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*छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय…*

*छत्तीसगढ़ की धरती के कण-कण में बसे हैं भगवान श्रीराम : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

रायपुर 6 अप्रैल 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जशपुर जिले के कुनकुरी के सालियाटोली में आयोजित भव्य संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन और चरित्र का उल्लेख करते हुए उन्हें अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस पावन अवसर पर व्यासपीठ पर विराजमान परम पूज्य संत श्री चिन्मयानंद बापूजी को सादर नमन करते हुए कहा कि आज कुनकुरी की यह पावन धरा धन्य हो गई है। उन्होंने कहा कि सालियाटोली का यह स्टेडियम श्रीराम कथा के रसपान से साक्षात श्रीराम का धाम बन गया है और चारों ओर ‘जय श्रीराम’ की गूंज से वातावरण भक्तिमय हो उठा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु श्रीराम का छत्तीसगढ़ से अत्यंत गहरा संबंध है। यह माता कौशल्या की पावन धरती है और भगवान श्रीराम का ननिहाल है, जहाँ वे भांजे के रूप में घर-घर में पूजे जाते हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि भगवान श्रीराम ने अपने 14 वर्ष के वनवास का अधिकांश समय दंडकारण्य क्षेत्र एवं छत्तीसगढ़ के जंगलों में बिताया, जिससे यहाँ के कण-कण में राम की उपस्थिति अनुभव होती है। वनवास काल से जुड़े सीता रसोई जैसे अनेक पवित्र स्थल आज भी इस भूमि की आध्यात्मिक विरासत के साक्षी हैं।

उन्होंने कहा कि यह हम सभी का सौभाग्य है कि हम उस कालखंड में जीवन जी रहे हैं, जब अयोध्या में भगवान श्रीराम की पुनः प्रतिष्ठा हुई है। श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा ने पूरे भारत को विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दृढ़ संकल्प से संभव हो सका है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने यह संकल्प लिया था कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं को श्रीरामलला के दर्शन कराए जाएंगे। इसी भावना के अनुरूप राज्य सरकार ने गठन के साथ ही श्री रामलला दर्शन योजना प्रारंभ की, जिसके माध्यम से अब तक लगभग 42 हजार श्रद्धालु अयोध्या धाम में भगवान श्रीराम के दर्शन कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान श्रीराम भारतीय जनमानस के कण-कण में विराजमान हैं। जांजगीर क्षेत्र में रामभक्ति का विशेष स्वरूप देखने को मिलता है, जहाँ रामनामी समुदाय के लोग अपने रोम-रोम में राम का नाम बसाए हुए हैं और अपनी आस्था के प्रतीक स्वरूप अपने शरीर पर ‘राम-राम’ का गोदना अंकित कराते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीरामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह के लिए भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ से 300 मीट्रिक टन सुगंधित चावल और 100 टन से अधिक हरी सब्जियां अयोध्या भेजी गई थीं। यह विशेष भोग ननिहाल के प्रेम और 500 वर्षों के संघर्ष के पश्चात प्रभु की स्थापना के उपलक्ष्य में समर्पित किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ से गई डॉक्टरों की टीम एवं मेडिकल स्टाफ ने अयोध्या में रामभक्तों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने अवैध धर्मांतरण को रोकने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ में धर्म स्वातंत्र्य कानून लागू किया है, जिसके सख्त प्रावधानों के माध्यम से इस पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

इस अवसर पर नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, श्रीमती संयोगिता सिंह जूदेव, श्री सुनील गुप्ता, श्री उपेंद्र यादव, श्री सुनील अग्रवाल, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उपस्थित थे।

*2 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की भक्तिधारा 8 अप्रैल तक रहेगी प्रवाहित*

परम पूजनीय संत चिन्मयानंद बापूजी के श्रीमुख से 2 अप्रैल से प्रारंभ हुई श्रीराम कथा की पावन भक्तिधारा 8 अप्रैल तक निरंतर प्रवाहित होती रहेगी। इस दिव्य आयोजन में दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुँचकर कथा का रसपान कर रहे हैं। श्रीराम कथा महोत्सव के आयोजन से कुनकुरी सहित आसपास के समूचे क्षेत्र में गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित हो गया है। श्रद्धालुजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और भक्तिभाव के साथ कथा श्रवण कर प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारने का संकल्प ले रहे हैं।

*भक्ति, आस्था और उत्साह का बना अद्भुत संगम, राम नाम की गूंज से भक्तिमय हुआ कुनकुरी नगर…*

