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मोदी की गारंटी, साय सरकार का संकल्प : दीपावली पर 4670 परिवारों को पक्के घर की सौगात….

रायपुर: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता से प्रदेश के शहरी जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर का सपना साकार होने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है। दीपावली के शुभ अवसर पर भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के अंतर्गत 4670 नए आवासों की स्वीकृति प्रदान की है। प्रदेश के 27 जिलों के 84 नगरीय निकायों में यह मंजूरी दीपावली की सौगात बनकर आई है।

*बीएलसी में 60,623 और एएचपी में 15,463 आवासों को स्वीकृति*

इस नवीन स्वीकृति से पूर्व भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के अंतर्गत 55 हजार 953 हितग्राहियों तथा भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी) घटक के अंतर्गत 15 हजार 463 हितग्राहियों के आवास स्वीकृत किए जा चुके थे। इस प्रकार दोनों घटकों में पहले ही कुल 71 हजार 416 आवासों को मंजूरी मिल चुकी थी।

अब 4670 नए आवासों की स्वीकृति के साथ बीएलसी घटक में स्वीकृत आवासों की संख्या बढ़कर 60 हजार 623 हो गई है। एएचपी घटक के 15 हजार 463 आवासों को मिलाकर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के इन दोनों घटकों के अंतर्गत अब तक कुल 76 हजार 086 हितग्राहियों के आवासों को भारत सरकार की मंजूरी मिल चुकी है।

संवेदनशीलता के साथ शहरी गरीब परिवारों के लिए इन आवासों की मंजूरी गरीब कल्याण को प्राथमिकता देने वाली डबल इंजन सरकार के संकल्प को रेखांकित करती है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से अपने पक्के घर की उम्मीद संजोए हजारों परिवारों के सपनों को नई मजबूती मिल रही है।

*हर पात्र परिवार को पक्का आवास दिलाने प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवीन आवासों की स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को छत्तीसगढ़ में तेजी से साकार किया जा रहा है। उन्होंने सभी नए लाभार्थी परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि 4670 नए आवासों की स्वीकृति से हजारों शहरी गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना पूरा होगा। राज्य सरकार हर पात्र परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

दीपावली पर मिली यह सौगात उन परिवारों के लिए विशेष महत्व रखती है, जो अपने घर के आंगन में खुशियों के दीप जलाने का सपना संजोए हुए हैं। आवास की स्वीकृति उनके लिए केवल मकान निर्माण का अवसर नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की दिशा में बढ़ता कदम है।

*हर शहरी गरीब को अपना घर मिले, यही हमारा लक्ष्य : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव*

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने इस स्वीकृति को नगरीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए सभी हितग्राही परिवारों को बधाई दी है। उन्होंने संबंधित सभी 84 नगरीय निकायों को हितग्राहियों के आवास निर्माण में हर संभव सहयोग प्रदान करने और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के हर शहरी गरीब को अपना घर मिले, यही राज्य सरकार का लक्ष्य है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार के प्रयास, प्रदेश के जरूरतमंद परिवारों के अपने आशियाने की उम्मीद को आगे बढ़ा रहे हैं। दीपावली पर बड़ी संख्या में नए आवासों की स्वीकृति इसी प्रतिबद्धता का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है—ताकि आने वाले समय में इन परिवारों के अपने पक्के घरों में भी खुशियों के दीप जगमगाएं।

माँ महामाया शक्कर कारखाना केरता में गन्ना खरीदी मूल्य वृद्धि पर आभार एवं कृषक चौपाल कार्यक्रम आयोजित….

