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*लोक संस्कृति और परंपरा के संरक्षण का संदेश लेकर गोरिया में सजा करमा का रंग, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के एकादशी करमा नृत्य अभ्यास वर्ग में 22 गांवों के दलों ने दी प्रस्तुति, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं शामिल, हजारों की संख्या में जुटे ग्रामीणों ने बढ़ाया उत्साह…*

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*लोक संस्कृति और परंपरा के संरक्षण का संदेश लेकर गोरिया में सजा करमा का रंग*

*अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के एकादशी करमा नृत्य अभ्यास वर्ग में 22 गांवों के दलों ने दी प्रस्तुति*

*मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं शामिल, हजारों की संख्या में जुटे ग्रामीणों ने बढ़ाया उत्साह*

जशपुरनगर। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के तत्वावधान में रविवार को गोरिया में एकादशी करमा नृत्य अभ्यास वर्ग का भव्य आयोजन किया गया। लोक संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकजुटता के इस आयोजन में क्षेत्र के 22 गांवों के करमा नृत्य दलों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से शामिल हुईं और करमा नृत्य दलों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन में हजारों की संख्या में ग्रामीण एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम स्थल पर पारंपरिक वेशभूषा में सजे करमा नृत्य दलों ने मांदर की थाप और लोकगीतों की मधुर धुनों के बीच आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। चारों ओर गूंजती मांदर की थाप और सामूहिक करमा नृत्य ने पूरे वातावरण को उत्साह, उमंग और लोक संस्कृति के रंग में रंग दिया। विभिन्न गांवों से पहुंचे दलों ने पारंपरिक करमा नृत्य का अभ्यास करते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत की।

*लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान : कौशल्या साय*

इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय ने हिंदू धर्म की परंपराओं, तीज-त्योहारों तथा एकादशी करमा नृत्य के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारी लोक परंपराएं और तीज-त्योहार हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। करमा नृत्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता, प्रकृति के प्रति आस्था और पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़े रहना बेहद आवश्यक है। युवा पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति, रीति-रिवाजों और परंपराओं से परिचित कराने के साथ उन्हें आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी समाज की है। उन्होंने युवाओं से अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

*22 गांवों के करमा दलों ने बढ़ाई आयोजन की शोभा*

अभ्यास वर्ग में क्षेत्र के 22 गांवों से पहुंचे करमा नृत्य दलों ने पारंपरिक वेशभूषा और लोक वाद्ययंत्रों के साथ अपनी प्रस्तुति दी। मांदर की थाप पर एक साथ थिरकते कलाकारों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। आयोजन के माध्यम से ग्रामीण अंचल की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सामूहिकता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर सुनील गुप्ता, उपेंद्र यादव, अनिता सिंह, विश्वनाथ सिदार, रविशंकर यादव, सुमन नाग, वीर सिंह, तेजकुमार चौहान, भीम राम चौहान, दिलीप चौहान, कृष्ण यादव, बालमती नाग, निरपति बाई, कल्याण आश्रम जशपुर के मनिजर राम, रविन्द्र शेखर, नंदकुमार सिंह, गौतम राय सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने न केवल करमा नृत्य और लोक परंपरा के संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक गौरव और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में अपनी पहचान बनाई।

*कुनकुरी सदन पहुंचीं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, मरीजों और परिजनों का जाना हालचाल, रहने,भोजन और उपचार की व्यवस्थाओं का लिया जायजा, मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर दिया जोर…*

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*कुनकुरी सदन पहुंचीं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, मरीजों और परिजनों का जाना हालचाल*

*रहने, भोजन और उपचार की व्यवस्थाओं का लिया जायजा, मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर दिया जोर*

जशपुर/रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय शुक्रवार को रायपुर स्थित कुनकुरी सदन पहुंचीं। उन्होंने वहां ठहरे गंभीर मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। इस दौरान श्रीमती कौशल्या साय ने मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए उपलब्ध रहने, भोजन तथा मेडिकल चेकअप सहित अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित लोगों से जानकारी लेते हुए मरीजों और उनके परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखने की बात कही।

