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*डीएमएफ मद से 1 करोड़ 20 लाख रुपए के विकास कार्यों का किया शिलान्यास…*

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*श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है बाबा धाम : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

*महाशिवरात्रि पर बाबा धाम में मुख्यमंत्री ने की पूजा-अर्चना, 1.20 करोड़ के विकास कार्यों का शिलान्यास*

*मुख्यमंत्री ने सपत्नीक श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम में की पूजा-अर्चना*

*प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना*

*डीएमएफ मद से 1 करोड़ 20 लाख रुपए के विकास कार्यों का किया शिलान्यास*

*मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी महाशिवरात्रि पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं*

रायपुर, 15 फरवरी 2026/ महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अपनी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय के साथ रायगढ़ प्रवास के दौरान देर रात एक बजे ग्राम कोसमनारा स्थित श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा धाम पहुंचे। उन्होंने भगवान भोलेनाथ एवं श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश वासियों को महाशिवरात्रि पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला खनिज न्यास मद के अंतर्गत 1 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्यों का विधिवत शिलान्यास किया। प्रस्तावित कार्यों में मुख्य भवन के सामने ग्रेनाइट फर्श सहित शेड निर्माण, आगंतुकों के विश्राम एवं भोजन के लिए शेड निर्माण, शौचालय परिसर भवन का निर्माण तथा पार्किंग क्षेत्र के लिए सीमेंट कांक्रीट सड़क निर्माण शामिल हैं। उन्होंने इन कार्यों के लिए क्षेत्रवासियों को बधाई देते हुए कहा कि इससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि कोसमनारा स्थित यह धाम श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां की आध्यात्मिक ऊर्जा समाज को सकारात्मक दिशा और आत्मबल प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गुरुजनों के आशीर्वाद और जनता के विश्वास के साथ जनकल्याण के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रही है।
उल्लेखनीय है कि रायगढ़ जिला मुख्यालय से लगभग 7 किलोमीटर दूर स्थित यह धाम वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा एवं भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। स्थानीय जनश्रुति के अनुसार, श्री श्री 108 श्री सत्यनारायण बाबा वर्ष 1998 से कठोर तपस्या में लीन हैं। वर्ष 2003 में उन्हें ‘श्री श्री 108’ की उपाधि प्राप्त हुई, जिसके बाद धाम की ख्याति और अधिक बढ़ी। बताया जाता है कि बाबा ने पत्थरों को एकत्र कर शिवलिंग का स्वरूप निर्मित किया और उसी स्थान को अपनी तपोभूमि बनाया। वर्षा, ग्रीष्म और शीत—तीनों ऋतुओं में खुले स्थान पर रहकर भगवान भोलेनाथ की साधना करना उनकी तपस्या की विशेष पहचान बन चुकी है।

इस अवसर पर महापौर श्री जीवर्धन चौहान, नगर निगम सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, सरपंच, गणमान्य नागरिक, कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में 6,412 जोड़ों का विवाह, कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का हुआ शुभारंभ…*

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*मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : सामाजिक समरसता का विश्व रिकॉर्ड*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सान्निध्य में 6,412 जोड़ों का विवाह*

*कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का हुआ शुभारंभ*

रायपुर, 10 फरवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना छत्तीसगढ़ में सामाजिक समरसता, अंत्योदय और संवेदनशील शासन की भावना को साकार करने वाली ऐतिहासिक पहल है। उन्होंने कहा कि एक समय गरीब परिवारों के लिए बेटी का विवाह बड़ी चिंता का विषय होता था, जिसे इस योजना ने सम्मान और भरोसे में बदल दिया है। मुख्यमंत्री श्री साय राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में रायपुर सहित पूरे प्रदेश में कुल 6,412 जोड़े विभिन्न धार्मिक परंपराओं एवं रीति-रिवाजों के अनुसार वैवाहिक जीवन में बंधे। साइंस कॉलेज मैदान में 1,316 नवविवाहित जोड़ों को मुख्यमंत्री ने प्रत्यक्ष रूप से आशीर्वाद प्रदान किया, जबकि अन्य जिलों के जोड़े वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े। योजना के अंतर्गत प्रत्येक नवविवाहित दंपति को 35 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई। उल्लेखनीय है कि इस अभूतपूर्व आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन केवल विवाह समारोह नहीं, बल्कि सर्वधर्म समभाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। इस वृहद आयोजन में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई, बौद्ध तथा विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के जोड़े अपने-अपने रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह सूत्र में बंधे, जो छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और सामाजिक समरसता को दर्शाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सरगुजा एवं बस्तर संभाग के आठ जिलों में इस अभियान की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ और सुपोषित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए शासन के साथ-साथ समाज की सहभागिता आवश्यक है तथा अभियान की सफलता के बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तारित किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेशवासियों के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार ने दो वर्षों में ही मोदी की गारंटी के अधिकांश वादों को पूरा किया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की सहायता दी जा रही है। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में मानक बोरा मूल्य में वृद्धि, चरण पादुका योजना का पुनः प्रारंभ, श्रीरामलला दर्शन योजना तथा भूमिहीन मजदूरों को आर्थिक सहायता जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का भी उल्लेख भी किया।

महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना की शुरुआत पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के नेतृत्व में की गई थी, जिसे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सतत प्रयासरत है और कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ के लक्ष्य में जनसहभागिता आवश्यक है।

कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने इसे ऐतिहासिक दिन बताते हुए कहा कि एक ही दिन में हजारों जोड़ों का विवाह मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और सर्वसमावेशी सोच का प्रमाण है।

कार्यक्रम में विधायक श्री सुनील सोनी, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री अनुज शर्मा, श्री मोतीलाल साहू, श्री संपत अग्रवाल, छत्तीसगढ़ बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर तथा बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव अनेक जनप्रतिधि और अधिकारी कर्मचारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

*बगिया के आयोजित स्व ओमप्रकाश साय स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता का हुआ समापन, पगुराबहार ने बंदरचूआ को 6 विकेट से हराकर जीता खिताब, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय रहीं मुख्य अतिथि…*

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*बगिया के आयोजित स्व ओमप्रकाश साय स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता का हुआ समापन, पगुराबहार ने बंदरचूआ को 6 विकेट से हराकर जीता खिताब, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय रहीं मुख्य अतिथि…*

जशपुरनगर। बगिया में आयोजित स्वर्गीय ओमप्रकाश साय स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता सीजन-2 का भव्य एवं गरिमामय समापन गुरुवार को किया गया। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर अतिथियों द्वारा स्वर्गीय ओमप्रकाश साय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान पूरे परिसर में भावनात्मक माहौल देखने को मिला और उपस्थित जनसमूह ने स्वर्गीय साय के सामाजिक योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय उपस्थित रहीं। उन्होंने स्व. ओमप्रकाश साय के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय ओमप्रकाश साय समाज सेवा और जनकल्याण के कार्यों में सदैव अग्रणी भूमिका निभाते रहे। उन्होंने अपने जीवनकाल में क्षेत्र के विकास और लोगों की भलाई के लिए निरंतर कार्य किया, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि ऐसे महान व्यक्तित्व की स्मृति में आयोजित खेल प्रतियोगिता युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ समाज को एकता और भाईचारे का संदेश भी देती है।श्रीमती कौशल्या साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि खेल केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि अनुशासन, संघर्ष और टीम भावना सिखाने का सशक्त जरिया है। उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपने गांव, क्षेत्र एवं राज्य का नाम रोशन करें। उन्होंने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों एवं ग्रामीणों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं।फाइनल मुकाबला पगुराबहार और बंदरचूआ टीम के बीच खेला गया, जिसमें पगुराबहार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बंदरचूआ को 6 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। पगुराबहार ने टॉस जीतकर पहले फील्डिंग का फैसला लिया। बल्लेबाजी करने उतरी बंदरचूआ की टीम ने निर्धारित 10 ओवर में 86 रन का लक्ष्य खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी पगुराबहार की टीम ने बेहतरीन बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 6 विकेट से जीत दर्ज की।प्रतियोगिता में विजेता टीम पगुराबहार को प्रथम पुरस्कार स्वरूप 51 हजार रुपये नगद एवं ट्रॉफी प्रदान की गई, जबकि उपविजेता टीम बंदरचूआ को 21 हजार रुपये नगद एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में सरपंच राजकुमारी साय, किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष दिनेश प्रसाद चौधरी, जिला पंचायत सदस्य हीरामति पैंकरा, मंडल अध्यक्ष रवि यादव, जनपद सदस्य सरोज यादव, रामविलास राम, समिति सदस्य रामनारायण राम, अजीत साय, अवधेश साय, परमेश्वर साय, किशोर साय, राजेंद्र राम, विनोद साय, प्रवीण साय सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।पूरे आयोजन के दौरान खेल प्रेमियों में भारी उत्साह देखने को मिला और प्रतियोगिता ने क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने का महत्वपूर्ण कार्य किया।

