samvaad
Home Blog

बाबा गुरु घासीदास जी के सत्य, अहिंसा और सामाजिक समरसता के मार्ग पर आगे बढ़ रही प्रदेश सरकार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय…..

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज आरंग विकासखंड स्थित सतनाम पंथ की आस्था के प्रमुख केंद्र भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने गुरुगद्दी आसन के दर्शन कर नमन किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर उन्होंने लगभग 29 करोड़ रुपए की लागत के तीन महत्वपूर्ण सड़क विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया।

मुख्यमंत्री श्री साय भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री साय भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि संत शिरोमणि बाबा गुरु घासीदास जी ने सत्य, अहिंसा, करुणा, समानता और सामाजिक समरसता का जो संदेश दिया, वह संपूर्ण मानव समाज के लिए सदैव पथ-प्रदर्शक रहेगा। बाबा गुरु घासीदास जी का अमर संदेश ‘मनखे-मनखे एक समान’ हमें भेदभाव से ऊपर उठकर प्रेम, सद्भाव और सामाजिक समरसता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

मुख्यमंत्री श्री साय भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री साय भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी की पावन कर्मभूमि भण्डारपुरी धाम सतनाम पंथ की आस्था के साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है। गुरु दर्शन एवं संत समागम मेला हमारी आस्था, सामाजिक एकता और सद्भाव की गौरवशाली परंपरा का जीवंत प्रतीक है।

मुख्यमंत्री श्री साय भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में हुए शामिल

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार बाबा गुरु घासीदास जी के बताए सत्य, करुणा, समानता और सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। विकास की यात्रा में कोई भी समाज, वर्ग अथवा क्षेत्र पीछे न रहे, इसी भावना के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारा जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय भण्डारपुरी धाम में आयोजित गुरु दर्शन एवं संत समागम मेले में हुए शामिल

मुख्यमंत्री ने कहा कि सतनामी समाज की शिक्षा, सामाजिक और आर्थिक प्रगति के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। समाज के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर उपलब्ध कराने के लिए दिल्ली स्थित कोचिंग संस्था में सीटों की संख्या 100 से बढ़ाकर 200 की गई है। उन्होंने भण्डारपुरी में मोती महल के भूमिपूजन का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार समाज की आस्था, संस्कृति और गौरव से जुड़े स्थलों के विकास एवं संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। विकसित भारत के इस संकल्प को साकार करने के लिए विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारा लक्ष्य है। उन्होंने सभी से बाबा गुरु घासीदास जी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए सामाजिक सद्भाव और समरसता को मजबूत करने तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सहभागी बनने का आह्वान किया।

लगभग 29 करोड़ रुपए के तीन सड़क विकास कार्यों का भूमिपूजन

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कुल 28 करोड़ 96 लाख 82 हजार रुपए की लागत के तीन सड़क विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें 8 करोड़ 31 लाख 5 हजार रुपए की लागत से मोहंदी-अड़सेना मार्ग के 4 किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण और 3 करोड़ 30 लाख 78 हजार रुपए की लागत से नरदहा में 2 किलोमीटर लंबे आंतरिक मार्ग का निर्माण शामिल है।

इसी प्रकार मुख्यमंत्री ने 17 करोड़ 34 लाख 99 हजार रुपए की लागत से 29 किलोमीटर लंबे छतौना-दरबा-कूटेसर-बड़गांव-कुंडा-नारा-लखौली मार्ग के डामर नवीनीकरण कार्य का भूमिपूजन किया। इन कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र में आवागमन सुगम होने के साथ गांवों के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा।

चार विकास कार्यों की घोषणा, 40 स्थानों पर बनेंगे लकड़ी के जैतखाम

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब की मांग पर चार महत्वपूर्ण निर्माण कार्यों की घोषणा की। उन्होंने ग्राम पंचायत खमतराई में हाई स्कूल भवन निर्माण के लिए 75 लाख रुपए, नगर पंचायत आरंग के ओड़का में नवीन प्राथमिक शाला भवन के लिए 30 लाख रुपए, नगरपालिका परिषद मंदिर हसौद के पीएम श्री स्कूल में विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए एक करोड़ रुपए तथा चंदखुरी में नगर पंचायत कार्यालय के नवीन भवन निर्माण के लिए 85 लाख रुपए देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इसके साथ ही अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण मद से 40 स्थानों पर लकड़ी के जैतखाम स्थापित करने की भी घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में सतनामी समाज सतत विकास की ओर अग्रसर : मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब

तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने अपने उद्बोधन में कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सतनामी समाज सतत विकास की ओर अग्रसर है। समाज की ओर से विकास से जुड़ी जितनी भी मांगें मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई हैं, उन्हें उन्होंने संवेदनशीलता के साथ पूरा किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में समाज आगे भी चहुंमुखी विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।

श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि भण्डारपुरी में मोती महल का भूमिपूजन सामाजिक समरसता और समाज की सांस्कृतिक विरासत के प्रति मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। वहीं दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के लिए सीटों की संख्या बढ़ाकर 200 किए जाने से समाज के अधिक युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

गुरु घासीदास जी के बताए मार्ग पर चलने का आह्वान

सतनामी समाज के धर्मगुरु श्री बालदास साहेब ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने समानता का संदेश देकर समाज को सत्य, सद्भाव और मानवता की राह दिखाई। उन्होंने समाज के लोगों से बाबा गुरु घासीदास जी के दिखाए मार्ग पर चलते हुए उनके विचारों और आदर्शों को जीवन में आत्मसात करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा, तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, अभनपुर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, राजिम विधायक श्री रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, सतनामी समाज के संतगण एवं पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

नगर सैनिकों के लिए खुशखबरी : मानदेय बढ़कर 30,870 प्रतिमाह मिलेगा…..

रायपुर: छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था, अग्निशमन और आपदा प्रबंधन जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं में अपनी सेवाएं दे रहे स्वयंसेवी नगर सैनिकों (Home Guards) के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में राज्य शासन द्वारा नगर सैनिकों के मानदेय में एक बार फिर से भारी बढ़ोतरी की गई है। नए प्रस्ताव के अनुसार, अब सैनिकों का कुल मानदेय बढ़ाकर 30,870 रूपए प्रतिमाह (यानी 1,029 रूपए प्रतिदिन) किया जा रहा है। इस फैसले से प्रदेश के लगभग 7,900 नगर सैनिकों और उनके परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

नया मानदेय

गृह विभाग द्वारा तैयार किए गए नए प्रस्ताव के मुताबिक मूल मानदेय 19,500 रूपए प्रतिमाह, महंगाई भत्ता (58 प्रतिशत) 11,310 रूपए, वर्दी धुलाई भत्ता 60 रूपए इस प्रकार कुल प्रस्तावित मानदेय 30,870 रूपए प्रतिमाह मिलगा।

पहले कितनी थी बढ़ोतरी

नगर सैनिकों के मानदेय में समय-समय पर संशोधन किया जाता रहा है। वर्ष 2017 गृह विभाग के आदेश से मानदेय में 3,200 रूपए की वृद्धि कर इसे 10,000 रूपए से बढ़ाकर 13,200 रूपए प्रतिमाह किया गया था। 30 मई 2023 इसके बाद 1 अप्रैल 2023 से मानदेय में 6,300 रूपए की और वृद्धि की गई, जिससे यह बढ़कर 19,500 रूपए प्रतिमाह हो गया था।

वर्तमान में माननीय न्यायालय के निर्देशों, लगातार बढ़ती महंगाई तथा नगर सैनिकों द्वारा ड्यूटियों के दौरान कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और अन्य आवश्यक सेवाओं में दिए जा रहे उत्कृष्ट योगदान को ध्यान में रखते हुए गृह विभाग ने यह अनुशंसा की है। शासन के इस कदम से न केवल नगर सैनिकों को आर्थिक संबल (मजबूती) प्राप्त होगी, बल्कि उनका मनोबल और कार्य के प्रति प्रतिबद्धता भी और अधिक मजबूत होगी। स्वयंसेवी नगर सैनिकों ने मानदेय में हुई इस बढ़ोत्तरी के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर गृह मंत्री श्री विजय शर्मा के प्रति आभार व्यक्त किए हैं।

सेवा सेतु पोर्टल से पांच दिन में बना विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र, अब प्रक्रिया हुई आसान, तहसील कार्यालय के चक्कर लगाने से मिली राहत….