रायपुर: माँ महामाया शक्कर कारखाना केरता में गन्ना खरीदी मूल्य में वृद्धि के उपलक्ष्य में आभार एवं कृषक चौपाल कार्यक्रम का आयोजन कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में गन्ना उत्पादक किसानों ने खरीदी मूल्य में वृद्धि के निर्णय पर राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री नेताम ने किसानों को संबोधित करते हुए शासन की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी तथा गन्ना उत्पादक किसानों को बोनस राशि का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसान धरतीपुत्र हैं, जिनके अथक परिश्रम और मेहनत से देश की खाद्यान्न संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति होती है। किसानों की खुशहाली और आर्थिक समृद्धि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने किसानों की प्रसन्नता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की प्रगति का आधार है।
मंत्री श्री नेताम ने माँ महामाया शक्कर कारखाने की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरगुजा अंचल के गन्ना उत्पादक किसानों की मांग और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शक्कर कारखाने की स्थापना की दिशा में पहल की गई थी। जिसका उद्देश्य स्थानीय किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना तथा क्षेत्र में कृषि आधारित औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना था। उन्होंने कहा कि अब शक्कर कारखाने को और अधिक विकसित करने तथा वैल्यू एडिशन के माध्यम से इसकी उपयोगिता एवं आर्थिक संभावनाओं को बढ़ाने की आवश्यकता है।

कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गन्ना खरीदी मूल्य बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। साथ ही किसानों को बोनस का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धान के स्थान पर दलहन, तिलहन जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप किसानों को 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने किसानों को फसल विविधीकरण की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

कृषि मंत्री श्री नेताम ने किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों और कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से कम पानी एवं संतुलित उर्वरक उपयोग के माध्यम से भी बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए किसानों से जैविक एवं प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते ने गन्ना खरीदी मूल्य में वृद्धि के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माँ महामाया शक्कर कारखाने की स्थापना से लेकर इसके विकास तक किसानों के हितों को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री के प्रयासों से गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धान उत्पादक किसानों के साथ-साथ गन्ना उत्पादक किसानों के हितों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने कहा कि रिवॉल्विंग फंड की घोषणा से गन्ना उत्पादक किसानों में नया उत्साह है। उन्होंने कहा कि आगामी कार्ययोजना के अनुरूप शक्कर कारखाने की रिकवरी दर में वृद्धि तथा गन्ने के खेती रकबे के विस्तार के लिए विशेष प्रयास किया जायेगा। इससे शक्कर कारखाने की उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ किसानों को भी अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन किसानों की आय में वृद्धि एवं गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

कृषक चौपाल के दौरान गन्ना उत्पादक किसानों ने अपने अनुभव, सुझाव एवं आवश्यकताओं को साझा किया। कृषि मंत्री श्री नेताम ने किसानों की बातों को सुना तथा कृषि क्षेत्र के विकास एवं किसानों की सुविधाओं के विस्तार के प्रति शासन की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, अन्य जनप्रतिनिधिगण, अपर कलेक्टर श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, अनुविभागीय अधिकारी श्री रमेश मोर, कृषि अधिकारी सुश्री सम्पदा पैकरा, सहित, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गन्ना उत्पादक किसान उपस्थित रहे।

जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के लिए मास्टर ट्रेनर्स के प्रथम बैच का प्रशिक्षण संपन्न…

रायपुर: भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण अर्थात् मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य छत्तीसगढ़ में 01 से 30 मई 2026 तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अब दूसरे चरण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राज्य में इस चरण का मैदानी कार्य 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर प्रत्येक परिवार के सदस्यों की गणना करेंगे।

जनगणना जैसे व्यापक राष्ट्रीय कार्य की सफलता के लिए प्रशिक्षित और दक्ष मानव संसाधन महत्वपूर्ण है। दूसरे चरण में राज्यभर में लगभग 66 हजार प्रगणक एवं पर्यवेक्षक मैदानी स्तर पर कार्य करेंगे। इनके प्रशिक्षण के लिए जिलों द्वारा 1,120 फील्ड ट्रेनर्स नामित किए गए हैं। फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षित करने के लिए जिलों से 47 और जनगणना कार्य निदेशालय से 13, कुल 60 मास्टर ट्रेनर्स नामित किए गए हैं।

भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव के मार्गदर्शन तथा जनगणना के नोडल एवं गृह विभाग की राज्य नोडल अधिकारी श्रीमती निहारिका बारीक, प्रमुख सचिव और जनगणना कार्य निदेशालय, छत्तीसगढ़ के निदेशक श्री कार्तिकेया गोयल के दिशा-निर्देशों में मास्टर ट्रेनर्स का राज्यस्तरीय प्रशिक्षण नवा रायपुर अटल नगर स्थित प्रशासन अकादमी में आयोजित किया जा रहा है।