*मयाली नेचर कैंप में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद…*

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*मयाली नेचर कैंप में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने लिया एडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद*

*मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास से विद्यार्थी अपने जीवन में प्राप्त कर सकते हैं लक्ष्य: कौशल्या साय, सरस्वती शिशु मंदिर के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम का हुआ आयोजन…*

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*मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास से विद्यार्थी अपने जीवन में प्राप्त कर सकते हैं लक्ष्य: कौशल्या साय, सरस्वती शिशु मंदिर के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम का हुआ आयोजन*

जशपुरनगर।मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय शनिवार को सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुनकुरी में आयोजित सरस्वती शिशु मंदिर के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुईं।इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना के साथ प्रस्तुत आकर्षक एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। श्रीमती साय ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों की अंतर्निहित प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन एवं सांस्कृतिक मूल्यों का विकास होता है। श्रीमती कौशल्या साय ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर जैसे विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में संस्कारों का भी निर्माण करते हैं, जिससे वे भविष्य में समाज और राष्ट्र के लिए जिम्मेदार नागरिक बन सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि आज का दौर नवीनतम तकनीकों और कड़ी प्रतिस्पर्धा का है। ऐसे समय में मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास से विद्यार्थी अपने जीवन के लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी सफलता प्राप्त करें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। श्रीमती साय ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शिक्षकों एवं गुरुजनों के समर्पित प्रयासों की भी सराहना की।इस मौके कर डीडीसी अनीता सिंह ने भी अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन से बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिलता है।कार्यक्रम में शिशु मंदिर के प्राचार्य, आचार्यगण एवं गुरुजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

*सड़क निर्माण कार्य गुणवत्ता युक्त और समय-सीमा में करें पूरा- मुख्यमंत्री श्री साय…*

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*सड़क निर्माण कार्य गुणवत्ता युक्त और समय-सीमा में करें पूरा- मुख्यमंत्री श्री साय*

*नारायणपुर-कोंडागांव निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का मुख्यमंत्री श्री साय ने किया निरीक्षण*

*एनएच-130डी कोंडागांव से नारायणपुर, कुतुल होते हुए महाराष्ट्र सीमा तक जोड़ेगा*

रायपुर, 31 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान नारायणपुरदृकोंडागांव के मध्य निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