रायपुर: सुकमा जिले में सेवा सेतु अभियान के माध्यम से नागरिकों को आवश्यक प्रमाण पत्र समय-सीमा में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी कड़ी में ग्राम चिड़पाल निवासी श्री मनीराम समरथ को आवेदन के महज पांच दिनों के भीतर विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र बनकर मिल गया। प्रमाण पत्र शीघ्र मिलने से उन्हें राहत मिली और शासकीय सेवाओं की ऑनलाइन व्यवस्था का लाभ भी मिला।

श्री मनीराम समरथ को व्यक्तिगत कार्य के लिए विवाह पंजीयन प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। इसके लिए उन्होंने आवश्यक दस्तावेजों के साथ तहसील कार्यालय तोंगपाल में सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया। आवेदन के बाद संबंधित प्रक्रिया पूरी कर महज पांच दिनों में उन्हें प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दिया गया। इससे उन्हें प्रमाण पत्र के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ी।

प्रमाण पत्र मिलने पर श्री मनीराम समरथ ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि पहले शासकीय दस्तावेज बनवाने में अधिक समय लगने की चिंता रहती थी। सेवा सेतु के माध्यम से उनका काम आसानी से और कम समय में पूरा हो गया। उन्होंने इस त्वरित सेवा के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन सुकमा के प्रति आभार व्यक्त किया।

सेवा सेतु अभियान के माध्यम से नागरिक सेवाओं को अधिक सुगम और समयबद्ध बनाने पर जोर दिया जा रहा है।ऑनलाइन आवेदन और त्वरित निराकरण की व्यवस्था से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को आवश्यक शासकीय दस्तावेज प्राप्त करने में सहूलियत हो रही है।

आजाद हिन्द फौज के स्थापना दिवस पर वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने वीर स्वतंत्रता सेनानियों को किया श्रद्धापूर्वक नमन….

रायपुर: वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी ने आजाद हिन्द फौज के स्थापना दिवस पर मातृभूमि की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले सभी वीर सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन किया। उन्होंने कहा कि आजाद हिन्द फौज भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति, त्याग और बलिदान का गौरवशाली प्रतीक है। मां भारती को पराधीनता की बेडि़यों से मुक्त कराने के लिए आजाद हिन्द फौज के वीर सेनानियों ने जिस शौर्य और समर्पण का परिचय दिया, वह सदैव देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में आजाद हिन्द फौज ने देश की स्वतंत्रता के संघर्ष को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की। श्जय हिन्दश् और ‘दिल्ली चलो’ जैसे ओजस्वी नारों ने देशवासियों के हृदय में राष्ट्रप्रेम और स्वतंत्रता की भावना को और प्रबल किया। आजाद हिन्द फौज के वीर सेनानियों ने कठिन परिस्थितियों में भी मातृभूमि की स्वतंत्रता के संकल्प को सर्वाेपरि रखा।

उन्होंने कहा कि आजाद हिन्द फौज का इतिहास हमें सिखाता है कि राष्ट्र की स्वतंत्रता, स्वाभिमान और सम्मान की रक्षा के लिए दृढ़ संकल्प, एकता और त्याग की भावना आवश्यक है। इन वीर सेनानियों का संघर्ष केवल स्वतंत्रता प्राप्ति तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने आने वाली पीढि़यों को राष्ट्र के प्रति कर्तव्यनिष्ठा, साहस और समर्पण का अमूल्य संदेश दिया।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि आजाद हिन्द फौज के स्थापना दिवस पर हम सभी को उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान का स्मरण करते हुए राष्ट्र की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का संकल्प लेना चाहिए। विकसित और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण ही उन वीर सेनानियों के सपनों को साकार करने की दिशा में सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

