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*निर्माण गुणवत्ता में जरा भी लापरवाही नहीं चलेगी – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, दाढ़ी (बेमेतरा) सीसी रोड प्रकरण पर सख्त रुख: कलेक्टर को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश*

*निर्माण गुणवत्ता में जरा भी लापरवाही नहीं चलेगी – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

 

*दाढ़ी (बेमेतरा) सीसी रोड प्रकरण पर सख्त रुख: कलेक्टर को मामले की जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश*

 

रायपुर 2 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बेमेतरा जिले के नगर पंचायत दाढ़ी क्षेत्र में हाल ही में निर्मित सीसी रोड के अल्प समय में ही क्षतिग्रस्त होने संबंधी प्रकाशित समाचार को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि विकास कार्यों की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही पूर्णतः अस्वीकार्य है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने बेमेतरा की कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे प्रकरण की विस्तृत एवं समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संबंधित सीसी रोड का तकनीकी परीक्षण कर वास्तविक स्थिति का आकलन किया जाए तथा निर्माण में प्रयुक्त सामग्री, कार्य की गुणवत्ता और पर्यवेक्षण व्यवस्था की समग्र जांच की जाए।

 

मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि यदि जांच में गुणवत्ता में कमी, मानकों का उल्लंघन अथवा किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित ठेकेदार एवं जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही क्षतिग्रस्त सड़क का त्वरित रूप से पुनर्निर्माण कर आमजन को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी निर्देश दिए कि जिले में संचालित अन्य निर्माण कार्यों की भी विशेष समीक्षा की जाए, ताकि कहीं और इस प्रकार की स्थिति उत्पन्न न हो। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की मूल जिम्मेदारी है, और इसमें किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में लापरवाही करने वालों के विरुद्ध जवाबदेही तय होगी और कार्रवाई अनिवार्य होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि सतत मॉनिटरिंग, फील्ड निरीक्षण और प्रभावी गुणवत्ता नियंत्रण तंत्र के माध्यम से विकास कार्यों की विश्वसनीयता एवं टिकाऊपन सुनिश्चित किया जाए, ताकि जनता का विश्वास और अधिक सुदृढ़ हो सके।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार की मंशा स्पष्ट है – जनहित के प्रत्येक कार्य में गुणवत्ता, पारदर्शिता और उत्तरदायित्व सुनिश्चित किया जाए।

 

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशभर में निर्माण कार्यों की निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं ताकि आम नागरिकों को सुरक्षित, टिकाऊ और भरोसेमंद अधोसंरचना का लाभ मिल सके।

*आम जनता से शालीनता से पेश आएं अधिकारी – मुख्यमंत्री, लोगों की सुनें, लोगों को सुनाएं नहीं – मुख्यमंत्री का अधिकारियों को दो टूक निर्देश, शालीनता और संवेदनशीलता – यही हो प्रशासनिक अधिकारी की पहचान: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय…*

आम जनता से शालीनता से पेश आएं अधिकारी – मुख्यमंत्री

लोगों की सुनें, लोगों को सुनाएं नहीं – मुख्यमंत्री का अधिकारियों को दो टूक निर्देश

शालीनता और संवेदनशीलता – यही हो प्रशासनिक अधिकारी की पहचान: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय…

रायपुर, 1 मई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रशासनिक व्यवस्था को जनकेंद्रित और संवेदनशील बनाने के उद्देश्य से शासकीय अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश दिए हैं कि वे आमजन के साथ शालीनता, धैर्य और सम्मान के साथ व्यवहार करें। उन्होंने दो टूक कहा कि मुख्यालय और फील्ड स्तर पर शासकीय अधिकारी ही शासन का चेहरा होते हैं, इसलिए उनका आचरण शासन की छवि को प्रभावित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को सुनना प्रशासनिक अधिकारियों का पहला कर्तव्य है। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि वे जनता की समस्याओं को गंभीरता से सुनें और समाधान पर केंद्रित रहें। उन्होंने स्पष्ट किया कि संवाद तभी सार्थक है, जब उसमें संवेदना और समस्याओं का समाधान करने की नीयत हो।

उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विभागों में जनसमस्याओं के निराकरण को प्रभावी, सरल और भरोसेमंद बनाया जाए। जब कोई आम नागरिक किसी शासकीय कार्यालय पहुंचे, तो उसे यह महसूस होना चाहिए कि उसकी बात सुनी जा रही है और उसके साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सकारात्मक अनुभव ही जनता के मन में विश्वास पैदा करता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल आंकड़ों से नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर लोगों के अनुभव से मापी जाती है। इसलिए अधिकारी फील्ड में सक्रिय रहें, लोगों से सीधे संवाद करें और उनकी वास्तविक जरूरतों के अनुरूप कार्य करें। उन्होंने कहा कि संवेदनशीलता और तत्परता ही प्रशासन की असली ताकत है।

उन्होंने अधिकारियों से पारदर्शिता और जवाबदेही को अपने कार्य का मूल आधार बनाने की अपेक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे बनाए रखने के लिए ईमानदारी के साथ-साथ व्यवहार में शालीनता और विनम्रता भी जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सुशासन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि व्यवहार से स्थापित होता है। यदि अधिकारी जनता के साथ सरल, सहज, सहयोगात्मक और जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण का तरीका हर समय अपनाते हैं, तो प्रशासन स्वयमेव अधिक प्रभावी हो जाता है और शिकायतों की संख्या स्वतः कम होने लगती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना तभी साकार होगा, जब प्रशासन हर नागरिक के लिए सुलभ, संवेदनशील और सम्मानजनक बने। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे इस भावना को अपने कार्य का मूल मंत्र बनाकर आगे बढ़ें और हर व्यक्ति को यह अहसास दिलाएं कि सरकार उसके साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया कि सुशासन तिहार के दौरान वे स्वयं विभिन्न क्षेत्रों में आकस्मिक निरीक्षण करेंगे और अधिकारियों के कार्य के साथ-साथ उनके व्यवहार पक्ष का भी अवलोकन करेंगे।उन्होंने कहा कि जनसंपर्क के दौरान अधिकारियों की संवेदनशीलता, शालीनता और जवाबदेही को प्राथमिकता के साथ परखा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निराकरण के लिए “सुशासन तिहार 2026” का आयोजन 1 मई से 10 जून तक प्रदेशभर में किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर समाधान शिविर लगाए जाएंगे।इस दौरान पंचायत एवं वार्ड स्तर पर शिविरों में आवेदन स्वीकार कर जनसमस्याओं का निराकरण किया जाएगा। सुशासन तिहार में जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी रहेगी तथा स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा औचक निरीक्षण और जनसमस्याओं के निराकरण और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की जाएगी।

*हादसे में मृतक परिवार को बड़ी राहत: 2 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत, सीएम कैंप कार्यालय बगिया में लगाई थी गुहार, परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार…*

*हादसे में मृतक परिवार को बड़ी राहत: 2 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत, सीएम कैंप कार्यालय बगिया में लगाई थी गुहार, परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार*

जशपुरनगर। प्रदेश सरकार की जनहितकारी योजनाओं का असर अब जमीनी स्तर पर साफ नजर आने लगा है। तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत एक पीड़ित परिवार को बड़ी राहत मिली है। हादसे में मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की गई है, जिससे परिवार को इस कठिन समय में सहारा मिला है और उनकी आर्थिक स्थिति को कुछ मजबूती मिली है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम फरदबहार तहसील फरसाबहार निवासी स्वर्गीय विनोद साय की नदी में नहाने के दौरान अचानक पैर फिसल जाने से गंभीर चोट लग गई थी। हादसे में उनका पैर बुरी तरह घायल हो गया था। परिजनों द्वारा उन्हें तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और आर्थिक संकट भी गहरा गया।मृतक की पत्नी चिरंजीवी पैंकरा ने अपनी समस्या को लेकर बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय का रुख किया। उन्होंने आवेदन देकर तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत बीमा राशि दिलाने की मांग की। प्रारंभिक स्तर पर उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा था, जिससे परिवार को काफी परेशानी हो रही थी।मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित संज्ञान लिया और संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश दिए। प्रशासनिक पहल के बाद प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया गया और अंततः परिजनों को 2 लाख रुपए की बीमा राशि स्वीकृत कर दी गई। यह सहायता राशि मिलने से परिवार को बड़ी राहत मिली है।परिजनों ने इस सहयोग के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार ने उनके दुःख की घड़ी में संवेदनशीलता दिखाते हुए मदद की है। उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की कार्यप्रणाली की सराहना भी की।

