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सरदार पटेल के आदर्शों पर चलकर सुरक्षित, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारा संकल्प – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा….

रायपुर: लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी वाहिनी, माना में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा मुख्य रूप से शामिल हुए। उन्होंने परेड की सलामी ली, मार्च पास्ट का अवलोकन किया तथा उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व से 560 से अधिक देशी रियासतों का भारतीय संघ में एकीकरण कर अखंड भारत की आधारशिला रखी। उनका जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्रीय एकता केवल भौगोलिक सीमाओं का एकीकरण नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र के प्रति विश्वास, समर्पण और साझा जिम्मेदारी की भावना का निर्माण भी है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के आदर्श आज भी देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं।

*नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता, बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय*

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस का यह अवसर छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। एक समय देश के 126 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित थे। आज केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद के प्रभाव को समाप्त करने की दिशा में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि कभी नक्सली हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर के दूरस्थ अंचलों में आज शांति, सुरक्षा और विकास की नई उम्मीद जगी है। हमारे वीर जवानों ने कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए बस्तर में शांति स्थापना की मजबूत आधारशिला रखी है। यह सफलता केवल सुरक्षा बलों की उपलब्धि नहीं, बल्कि बस्तर की जनता के विश्वास, सहयोग और शांति की आकांक्षा का भी परिणाम है।

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस परेड समारोह में शामिल हुए गृह मंत्री श्री विजय शर्मा

गृह मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत करना नहीं, बल्कि बस्तर के प्रत्येक गांव तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसर पहुंचाना है। बस्तर के जनजातीय समुदायों की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बस्तर के नागरिक केवल विकास योजनाओं के लाभार्थी नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र के शांतिपूर्ण, समृद्ध और उज्ज्वल भविष्य के प्रमुख भागीदार हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने जिस अखंड, सशक्त और एकजुट भारत का स्वप्न देखा था, उसे साकार करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने आह्वान किया कि राष्ट्रीय एकता दिवस पर हम सभी शांति, सुरक्षा, सामाजिक समरसता और विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करने का संकल्प लें।

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस परेड समारोह में शामिल हुए गृह मंत्री श्री विजय शर्मा

*उप मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, छायाचित्र प्रदर्शनी का किया अवलोकन*

राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नक्सली हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों की स्मृति में लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने शहीद जवानों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके सर्वाेच्च बलिदान को नमन किया। प्रदर्शनी में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान पुलिस बल की कार्यप्रणाली, जवानों के शौर्य, साहस और बलिदान के साथ पुलिस विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी गतिविधियों को भी प्रदर्शित किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में स्थापित हो रही शांति के पीछे हमारे वीर जवानों का अदम्य साहस, त्याग और बलिदान है। देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले शहीदों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

*गुजरात के एकता नगर में छत्तीसगढ़ के वीर जवानों ने दिखाया शौर्य, अनुशासन और पराक्रम*

समारोह के दौरान गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड के सीधे प्रसारण का भी सामूहिक अवलोकन किया गया। इस राष्ट्रीय परेड में वामपंथी उग्रवाद का मुकाबला करने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के जवानों ने अपने अनुशासन, साहस और समर्पण का प्रदर्शन किया।

इस ऐतिहासिक परेड में छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों ने भी भाग लेकर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। परेड में छत्तीसगढ़ पुलिस के डीएसपी श्री बृज किशोर यादव ने टू-आईसी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। डीएसपी सुश्री अमृता पैंकरा के नेतृत्व में बस्तर फाइटर्स की महिला कमांडो, डीएसपी श्री कुलदीप बंजारे के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) तथा डीएसपी श्री ओमप्रकाश सिंह के नेतृत्व में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के जवानों ने मार्च पास्ट में भाग लिया। नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन बलों की राष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता छत्तीसगढ़ के लिए विशेष गौरव का अवसर रही।

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस परेड समारोह में शामिल हुए गृह मंत्री श्री विजय शर्मा

*नाट्य मंचन में जीवंत हुई नक्सलवाद के विरूद्ध संघर्ष से शांति और विकास तक की यात्रा*

राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष और शांति स्थापना की यात्रा पर आधारित विशेष नाट्य प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। नाट्य मंचन में नक्सलवाद के उदय, उसके कारण उत्पन्न परिस्थितियों, सुरक्षा बलों के साहसिक अभियानों, वीर जवानों के बलिदान तथा जनता की भावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसमें छतीसगढ़ के बस्तर के युवा भी कलाकार के रूप में शामिल हुए। प्रस्तुति के माध्यम से वामपंथी उग्रवाद के भय और हिंसा से निकलकर शांति, विश्वास और विकास की ओर बढ़ने की यात्रा को जीवंत किया गया। उपस्थित जनसमूह ने इस भावपूर्ण प्रस्तुति की सराहना की। माना पुलिस ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों और आम नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

इस अवसर पर विधायक श्री सुनील सोनी एवं श्री मोतीलाल साहू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रदीप गुप्ता एवं श्री अमित कुमार, पुलिस महानिरीक्षक श्री अंकित गर्ग सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, शहीद जवानों के परिजन, स्कूली बच्चे तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वर्गीय विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को दी अंतिम विदाई…..

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बालोद जिले के ग्राम भेंडरा पहुंचे, जहां उन्होंने अहिवारा विधायक स्वर्गीय श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री श्री साय उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए और उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री कोर्सेवाड़ा के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका निधन पूरे क्षेत्र की जनता और व्यक्तिगत रूप से उनके लिए अत्यंत पीड़ादायक है। स्वर्गीय श्री कोर्सेवाड़ा का सरल व्यक्तित्व, आत्मीय व्यवहार और जनसेवा के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वर्गीय विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को दी अंतिम विदाई

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

लाल आतंक से मुक्ति के बाद शांति, विश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री साय

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से मिली ऐतिहासिक सफलता

वर्ष 2047 तक समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का मुख्यमंत्री श्री साय ने किया आह्वान

रायपुर | मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस 1 नवम्बर के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्थापना के 26 वर्ष पूरे होना हम सभी के लिए गौरव का अवसर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प से छत्तीसगढ़ राज्य का सपना साकार हुआ। पृथक राज्य के गठन से प्रदेशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं को नई पहचान मिली तथा विकास की नई संभावनाओं के द्वार खुले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धेय अटल जी के समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को साकार करने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष का राज्योत्सव अनेक मायनों में ऐतिहासिक और विशेष है। यह पहला राज्योत्सव है, जब छत्तीसगढ़ लाल आतंक से मुक्त होकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सशक्त नेतृत्व, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के दृढ़ संकल्प और डबल इंजन सरकार के निरंतर प्रयासों से यह ऐतिहासिक उपलब्धि संभव हुई है। उन्होंने कहा कि इस सफलता में हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान का अविस्मरणीय योगदान है, जिसे प्रदेश सदैव कृतज्ञतापूर्वक स्मरण करेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प छत्तीसगढ़ के हर गांव में खुशहाली लाना, प्रत्येक युवा को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संसाधनों और जनशक्ति के सामर्थ्य के साथ छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस का यह पावन अवसर अपनी उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ ही उज्ज्वल भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर वर्ष 2047 तक एक समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें तथा इसे साकार करने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

रायगढ़ के युवा क्रिकेटर अनूप चौबे का छत्तीसगढ़ की अंडर-16 क्रिकेट टीम में चयन, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने दी बधाई…..

रायपुर: रायगढ़ जिले के प्रतिभावान युवा क्रिकेटर अनूप चौबे का छत्तीसगढ़ राज्य की अंडर-16 क्रिकेट टीम में चयन होने पर प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि कम उम्र में राज्य स्तरीय क्रिकेट टीम में स्थान बनाना अनूप की कड़ी मेहनत, समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का परिणाम है। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे रायगढ़ जिले के लिए गर्व और हर्ष का विषय है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ के युवाओं में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है उन्हें सही अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन प्रदान करने की। अनूप चौबे ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित किया है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर अभ्यास के बल पर कम उम्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

श्री चौधरी ने कहा कि अनूप का राज्य की अंडर-16 क्रिकेट टीम में चयन जिले के अन्य उभरते खिलाडि़यों के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अनूप आने वाले समय में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर भी रोशन करेंगे।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अनूप चौबे के उज्ज्वल क्रिकेट करियर की कामना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके खेल जीवन की एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। उन्होंने अनूप के परिजनों, प्रशिक्षकों और शुभचिंतकों को भी बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त से सरगुजा के 87,796 किसानों को मिले 18.10 करोड़ रुपये….