*डबल इंजन सरकार में बस्तर के विकास को गति*

डबल इंजन की सरकार के तहत विकास कार्यों को गति देते हुए बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी के निर्माण को राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। एनएच-130डी, जिसकी कुल लंबाई लगभग 195 किलोमीटर है, एनएच-30 का शाखा मार्ग (स्पर रूट) है। यह मार्ग कोंडागांव से शुरू होकर नारायणपुर, कुतुल होते हुए महाराष्ट्र सीमा स्थित नेलांगुर तक जाता है। आगे महाराष्ट्र में यह मार्ग बिंगुंडा, लहरे, धोदराज, भमरगढ़, हेमा, लकासा होते हुए आलापल्ली तक पहुंचता है, जहां यह एनएच-353डी से जुड़ जाता है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग के विकसित होने से बस्तर क्षेत्र सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

*छत्तीसगढ़ में 122 किमी लंबा हिस्सा*

नेशनल हाईवे 130-डी का कोंडागांव से नारायणपुर तक लगभग 50 किलोमीटर का हिस्सा निर्माणाधीन है। नारायणपुर से कुतुल की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है, जबकि कुतुल से महाराष्ट्र सीमा स्थित नेलांगुर तक 21.5 किलोमीटर की दूरी है। इस प्रकार इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 195 किमी में से लगभग 122 किमी हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य में आता है। इस सड़क के पूर्ण होने से बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से सीधा, सुरक्षित और मजबूत सड़क संपर्क मिलेगा। साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुगम एवं सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होगा।

*प्रधानमंत्री के सहयोग से मिली फॉरेस्ट क्लीयरेंस*

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से इस राष्ट्रीय राजमार्ग के अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित हिस्से के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस एवं निर्माण की अनुमति प्राप्त हुई, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी केवल एक सड़क नहीं, बल्कि बस्तर अंचल की प्रगति का मार्ग है। सरकार इस परियोजना को तेज गति से पूर्ण करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस सड़क से बस्तर के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह मार्ग न केवल छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ेगा, बल्कि बस्तर के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी और क्षेत्र में विश्वास, निवेश तथा आवागमन को नई दिशा देगी। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री महेश कश्यप, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कोतबा क्षेत्र को दी विकास की बड़ी सौगात, 51 करोड़ 73 लाख रुपये के 28 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन…*

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कोतबा क्षेत्र को दी विकास की बड़ी सौगात*

*51 करोड़ 73 लाख रुपये के 28 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन*

*लुड़ेग में महतारी सदन, बागबहार में नवीन तहसील कार्यालय भवन का हुआ शुभारम्भ*

*क्षेत्र में स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और पेयजल व्यवस्था होगी सुदृढ़*

जशपुरनगर 24 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज विधानसभा क्षेत्र पत्थलगांव अंतर्गत नगर पंचायत कोतबा में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात दी। इस दौरान उन्होंने कुल 51 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत से पूर्ण होने वाले 28 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री के इस दौरे से पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र सहित कोतबा और आसपास के ग्रामीण अंचलों में बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और पेयजल व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना है। सुदूर और आदिवासी अंचलों में अधोसंरचना विकास, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सुगम आवागमन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र के नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।

*27 करोड़ 24 लाख रुपये के 19 कार्यों का भूमिपूजन* –

कोतबा में मुख्यमंत्री द्वारा 27 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से 19 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत ग्राम दोकड़ा में मिनी स्टेडियम, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के तहत पुलिया निर्माण, लोक निर्माण विभाग द्वारा विभिन्न सड़कों एवं पहुंच मार्गों का निर्माण, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा परियोजना कार्यालय सह संसाधन केंद्र भवन, तथा कोतबा में 50 बिस्तरीय नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण प्रमुख है। इसके साथ ही सेतु निर्माण उपसंभाग द्वारा उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के तहत शासकीय उद्यान रोपणी कार्यालय व आवास भवन, आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत बागबहार एवं बुलडेगा में कन्या आश्रम एवं लुड़ेग में प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं ग्राम गौरव पथ योजना के तहत सी.सी. सड़क व नाली निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।