*सीएम कैंप कार्यालय बगिया बना लोगों के लिए उम्मीद की किरण*

बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय अब आमजन के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभर रहा है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्रामीण और जरूरतमंद अपनी समस्याएं लेकर पहुंच रहे हैं। खास बात यह है कि यहां आने वाले आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है, जिससे लोगों को समय पर राहत मिल रही है।स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल, सड़क, राजस्व और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में लोगों को तत्काल समाधान मिलने लगा है। इससे ग्रामीणों का भरोसा शासन-प्रशासन के प्रति लगातार मजबूत हो रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें लंबे समय तक भटकना पड़ता था, लेकिन अब मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से उनकी समस्याओं का त्वरित और प्रभावी निराकरण हो रहा है। यही कारण है कि यह कार्यालय अब क्षेत्र में जनविश्वास का केंद्र बनता जा रहा है।

*प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि: जशपुर के 71,733 किसानों को मिला आर्थिक संबल, हर वर्ष 6 हजार रुपए की सहायता से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था, आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे किसान*

*प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि: जशपुर के 71,733 किसानों को मिला आर्थिक संबल*

*हर वर्ष 6 हजार रुपए की सहायता से मजबूत हो रही ग्रामीण अर्थव्यवस्था*

*आधुनिक खेती की ओर बढ़ रहे किसान*

जशपुरनगर 29 अप्रैल 2026/ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना छत्तीसगढ़ सहित देशभर के किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनकर उभरी है। यह योजना न केवल किसानों को नियमित वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें आधुनिक और वैज्ञानिक खेती की दिशा में भी प्रेरित कर रही है। जशपुर जिले में इस योजना का व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा है, जहां 71,733 किसान इससे प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रहे हैं। मार्च 2026 में इस योजना की 22वीं किश्त जारी की गई, जिसके अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 24 लाख 71 हजार किसानों के खातों में 498.83 करोड़ रुपये की राशि सीधे अंतरित की गई। यह राशि किसानों के लिए समय पर उपलब्ध वित्तीय सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किश्तों में सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। यह सहायता किसानों को खाद-बीज की खरीद, मजदूरी भुगतान एवं अन्य कृषि कार्यों में समय पर निवेश करने में सहायक सिद्ध हो रही है, जिससे खेती की निरंतरता और उत्पादकता बनी रहती है।

जशपुर जिले के कई किसान इस योजना से लाभान्वित होकर अपनी खेती को अधिक सुदृढ़ बना रहे हैं। साल्हेकेराडीह के किसान श्री नंदराम ने बताया कि वे पिछले कई वर्षों से इस योजना के लाभार्थी हैं और प्रत्येक किश्त से उन्हें कृषि कार्यों के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में मदद मिलती है। इससे खेती का कार्य बिना बाधा के चलता है और आय में भी स्थिरता बनी रहती है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इस योजना को किसानों के लिए वरदान बताया।

यह योजना किसानों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं देती, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित करती है। किसान अब परंपरागत खेती के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर उत्पादन बढ़ा रहे हैं और अपनी आय में भी वृद्धि कर रहे हैं। इससे न केवल किसानों का जीवन स्तर बेहतर हो रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।जशपुर जिले में बड़ी संख्या में किसानों तक योजना का लाभ पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि शासन की योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित हो रही हैं। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना निश्चित रूप से किसानों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और कृषि विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बनकर उभरी है।

*मुख्यमंत्री श्री साय ने बगिया में जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं, आवेदनों का गंभीरता से निराकरण करने के दिए निर्देश…*

समाचार

*मुख्यमंत्री श्री साय ने बगिया में जनदर्शन में सुनी आमजनों की समस्याएं*

*आवेदनों का गंभीरता से निराकरण करने के दिए निर्देश*

जशपुरनगर 22 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विगत देर शाम अपने गृह ग्राम बगिया में जनदर्शन आयोजित कर आम नागरिकों से सीधे संवाद किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, किसान और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि अपनी मांगों और समस्याओं के साथ उपस्थित हुए। मुख्यमंत्री ने सभी की बातों को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवेदनों का गंभीरता से परीक्षण कर शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की योजनाएं जनता की सुविधा और विकास के लिए हैं, इसलिए प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक इनका लाभ समय पर पहुँचना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे समस्याओं के समाधान में संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दें ताकि आमजन को अनावश्यक कठिनाई का सामना न करना पड़े। इस दौरान कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी श्री लाल उमेद सिंह, अन्य अधिकारीगण सहित आमजन मौजूद रहे