प्रशिक्षण दो बैचों में आयोजित किया जा रहा है। प्रथम बैच का चार दिवसीय प्रशिक्षण 02 नवम्बर से शुरू होकर 05 नवम्बर को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। छत्तीसगढ़ के लिए नामित राष्ट्रीय प्रशिक्षक श्री अशोक मिश्र और श्री प्रदीप कुमार साव, दोनों संयुक्त निदेशक, ने प्रशिक्षण प्रदान किया।

जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के लिए मास्टर ट्रेनर्स के प्रथम बैच का प्रशिक्षण संपन्न

प्रथम बैच में 16 जिलों में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर- रामानुजगंज, सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, कोरबा, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मुंगेली, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, बलौदाबाजार-भाटापारा और खैरागढ़-छुईखदान- गंडई के मास्टर ट्रेनर्स शामिल हुए। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को जनगणना के दूसरे चरण की प्रक्रिया, प्रश्नावली, प्रगणना की तकनीकी बारीकियों, मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, आंकड़ों के संकलन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने सहित विभिन्न विषयों की जानकारी दी गई। व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें आगे फील्ड ट्रेनर्स को प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने के लिए तैयार किया गया।

*प्रशिक्षण श्रृंखला का दूसरा बैच 16 से 19 नवम्बर 2026*

प्रशिक्षण श्रृंखला का दूसरा बैच 16 से 19 नवम्बर 2026 तक प्रशासन अकादमी, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित होगा। इस बैच को भी दोनों राष्ट्रीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण देंगे। मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण के बाद वे जिला स्तर पर फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षित करेंगे। इसके बाद फील्ड ट्रेनर्स प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। इस बहुस्तरीय व्यवस्था के माध्यम से राज्य के सभी जनगणना कार्यकर्ताओं को दूसरे चरण के लिए तैयार किया जाएगा।

जनगणना-2027 का दूसरा चरण राज्य के प्रत्येक व्यक्ति की गणना सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है। प्रशिक्षण के सभी स्तरों पर तकनीकी दक्षता, कार्य की शुद्धता, समयबद्धता और उत्तरदायित्व पर विशेष बल दिया जा रहा है, ताकि छत्तीसगढ़ में जनगणना का कार्य व्यवस्थित और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न हो सके।

मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट 2026 की कार्यकारी समिति की प्रथम बैठक संपन्न…..

रायपुर: मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026 के अंतर्गत गठित कार्यकारी समिति की प्रथम बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित किए जा रहें सुधार प्रस्तावों, जोखिम-आधारित वर्गीकरण तथा ईओडीबी नियमों के चरणबद्ध क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति की विस्तृत एवं गहन समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान प्रस्तुत कार्ययोजना के अनुसार उद्योगों एवं व्यवसायों को उनके संचालन के लिए भवनों के स्वरूप, ऊंचाई और निर्मित क्षेत्र के आधार पर कम जोखिम, स्व-प्रमाणीकरण और स्व-घोषणा के आधार पर तुरंत स्वीकृति व निरीक्षण से राहत, मध्यम जोखिम, थर्ड पार्टी सर्टिफिकेशन एवं अधिकृत विशेषज्ञों के प्रमाणीकरण के माध्यम से समयबद्ध मंजूरी के लिए नियमों के बारे में विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में उच्च जोखिम, निर्धारित सुरक्षा मानकों, अग्निशमन नियमों और जन-सुरक्षा के आधार पर विभागीय भौतिक निरीक्षण के पश्चात त्वरित स्वीकृति, विभागीय समीक्षा और सिंगल विंडो सिस्टम एकीकरण, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए गठित जिला सशक्त समिति, कार्यकारी परिषद और कार्यकारी समिति की प्रक्रियाओं को समयबद्ध सीमा के भीतर अधिसूचित कर दिया गया है।