श्री चौधरी ने आजाद हिन्द फौज से जुड़े सभी ज्ञात-अज्ञात वीर सेनानियों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए कहा कि मां भारती की स्वतंत्रता के लिए उनका अतुलनीय योगदान भारतीय इतिहास में सदैव स्वर्णाक्षरों में अंकित रहेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल से जशपुर में मजबूत हो रही सड़क एवं पुल अधोसंरचना….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार जशपुर जिले में सड़क संपर्क को मजबूत बनाने और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन की सुविधाओं का विस्तार करने के लिए पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में जशपुर-सन्ना मार्ग पर मरगा नाला में 4 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कराया जा रहा है। इस पुल के निर्माण से जशपुर जिले का सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों की ओर सड़क संपर्क और अधिक सुगम होगा। साथ ही स्थानीय नागरिकों, किसानों, विद्यार्थियों और अन्य यात्रियों को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से जशपुर में मजबूत हो रही सड़क एवं पुल अधोसंरचना

मरगा नाला पर वर्तमान में स्थित संकरी पुलिया के कारण लंबे समय से लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। पुलिया की चौड़ाई कम होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती थी और कई बार यातायात बाधित होने की स्थिति बन जाती थी। विशेष रूप से बड़े वाहनों के आवागमन के दौरान परेशानी होती थी। इन समस्याओं के समाधान के लिए मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। इसके पूर्ण होने से वाहनों के आवागमन में सहूलियत होगी और सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।

जशपुर से सरगुजा संभाग के अन्य जिलों तक बेहतर होगा सड़क संपर्क

जशपुर-सन्ना मार्ग क्षेत्र की महत्वपूर्ण सड़क संपर्क व्यवस्था का हिस्सा है। यह मार्ग जशपुर जिला मुख्यालय को सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों की ओर जाने वाले मार्गों से जोड़ता है। मरगा नाला पर उच्च स्तरीय पुल बनने से इन जिलों के बीच आवागमन अधिक सुविधाजनक होगा और क्षेत्रीय संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी।

पुल निर्माण से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के नागरिकों को शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आवागमन में सुविधा मिलेगी। किसानों को कृषि उपज बाजार तक पहुंचाने तथा व्यापारियों को माल परिवहन में भी सहूलियत होगी। इससे स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

जिले में 22 उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण के लिए 109 करोड़ रुपये स्वीकृत

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सड़क एवं पुल अधोसंरचना के विकास को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आवागमन की सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से 22 उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण के लिए लगभग 109 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इन पुलों के निर्माण से ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध होगा तथा लोगों को आवागमन में होने वाली कठिनाइयों से राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल से जशपुर में मजबूत हो रही सड़क एवं पुल अधोसंरचना

जशपुर जिले के अनेक ग्रामीण क्षेत्रों में नदी-नालों के कारण विशेष रूप से वर्षा ऋतु के दौरान आवागमन प्रभावित होता है। जलस्तर बढ़ने पर छोटी पुलिया और निचले मार्गों से गुजरना कठिन हो जाता है। ऐसे स्थानों पर उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण होने से वर्षभर सुरक्षित और सुचारु आवागमन की व्यवस्था विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे दूरस्थ गांवों की जिला मुख्यालय और अन्य प्रमुख स्थानों तक पहुंच अधिक सुविधाजनक होगी।

ग्रामीण विकास और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगी गति

जिले में उच्च स्तरीय पुलों का निर्माण केवल आवागमन की सुविधा बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने, विद्यार्थियों को शैक्षणिक संस्थानों तक आने-जाने और मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचने में आसानी होगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार सड़क एवं पुल निर्माण कार्यों को गति देकर दूरस्थ ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों को बेहतर परिवहन सुविधाओं से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। मरगा नाला पर निर्माणाधीन उच्च स्तरीय पुल इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति जताया आभार

मरगा नाला पर उच्च स्तरीय पुल के निर्माण कार्य में तेजी आने से क्षेत्रवासियों में उत्साह है। लंबे समय से संकरी पुलिया के कारण आवागमन की परेशानियों का सामना कर रहे ग्रामीणों को उम्मीद है कि नए पुल के निर्माण से उनकी समस्याओं का समाधान होगा और यात्रा अधिक सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनेगी।