जनदर्शन के दौरान प्राप्त कई आवेदनों में तत्काल कार्रवाई करते हुए समाधान किया गया। मुख्यमंत्री ने मौके पर ही कुछ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और संबंधित विभागों को जनहित के प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने को कहा। कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दौरान ग्रामीणों से आत्मीय संवाद करते हुए कहा कि शासन जनता के साथ है और हर समस्या का समाधान प्राथमिकता से किया जाएगा।

*साय सरकार की बड़ी पहल ,अब गांव की लो वोल्टेज दूर करने 133 नए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की होगी स्थापना, सीएम साय का जताया आभार….*

साय सरकार की बड़ी पहल ,अब गांव की लो वोल्टेज दूर करने 133 नए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की होगी स्थापना, सीएम साय का जताया आभार….

जशपुरनगर। जिले के लोगों के लिए राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से लो वोल्टेज की समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों को अब जल्द ही इस परेशानी से निजात मिलने वाली है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जिले के 133 गांव, नगर एवं टोला-मुहल्लों में अतिरिक्त ट्रांसफार्मर स्थापित किए जाएंगे।जिससे जिले की बिजली आपूर्ति में सुधार होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार होने वाली बिजली की समस्या का स्थायी समाधान मिल सकेगा। खासकर किसानों, छात्रों और छोटे व्यवसायियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

*विद्युत के क्षेत्र में जशपुर को मिल चुकी है कई बड़ी सौगात*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले को विद्युत विकास के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है।400 केवी उपकेंद्र कुनकुरी के हर्राडांड में प्रदेश का 5वां सबसे बड़ा 400/220 केवी का अत्याधुनिक उपकेंद्र स्थापित किया जा रहा है।साथ ही नए सब-स्टेशन (33/11 KV): ये सब-स्टेशन सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े, पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा सहित अन्य स्थानों पर निर्मित किए जाएंगे।एवं उच्च क्षमता केंद्र– फरसाबहार और झिक्की बगीचा में 132/33 केवी के सब-स्टेशन स्वीकृत हैं।

*विकास को मिलेगी नई गति, जिलेवासियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार*

इन योजनाओं के लागू होने से बिजली की गुणवत्ता में सुधार होगा साथ ही लो वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या खत्म होगी
औद्योगिक एवं कृषि कार्यों को गति मिलेगी तथा ग्रामीण जीवन स्तर में सुधार आएगा, विद्युत विभाग में बड़ी सौगात मिलने के बाद जिले भर में खुशी का माहौल है।स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।

*छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय…*

*छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

रायपुर 6 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के कुनकुरी के सालियाटोली में आयोजित भव्य संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन और चरित्र का उल्लेख करते हुए उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस पावन अवसर पर व्यासपीठ पर विराजमान परम पूज्य संत श्री चिन्मयानंद बापूजी को सादर नमन करते हुए कहा कि आज कुनकुरी की यह पावन धरा धन्य हो गई है। उन्होंने कहा कि सालियाटोली का यह स्टेडियम श्रीराम कथा के रसपान से साक्षात श्रीराम का धाम बन गया है और चारों ओर ‘जय श्रीराम’ की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से अत्यंत गहरा संबंध है। यह माता कौशल्या की पावन धरती है और भगवान श्रीराम का ननिहाल है, जहाँ वे भांजे के रूप में घर-घर में पूजे जाते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्ष के वनवास का अधिकांश समय दंडकारण्य क्षेत्र एवं छत्तीसगढ़ के जंगलों में बिताया, जिससे यहाँ के कण-कण में राम की उपस्थिति अनुभव होती है। वनवास काल से जुड़े सीता रसोई जैसे अनेक पवित्र स्थल आज भी इस भूमि की आध्यात्मिक विरासत के साक्षी हैं।