बैठक में नगरीय प्रशासन, आबकारी, आवास एवं पर्यावरण, उद्योग, गृह-अग्निशमन, संस्कृति, जल संसाधन तथा लोक निर्माण विभाग के व्यावसायिक सेवाओं के जोखिम वर्गीकरण, लोक सेवा गारंटी समय-सीमा और सिंगल विंडो पोर्टल एकीकरण की स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी संबंधित विभाग ईओडीबी नियमों के प्रारूप पर अपने अंतिम सुझाव त्वरित रूप से प्रेषित करें, जिससे निवेशकों को अनावश्यक प्रक्रियाओं से मुक्ति मिले और प्रदेश में सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों को पारदर्शी, डिजिटल और सुगम वातावरण प्राप्त हो सके।

बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनीष कुमार ठाकुर, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गन्ना किसानों को अब 425 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा खरीदी मूल्य, बोनस से भी बढ़ेगी आय, कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने केरता शक्कर कारखाने में किसानों को वितरित की बोनस राशि, जैविक खेती और फसल विविधीकरण अपनाने पर दिया जोर……

रायपुर: छत्तीसगढ़ में गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने गन्ने का खरीदी मूल्य बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। इसके साथ ही किसानों को बोनस का लाभ भी दिया जा रहा है। सूरजपुर जिले के माँ महामाया शक्कर कारखाना केरता में गुरुवार को आयोजित आभार एवं कृषक चौपाल कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों को बोनस राशि वितरित की। गन्ना खरीदी मूल्य में वृद्धि के निर्णय पर किसानों ने राज्य सरकार के प्रति आभार जताया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा के मजबूत आधार हैं। उनके परिश्रम से ही देश की खाद्यान्न जरूरतें पूरी होती हैं। किसानों की खुशहाली और आर्थिक समृद्धि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की प्रगति का आधार है।

मंत्री ने कहा कि सरगुजा अंचल के गन्ना उत्पादक किसानों की जरूरतों और मांग को देखते हुए माँ महामाया शक्कर कारखाने की स्थापना की पहल की गई थी। इसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के साथ क्षेत्र में कृषि आधारित औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना था। अब कारखाने को और विकसित करने तथा वैल्यू एडिशन के माध्यम से इसकी आर्थिक संभावनाएं बढ़ाने की जरूरत है।

कृषि मंत्री ने किसानों से धान के साथ दलहन और तिलहन जैसी वैकल्पिक फसलों को भी अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि धान के स्थान पर इन वैकल्पिक फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए निर्धारित प्रावधानों के तहत किसानों को 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने केरता शक्कर कारखाने में किसानों को वितरित की बोनस राशि, जैविक खेती और फसल विविधीकरण अपनाने पर दिया जोर

नेताम ने आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर जोर देते हुए कहा कि वैज्ञानिक तकनीक और कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से कम पानी तथा संतुलित उर्वरक के उपयोग में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।

प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते ने गन्ना खरीदी मूल्य में वृद्धि के लिए राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि माँ महामाया शक्कर कारखाने की स्थापना से लेकर इसके विकास तक किसानों के हितों को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के प्रयासों से गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

कलेक्टर रेना जमील ने कहा कि रिवॉल्विंग फंड की घोषणा से गन्ना उत्पादक किसानों में नया उत्साह है। आगामी कार्ययोजना के तहत कारखाने की रिकवरी दर बढ़ाने और गन्ने की खेती का रकबा विस्तार करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। इससे कारखाने की उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ किसानों को भी अधिक आर्थिक लाभ मिल सकेगा।

कृषक चौपाल में किसानों ने अपनी समस्याएं, अनुभव और सुझाव साझा किए। कृषि मंत्री ने उनकी बातें सुनते हुए कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों की सुविधाओं के विस्तार के लिए शासन की प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, अपर कलेक्टर नयनतारा सिंह तोमर, एसडीएम रमेश मोर, कृषि अधिकारी सम्पदा पैकरा सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में गन्ना उत्पादक किसान मौजूद रहे।

राज्योत्सव में प्रतिभाओं को मिला सम्मान : राष्ट्रीय स्तर पर जिले का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ी हुए सम्मानित…..