*भक्ति, आस्था और उत्साह का बना अद्भुत संगम, राम नाम की गूंज से भक्तिमय हुआ कुनकुरी नगर*

*श्रद्धालुओं ने भाव विभोर होकर सुना भगवान श्रीराम का जन्म प्रसंग, धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए संत का आह्वान*

कुनकुरी। यहां के सलिहाटोली में आयोजित 7 दिवसीय श्री राम कथा आयोजन के तीसरे दिन का दृश्य अत्यंत श्रद्धामय और भावुक रहा। पूजनीय संत चिन्मयानंद बापू ने भगवान श्रीराम के जन्म प्रसंग का ऐसा मार्मिक वर्णन किया कि कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालु भक्ति में डूब गए। जैसे ही राम जन्म का प्रसंग आया, पूरा पंडाल “जय श्रीराम” के उद्घोष से गूंज उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।संत ने बताया कि भगवान श्रीराम के जन्म के समय संपूर्ण सृष्टि आनंद में डूबी हुई थी। देवी-देवता विभिन्न रूप धारण कर अयोध्या पहुंचे थे और प्रकृति स्वयं इस दिव्य अवतार के स्वागत में सजी थी। उस काल में समाज में सुख, शांति और समरसता थी—वही सच्चे रामराज्य की झलक थी।कथा के दौरान उन्होंने भक्ति में भाव की महत्ता पर जोर देते हुए कहा कि भगवान एक ही हैं, किंतु भक्त जिस रूप में उन्हें मानता है, ईश्वर उसी रूप में दर्शन देते हैं। सच्चे मन और भाव से की गई भक्ति ही ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग है।
इस अवसर पर संत ने धर्मांतरण के विषय पर भी स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि सनातन धर्म में धर्मांतरण का कोई स्थान नहीं है। इसमें सदैव धर्म के आचरण और मूल्यों को सर्वोपरि माना गया है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि किसी भी परिस्थिति में अपने पूर्वजों के धर्म का त्याग नहीं करना चाहिए। जो लोग किसी कारणवश दूसरे धर्म में चले गए हैं, उनके पुनः सनातन धर्म में लौटने पर उनका सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाना चाहिए।संत ने “धर्मो रक्षति रक्षितः” का संदेश देते हुए कहा कि जो धर्म की रक्षा करता है, धर्म उसकी रक्षा करता है। उन्होंने भारत की परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के अनेक वीरों ने धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है।कथा के दौरान क्षेत्र के वीर शहीद बख्तर सिंह एवं मुंडन सिंह के अद्वितीय बलिदान का भी स्मरण किया गया। संत ने बताया कि इन क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अपने क्षेत्र और धर्म की रक्षा की तथा विदेशी प्रभाव को स्वीकार नहीं किया।इस भव्य आयोजन के लिए संत ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं उनकी धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय को साधुवाद देते हुए उनके प्रयासों की सराहना की। विशेष रूप से क्षेत्र में धार्मिक जागरूकता बढ़ाने में उनके योगदान को सराहा गया।पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। भक्ति, श्रद्धा और जय श्रीराम के जयघोष से पूरा कुनकुरी राममय हो उठा।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी 5 सड़कों के लिए 16 करोड़ 30 लाख की मंजूरी,क्षेत्र वासियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार…*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दी 5 सड़कों के लिए 16 करोड़ 30 लाख की मंजूरी,क्षेत्र वासियों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार…*

जशपुरनगर। जिले में सड़क विकास को नई गति देते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने 5 महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण के लिए लगभग 16 करोड़ 30 लाख रुपये की बड़ी सौगात दी है। इससे क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में आवागमन सुगम होगा और विकास को मजबूती मिलेगी।सड़क निर्माण की मंजूरी मिलने के बाद क्षेत्र वासियों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है। जिले के तिरसोठ से सत्तिपारा आंगनबाड़ी भवन से बटूराबहार गांधी चौक तक मार्ग निर्माण के लिए 2 करोड़ 27 लाख,
बेल्डेगी के नवापारा से चन्द्रपुर मार्ग निर्माण के लिए 2 करोड़ 98 लाख, NH 43 से छुरीपहरी चौराअम्मा मार्ग निर्माण के लिए 2 करोड़ 48 लाख,खुटगांव से घोघरजोर पहुँच मार्ग निर्माण के लिए 4 करोड़ 52 लाख,दूदूगजोर से पालीडीह तक मार्ग निर्माण के लिए 4 करोड़ 5 लाख रूपये की मंजूरी दी गई है ।इन सड़कों के निर्माण से जिले के दूरस्थ गांवों को मुख्य मार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय लोगों में इस मंजूरी को लेकर उत्साह का माहौल है और इसे विकास की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिले को सड़क निर्माण के लिए करोड़ों की दी सौगात