उन्होंने कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम उस कालखंड में जीवन जी रहे हैं, जब अयोध्या में भगवान श्रीराम की पुनः प्रतिष्ठा हुई है। श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा ने पूरे भारत को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दृढ़ संकल्प से संभव हो सका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने यह संकल्प लिया था कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को श्रीरामलला के दर्शन कराए जाएंगे। इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने गठन के साथ ही श्री रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की, जिसके माध्यम से अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय जनमानस के कण-कण में विराजमान हैं। जांजगीर क्षेत्र में रामभक्ति का विशेष स्वरूप देखने को मिलता है, जहाँ रामनामी समुदाय के लोग अपने रोम-रोम में राम का नाम बसाए हुए हैं और अपनी आस्था के प्रतीक स्वरूप अपने शरीर पर ‘राम-राम’ का गोदना अंकित कराते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ से 300 मीट्रिक टन सुगंधित चावल और 100 टन से अधिक हरी सब्जियां अयोध्या भेजी गई थीं। यह विशेष भोग ननिहाल के प्रेम और 500 वर्षों के संघर्ष के पश्चात प्रभु की स्थापना के उपलक्ष्य में समर्पित किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ से गई डॉक्टरों की टीम एवं मेडिकल स्टाफ ने अयोध्या में रामभक्तों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है, जिसके सख्त प्रावधानों के माध्यम से इस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्रीमती संयोगिता सिंह जूदेव, श्री सुनील गुप्ता, श्री उपेंद्र यादव, श्री सुनील अग्रवाल, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

*2 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की भक्तिधारा 8 अप्रैल तक रहेगी प्रवाहित*

परम पूजनीय संत चिन्मयानंद बापूजी के श्रीमुख से 2 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की पावन भक्तिधारा 8 अप्रैल तक निरंतर प्रवाहित होती रहेगी। इस दिव्य आयोजन में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचकर कथा का रसपान कर रहे हैं। श्रीराम कथा महोत्सव के आयोजन से कुनकुरी सहित आसपास के समूचे क्षेत्र में गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है। श्रद्धालुजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्तिभाव के साथ कथा श्रवण कर प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प ले रहे हैं।

*भक्ति, आस्था और उत्साह का बना अद्भुत संगम, राम नाम की गूंज से भक्तिमय हुआ कुनकुरी नगर…*

*भक्ति, आस्था और उत्साह का बना अद्भुत संगम, राम नाम की गूंज से भक्तिमय हुआ कुनकुरी नगर*

*श्रद्धालुओं ने भाव विभोर होकर सुना भगवान श्रीराम का जन्म प्रसंग, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए संत का आह्वान*

कुनकुरी। यहां के सलिहाटोली में आयोजित 7 दिवसीय श्री राम कथा आयोजन के तीसरे दिन का दृश्य अत्यंत श्रद्धामय और भावुक रहा। पूजनीय संत चिन्मयानंद बापू ने भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का ऐसा मार्मिक वर्णन किया कि कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति में डूब गए। जैसे ही राम जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।संत ने बताया कि भगवान श्रीराम के जन्म के समय संपूर्ण सृष्टि आनंद में डूबी हुई थी। देवी-देवता विभिन्न रूप धारण कर अयोध्या पहुंचे थे और प्रकृति स्वयं इस दिव्य अवतार के स्वागत में सजी थी। उस काल में समाज में सुख, शांति और समरसता थी—वही सच्चे रामराज्य की झलक थी।कथा के दौरान उन्होंने भक्ति में भाव की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि भगवान एक ही हैं, किंतु भक्त जिस रूप में उन्हें मानता है, ईश्वर उसी रूप में दर्शन देते हैं। सच्चे मन और भाव से की गई भक्ति ही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग है।
इस अवसर पर संत ने धर्मांतरण के विषय पर भी स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि सनातन धर्म में धर्मांतरण का कोई स्थान नहीं है। इसमें सदैव धर्म के आचरण और मूल्यों को सर्वोपरि माना गया है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि किसी भी परिस्थिति में अपने पूर्वजों के धर्म का त्याग नहीं करना चाहिए। जो लोग किसी कारणवश दूसरे धर्म में चले गए हैं, उनके पुनः सनातन धर्म में लौटने पर उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाना चाहिए।संत ने “धर्मो रक्षति रक्षितः” का संदेश देते हुए कहा कि जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। उन्होंने भारत की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के अनेक वीरों ने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है।कथा के दौरान क्षेत्र के वीर शहीद बख्तर सिंह एवं मुंडन सिंह के अद्वितीय बलिदान का भी स्मरण किया गया। संत ने बताया कि इन क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अपने क्षेत्र और धर्म की रक्षा की तथा विदेशी प्रभाव को स्वीकार नहीं किया।इस भव्य आयोजन के लिए संत ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उनकी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय को साधुवाद देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। विशेष रूप से क्षेत्र में धार्मिक जागरूकता बढ़ाने में उनके योगदान को सराहा गया।पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। भक्ति, श्रद्धा और जय श्रीराम के जयघोष से पूरा कुनकुरी राममय हो उठा।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी 5 सड़कों के लिए 16 करोड़ 30 लाख की मंजूरी,क्षेत्र वासियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार…*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी 5 सड़कों के लिए 16 करोड़ 30 लाख की मंजूरी,क्षेत्र वासियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार…*