*गंभीर मरीजों और परिजनों के लिए सहारा बना कुनकुरी सदन*

रायपुर में इलाज के लिए आने वाले जशपुर जिले एवं अन्य जिले के गंभीर मरीजों और उनके परिजनों के लिए कुनकुरी सदन एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर सामने आया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर यहां मरीजों एवं उनके परिजनों के ठहरने, भोजन और अस्पताल तक पहुंचने जैसी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है।इस पहल से दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से रायपुर इलाज के लिए आने वाले मरीजों को रहने की समस्या से राहत मिल रही है। साथ ही अस्पताल में इलाज और भर्ती की प्रक्रिया में भी उन्हें आवश्यक सहयोग मिल रहा है।

*मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बना जरूरतमंदों के लिए वरदान*

गंभीर बीमारी से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों के लिए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया भी बड़ी उम्मीद का केंद्र बनकर उभरा है। मरीज या उनके परिजन कैंप कार्यालय में आवेदन देकर अपनी समस्या बताते हैं, जिसके बाद प्रकरण पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन और उपचार के लिए उचित अस्पताल भेजने की व्यवस्था की जाती है।
जरूरतमंद मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यकता अनुसार उन्हें 108 एंबुलेंस के माध्यम से रायपुर भेजा जाता है। रायपुर पहुंचने के बाद मरीजों को अस्पताल और इलाज की प्रक्रिया में भटकना न पड़े, इसके लिए कुनकुरी सदन में आवश्यक सहयोग और मेडिकल सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस पहल से जशपुर सहित अन्य क्षेत्र के गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के दौरान रहने, भोजन, अस्पताल तक पहुंचने और आवश्यक चिकित्सकीय मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं एक ही व्यवस्था के माध्यम से मिल रही हैं।मरीजों और उनके परिजनों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था से आर्थिक रूप से कमजोर और दूरदराज से आने वाले परिवारों को काफी राहत मिल रही है।

*पमशाला में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पर उमड़ा आस्था का सैलाब, मटकी फोड़ का हुआ आयोजन, लड्डू गोपाल को झूला झुलाकर माखन मिश्री का लगाया गया भोग…..*

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*पमशाला में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव पर उमड़ा आस्था का सैलाब, मटकी फोड़ का हुआ आयोजन, लड्डू गोपाल को झूला झुलाकर माखन मिश्री का लगाया गया भोग…..*

जशपुरनगर। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर अखिल भारतीय कंवर धाम स्थित श्री राधा-कृष्ण मंदिर, पमशाला में शुक्रवार को भव्य श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का आयोजन किया गया। धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में समाज के लोग, श्रद्धालु एवं महिलाएं शामिल हुईं और भगवान श्रीकृष्ण की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना की।कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्री राधा-कृष्ण की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ हुई। श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप लड्डू गोपाल को झूला झुलाया और श्रद्धापूर्वक पूजा की। इस दौरान लड्डू गोपाल को माखन-मिश्री का भोग लगाया गया। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों, भजनों और श्रीकृष्ण के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।इस मौके पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे। श्रीमती साय ने भी भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और लड्डू गोपाल को झूला झुलाया। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और भक्तिभाव के साथ जन्माष्टमी पर्व मनाया।

*मटकी फोड़ आयोजन ने बढ़ाया उत्साह*

जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान मटकी फोड़ कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। मटकी फोड़ने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों ने उत्साहवर्धन किया और श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। मटकी फोड़ कार्यक्रम ने जन्माष्टमी के उत्सव में खास रंग भर दिया।