*24 करोड़ लाख रुपये के 9 कार्यों का लोकार्पण* –

मुख्यमंत्री ने 24 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 9 कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सी.सी. सड़क निर्माण, लोक निर्माण विभाग द्वारा विभिन्न ग्रामीण व मुख्य सड़कों का निर्माण एवं मजबूतीकरण, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा बागबहार में तहसील कार्यालय भवन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कोतबा जल आवर्धन योजना, तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा लुड़ेग में महतारी सदन निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं।

*स्वास्थ्य, सड़क और जल आपूर्ति को मिलेगा बड़ा लाभ* –
विशेष रूप से 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण से कोतबा और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा विस्तार होगा। वहीं, नई सड़कों, पुल-पुलियों और पहुंच मार्गों के निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। जल आवर्धन योजना से पेयजल समस्या के समाधान में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। इसके साथ ही महतारी सदन से ग्रामीण महिलाओं को आजीविका संवर्धन के केंद्र का लाभ मिलेगा। नवीन तहसील कार्यालय भवन से लोगों को राजस्व सेवाओं के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए, ताकि जनता को शीघ्र इनका लाभ मिल सके। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

*CM विष्णुदेव साय ने कोतबा क्षेत्र को दी विकास की बड़ी सौगात, 51 करोड़ 73 लाख रुपये के 28 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन, लुड़ेग में महतारी सदन, बागबहार में नवीन तहसील कार्यालय भवन का हुआ शुभारम्भ, क्षेत्र में स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और पेयजल व्यवस्था होगी सुदृढ़*

जशपुरनगर 24 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज विधानसभा क्षेत्र पत्थलगांव अंतर्गत नगर पंचायत कोतबा में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात दी। इस दौरान उन्होंने कुल 51 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत से पूर्ण होने वाले 28 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री के इस दौरे से पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र सहित कोतबा और आसपास के ग्रामीण अंचलों में बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और पेयजल व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना है। सुदूर और आदिवासी अंचलों में अधोसंरचना विकास, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सुगम आवागमन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र के नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।

*27 करोड़ 24 लाख रुपये के 19 कार्यों का भूमिपूजन* –

कोतबा में मुख्यमंत्री द्वारा 27 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से 19 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत ग्राम दोकड़ा में मिनी स्टेडियम, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के तहत पुलिया निर्माण, लोक निर्माण विभाग द्वारा विभिन्न सड़कों एवं पहुंच मार्गों का निर्माण, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा परियोजना कार्यालय सह संसाधन केंद्र भवन, तथा कोतबा में 50 बिस्तरीय नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण प्रमुख है। इसके साथ ही सेतु निर्माण उपसंभाग द्वारा उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के तहत शासकीय उद्यान रोपणी कार्यालय व आवास भवन, आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत बागबहार एवं बुलडेगा में कन्या आश्रम एवं लुड़ेग में प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं ग्राम गौरव पथ योजना के तहत सी.सी. सड़क व नाली निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।

*24 करोड़ लाख रुपये के 9 कार्यों का लोकार्पण* –

मुख्यमंत्री ने 24 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 9 कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सी.सी. सड़क निर्माण, लोक निर्माण विभाग द्वारा विभिन्न ग्रामीण व मुख्य सड़कों का निर्माण एवं मजबूतीकरण, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा बागबहार में तहसील कार्यालय भवन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कोतबा जल आवर्धन योजना, तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा लुड़ेग में महतारी सदन निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं।

*स्वास्थ्य, सड़क और जल आपूर्ति को मिलेगा बड़ा लाभ* –
विशेष रूप से 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण से कोतबा और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा विस्तार होगा। वहीं, नई सड़कों, पुल-पुलियों और पहुंच मार्गों के निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। जल आवर्धन योजना से पेयजल समस्या के समाधान में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। इसके साथ ही महतारी सदन से ग्रामीण महिलाओं को आजीविका संवर्धन के केंद्र का लाभ मिलेगा। नवीन तहसील कार्यालय भवन से लोगों को राजस्व सेवाओं के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए, ताकि जनता को शीघ्र इनका लाभ मिल सके। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