जशपुरनगर। जिले में सड़क विकास को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 5 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण के लिए लगभग 16 करोड़ 30 लाख रुपये की बड़ी सौगात दी है। इससे क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में आवागमन सुगम होगा और विकास को मजबूती मिलेगी।सड़क निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद क्षेत्र वासियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है। जिले के तिरसोठ से सत्तिपारा आंगनबाड़ी भवन से बटूराबहार गांधी चौक तक मार्ग निर्माण के लिए 2 करोड़ 27 लाख,
बेल्डेगी के नवापारा से चन्द्रपुर मार्ग निर्माण के लिए 2 करोड़ 98 लाख, NH 43 से छुरीपहरी चौराअम्मा मार्ग निर्माण के लिए 2 करोड़ 48 लाख,खुटगांव से घोघरजोर पहुँच मार्ग निर्माण के लिए 4 करोड़ 52 लाख,दूदूगजोर से पालीडीह तक मार्ग निर्माण के लिए 4 करोड़ 5 लाख रूपये की मंजूरी दी गई है ।इन सड़कों के निर्माण से जिले के दूरस्थ गांवों को मुख्य मार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों में इस मंजूरी को लेकर उत्साह का माहौल है और इसे विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिले को सड़क निर्माण के लिए करोड़ों की दी सौगात

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के सड़कों के निर्माण के लिए पिटारा खोल दिया है,अब तक सड़क निर्माण के लिए एक हजार करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि की मंजूरी मिल चुकी है।जिससे पहुंच विहीन दूरस्थ गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने की दिशा में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं,सड़क की गुणवत्ता को लेकर भी सीएम साय ने उच्च अधिकारियों को भी लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर चुके हैं।साथ ही सड़क निर्माण गुणवत्ता के साथ समय सीमा पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।जिले के लिए कई सड़कों का निर्माण कार्य शुरू हो चुकी है , जिससे आवागमन को लेकर राजगीरों को बड़ी सुविधा मिलने जा रही है।

*डीजल पर एक्साइज ड्यूटी समाप्त, पेट्रोल पर ₹10 की कटौती—केंद्र सरकार के फैसले का मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत, मुख्यमंत्री ने कहा—140 करोड़ नागरिकों को सीधी राहत देने वाला ऐतिहासिक निर्णय, प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का परिचायक*

*डीजल पर एक्साइज ड्यूटी समाप्त, पेट्रोल पर ₹10 की कटौती—केंद्र सरकार के फैसले का मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत*

*मुख्यमंत्री ने कहा—140 करोड़ नागरिकों को सीधी राहत देने वाला ऐतिहासिक निर्णय, प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का परिचायक*

रायपुर 27 मार्च 2026/ केंद्र सरकार द्वारा डीजल को एक्साइज ड्यूटी से मुक्त करने और पेट्रोल पर ₹10 प्रति लीटर की कटौती करते हुए एक्साइज ड्यूटी को मात्र ₹3 प्रति लीटर करने के निर्णय का मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे देश के 140 करोड़ नागरिकों को सीधी राहत पहुंचाने वाला ऐतिहासिक और जनहितकारी कदम बताया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस निर्णय से देश के प्रत्येक परिवार, किसान, श्रमिक और मध्यमवर्ग को व्यापक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के इस दौर में भी केंद्र सरकार द्वारा आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न बढ़ने देना एक बड़ी संवेदनशील पहल है, जो आमजन के जीवन को सीधे प्रभावित करेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए छत्तीसगढ़ की समस्त जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्णय ले रही है। यह फैसला प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता, संवेदनशीलता और देशवासियों के प्रति समर्पण का सशक्त उदाहरण है।