*कथा वाचन से सुनाया भगवान श्रीकृष्ण का संदेश*

महोत्सव में कथा वाचक राजकुमारी तिवारी जी ने भगवान श्रीकृष्ण की महिमा एवं उनके जीवन से जुड़े प्रसंगों का कथा वाचन किया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्तिभाव से कथा सुनते रहे। वहीं पंडित केयूर भूषण तिवारी जी के मार्गदर्शन में धार्मिक कार्यक्रम संपन्न कराए गए।
इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय ने कहा कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी केवल धार्मिक पर्व ही नहीं, बल्कि यह हमें प्रेम, सत्य, धर्म और कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। ऐसे आयोजनों से समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक एकता मजबूत होती है तथा भगवान श्रीकृष्ण के आदर्श एवं संदेश जन-जन तक पहुंचते हैं।
महोत्सव के दौरान श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव पर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। पूजा-अर्चना, झूला झुलाने, माखन-मिश्री के भोग, कथा वाचन और मटकी फोड़ सहित विभिन्न कार्यक्रमों के साथ जन्माष्टमी महोत्सव हर्षोल्लास एवं भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ।

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की नई औद्योगिक सोच: खनिजों से आगे बढ़कर हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग की ओर छत्तीसगढ़…*

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की नई औद्योगिक सोच: खनिजों से आगे बढ़कर हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग की ओर छत्तीसगढ़…

रायपुर, 02 सितंबर 2026/ छत्तीसगढ़ की औद्योगिक पहचान लंबे समय से खनिज और प्राथमिक प्रसंस्करण पर आधारित रही है। अब राज्य इस पहचान को बदलते हुए कच्चे संसाधनों की बजाय वैल्यू एडेड और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंगका केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार की औद्योगिक रणनीति में इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग, ऑटो कंपोनेंट्स, रक्षा उपकरण, एआई और ग्रीन स्टील जैसे क्षेत्रों को प्रमुखता दी जा रही है।राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में इस बदलाव का आधार तैयार किया गया है। इस नीति में स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और उनके मूल्य संवर्धन के साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी, एआई, रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, फार्मा, रक्षा और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहन दिया गया है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ को केवल खनिजों का आपूर्तिकर्ता नहीं, बल्कि तैयार उत्पादों और उन्नत तकनीक आधारित उद्योगों का केंद्र बनाना है।*करीब 8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव*औद्योगिक नीति लागू होने के बाद से राज्य में निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ी है। राज्य के निवेश प्रोत्साहन पोर्टल के अनुसार पिछले करीब 18 महीनों में लगभग 8 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावप्राप्त हुए हैं। इनसे 1.5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। खास बात यह है कि इन प्रस्तावों का बड़ा हिस्सा पारंपरिक खनिज आधारित उद्योगों से आगे बढ़कर एआई, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, फार्मा, टेक्सटाइल और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे विशेष क्षेत्रों से जुड़ा है।नवा रायपुर में एआई और डेटा सेंटर से जुड़े निवेश तथा सेमीकंडक्टर क्षेत्र में 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव राज्य की बदलती औद्योगिक दिशा को दर्शाते हैं। इसी क्रम में राजनांदगांव मेंइलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0)को मंजूरी मिली है। इससे 3,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश और करीब 9,000 प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रोजगार आने की उम्मीद है।*स्टील से आगे ग्रीन स्टील की ओर*स्टील उत्पादन में मजबूत आधार रखने वाला छत्तीसगढ़ अब इस क्षेत्र में भी अगली पीढ़ी के उत्पादन पर जोर दे रहा है। देश में कार्बन उत्सर्जन कम करने और हरित विनिर्माण को बढ़ावा देने के बीचग्रीन स्टीलराज्य के लिए बड़ा अवसर बनकर उभरा है। पिछले महीने आयोजित छत्तीसगढ़ ग्रीन स्टील डायलॉग के दौरान करीब 13,840 करोड़ रुपये के निवेश प्रतिबद्धताओंने इस क्षेत्र की संभावनाओं को मजबूत किया है।राष्ट्रीय स्तर पर भी विशेष स्टील के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई जैसी योजनाएं चल रही हैं। ऐसे में छत्तीसगढ़ अपने खनिज संसाधन, मौजूदा स्टील उद्योग और ऊर्जा आधार का इस्तेमाल उच्च मूल्य वाले स्टील उत्पादों के निर्माण में कर सकता है।*फार्मा और इलेक्ट्रॉनिक्स में नई संभावनाएं*फार्मास्यूटिकल्स भी राज्य की नई औद्योगिक तस्वीर का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है। पिछले 18 महीनों में फार्मा क्षेत्र में करीब992.53 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावआए हैं, जबकि 216 करोड़ रुपये के चार प्रोजेक्ट कार्यान्वयन के चरण में हैं।इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भी राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से विस्तार हो रहा है। केंद्र की इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम के तहत देशभर में 69 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। छत्तीसगढ़ में EMC 2.0 जैसी पहल इस राष्ट्रीय सप्लाई चेन का हिस्सा बनने का अवसर देती है।*संसाधन से उत्पाद तक*बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में भी औद्योगिक विकास की रणनीति केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं है। वन उत्पाद, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्योगों के जरिए क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और उद्यमिता के अवसर बढ़ सकते हैं।निवेश को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो व्यवस्था, SIPB और ऑनलाइन स्वीकृति तंत्र को मजबूत किया है। 100 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश वाली परियोजनाओं के लिए प्राथमिकता आधारित सुविधाएं और त्वरित अनुमोदन की व्यवस्था भी की गई है।छत्तीसगढ़ के पास खनिज, ऊर्जा और औद्योगिक आधार की ताकत पहले से मौजूद है। अब लक्ष्य इन संसाधनों से आगे बढ़करउच्च मूल्य वाले उत्पादों का निर्माणकरना है। इलेक्ट्रॉनिक्स से ग्रीन स्टील और फार्मा से एआई तक नए क्षेत्रों में बढ़ता निवेश संकेत दे रहा है कि राज्य अपनी औद्योगिक अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी में है।