रायपुर: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी होने के अवसर पर 24 अक्टूबर को कृषि विज्ञान केंद्र, सरगुजा में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम एवं सांसद श्री चिंतामणि महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा जिले से देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 18 हजार 680 करोड़ रुपये की सम्मान निधि हस्तांतरित की। इसके अंतर्गत सरगुजा जिले के 87 हजार 796 किसानों को 18.10 करोड़ रुपये की राशि का लाभ मिला।

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं लगभग 200 किसानों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण देखा। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कृषि अवसंरचना के अंतर्गत विकसित 521 इकाइयां राष्ट्र को समर्पित कीं तथा 12 हॉर्टिकल्चर क्लस्टर का शुभारंभ किया।

किसानों को आर्थिक संबल दे रही पीएम किसान सम्मान निधि योजना – कृषि मंत्री श्री नेताम

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की महत्वपूर्ण पहल है। योजना के तहत मिलने वाली राशि से किसानों को खेती-किसानी के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में सहायता मिल रही है। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा शासन की कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

इस दौरान किसानों की मांग पर कृषि मंत्री श्री नेताम ने कृषि विज्ञान केंद्र, सरगुजा में नवीन प्रशिक्षण भवन निर्माण की घोषणा की। इससे किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों एवं उन्नत खेती का प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण से बढ़ेगी किसानों की आय – सांसद श्री चिंतामणि महाराज

सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने किसानों को प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक और फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उन्नत कृषि पद्धतियों के उपयोग से उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

अम्बिकापुर : पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त से सरगुजा के 87,796 किसानों को मिले 18.10 करोड़ रुपये

जिला पंचायत की कृषि स्थायी समिति की अध्यक्ष श्रीमती दिव्या सिंह सिसोदिया ने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को कम करने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह ने किसानों को मिट्टी परीक्षण के आधार पर अनुशंसित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करने तथा मृदा स्वास्थ्य सुधार के लिए ढेंचा जैसी फसलों को अपनाने की सलाह दी।

किसानों को सरसों बीज का वितरण, उन्नत कृषि तकनीकों की दी गई जानकारी

कार्यक्रम में राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के अंतर्गत किसानों को अतिथियों द्वारा सरसों बीज का वितरण किया गया। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों ने योजना से प्राप्त राशि के उपयोग और खेती में मिल रहे लाभ के अनुभव साझा किए। इस दौरान किसानों को खेत बचाओ अभियान से जुड़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को नवीन कृषि तकनीकों, उन्नत फसल उत्पादन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी।

इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संदीप शर्मा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए केंद्र की गतिविधियों एवं किसानों तक उन्नत कृषि तकनीक पहुंचाने के प्रयासों की जानकारी दी। उप संचालक कृषि श्री पी.एस. दीवान ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना की प्रगति का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का संचालन श्री सूर्य प्रकाश गुप्ता एवं आभार प्रदर्शन श्री जहांगीर आलम ने किया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक श्री पी.आर. पैकरा, डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, डॉ. विवेक कुमार शांडिल्य, श्री लीलाधर साहू, श्री वीरेंद्र कुमार सहित सरगुजा एवं सूरजपुर जिले के कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा लगभग 200 किसान उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया…..

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया है कि श्री कोर्सेवाड़ा के निधन की सूचना से वे स्तब्ध हैं। सरल व्यक्तित्व, जनसरोकारों के प्रति संवेदनशीलता और संगठन के प्रति अटूट निष्ठा उनकी विशेष पहचान रही। क्षेत्र की जनता के सुख-दुःख में सदैव साथ खड़े रहने वाले श्री कोर्सेवाड़ा का निधन हम सभी के लिए गहरी पीड़ा का विषय है। उनका योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रभु श्रीराम से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा शोकसंतप्त परिजनों और उनके सभी स्नेहीजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की प्रार्थना की है।

बैलाडिला बुल्स ने 6-2 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह पक्की की, पहले सेमीफाइनल में संस्कारधानी का मुकाबला न्यायधानी से…

रायपुर: बैलाडिला बुल्स के लिए अपने आखिरी लीग मैच में इससे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद नहीं की जा सकती थी। आज की जीत ही उसे सेमीफाइनल में पहुंचा सकती थी। टीम ने उम्दा प्रदर्शन करते हुए चक्रधर चैंपियंस को 6-2 से करारी शिकस्त देकर सेमीफाइनल में जगह बनाई।

बैलाडिला बुल्स ने 6-2 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह पक्की की