क्षेत्रवासियों ने मरगा नाला पर 4.52 करोड़ रुपये की लागत से उच्च स्तरीय पुल निर्माण तथा जिले में सड़क संपर्क सुविधाओं के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर मरगा नाला में उच्च स्तरीय पुल निर्माण कार्य में तेजी, 4 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से बन रहा पुल, जशपुर से सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों तक आवागमन होगा सुगम…*

0

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर मरगा नाला में उच्च स्तरीय पुल निर्माण कार्य में तेजी*

*4 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से बन रहा पुल, जशपुर से सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों तक आवागमन होगा सुगम*

*सकरी पुलिया के कारण आवागमन में होती थी परेशानी, पुल निर्माण पूरा होने से क्षेत्रवासियों को मिलेगी बड़ी राहत*

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले में सड़क एवं पुल-पुलियों के निर्माण कार्यों को गति दी जा रही है। इसी कड़ी में सन्ना मार्ग स्थित मरगा नाला पर 4 करोड़ 52 लाख रुपये की लागत से उच्च स्तरीय पुल का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। पुल निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद क्षेत्र में आवागमन अधिक सुगम और सुरक्षित होगी।मरगा नाला पर पहले सकरी पुलिया होने के कारण आवागमन में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। संकरे मार्ग के कारण कई बार यातायात बाधित होने की स्थिति बन जाती थी। ऐसे में उच्च स्तरीय पुल का निर्माण पूरा होने से लोगों को इस समस्या से राहत मिलेगी और आवागमन की सुविधा बेहतर होगी।

*कई जिलों को जोड़ने वाले मार्ग को मिलेगी मजबूती*

सन्ना मार्ग जशपुर जिला मुख्यालय को सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों की ओर जाने वाले मार्गों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ऐसे में मरगा नाला पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्थानीय नागरिकों के साथ-साथ अन्य जिलों की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी।

*जिले में 22 उच्च स्तरीय पुलों के लिए 109 करोड़ रुपये की मिली है स्वीकृति*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले में 22 उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण के लिए कुल 109 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की है। इन निर्माण कार्यों से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में आवागमन की सुविधा बेहतर बनाने और सड़क संपर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी।मरगा नाला पर पुल निर्माण कार्य में तेजी आने से क्षेत्रवासियों में उम्मीद जगी है कि जल्द ही उन्हें संकरी पुलिया के कारण होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। पुल निर्माण से आवागमन सुगम होने की उम्मीद के बीच क्षेत्रवासियों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

रायपुर के ऐतिहासिक WRS मैदान में श्रीराम विजयादशमी उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय…

0

रायपुर के ऐतिहासिक WRS मैदान में श्रीराम विजयादशमी उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय…

धर्म और सत्य की विजय का संदेश देता है विजयादशमी पर्व, प्रभु श्रीराम के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रायपुर के ऐतिहासिक डब्ल्यूआरएस मैदान में आयोजित श्रीराम विजयादशमी उत्सव में सम्मिलित हुए। इस अवसर पर उन्होंने अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय के प्रतीक विजयादशमी पर्व की प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रभु श्रीराम के आदर्शों का स्मरण करते हुए कहा कि विजयादशमी का पावन पर्व हमें यह संदेश देता है कि सत्य और धर्म का मार्ग कितना भी कठिन क्यों न हो, अंततः विजय सत्य और धर्म की ही होती है। यह पर्व समाज में सदाचार, नैतिकता, न्याय और सकारात्मक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का संपूर्ण जीवन त्याग, मर्यादा, धैर्य, साहस और कर्तव्यनिष्ठा का सर्वोच्च आदर्श है। प्रभु श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लेकर प्रत्येक व्यक्ति को अपने आचरण में मानवीय मूल्यों को आत्मसात करना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाते हुए समाज में सद्भाव, समरसता और नैतिकता को मजबूत करें तथा सशक्त, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

विजयादशमी का यह पावन पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की शाश्वत विजय का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपने जीवन में सत्य, न्याय और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है।

ग्राम केरीबंधा के अंदरूनी खेतों में पहुंचकर कलेक्टर जयश्री जैन ने पीवी ऐप सर्वे कार्यो का किया औचक निरीक्षण….