*राष्ट्रपति से भेंट कर लौटे प्रतिभावान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से की सौजन्य मुलाकात, राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा और समृद्ध लोक संस्कृति की विद्यार्थियों ने छोड़ी अमिट छाप…*

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राष्ट्रपति से भेंट कर लौटे प्रतिभावान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से की सौजन्य मुलाकात

राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा और समृद्ध लोक संस्कृति की विद्यार्थियों ने छोड़ी अमिट छाप

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से संवाद के अनुभव विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री के साथ किए साझा

मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों को दी बधाई, कहा – आपकी उपलब्धि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय

राष्ट्रपति ने CWSN विद्यार्थी नुकेश कुमार वर्मा को बांधी राखी, छात्राओं की सुवा नृत्य प्रस्तुति को सराहा…

रायपुर, 01 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से भेंट कर लौटे छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने सौजन्य मुलाकात की। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री श्री साय को राष्ट्रपति भवन की अपनी यादगार यात्रा और राष्ट्रपति महोदया के साथ हुए आत्मीय संवाद के अनुभव सुनाए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को इस विशेष अवसर के लिए बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करना अपने आप में गौरव की बात है। प्रदेश के विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक प्रस्तुति से छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी यात्रा के संबंध में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने बताया कि राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मिलना उनके जीवन का अविस्मरणीय अनुभव रहा। राष्ट्रपति महोदया ने उनसे सहजता और आत्मीयता के साथ बातचीत की तथा उनकी शिक्षा, रुचियों और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जाना। विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति भवन के भ्रमण और वहां बिताए क्षणों से जुड़े अपने अनुभव भी मुख्यमंत्री के साथ साझा किए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे बच्चों में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। उन्हें सही अवसर, प्रोत्साहन और मंच मिले तो वे हर क्षेत्र में छत्तीसगढ़ का नाम रोशन कर सकते हैं। ऐसे अवसर विद्यार्थियों के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ उनके सपनों को नई ऊंचाई देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरी लगन और मेहनत के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखने तथा जीवन में बड़े लक्ष्य निर्धारित कर उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