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित वीर शहीद धनंजय सिंह राजपूत स्टेडियम में भव्य जिला स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन हर्षाेल्लास एवं उत्साह के साथ किया गया। इस दौरान राष्ट्रीय स्तर पर जिले का मान बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया, इनमें देवकी यादव, नीतू साहू और बैडमिंटन खिलाड़ी हर्ष शर्मा शामिल है। इसके साथ ही सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत जिले में विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा, अभिव्यक्ति कौशल एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से जिला स्तरीय भाषण एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।

प्रतियोगिता में जिले के विभिन्न विकासखंडों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के विभिन्न वर्गों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का चयन प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए किया गया है। भाषण प्रतियोगिता के प्राथमिक स्तर पर पथरिया विकासखंड की संजना साहू एवं देविका प्रजापति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मुंगेली विकासखंड की तारिणी साहू द्वितीय स्थान पर रहीं। माही कुलमित्र ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पूर्व माध्यमिक स्तर पर पथरिया के श्री अभिजीत राजपूत ने प्रथम, मुंगेली के श्री दिव्यांश ठाकुर ने द्वितीय तथा लोरमी की कु. राधिका शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्तर पर मुंगेली की कु. सुधा साहू एवं लोरमी की कु. सांझी शर्मा ने प्रथम स्थान हासिल किया। पथरिया की कु. सरस्वती साहू ने द्वितीय तथा लोरमी की कु. दीपा साकत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

चित्रकला प्रतियोगिता के प्राथमिक स्तर पर लोरमी के श्री सुदर्शन केवर्त ने प्रथम, मुंगेली की लवली मानिकपुरी ने द्वितीय तथा पथरिया की भावना साहू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। पूर्व माध्यमिक स्तर पर मुंगेली की रीना साहू प्रथम, पथरिया की उर्वी गुप्ता द्वितीय तथा लोरमी की चिंकी जायसवाल एवं मुंगेली की कविता साहू ने तृतीय स्थान हासिल किया। हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्तर पर मुंगेली के श्री समीर मिरी ने प्रथम, पथरिया के श्री आदित्य भारद्वाज ने द्वितीय तथा मुंगेली की टिकेश्वरी नागवंशी एवं संजना कश्यप ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

इसी क्रम में मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण 2026 के अंतर्गत शिक्षा दूत पुरस्कार के लिए जिले के 09 शिक्षकों का चयन किया गया है। इनमें मुंगेली विकासखंड से श्रीमती हेमलता शर्मा, श्रीमती परवीन बेबी दिवाकर एवं श्रीमती गीता किरण सोनी, लोरमी से श्री गीता राम साहू, श्री लेख राम नेताम एवं श्री नोहर सिंह कोहली तथा पथरिया से श्री गुना राम निर्मलकर, श्री महेन्द्र कुमार देवांगन एवं श्री संतोष कुमार शामिल हैं। वहीं ज्ञानदीप पुरस्कार 2026 के लिए 03 शिक्षकों का चयन किया गया है। इनमें मुंगेली से श्रीमती विमला कश्यप, पथरिया से श्रीमती विजयलक्ष्मी सोनवानी तथा लोरमी से श्री भूपेन्द्र सिंह राजपूत शामिल हैं। इन सभी चयनित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने जिले का गौरव बढ़ाया है।

जैविक एवं प्राकृतिक खेती तथा संतुलित उर्वरक उपयोग पर किसानों को किया गया जागरूक…..

रायपुर: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद-राष्ट्रीय जैविक स्ट्रेस प्रबंधन संस्थान, रायपुर द्वारा संचालित खेत बचाओ अभियान-रबी 2026 के अंतर्गत आज जिला बेमेतरा के साजा विकासखंड की ग्राम पंचायत पदमी में किसान जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में गांव के 25 किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के दौरान वैज्ञानिक डॉ. एल. एल. खरबिकर एवं डॉ. अजय वर्मा ने किसानों को आधुनिक, टिकाऊ एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, उर्वरकों के संतुलित एवं उचित उपयोग तथा पर्यावरण अनुकूल कृषि तकनीकों को अपनाने पर विशेष जोर दिया।