इस परिणाम के साथ ही संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने भी टूर्नामेंट के नॉकआउट चरण में अपनी जगह पक्की कर ली। अब टॉप क्वालीफायर के रूप में न्यायधानी नाइट्स 31 अक्टूबर को शाम 5:30 बजे संस्कारधानी का सामना करेगी, जबकि इसके बाद शाम 7:30 बजे बैलाडिला और मैनपाट के बीच दूसरा सेमीफाइनल होगा।

बैलाडिला बुल्स ने 6-2 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह पक्की की

मैच शुरू होने से पहले चिंगलेनसाना सिंह की टीम के सामने ‘करो या मरो’ जैसी स्थिति थी, और उन्होंने शानदार प्रदर्शन करके दिखाया। आनंद ने पहले ही मिनट में गोल करके अपनी टीम के इरादे साफ कर दिए। उन्होंने शुरुआती हमले में एक ‘रिवर्स फ्लिक’ लगाई, जो सीधे नेट में जाकर लगी। बुल्स ने गोल करने के लिए जबरदस्त जज्बा दिखाया, खासकर पहले मैच में मिली हार के बाद। पहले क्वार्टर का सबसे अहम पल वह था जब डलेश्वर यादव ने युवराज वाल्मीकि के खिलाफ एक ‘पेनल्टी स्ट्रोक’ को बचा लिया, जिसने चैंपियंस को गोल करने से रोक दिया।

वहीं बुल्स ने अपने मिले मौके को गोल में बदल दिया। जसकरण सिंह ने लीग में अपना 7वां गोल किया और टीम की बढ़त को 2-0 कर दिया। कुछ मिनट बाद उन्होंने एक पेनल्टी कॉर्नर के जरिए अपना तीसरा गोल दागा।

इस अहम मुकाबले में जसकरण यहीं नहीं रुके। उन्होंने तीसरे क्वार्टर में एक पेनल्टी कॉर्नर के जरिए अपना चौथा गोल किया। आनंद भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने चैंपियंस के कुछ डिफेंडरों को छकाते हुए एक और गोल कर दिया। इसके तुरंत बाद गोपाल ने पेनल्टी कॉर्नर रिबाउंड पर गोल किया, जिससे उनका गोल अंतर +2 हो गया और सेमीफाइनल में उनकी जगह पक्की हो गई।

चक्रधर के लिए यह बहुत निराशाजनक रहा। हालांकि एस.वी. सुनील ने अपनी टीम के लिए मौके बनाए, लेकिन फॉरवर्ड लाइन के बीच तालमेल की कमी दिखी। कप्तान ने सर्कल के अंदर कुछ बेहतरीन पास दिए, लेकिन गेंद को गोल में मोड़ने (डिफ्लेक्ट करने) के लिए वहां कोई मौजूद नहीं था। किसी तरह दूसरे क्वार्टर में खोगेश्वर बाग ने एक गोल कर दिया। आखिरी क्वार्टर के अंत में वाल्मीकि ने रिवर्स हिट से गोल किया, लेकिन यह उन्हें सेमीफाइनल तक पहुंचाने के लिए काफी नहीं था। असल में, इन दो गोलों के अलावा, ‘चैंपियंस’ टीम सर्कल के अंदर बहुत कम बार पहुंच पाई।

*संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने मैनपाट टाइटन्स को 4-0 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई*

शमशेर की टीम ‘संस्कारधानी स्ट्राइकर्स’ ने मजबूत ‘मैनपाट टाइटन्स’ के खिलाफ उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया और अपने आखिरी लीग मैच में उन्हें 4-0 से हरा दिया। हालांकि उनका सेमीफाइनल में पहुंचना काफी हद तक ‘बुल्स’ और ‘चक्रधर’ के बीच होने वाले मैच पर निर्भर था, लेकिन कुल मिलाकर उन्होंने अपना काम बखूबी कर दिया था।

आशीष तानी पूर्ति ने हैट्रिक लगाई, जिससे उनके कुल गोलों की संख्या 12 हो गई। इससे स्ट्राइकर्स का गोल अंतर +2 बना रहा, जिससे सेमीफाइनल में पहुंचने की उनकी संभावना और मजबूत हो गई। मैच के चारों क्वार्टर की बात करें तो संस्कारधानी ने शुरुआत में काफी संभलकर खेला, लेकिन उनका सामना टाइटन्स से था, जिनके पास टूर्नामेंट की सबसे बेहतरीन डिफेंस लाइन है। लीग के 14वें मैच के पहले तक उन्होंने केवल 7 गोल खाए थे।