उल्लेखनीय है कि रक्षाबंधन के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ के प्रतिभावान विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से भेंट और संवाद का विशेष अवसर प्राप्त हुआ था। इस अवसर पर राष्ट्रपति महोदया ने विद्यार्थियों से आत्मीयतापूर्वक बातचीत की। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

राष्ट्रपति भवन में इस मुलाकात का एक अत्यंत भावुक और यादगार क्षण उस समय आया, जब राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने CWSN (Children with Special Needs) विद्यार्थी नुकेश कुमार वर्मा को स्वयं राखी बांधी। राष्ट्रपति महोदया का यह आत्मीय स्नेह नुकेश के साथ ही वहां उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए भी जीवनभर संजोकर रखने वाली स्मृति बन गया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति की सुंदर झलक भी राष्ट्रपति भवन में देखने को मिली। छात्राओं ने प्रदेश के पारंपरिक सुवा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। छत्तीसगढ़ की लोक परंपरा, गीत-संगीत और सांस्कृतिक सौंदर्य से सजी इस प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने प्रस्तुति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं की सराहना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह विशेष रूप से प्रसन्नता की बात है कि प्रदेश के बच्चों ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद की गरिमा से जुड़े राष्ट्रपति भवन में छत्तीसगढ़ की प्रतिभा के साथ उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का भी सुंदर परिचय दिया। उन्होंने कहा कि हमारी लोक संस्कृति हमारी पहचान और हमारी अमूल्य धरोहर है। नई पीढ़ी जब इसे आत्मसात कर देश के प्रतिष्ठित मंचों पर प्रस्तुत करती है, तो हमारी परंपराओं को नई ऊर्जा और व्यापक पहचान मिलती है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि राष्ट्रपति महोदया से प्राप्त प्रोत्साहन और इस यात्रा से मिले अनुभव को वे अपने जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा बनाएं। उन्होंने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे अपने सपनों को बड़ा रखें, आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ें और अपनी उपलब्धियों से परिवार, प्रदेश और देश को गौरवान्वित करें।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से भेंट करने वाले विद्यार्थियों में नारायणपुर जिले की राजवती पोयाम, सुकमा जिले के हिमांशु ठाकुर, दुर्ग जिले की पायल राजानी, महासमुंद जिले की रागनी साहू, रायपुर जिले के नुकेश कुमार वर्मा तथा महासमुंद जिले के दुर्गेश साहू एवं डिगेश सेन शामिल थे।

इस अवसर पर डॉ. मुक्ति बैस, राज्य नोडल अधिकारी, समग्र शिक्षा, रायपुर तथा श्री चंद्रशेखर मिथलेश, व्याख्याता (भौतिकी), शासकीय आशी बाई गोलछा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, महासमुंद भी उपस्थित थे।

*जशपुर में आधुनिक फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण के लिए 5.49 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जिले में खेल अधोसंरचना को मिलेगा नया आयाम…*

जशपुर में आधुनिक फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण के लिए 5.49 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति,

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जिले में खेल अधोसंरचना को मिलेगा नया आयाम…

 

रायपुर, 31 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों से जशपुर जिले में खेल अधोसंरचना के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। जिला मुख्यालय जशपुर में आधुनिक फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 5 करोड़ 49 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरूण साव के मार्गदर्शन में विभाग द्वारा स्टेडियम निर्माण की स्वीकृति दी गई है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित इस फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण से जशपुर जिले के खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही, स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी खेल प्रतिभा निखारने और जिला स्तर से आगे बढ़कर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने के लिए बेहतर मंच मिलेगा।