तकनीकी व्याख्यानों के माध्यम से किसानों को बताया गया कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, कृषि लागत कम करने तथा फसल उत्पादन की गुणवत्ता एवं स्थिरता बढ़ाने के लिए वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों को अपनाना आवश्यक है। इसके साथ ही किसानों और वैज्ञानिकों के बीच सीधा संवाद भी आयोजित किया गया, जिसमें किसानों ने खेती से संबंधित अपनी समस्याओं एवं जिज्ञासाओं को साझा किया तथा वैज्ञानिकों से उपयोगी सुझाव प्राप्त किए।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत पदमी की सरपंच श्रीमती हेमलता सिन्हा की उपस्थिति रही।

संस्थान द्वारा संचालित खेत बचाओ अभियान का उद्देश्य किसानों को मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन, प्राकृतिक एवं जैविक खेती, जल संरक्षण तथा जलवायु अनुकूल कृषि तकनीकों के प्रति जागरूक करना है, ताकि खेती को अधिक टिकाऊ, लाभकारी एवं पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सके।

लक्ष्य निर्धारित कर प्लानिंग और तैयारी करें, सफलता मिलेगी – वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी…..

रायपुर: वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने शासकीय खेमराज लक्ष्मीचंद कला एवं वाणिज्य कॉलेज बागबाहरा के ओपन स्टेडियम का फीता काटकर लोकार्पण किया। यह स्टेडियम 134. 67 लाख रुपये की लागत से निर्मित है। इसके बाद वित्त मंत्री ने कॉलेज प्रांगण में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों द्वारा माँ सरस्वती के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्ववलित कर की गई। इस अवसर पर पूर्व विधायक श्री परेस बागबाहरा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती मोंगरा पटेल, भारत स्काउट गाइड के जिलाध्यक्ष श्री येतराम साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री भीखम सिंह ठाकुर,  Jherh vydk paækdj एवं स्थानीय जनप्रतिनधिगण, प्रभारी प्राचार्य शिव गोपाल रात्रे, प्रोफेसर एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। कार्यक्रम में राष्ट्रगीत वन्दे मातरम, राष्ट्रगान जन गण मन और राजकीय गीत अरपा पैरी के धार का सामूहिक गायन किया गया।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने इस अवसर पर छात्रा भारती साहू सहित अन्य युवाओं से संवाद कर राजधानी रायपुर में स्थित राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों आईआईएम, एम्स, ट्रिपल आईटी, एचएनएलयू, सिपेट, के बारे में प्रश्न पूछकर युवाओं से जवाब मांगा और सही जवाब देने पर प्रति जवाब में उत्तर देने वाले और प्रश्न करने वाले युवाओं को एक हजार रूपये का प्रोत्साहन राशि उन्हें प्रतियोगी परीक्षाओं के पुस्तकें खरीदने के लिए दिया गया। साथ ही जनप्रतिनिधि श्रीमती अलका चंद्राकर को जिम्मेदारी दी कि इन युवाओं को इन राष्ट्रीय संस्थानों का भ्रमण अवलोकन कराए। जिससे वे इन संस्थाओं के बारे में जानकर वे इन सस्थाओं से कैरियर बना सकेंगे।

लक्ष्य निर्धारित कर प्लानिंग और तैयारी करें, सफलता मिलेगी - वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी

वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चैधरी ने युवाओं को कैरियर मार्गदर्शन और प्रेरणा देते हुए कहा कि, आप सब काॅलेज के इस पढ़ाई के स्वर्णिम और महत्वपूर्ण मोड पर हैं, जहां भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। आप जो कुछ बनने की सोचेंगे, उसके लिए प्लानिंग करें। अभी 5 से 7 साल में अच्छा तैयारी कर लें, जो चाहोगे कर सकते हैं । सही समय पर सही काम करें। साथ ही जिंदगी में जो भी फैसले लो, उसके सभी पहलुओं और परिणाम के लिए तैयार रहें। जब तक लक्ष्य तय नहीं करेंगे तो आगे बढ़ नहीं पाएंगे। लक्ष्य केंद्रित कर सभी सफलता पा सकते हैं। इसके साथ ही अपने पसंदीदा रोजगार मूलक कोर्स (नर्सिंग, तकनीकी और आर्ट) में भी अपना कैरियर बना सकते हैं।

नक्सल प्रभावित सुकमा के 50 ग्रामीण पहली बार ट्रेन से पहुंचे गुजरात, प्रधानमंत्री की मौजूदगी में राष्ट्रीय एकता परेड के बने साक्षी…..

