, बल्कि परिवार में आत्मनिर्भरता का भाव भी मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि हर महीने होने वाली बचत अब परिवार की अन्य जरूरतों और बच्चों के भविष्य पर खर्च की जा रही है।

मुख्यमंत्री से चर्चा के दौरान श्री पवार ने यह भी बताया कि योजना के लिए आवेदन करने के लगभग एक माह के भीतर उन्हें सब्सिडी प्राप्त हो गई। साथ ही बैंक से सरल प्रक्रिया के तहत ऋण भी उपलब्ध कराया गया, जिससे सोलर संयंत्र लगाने में किसी प्रकार की कठिनाई नहीं आई। शेष राशि का भुगतान आसान मासिक किश्तों में किया जा रहा है, जिससे परिवार पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव भी नहीं पड़ा।

श्री आनंद कुमार पवार ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उनके परिवार को केवल बिजली बिल से राहत ही नहीं दी, बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी दिया है। उन्होंने कहा कि अब उनका परिवार स्वच्छ ऊर्जा से जुड़कर भविष्य की ओर अधिक भरोसे के साथ देख रहा है।

उल्लेखनीय है कि श्री आनंद कुमार पवार, पिता श्री चमन लाल पवार का घर बस्तर संभाग का पहला ऐसा प्रधानमंत्री आवास है, जहां प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर सिस्टम स्थापित किया गया है। यह आवास ग्रामीण विकास, स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और सरकारी योजनाओं के प्रभावी समन्वय का प्रेरक मॉडल बनकर सामने आया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना केवल बिजली बिल कम करने की योजना नहीं, बल्कि सामान्य परिवारों को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का एक व्यापक अभियान है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से परिवारों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा मिल रहा है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और आमजन के जीवन में वास्तविक परिवर्तन दिखाई दे। बड़ेकनेरा के आनंद कुमार पवार की कहानी इस बात का सशक्त उदाहरण है कि जब योजनाएं संवेदनशीलता और प्रभावशीलता के साथ जमीनी स्तर तक पहुंचती हैं, तो वे केवल सुविधा नहीं देतीं, बल्कि जीवन की दिशा बदलने वाली नई संभावनाएं भी लेकर आती हैं।