जशपुर जिले में फुटबॉल के प्रति खिलाड़ियों और युवाओं में विशेष उत्साह एवं रुचि को देखते हुए यह स्टेडियम खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे जिले में नियमित प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और खेल आयोजनों के लिए बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध होगी।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा जशपुर जिले में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और खेल सुविधाओं के विस्तार पर लगातार जोर दिया जा रहा है। फुटबॉल स्टेडियम के निर्माण के लिए मिली यह स्वीकृति जिले में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

*मुख्यमंत्री ने जशपुर एक्सप्रेस योजना का किया शुभारंभ, मुख्यमंत्री ने बगिया कैम्प कार्यालय में रक्षाबंधन पर्व पर 50 बहनों को दिया ई रिक्शा का उपहार, बहनों ने मुख्यमंत्री के हाथों में बांधी राखी…..*

मुख्यमंत्री ने जशपुर एक्सप्रेस योजना का किया शुभारंभ 

मुख्यमंत्री ने बगिया कैम्प कार्यालय में रक्षाबंधन पर्व पर 50 बहनों को दिया ई रिक्शा का उपहार 

बहनों ने मुख्यमंत्री के हाथों में बांधी राखी 

जशपुर 27 अगस्त 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज कैम्प कार्यालय बगिया में जशपुर एक्सप्रेस योजना का शुभारंभ किया।

और रक्षाबंधन के पावन पर्व पर विष्णु भैया ने जशपुर के 50 बहनों को ई रिक्शा की सौगात दी।

पिछले रक्षाबंधन पर्व में भी मुख्यमंत्री ने सहायता समूह की 14 महिलाओं को ई रिक्शा दिया था।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर लगभग 3 करोड़ की लागत से बनने वाले बगिया में विश्राम गृह का और बगिया में यादव मौहल्ला तक के सी सी रोड का भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री ने रक्षाबंधन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि महिलाएं आत्मनिर्भर बनकर स्वालंबन की डगर पर आगे बढ़ रही है।

स्व सहायता समूह की दीदीयों ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी और आशीर्वाद प्राप्त किया।

मुख्यमंत्री ने महिलाओं को साड़ी और मिठाई उपहार स्वरूप भेंट किए।

उन्होंने बताया कि रायपुर की महिलाओं को भी 92 ई रिक्शा प्रदान किया गया है।

आज हमारी स्व सहायता समूह की दीदीयां किराना दुकान, सब्जी का व्यापार और अन्य व्यवसाय से जुड़ी हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय कलेक्टर श्री रोहित व्यास वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ लाल उमेंद सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार और अन्य स्व सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए मुद्रा लोन की भी सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।

आज महिलाएं ई रिक्शा के माध्यम से प्रत्येक माह में 15 हजार रुपए की आमदनी अर्जित कर रही है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का 26 अगस्त को जशपुर दौरा, फरसाबहार में विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण-भूमिपूजन, देखिए मिनट टू मिनट दौरा कार्यक्रम…*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का 26 अगस्त को जशपुर दौरा, फरसाबहार में विकास कार्यों का करेंगे लोकार्पण-भूमिपूजन, देखिए मिनट टू मिनट दौरा कार्यक्रम…

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय 26 अगस्त 2026, बुधवार को जशपुर जिले के दौरे पर रहेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय दोपहर 3:20 बजे फरसाबहार विकासखंड के पंडरीपानी स्थित हाई स्कूल मैदान पहुंचेंगे। यहां उनका स्थानीय कार्यक्रम प्रस्तावित है।मुख्यमंत्री दोपहर 3:30 बजे महतारी सदन, ग्राम पंडरीपानी पहुंचेंगे। इसके बाद दोपहर 3:30 बजे से शाम 4:10 बजे तक विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन, साथ ही विभागीय स्टॉलों का अवलोकन एवं बहनों से संवाद करेंगे।कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय शाम 4:10 बजे पंडरीपानी से प्रस्थान कर शाम 4:15 बजे स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा, ग्राम पंडरीपानी पहुंचेंगे। यहां स्टेट बैंक ऑफ इंडिया शाखा के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम के बाद शाम 4:45 बजे पंडरीपानी से प्रस्थान कर शाम 5:05 बजे अपने निवास बगिया पहुंचेंगे, जहां रात्रि विश्राम करेंगे।