रायपुर: कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन द्वारा जिले में चल रहे पीवी ऐप सर्वे कार्यो को पूरी गंभीरता से और निर्धारित समय सीमा में त्रुटि रहित प्रविष्टि पूर्ण किए जाने के लिए राजस्व विभाग, कृषि विभाग, पंचायत विभाग सहित सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। जिसके तहत आज कलेक्टर श्रीमती जैन द्वारा जनपद पंचायत सक्ती अंतर्गत ग्राम केरीबंधा के अंदरूनी खेतों में पहुँचकर पीवी ऐप के माध्यम से किए जा रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्यों का भौतिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर द्वारा ग्राम केरीबंधा में अर्जुनी फसल के भौतिक सत्यापन का निरीक्षण किया गया तथा आवश्यक निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सर्वे कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने सर्वे कार्य में लगे सर्वेयर सहित संबंधित राजस्व अधिकारियों, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूरी सावधानी एवं सटीकता के साथ त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सर्वे कार्य के दौरान किसी भी किसान का रकबा अथवा खसरा छूटने नहीं पाए। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान सभी आवश्यक जानकारियों का सही-सही संकलन सुनिश्चित किया जाए, ताकि डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप पूर्ण हो सके।

इस दौरान कलेक्टर ने उपस्थित किसानों से भी चर्चा कर सर्वे कार्य के संबंध में आवश्यक जानकारी ली। उन्होंने किसानों से सर्वे कार्य में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि पीवी ऐप सर्वे एवं एग्रीस्टैक पंजीयन से वंचित शेष किसान अपना पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि कोई भी पात्र किसान इस प्रक्रिया से छूटने न पाए। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सक्ती श्री सी के आदिले, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित संबंधित सरपंच, सचिव एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

कलेक्टर के निर्देशन में अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार सहित राजस्व एवं विभागीय अधिकारी पीवी ऐप से संबंधित कार्यों का कर रहे निरीक्षण कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन के निर्देशन में जिले में पीवी ऐप से संबंधित कार्यों की प्रगति एवं क्रियान्वयन की सतत निगरानी की जा रही है। इसके तहत अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार सहित राजस्व एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मैदानी स्तर पर पहुंचकर कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्यों की स्थिति का जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण किया जा सके।

ग्राम केरीबंधा के अंदरूनी खेतों में पहुंचकर कलेक्टर जयश्री जैन ने पीवी ऐप सर्वे कार्यो का किया औचक निरीक्षण….

रायपुर: कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन द्वारा जिले में चल रहे पीवी ऐप सर्वे कार्यो को पूरी गंभीरता से और निर्धारित समय सीमा में त्रुटि रहित प्रविष्टि पूर्ण किए जाने के लिए राजस्व विभाग, कृषि विभाग, पंचायत विभाग सहित सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। जिसके तहत आज कलेक्टर श्रीमती जैन द्वारा जनपद पंचायत सक्ती अंतर्गत ग्राम केरीबंधा के अंदरूनी खेतों में पहुँचकर पीवी ऐप के माध्यम से किए जा रहे डिजिटल क्रॉप सर्वे कार्यों का भौतिक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर द्वारा ग्राम केरीबंधा में अर्जुनी फसल के भौतिक सत्यापन का निरीक्षण किया गया तथा आवश्यक निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने सर्वे कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया। उन्होंने सर्वे कार्य में लगे सर्वेयर सहित संबंधित राजस्व अधिकारियों, कृषि विभाग, सहकारिता विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य पूरी सावधानी एवं सटीकता के साथ त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सर्वे कार्य के दौरान किसी भी किसान का रकबा अथवा खसरा छूटने नहीं पाए। उन्होंने कहा कि सर्वे के दौरान सभी आवश्यक जानकारियों का सही-सही संकलन सुनिश्चित किया जाए, ताकि डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप पूर्ण हो सके।