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले के सड़कों के निर्माण के लिए पिटारा खोल दिया है,अब तक सड़क निर्माण के लिए एक हजार करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि की मंजूरी मिल चुकी है।जिससे पहुंच विहीन दूरस्थ गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने की दिशा में तेजी से कार्य किए जा रहे हैं,सड़क की गुणवत्ता को लेकर भी सीएम साय ने उच्च अधिकारियों को भी लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी कर चुके हैं।साथ ही सड़क निर्माण गुणवत्ता के साथ समय सीमा पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।जिले के लिए कई सड़कों का निर्माण कार्य शुरू हो चुकी है , जिससे आवागमन को लेकर राजगीरों को बड़ी सुविधा मिलने जा रही है।

*डीजल पर एक्साइज ड्यूटी समाप्त, पेट्रोल पर ₹10 की कटौती—केंद्र सरकार के फैसले का मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत, मुख्यमंत्री ने कहा—140 करोड़ नागरिकों को सीधी राहत देने वाला ऐतिहासिक निर्णय, प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का परिचायक*

*डीजल पर एक्साइज ड्यूटी समाप्त, पेट्रोल पर ₹10 की कटौती—केंद्र सरकार के फैसले का मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने किया स्वागत*

*मुख्यमंत्री ने कहा—140 करोड़ नागरिकों को सीधी राहत देने वाला ऐतिहासिक निर्णय, प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता और दूरदर्शिता का परिचायक*

रायपुर 27 मार्च 2026/ केंद्र सरकार द्वारा डीजल को एक्साइज ड्यूटी से मुक्त करने और पेट्रोल पर ₹10 प्रति लीटर की कटौती करते हुए एक्साइज ड्यूटी को मात्र ₹3 प्रति लीटर करने के निर्णय का मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे देश के 140 करोड़ नागरिकों को सीधी राहत पहुंचाने वाला ऐतिहासिक और जनहितकारी कदम बताया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस निर्णय से देश के प्रत्येक परिवार, किसान, श्रमिक और मध्यमवर्ग को व्यापक राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के इस दौर में भी केंद्र सरकार द्वारा आम नागरिकों पर अतिरिक्त बोझ न बढ़ने देना एक बड़ी संवेदनशील पहल है, जो आमजन के जीवन को सीधे प्रभावित करेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए छत्तीसगढ़ की समस्त जनता की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्णय ले रही है। यह फैसला प्रधानमंत्री की दूरदर्शिता, संवेदनशीलता और देशवासियों के प्रति समर्पण का सशक्त उदाहरण है।

*मुख्यमंत्री निवास बगिया में श्री रामनवमी महायज्ञ का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब…*

*मुख्यमंत्री निवास बगिया में श्री रामनवमी महायज्ञ का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा में उमड़ा जनसैलाब…….*

जशपुरनगर। चैत्र रामनवमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री निवास बगिया में आयोजित चार दिवसीय श्री रामनवमी महायज्ञ का आज बुधवार को भव्य कलश यात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। पूरे क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कलश यात्रा मुख्यमंत्री निवास बगिया से प्रारंभ होकर नदी तट तक निकली तथा पुनः यज्ञ स्थल तक पहुंची, जिसमें महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर शामिल हुईं। भजन-कीर्तन और जय श्रीराम के उद्घोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से उपस्थित रहीं। वहीं, कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के भी शामिल होने की जानकारी दी गई है।आयोजन को लेकर बगिया सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी उत्साह देखा जा रहा है।इस धार्मिक कार्यक्रम का मुख्यमंत्री के भाई जयप्रकाश साय सह पत्नी द्वारा विधि विधान से पूजा अर्चना की जा रही है।कार्यक्रम के तहत आज मूर्ति स्थापना के साथ पूजा, हवन, आरती, लीला एवं भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। आगामी दिनों में धार्मिक अनुष्ठानों की श्रृंखला जारी रहेगी—26 मार्च: पूजन, हवन, आरती, प्रवचन एवं भजन-कीर्तन,27 मार्च: विशेष पूजन, नवकन्या पूजन, पूर्णाहुति एवं रात्रि में भव्य लीला,28 मार्च: सहस्त्रधारा स्नान, आशीर्वाद, मूर्ति विसर्जन एवं प्रसाद वितरण के साथ समापन होगा।यह भव्य आयोजन ग्राम बगिया के यज्ञ स्थल पर किया जा रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के साथ-साथ ओडिशा, झारखंड और मध्यप्रदेश से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।पूरे कार्यक्रम का संचालन धर्म संस्थापक परम पूज्य स्वामी धनपति पण्डा जी महाराज (गुरुधाम मुंडियापानी, लैलूंगा, रायगढ़) के आशीर्वाद में किया जा रहा है।श्रीमती कौशल्या साय ने जानकारी देते हुए बताया कि चैत्र नवरात्रि में यह महायज्ञ वर्ष 1993 से निरंतर आयोजित किया जा रहा है, जो क्षेत्र की आस्था और परंपरा का प्रतीक बन चुका है।चार दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में भक्ति संगीत, कथा-प्रवचन और विविध धार्मिक अनुष्ठानों से बगिया पूरी तरह भक्तिमय वातावरण में सराबोर रहेगा।