बैलाडिला बुल्स ने 6-2 से जीत दर्ज कर सेमीफाइनल में जगह पक्की की

लेकिन दूसरे क्वार्टर की शुरुआत में ही आशीष ने एक जोरदार ड्रैग-फ्लिक के जरिए स्ट्राइकर्स के लिए गोल का खाता खोला, जिसे प्रदीप मोर भी नहीं रोक पाए। इसके बाद कुछ और मौके मिले, लेकिन उन्हें भुनाया नहीं जा सका और स्कोर स्ट्राइकर्स के पक्ष में 1-0 पर ही अटका रहा। आशीष ने एक बार फिर उसी अंदाज़ में गोल किया – इस बार तीसरे क्वार्टर में।

उन्होंने एक और पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर अपनी टीम की बढ़त और बढ़ा दी, और इस बार टाइटन्स के डिफेंस के पास कोई मौका नहीं था। खेल के बिल्कुल आखिरी पलों में स्ट्राइकर्स को एक फील्ड गोल भी मिला। शाहरुख ने पास दिया और ओम कुमार यादव ने गेंद को गोल पोस्ट के अंदर पहुँचा दिया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माताजी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की पूज्य माताजी श्रीमती काशी बाई जी के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट किया है कि माताजी के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है। माँ का स्नेह और आशीर्वाद जीवन का सबसे बड़ा संबल होता है। उनका जाना परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। दुःख की इस घड़ी में उनकी गहरी संवेदनाएँ केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान एवं समस्त शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बाबा महाकाल से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने तथा शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।

महतारी वंदन से बेटी पढ़ाओ को मिल रहा संबल, छत्तीसगढ़ सरकार की आर्थिक सहायता से घरेलू खर्च के साथ बेटियों की पढ़ाई और भविष्य के लिए बचत कर रही महिलाएं…..

रायपुर: प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन तथा उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर मे सतत सुधार तथा परिवार में उनकी निर्णायक भूमिका सुदृढ़ करने हेतु, समाज में महिलाओं के प्रति भेदभाव, असमानता एवं जागरूकता की कमी को दूर करने, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में सुधार करने तथा आर्थिक स्वावलंबन एवं महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना लागू किया गया है, जिसके अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। छत्तीसगढ़ सरकार की महतारी वंदन योजना की शुरुआत आधिकारिक रूप से 1 मार्च 2024 को हुई थी और इसका औपचारिक शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को किया गया था। प्रधानमंत्री ने कहा है कि मोदी की गारंटी का मतलब होता है, गारंटी पूरी होने की गारंटी।

यह योजना के तहत राज्य की सभी पात्र विवाहित महिलाओं को लाभ प्रदान की जा रही है इसके अलावा विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी इस योजना का लाभ ले रही हैं। छत्तीसगढ़ की महतारी वंदन योजना की आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए घरेलू जरूरतें पूरी करने के साथ बेटियों के भविष्य को संवारने का जरिया बन रही है। योजना से मिलने वाली राशि का एक हिस्सा वे सुकन्या समृद्धि खातों में जमा कर रही हैं, ताकि आगे चलकर बेटियों की उच्च शिक्षा और अन्य जरूरतों के लिए आर्थिक संबल मिल सके। यह पहल प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के संकल्प को जमीनी स्तर पर मजबूती दे रही है।

छत्तीसगढ़ सरकार की आर्थिक सहायता से घरेलू खर्च के साथ बेटियों की पढ़ाई और भविष्य के लिए बचत कर रही महिलाएं

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि मातृशक्ति का सम्मान और उनका आर्थिक सशक्तिकरण हमारी सरकार के लिए केवल एक योजना या कार्यक्रम नहीं, बल्कि सुशासन की प्रमुख प्राथमिकता है। हमारा विश्वास है कि जब परिवार की महिला आर्थिक रूप से सशक्त होती है, तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। बच्चों की शिक्षा और पोषण से लेकर परिवार के स्वास्थ्य और भविष्य से जुड़े निर्णयों तक उसकी भागीदारी और मजबूत होती है। इसलिए महतारी वंदन योजना के माध्यम से सरकार माताओं-बहनों के हाथों में आर्थिक सामर्थ्य देकर उन्हें अपने निर्णय स्वयं लेने का आत्मविश्वास दे रही है।