इस दौरान कलेक्टर ने उपस्थित किसानों से भी चर्चा कर सर्वे कार्य के संबंध में आवश्यक जानकारी ली। उन्होंने किसानों से सर्वे कार्य में सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि पीवी ऐप सर्वे एवं एग्रीस्टैक पंजीयन से वंचित शेष किसान अपना पंजीयन अवश्य कराएं, ताकि कोई भी पात्र किसान इस प्रक्रिया से छूटने न पाए। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत सक्ती श्री सी के आदिले, तहसीलदार, नायब तहसीलदार सहित संबंधित सरपंच, सचिव एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

कलेक्टर के निर्देशन में अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार सहित राजस्व एवं विभागीय अधिकारी पीवी ऐप से संबंधित कार्यों का कर रहे निरीक्षण कलेक्टर श्रीमती जयश्री जैन के निर्देशन में जिले में पीवी ऐप से संबंधित कार्यों की प्रगति एवं क्रियान्वयन की सतत निगरानी की जा रही है। इसके तहत अपर कलेक्टर, एसडीएम, तहसीलदार सहित राजस्व एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी मैदानी स्तर पर पहुंचकर कार्यों का निरीक्षण कर रहे हैं। निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा कार्यों की स्थिति का जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं, ताकि निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण किया जा सके।

अवेली में नल से जल ने आसान बनाई जिंदगी, 311 परिवारों को मिली राहत, 80 किलोलीटर क्षमता के जलागार से सुदृढ़ हुई गांव की पेयजल व्यवस्था…..

रायपुर: जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम अवेली में विकसित पेयजल व्यवस्था ग्रामीण परिवारों के जीवन में सुविधा लेकर आई है। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के खैरागढ़ विकासखंड स्थित इस गांव में 80 किलोलीटर क्षमता वाले जलागार और पाइपलाइन के माध्यम से 311 घरों तक नल से जल पहुँचाने की व्यवस्था की गई है। घर पर पानी उपलब्ध होने से दैनिक जरूरतों के लिए पानी जुटाना आसान हुआ है।

पेयजल की सुविधा का सीधा संबंध परिवार की दिनचर्या से है। खाना बनाने, बर्तन एवं कपड़े धोने और साफ-सफाई जैसे कार्यों के लिए पानी आवश्यक होता है। ग्राम अवेली में घरेलू नल कनेक्शन के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की पहल ने इन जरूरतों को पूरा करने में मदद की है। विशेष रूप से महिलाओं को पानी लाने में लगने वाले समय और श्रम से राहत मिली है। बचने वाले समय का उपयोग वे परिवार की देखभाल और अन्य उपयोगी कार्यों में कर सकती हैं।

योजना के अंतर्गत निर्मित 80 किलोलीटर क्षमता का जलागार गांव की पेयजल व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बना है। जल भंडारण एवं पाइपलाइन से घरों तक आपूर्ति की सुविधा ने ग्रामीण पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। घर में पानी की उपलब्धता से व्यक्तिगत स्वच्छता और घरेलू साफ-सफाई बनाए रखने में भी सहूलियत होती है।

जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक पर्याप्त एवं निर्धारित गुणवत्ता का पेयजल पहुँचाना है। ग्राम अवेली में विकसित यह व्यवस्था इसी उद्देश्य को धरातल पर साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यह पहल बताती है कि बुनियादी सुविधाओं का विस्तार ग्रामीण परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी को सरल बनाने में कितनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

पेयजल व्यवस्था का लाभ निरंतर मिलता रहे, इसके लिए जलागार एवं पाइपलाइन का नियमित रखरखाव, जल गुणवत्ता परीक्षण और पानी का विवेकपूर्ण उपयोग आवश्यक है। ग्रामीणों की सहभागिता तथा जल संरक्षण के प्रति जागरूकता से इस सुविधा को लंबे समय तक सुचारु बनाए रखा जा सकता है। ग्राम अवेली में 311 घरों तक नल से जल की पहुँच सुविधा, स्वच्छता और बेहतर जीवन की दिशा में एक सार्थक उपलब्धि है।