कृषि क्रांति एक्सपो 2.0 : कुनकुरी में आधुनिक खेती का महाकुंभ शुरू

जशपुरनगर 23 मार्च 2026/ किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, उन्नत कृषि यंत्रों और नवीन खेती पद्धतियों से जोड़ने के उद्देश्य से जिले में कृषि क्रांति एक्सपो 2.0 का आयोजन 23 से 25 मार्च 2026 तक कृषि महाविद्यालय, कुनकुरी में किया जा रहा है। यह तीन दिवसीय आयोजन किसानों के लिए एक बड़े अवसर के रूप में सामने आया है, जहां उन्हें आधुनिक कृषि के विविध आयामों से अवगत कराया जा रहा है। एक्सपो में कृषि सहित संबद्ध विभागों पशुपालन, मछलीपालन एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा स्टाल लगाये गए है। साथ ही प्रदेश सहित अन्य राज्यों के कृषि उत्पाद एवं कृषि उपकरण विक्रेताओं ने भी स्टाल लगाकर किसानों को नवीन तकनीकों एवं मशीनों की जानकारी दे रहे है। कार्यक्रम में जिले सहित अन्य जिलों के कृषकगण भारी संख्या में आकर जानकारी ले रहे है। कार्यक्रम का शुभारम्भ आज पत्थलगांव विधानसभा की विधायक एवं सरगुजा क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष श्रीमती गोमती साय के मुख्य आतिथ्य में हुआ। मुख्य अतिथि सहित अन्य अतिथियों ने एक्सपो में लगे विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया और उन्नत कृषि तकनीकों का अवलोकन किया। सभी ने नाशपाती उत्पादन, पुष्प फसल, मसाले, आम, मिर्च की खेती की उन्नत विधियों के साथ-साथ वैज्ञानिक मछली पालन, रेशम उत्पादन, सामुदायिक बीज बैंक, बकरी पालन, जैविक कीट नियंत्रण और मृदा संरक्षण जैसे विषयों पर प्रदर्शित नवाचारों की जानकारी ली। कार्यक्रम में अध्यक्ष छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल श्री रामप्रताप सिंह, छत्तीसगढ़ माटीकला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शम्भूनाथ चक्रवर्ती, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, एसएसपी श्री लाल उमेद सिंह, डीएफओ श्री शशि कुमार, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, डीडीसी श्रीमती अनिता सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी – कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में कृषकगण मौजूद रहे।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक श्रीमती गोमती साय ने अपने संबोधन में कहा कि जशपुर की भौगोलिक विविधता इसे कृषि के लिए अत्यंत उपयुक्त बनाती है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी क्षेत्रों में फलदार फसलों जैसे नाशपाती, लीची और चाय की अपार संभावनाएं हैं, जबकि मैदानी क्षेत्रों में धान जैसी पारंपरिक फसलों का बेहतर उत्पादन किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह एक्सपो किसानों को क्षेत्र और मौसम के अनुसार फसल चयन, उन्नत तकनीक अपनाने, विपणन व्यवस्था को समझने और उत्पादन बढ़ाने में मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगा। उन्होंने ड्रिप सिंचाई तकनीक को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे जल संरक्षण के साथ-साथ फसलों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। साथ ही उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने की अपील करते हुए कहा कि इससे रसायन मुक्त उत्पादन संभव होता है, जो स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। उन्होंने महिलाओं से भी कृषि क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने की अपील की। इस अवसर पर श्री रामप्रताप सिंह एवं श्री शंभुनाथ चक्रवर्ती ने भी किसानों को संबोधित करते हुए कृषि क्रांति एक्सपो को किसानों के लिए बेहत लाभदायक बताया।