*रायपुर साहित्य उत्सव–2026 के लिए आम जनता हेतु सुगम यातायात व्यवस्था : 23 से 25 जनवरी तक पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर में होगा साहित्य, संस्कृति और विचारों का संगम…*

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*रायपुर साहित्य उत्सव–2026 के लिए आम जनता हेतु सुगम यातायात व्यवस्था : 23 से 25 जनवरी तक पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर में होगा साहित्य, संस्कृति और विचारों का संगम*

रायपुर 20 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय पटल पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का भव्य आयोजन 23 से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में किया जा रहा है। आम नागरिकों, साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों एवं युवाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा उत्सव स्थल तक सुगम एवं निःशुल्क यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग बिना किसी बाधा के इस तीन दिवसीय साहित्यिक महोत्सव में सहभागिता कर सकें।

इस व्यवस्था के अंतर्गत रायपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कुल 6 विशेष बस रूट निर्धारित किए गए हैं। ये बसें तीनों दिन सुबह 9 बजे, 10.30 बजे, दोपहर 12 बजे, 1.30 बजे, 3 बजे तथा शाम 4.30 बजे निर्धारित समय-सारणी के अनुसार संचालित होंगी।

रूट क्रमांक 1 टाटीबंध से प्रारंभ होकर सरोना, रायपुरा चौक, कुशालपुर, भाठागांव चौक, संतोषी नगर चौक, पचपेड़ी नाका, एमएमआई, देवपुरी, डूमरतराई, माना मोड़, टेमरी, माना कैंप और नवा रायपुर होते हुए पुरखौती मुक्तांगन पहुंचेगा।

रूट क्रमांक 2 रेलवे स्टेशन से फाफाडीह चौक, डी. नगर, मेकाहारा, शास्त्री चौक, कालीबाड़ी, सिद्धार्थ चौक, पचपेड़ी नाका, एमएमआई, देवपुरी, डूमरतराई, माना मोड़, टेमरी, माना कैंप और नवा रायपुर होते हुए उत्सव स्थल तक जाएगा।

रूट क्रमांक 3 रेलवे स्टेशन से फाफाडीह चौक, मेकाहारा, घड़ी चौक, गांधी उद्यान, भगत सिंह चौक, तेलीबांधा, अवंतीबाई चौक, पं. दीनदयाल चौक, वीआईपी चौक, कृषि विश्वविद्यालय, लाभांडी, जोरा, नवा रायपुर एवं कैपिटल कॉम्प्लेक्स के मार्ग से पुरखौती मुक्तांगन पहुंचेगा।

इसी प्रकार रूट क्रमांक 4 यूनिवर्सिटी गेट से साइंस कॉलेज, आयुर्वेदिक कॉलेज, आश्रम, आमापारा, आज़ाद चौक, कालीबाड़ी, सिद्धार्थ चौक, पचपेड़ी नाका, एमएमआई, देवपुरी, डूमरतराई, माना मोड़, टेमरी, माना कैंप और नवा रायपुर होते हुए उत्सव स्थल तक संचालित होगा।

रूट क्रमांक 5 कचना से मोवा, लोधीपारा, पंडरी, शास्त्री चौक, कालीबाड़ी चौक, सिद्धार्थ चौक, पचपेड़ी नाका, महावीर नगर, तेलीबांधा, अवंतीबाई चौक, पं. दीनदयाल चौक, वीआईपी चौक, कृषि विश्वविद्यालय, लाभांडी, जोरा, नवा रायपुर एवं कैपिटल कॉम्प्लेक्स के रास्ते पुरखौती मुक्तांगन पहुंचेगा।

रूट क्रमांक 6 भाठागांव से पचपेड़ी नाका, एमएमआई, देवपुरी, डूमरतराई, माना मोड़, टेमरी, माना कैंप और नवा रायपुर होते हुए उत्सव स्थल तक संचालित किया जाएगा।

तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव–2026 छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा, लोक परंपराओं और साहित्यिक चेतना को नई पीढ़ी से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। इस अवसर पर देशभर से प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, कथाकार, विचारक, कलाकार, पत्रकार, रंगकर्मी एवं साहित्य प्रेमी सहभागिता करेंगे। उत्सव के दौरान साहित्यिक संवाद, विचार-मंथन, समकालीन विषयों पर परिचर्चाएँ, कविता पाठ, कथा सत्र, पुस्तक विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं कला-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे, जो साहित्यिक और वैचारिक विमर्श को नई दिशा देंगे।

उत्सव के अंतर्गत ओपन माइक सत्र का भी आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से आम नागरिकों, युवाओं एवं नवोदित रचनाकारों को कविता, कहानी, गीत, विचार अथवा नाट्य अंश के रूप में अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, राज्य के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में उत्सव की जानकारी व्यापक रूप से साझा की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों और युवाओं में साहित्य, भाषा और संस्कृति के प्रति रुचि विकसित हो सके।

आयोजन के दौरान देश के ख्यातिनाम प्रकाशन समूहों की पुस्तक स्टॉल भी लगाई जाएंगी, जहां पाठकों को विविध विषयों, भाषाओं और विधाओं की पुस्तकों से रूबरू होने और उन्हें खरीदने का अवसर मिलेगा।

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 में सहभागिता के लिए इच्छुक नागरिक, विद्यार्थी एवं साहित्य प्रेमी आधिकारिक वेबसाइट www.raipursahityautsav.org के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं।

*बगिया में स्व. ओमप्रकाश साय स्मृति क्रिकेट कप सीजन–2 का भव्य शुभारंभ, मुख्य अतिथि तोसेंद्र देव साय हुए शामिल…..*

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*बगिया में स्व. ओमप्रकाश साय स्मृति क्रिकेट कप सीजन–2 का भव्य शुभारंभ, मुख्य अतिथि तोसेंद्र देव साय हुए शामिल…..*

जशपुरनगर। स्वर्गीय ओमप्रकाश साय स्मृति क्रिकेट कप प्रतियोगिता बगिया सीजन–2 का आज शुक्रवार को शुभारंभ उत्साह और खेल भावना के साथ हुआ,इससे पहले स्व ओमप्रकाश साय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रध्दांजली दी गई। इसके बाद उद्घाटन मुकाबला बंदरचुवा और बगिया टीम के बीच खेला गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और ग्रामवासी मैदान में उपस्थित रहे।मैच में टॉस जीतकर बंदरचुवा की टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। निर्धारित 8 ओवर के इस रोमांचक मुकाबले में बंदरचुवा की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 88 रनों का लक्ष्य बगिया टीम के सामने रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी बगिया की टीम संघर्ष के बावजूद 52 रन ही बना सकी। इस तरह बंदरचुवा की टीम ने 36 रनों से निर्णायक जीत दर्ज कर प्रतियोगिता की जोरदार शुरुआत की।इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तोसेंद्र देव साय की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देती हैं तथा युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती हैं।कार्यक्रम में बगिया सरपंच राजकुमारी साय, जनपद सदस्य अटल बिहारी साय, मंडल अध्यक्ष रवि यादव, विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं आयोजन को सफल बनाने में क्रिकेट समिति के सदस्य अजीत साय, विनोद साय, परमेश्वर, किशोर, मुनेंद्र, संजय, राजेंद्र, रामनारायण, संजय, धनेश्वर सहित सभी सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।मैच के दौरान खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों से उत्साह बढ़ाया। आयोजन समिति द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया तथा सभी ग्राम पंचायतवासियों ने प्रतियोगिता को सफल बनाने में सहयोग दिया।स्व. ओमप्रकाश साय स्मृति क्रिकेट कप सीजन–2 का यह शुभारंभ न केवल खेल प्रेमियों के लिए रोमांचक रहा, बल्कि क्षेत्र में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा देने वाला भी सिद्ध हुआ। आगामी मैचों को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।