दंतेवाड़ा जिले के बोडरी गांव की प्रमिला पोतामी के लिए बेटी की पढ़ाई के लिए बचत करना पहले आसान नहीं था। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली नियमित मासिक सहायता ने उनके लिए बचत की राह खोली है। प्रमिला कहती हैं, “हमारी आमदनी इतनी नहीं है कि कुछ बचाकर रख सकें। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि बड़ी मददगार है। इस राशि का कुछ हिस्सा मैं सुकन्या समृद्धि खाते में जमा करती हूं जो आगे चलकर बेटी की पढ़ाई में काम आएंगे। ”दक्षिण बस्तर का दंतेवाड़ा लंबे समय तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहा है। ऐसे क्षेत्र में बेटी की शिक्षा के लिए बचत का यह प्रयास बदलती आकांक्षाओं और बेहतर भविष्य को नई उम्मीद दे रहा है। प्रमिला की तरह कुछ अन्य महिलाएं भी मासिक सहायता का हिस्सा बेटियों के नाम बचत करने में लगा रही हैं।

इस योजना से महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल रही है, इससे महिलाएं अपनी आय के स्रोत विकसित कर कर अपने परिवार का आर्थिक रूप से सहयोग कर रही हैं। इस योजना से महिलाओं को सशक्त बनाने में मदद मिल रही है, इससे महिलाओं को अपने अधिकारों के बारे में जागरूक होने और उन्हें प्राप्त करने में मदद मिल रही है। रायपुर जिले के रावेली गांव की मीना निषाद ने भी अपनी बेटी महिमा के लिए सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाया है। वह कहती हैं, “महतारी वंदन योजना से हर महीने एक हजार रुपये मिलते हैं। मैं यह राशि अपनी बेटी के सुकन्या समृद्धि खाते में जमा करती हूं। मैं चाहती हूं कि आगे चलकर यह बचत उसकी पढ़ाई और भविष्य की जरूरतों में काम आए।”सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड के पर्री गांव की अंजू कुशवाहा भी इसी तरह बचत कर रही हैं। वह मासिक सहायता की कुछ राशि बेटी के सुकन्या खाते में जमा करती हैं और शेष रकम घरेलू खर्चों पर लगाती हैं। उनके मुताबिक, नियमित आर्थिक मदद से भविष्य के लिए थोड़ी-बहुत बचत कर पाने का भरोसा बढ़ा है।

वहीं, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के बघमरा गांव की दीपाली मरकाम इस राशि का इस्तेमाल बच्चों की स्कूली जरूरतों और बेटी के भविष्य के लिए बचत करने में कर रही हैं। उनका कहना है कि हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे अच्छी शिक्षा हासिल करें और जीवन में आगे बढ़ें, लेकिन सीमित घरेलू संसाधनों के बीच भविष्य के लिए पैसे बचाना आसान नहीं होता। मासिक सहायता से उन्हें बच्चों की पढ़ाई में योगदान देने और बेटी के लिए बचत करने में मदद मिल रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की नारी, शान हैं हमारी..

सुशासन की सरकार महतारी वंदन योजना के माध्यम से हर माह 1,000 यानी सालाना 12,000 की आर्थिक सहायता देकर प्रदेश की माता-बहनों के सम्मान, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को नई मजबूती प्रदान कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 8 अक्टूबर 2026 को योजना की 32 वीं किस्त के रूप में 67 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में डी बी टी के माध्यम से 632.40 करोड़ से अधिक की राशि अंतरित की गई है। अब तक 20,708 करोड़ से अधिक की राशि महतारी वंदन योजना के माध्यम से माता-बहनों को प्रदान की जा चुकी है।

छत्तीसगढ़ सरकार की आर्थिक सहायता से घरेलू खर्च के साथ बेटियों की पढ़ाई और भविष्य के लिए बचत कर रही महिलाएं

महतारी वंदन योजना से रायपुर जिले के 5 लाख 13 हजार 534 हितग्राही, बिलासपुर जिले के 4 लाख 11 हजार 310 हितग्राही, दुर्ग के 3 लाख 89 हजार 507 हितग्राही, बलौदाबाजार-भाटापारा के 3 लाख 19 हजार 815 हितग्राही और महासमुंद जिले के 3 लाख 12 हजार 162 हितग्राहियों के खातों में डी बी टी के माध्यम से सुशासन की सरकार राशि अंतरित कर माताओं-बहनों को आर्थिक रूप से सक्षम बना रही है।