इस अवसर पर कलेक्टर श्री व्यास ने कहा कि जिला प्रशासन जशपुर द्वारा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत आयोजित इस एक्सपो का उद्देश्य किसानों, एफपीओ, कृषि कंपनियों, स्टार्टअप, खरीदारों, प्रोसेसर, निर्यातकों, वित्तीय संस्थानों और शासकीय विभागों को एक मंच पर लाना है, ताकि तकनीक, बाजार और संसाधनों का बेहतर समन्वय हो सके। इस दौरान किसान मेला एवं क्रेता-विक्रेता सम्मेलन, कंपनियों के साथ एमओयू एवं मार्केट लिंकिंग, कृषि विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण एवं कार्यशालाएं तथा प्रगतिशील किसानों का सम्मान जैसे विशेष आयोजन भी किए जा रहे हैं।

*मुख्य आकर्षण बने आधुनिक कृषि मॉडल*-

एक्सपो में 108 किस्मों के सामुदायिक बीज बैंक, एकीकृत कृषि प्रणाली का जीवंत प्रदर्शन, आधुनिक मृदा एवं पोषक तत्व प्रबंधन, ड्रोन तकनीक, जैविक एवं प्राकृतिक खेती मॉडल, मिलेट्स, फल, सब्जी एवं जनजातीय उत्पादों की प्रदर्शनी प्रमुख आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। प्रदर्शनी में उन्नत बीज, जैव उर्वरक, एकीकृत मृदा एवं कीट प्रबंधन, मशरूम उत्पादन, कृषि प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन से संबंधित जानकारी और लाइव डेमो प्रस्तुत किए जा रहे हैं। यह आयोजन न केवल किसानों को नई तकनीकों से जोड़ने का माध्यम बन रहा है, बल्कि जिले में कृषि के समग्र विकास और किसानों की आय वृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।

*किसानों के लिए विशेष प्रशिक्षण सत्र* –

कार्यक्रम के दौरान किसानों के लिए विषयवार तकनीकी प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन सत्रों में कृषि विशेषज्ञ एवं प्रगतिशील किसान आधुनिक खेती, उन्नत बीज उत्पादन, जैविक खेती, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, ड्रोन आधारित कृषि, उद्यानिकी तथा कृषि आधारित उद्यमिता जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान कर रहे हैं। कृषि क्रांति एक्सपो के अंतर्गत किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जा रहा है। इसमें उत्कृष्ट डेयरी किसान, उत्कृष्ट मत्स्य पालक, उत्कृष्ट बागवानी किसान, उत्कृष्ट बीज संरक्षक, उन्नत बीज उत्पादक तथा नवाचार करने वाले प्रगतिशील किसानों का चयन कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा।

*स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ*

*स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का संदेश: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने विधानसभा परिसर में तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का किया शुभारंभ*

रायपुर, 17 मार्च 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा परिसर में आयोजित तीन दिवसीय स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शिविर में स्वयं स्वास्थ्य जांच कराकर स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वर्तमान जीवनशैली में शारीरिक गतिविधियों में कमी आने के कारण विभिन्न प्रकार की बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में नियमित स्वास्थ्य जांच अत्यंत आवश्यक हो गई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने से व्यक्ति समय रहते जागरूक रहकर आवश्यक सावधानी अपनाते हुए गंभीर बीमारियों से बचाव कर सकता है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही सशक्त समाज और समृद्ध राज्य की नींव होते हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह द्वारा की गई इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर न केवल लोगों को जागरूक करते हैं, बल्कि उन्हें अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित भी करते हैं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग के सचिव श्री अमित कटारिया, संचालक स्वास्थ्य श्री संजीव कुमार झा, सीजीएमएससी के प्रबंध संचालक श्री रितेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

*ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज में हुई दुर्घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक*

*ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज में हुई दुर्घटना पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक*

रायपुर 16 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने ओडिशा के कटक स्थित एससीबी मेडिकल कॉलेज के ट्रॉमा केयर आईसीयू में आग लगने की दुर्घटना में हुई जनहानि पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। उन्होंने इस घटना को अत्यंत पीड़ादायक और हृदयविदारक बताया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ व्यक्त करते हुए कहा कि इस दुखद घड़ी में छत्तीसगढ़ की जनता उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ईश्वर से दिवंगत आत्माओं की शांति तथा घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी से प्रार्थना करते हुए कहा कि वे दिवंगत पुण्यात्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवारों को इस कठिन समय को सहने की शक्ति प्रदान करें।

*मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की त्वरित निराकरण ,जर्जर पुल का निर्माण कार्य हुआ शुरू, वर्षों से जोखिम उठाकर गुजर रहे थे राहगीर, क्षेत्र वासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार……*

*मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की त्वरित निराकरण ,जर्जर पुल का निर्माण कार्य हुआ शुरू, वर्षों से जोखिम उठाकर गुजर रहे थे राहगीर, क्षेत्र वासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार……*

जशपुरनगर 13 मार्च 2026/ जिले के सिंगीबहार से कछुआ कानी मुख्य मार्ग पर स्थित अत्यंत जर्जर पुल के निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी गई है। लंबे समय से इस पुल की हालत खराब होने के कारण राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर थे। अब मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के निर्देश पर संबंधित विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पुल निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया है।बताया जा रहा है कि सिंगी बहार–कछुआ कानी मार्ग क्षेत्र के लिए काफी महत्वपूर्ण मार्ग है, जो छत्तीसगढ़ को पड़ोसी राज्यों झारखंड और ओडिशा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाता है। पुल के जर्जर हो जाने के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों, खासकर ग्रामीणों और मजदूरों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। मामले की जानकारी मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया तक पहुंचने के बाद अधिकारियों को तत्काल पुल निर्माण के लिए निर्देशित किया गया। निर्देश मिलते ही विभाग ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, जिससे जल्द ही क्षेत्रवासियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।पुल निर्माण कार्य शुरू होने से क्षेत्र में खुशी का माहौल है। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि वर्षों से चली आ रही समस्या का अब समाधान होने जा रहा है। लोगों को उम्मीद है कि पुल बनने से न केवल आवागमन सुरक्षित होगा, बल्कि आसपास के गांवों के विकास और व्यापार को भी गति मिलेगी।

*ग्रामीण विकास में सरपंचों की है महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री से जशपुर जिले के सरपंचों ने की मुलाकात…*

ग्रामीण विकास में सरपंचों की है महत्वपूर्ण भूमिका – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री से जशपुर जिले के सरपंचों ने की मुलाकात

रायपुर, 10 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज छत्तीसगढ़ विधानसभा स्थित उनके कार्यालय के सभा कक्ष में जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए सरपंचों के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने बड़ी आत्मीयता से सरपंचों से भेंट कर उनके क्षेत्र की स्थिति तथा विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ग्रामीण विकास में सरपंचों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं पंच के रूप में जनसेवा का कार्य प्रारंभ किया था। पंच रहने के बाद वे सरपंच बने और आगे चलकर विधायक तथा सांसद के रूप में भी जनता की सेवा करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरपंच में अपने गांव और पंचायत के विकास के लिए समर्पण और जज्बा हो, तो वह अपने क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर अधोसंरचना विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की बड़ी जिम्मेदारी सरपंचों के कंधों पर होती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास को नई गति मिल रही है। उन्होंने सरपंचों से आग्रह किया कि वे योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि ग्रामीण जनता को उनका पूरा लाभ मिल सके।उन्होंने कहा कि समर्पित नेतृत्व और योजना के सही क्रियान्वयन से कोई भी पंचायत आदर्श पंचायत बन सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास के अवसर बढ़ रहे हैं। उन्होंने सरपंचों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने पंचायत क्षेत्र की समस्याओं और विकास से जुड़े मुद्दों पर विभागीय मंत्रियों और अधिकारियों के साथ निरंतर संपर्क में रहें तथा योजनाओं के क्रियान्वयन में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि अध्ययन भ्रमण का उद्देश्य अन्य क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों को देखकर सीखना और उन्हें अपने गांवों में लागू करना है।

उल्लेखनीय है कि जशपुर जिले से चार दिवसीय अध्ययन भ्रमण पर आए 35 सरपंचों का दल आज विधानसभा की कार्यवाही देखने विधानसभा पहुंचा था। भ्रमण के दौरान यह दल दुर्ग जिले के ग्राम पंचायत पतोरा तथा धमतरी जिले के ग्राम पंचायत सांकरा में हुए विकास कार्यों का अवलोकन भी करेगा।

इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, श्रीमती रायमुनि भगत सहित जशपुर जिले से आए सरपंचगण उपस्थित थे।