*जिले में सड़कों के सुदृढ़ीकरण को लेकर मिली बड़ी सौगात, 12 करोड़ 63 लाख रुपये स्वीकृत, दो महत्वपूर्ण मार्गों के मजबूतीकरण से आवागमन होगा सुगम, क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार…*

जिले में सड़कों के सुदृढ़ीकरण को लेकर मिली बड़ी सौगात, 12 करोड़ 63 लाख रुपये स्वीकृत

दो महत्वपूर्ण मार्गों के मजबूतीकरण से आवागमन होगा सुगम, क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार…

 

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जिले की सड़क अधोसंरचना को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ी सौगात मिली है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत जिले की दो महत्वपूर्ण सड़कों के मजबूतीकरण एवं उन्नयन कार्य के लिए कुल 12 करोड़ 63 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस स्वीकृति से ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन बेहतर होगा और लोगों को आवागमन की सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

स्वीकृति के तहत शिवपुर से पत्थलगांव मार्ग के 9 किलोमीटर हिस्से के मजबूतीकरण के लिए 5 करोड़ 1 लाख रुपये की राशि मंजूर की गई है। वहीं दुलदुला से चटकपुर-लोटापानी मार्ग, कुनकुरी के 18.6 किलोमीटर हिस्से के मजबूतीकरण के लिए 7 करोड़ 62 लाख रुपये की स्वीकृति मिली है।इन दोनों महत्वपूर्ण मार्गों के सुदृढ़ीकरण से क्षेत्र के ग्रामीणों, किसानों, व्यापारियों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। सड़कें बेहतर होने से क्षेत्र में आर्थिक एवं सामाजिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

 

*जिले में बिछ रहा सड़कों का जाल*

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में सड़क अधोसंरचना के विस्तार और सुदृढ़ीकरण का कार्य लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रमुख मार्गों के निर्माण, उन्नयन और मजबूतीकरण से जिले के गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने का काम किया जा रहा है। इससे विकास की रफ्तार तेज होने के साथ-साथ दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की योजनाओं और सुविधाओं की पहुंच भी आसान होगी।सड़क मजबूतीकरण के लिए मिली इस बड़ी स्वीकृति पर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि बेहतर सड़कें क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण आधार हैं। इन मार्गों के सुदृढ़ीकरण से लंबे समय से आवागमन से जुड़ी समस्याओं का समाधान होगा और लोगों को सुरक्षित एवं सुगम यातायात की सुविधा मिलेगी।

बेटियों के सपनों को नई उड़ान दे रही सुशासन सरकार, रानी दुर्गावती योजना से मिलेगा ₹1.50 लाख का संबल: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय.

*बेटियों के सपनों को नई उड़ान दे रही सुशासन सरकार, रानी दुर्गावती योजना से मिलेगा ₹1.50 लाख का संबल: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय…*

 

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार बेटियों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। इसी उद्देश्य से प्रदेश में रानी दुर्गावती योजना की शुरुआत की गई है।

 

इस योजना के तहत 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाली पात्र बेटियों को ₹1.50 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान किए जाने का प्रावधान है। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक अभाव बेटियों की शिक्षा, आगे बढ़ने और अपने सपनों को साकार करने की राह में बाधा न बने।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रदेश की हर बेटी सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़े, यही सरकार की प्राथमिकता है। बेटियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में रानी दुर्गावती योजना एक महत्वपूर्ण पहल है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय का संकल्प है—हर बेटी सशक्त बने, आत्मनिर्भर बने और अपने सपनों को नई उड़ान दे।