वर्ष 2015 में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत शुरू की गई सुकन्या समृद्धि योजना बालिकाओं के भविष्य के लिए बचत का अवसर देती है। इसके माध्यम से मां-बाप बेटियों की शिक्षा और विवाह जैसी भविष्य की जरूरतों के लिए धन जमा कर सकते हैं। इन महिलाओं के अनुभव बताते हैं कि नियमित आर्थिक सहायता से बेटियों की शिक्षा और भविष्य के लिए योजनाबद्ध बचत की शुरुआत करना संभव हो रहा है।

किसानों की सुविधा के लिए राज्य सरकार का बड़ा निर्णय, प्रदेश में 360 नए धान उपार्जन केंद्रों को स्वीकृति….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी को अधिक सुगम, पारदर्शी और किसान हितैषी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रदेश के किसानों को धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े, उपार्जन केंद्रों में अनावश्यक प्रतीक्षा से राहत मिले और कम समय में अधिक किसान अपनी उपज का विक्रय कर सकें, इस उद्देश्य से राज्य सरकार ने प्रदेश में 360 नए धान उपार्जन केंद्रों को स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही प्रदेश में धान उपार्जन केंद्रों की संख्या 2,740 से बढ़कर 3,100 हो गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि अन्नदाता किसानों की मेहनत का सम्मान और उनकी सुविधाओं का विस्तार राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। धान खरीदी की प्रक्रिया में किसानों को किसी प्रकार की अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि नए उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति का उद्देश्य केवल केंद्रों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों के लिए धान विक्रय की पूरी प्रक्रिया को अधिक सरल, सुलभ और सुविधाजनक बनाना है।

नए उपार्जन केंद्रों से किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

राज्य सरकार द्वारा 360 नए उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति से प्रदेश में धान खरीदी की व्यवस्था का व्यापक विस्तार होगा। नए केंद्रों के प्रारंभ होने से किसानों को अपने गांव अथवा आसपास के क्षेत्रों में धान विक्रय की सुविधा मिलेगी। इससे धान लेकर दूरस्थ उपार्जन केंद्रों तक जाने की आवश्यकता कम होगी और परिवहन पर होने वाले खर्च में भी बचत होगी।

अब तक जिन उपार्जन केंद्रों पर अधिक संख्या में किसानों के पहुंचने के कारण भीड़ और प्रतीक्षा की स्थिति बनती थी, वहां भी नए केंद्रों के प्रारंभ होने से दबाव कम होगा। किसानों का आवागमन विभिन्न केंद्रों में विभाजित होने से धान की तौल, गुणवत्ता परीक्षण और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं को व्यवस्थित ढंग से पूरा करने में सहायता मिलेगी।

इस निर्णय से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए कम समय देना पड़ेगा और वे अपने कृषि कार्यों तथा अन्य आवश्यक गतिविधियों के लिए अधिक समय निकाल सकेंगे। विशेष रूप से छोटे एवं सीमांत किसानों को इससे सुविधा मिलने की अपेक्षा है।

दो लाख से अधिक किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

प्रदेश में स्वीकृत 360 नए धान उपार्जन केंद्रों से दो लाख से अधिक पंजीकृत किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इन किसानों को नए केंद्रों के माध्यम से टोकन प्राप्त करने और निर्धारित अवधि में धान विक्रय करने की सुविधा उपलब्ध होगी।

नए उपार्जन केंद्रों के संचालन से धान खरीदी की क्षमता का विस्तार होगा। एक ही समय में अधिक केंद्रों पर खरीदी होने से अधिक संख्या में किसानों का धान निर्धारित अवधि के भीतर खरीदा जा सकेगा। इससे पुराने केंद्रों पर किसानों की निर्भरता कम होगी और धान विक्रय के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा की समस्या में कमी आएगी।

राज्य सरकार का प्रयास है कि धान खरीदी की व्यवस्था ऐसी हो, जिसमें किसानों को कम दूरी तय करनी पड़े, कम समय लगे और उनकी उपज का विक्रय सुचारू रूप से संपन्न हो।

15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी, 15 जनवरी तक चलेगी प्रक्रिया

राज्य सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान खरीदी की अवधि 15 नवंबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक निर्धारित की है। निर्धारित अवधि में प्रदेश के पंजीकृत किसानों से धान की खरीदी की जाएगी।

धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले उपार्जन केंद्रों पर आवश्यक तैयारियां पूरी करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि किसानों को शुरुआत से ही व्यवस्थित सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।

नए केंद्रों की स्वीकृति से खरीदी कार्य को अधिक विकेंद्रीकृत बनाने में सहायता मिलेगी। इससे सीमित केंद्रों पर किसानों की भीड़ एकत्र होने के बजाय विभिन्न केंद्रों पर धान खरीदी की प्रक्रिया समानांतर रूप से संचालित हो सकेगी।

‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप से घर बैठे मिलेगी सुविधा

धान विक्रय के लिए किसानों को समितियों में बार-बार आने और टोकन प्राप्त करने के लिए लंबी कतारों में खड़े होने की आवश्यकता कम करने के उद्देश्य से इस वर्ष भी ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था की गई है।

किसान अपने मोबाइल फोन से घर बैठे धान विक्रय के लिए टोकन प्राप्त कर सकेंगे। यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। इससे किसानों को अपनी सुविधा के अनुसार टोकन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा और टोकन लेने के लिए निर्धारित समय में समिति पहुंचने की बाध्यता नहीं रहेगी।

ऑनलाइन टोकन व्यवस्था से किसानों को धान विक्रय की पूर्व तैयारी करने में भी सुविधा होगी। वे निर्धारित तिथि के अनुसार धान के परिवहन एवं विक्रय की योजना बना सकेंगे। इससे उपार्जन केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ कम करने और खरीदी कार्य को व्यवस्थित बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

2 से 5 नवंबर तक ट्रायल रन, 10 नवंबर से मिलेंगे टोकन

धान खरीदी व्यवस्था के सुचारू संचालन के लिए राज्य सरकार ने अग्रिम तैयारियों पर विशेष जोर दिया है। इसके अंतर्गत 2 नवंबर से 5 नवंबर 2026 तक समितियों में ट्रायल रन आयोजित किया जाएगा।

इस दौरान टोकन संबंधी प्रक्रियाओं और आवश्यक तकनीकी व्यवस्थाओं का परीक्षण किया जाएगा, ताकि वास्तविक खरीदी प्रारंभ होने से पहले संभावित समस्याओं की पहचान कर उनका समाधान किया जा सके।

किसानों के लिए 10 नवंबर 2026 से टोकन प्राप्त करने की व्यवस्था प्रारंभ होगी। इससे किसानों को 15 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी के लिए पहले से तैयारी करने का पर्याप्त अवसर मिलेगा।

समय और परिवहन खर्च की बचत से किसानों को होगा आर्थिक लाभ

नए उपार्जन केंद्रों की स्थापना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य धान विक्रय से जुड़े किसानों के अतिरिक्त खर्च को कम करना भी है।

दूरस्थ उपार्जन केंद्रों तक धान पहुंचाने के लिए किसानों को परिवहन की व्यवस्था करनी पड़ती है। अधिक दूरी होने पर परिवहन खर्च बढ़ता है और समय भी अधिक लगता है। नए केंद्रों के माध्यम से धान विक्रय की सुविधा नजदीक उपलब्ध होने पर किसानों को इन दोनों स्तरों पर राहत मिलेगी।

इसी प्रकार, खरीदी केंद्रों पर भीड़ कम होने से किसानों को धान विक्रय के लिए लंबे समय तक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ेगी। इससे उनकी श्रमशक्ति और समय की बचत होगी।

राज्य सरकार की मंशा है कि किसानों को धान का निर्धारित मूल्य मिलने के साथ ही विक्रय प्रक्रिया में होने वाले अनावश्यक खर्च और परेशानियों से भी राहत मिले। धान खरीदी के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

किसानों की संतुष्टि और सुविधाजनक धान खरीदी पर सरकार का जोर

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला हैं। उनकी मेहनत से खेतों में उपजने वाला धान प्रदेश की समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देता है। ऐसे में यह आवश्यक है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए सरल, पारदर्शी और भरोसेमंद व्यवस्था उपलब्ध हो।

उन्होंने कहा कि हमारी सरकार किसानों को केवल उनकी उपज का उचित मूल्य देने तक सीमित नहीं है, बल्कि धान विक्रय की पूरी प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के लिए भी निरंतर कार्य कर रही है। 360 नए उपार्जन केंद्रों की स्वीकृति, ऑनलाइन टोकन की सुविधा और खरीदी से पहले व्यवस्थाओं का परीक्षण इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा स्पष्ट संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी अन्नदाता धान बेचने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करे। किसानों के समय, श्रम और धन की बचत हो तथा उन्हें अपनी मेहनत का पूरा सम्मान मिले। हमारी सरकार धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया को किसान हितैषी बनाकर प्रत्येक अन्नदाता को सुविधाजनक और संतोषजनक अनुभव प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।