रायपुर: बस्तर के जंगलों से निकलकर गुजरात के एकता नगर तक पहुंची यह यात्रा केवल 50 ग्रामीणों का सफर नहीं थी, बल्कि बदलते सुकमा की एक ऐसी तस्वीर थी, जिसमें पहली बार ट्रेन में बैठने का उत्साह भी था और देश के सबसे बड़े राष्ट्रीय आयोजनों में से एक का हिस्सा बनने का गौरव भी। कभी नक्सल चुनौती के कारण चर्चा में रहने वाले सुकमा के ग्रामीणों ने गुजरात के केवड़िया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह और भव्य परेड को अपनी आंखों से देखा। जब परेड में छत्तीसगढ़ पुलिस के DRG और STF के जवानों ने कदमताल की, तो सुकमा से पहुंचे ग्रामीणों ने तालियों की गूंज के साथ उनका उत्साह बढ़ाया।

नक्सल प्रभावित सुकमा के 50 ग्रामीण पहली बार ट्रेन से पहुंचे गुजरात, प्रधानमंत्री की मौजूदगी में राष्ट्रीय एकता परेड के बने साक्षी

सुकमा जिले के अलग-अलग गांवों से आए 50 नागरिकों के इस दल के लिए गुजरात की यात्रा कई मायनों में खास रही। इनमें बड़ी संख्या ऐसे ग्रामीणों की थी, जिन्होंने अपने जीवन में पहली बार ट्रेन से सफर किया। गांवों की परिचित सीमाओं से बाहर निकलकर लंबी रेल यात्रा करना, नए प्रदेश को देखना और राष्ट्रीय स्तर के भव्य समारोह में शामिल होना उनके लिए एक नया अनुभव था। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी के सानिध्य में आयोजित राष्ट्रीय एकता परेड ने इस यात्रा को यादगार बना दिया।

नक्सल प्रभावित सुकमा के 50 ग्रामीण पहली बार ट्रेन से पहुंचे गुजरात, प्रधानमंत्री की मौजूदगी में राष्ट्रीय एकता परेड के बने साक्षी

जिन जवानों पर गर्व, उन्हें राष्ट्रीय मंच पर कदमताल करते देखा

एकता नगर में आयोजित समारोह के दौरान ग्रामीणों ने छत्तीसगढ़ पुलिस के उन जवानों को परेड में हिस्सा लेते देखा, जो बस्तर के चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में सुरक्षा और शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाते हैं। DRG और STF के जवानों की अनुशासित कदमताल ने ग्रामीणों को गौरवान्वित किया। अपने ही प्रदेश के जवानों को राष्ट्रीय मंच पर प्रतिनिधित्व करते देख उन्होंने तालियां बजाकर उनका मनोबल बढ़ाया। यह उनके लिए केवल परेड देखना नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र के जवानों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने का अनुभव भी था।

पुलिस की पहल से गांवों के लोगों को मिला देश देखने का अवसर

इस विशेष यात्रा का आयोजन पुलिस अधीक्षक सुकमा श्री मयंक गुर्जर (भापुसे) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री मनोज तिर्की के मार्गदर्शन में किया गया। उप पुलिस अधीक्षक श्री सपन चौधरी के नेतृत्व में 50 सदस्यीय दल गुजरात पहुंचा। यात्रा के दौरान ग्रामीणों को राष्ट्रीय एकता समारोह में भाग लेने के साथ स्टैच्यू ऑफ यूनिटी देखने और गुजरात की संस्कृति तथा परिवेश से परिचित होने का अवसर मिला।

वापसी पर एसपी ने सुने अनुभव, पुष्पगुच्छ देकर किया स्वागत

गुजरात प्रवास के बाद सुकमा लौटे सभी 50 नागरिकों का पुलिस अधीक्षक श्री मयंक गुर्जर ने अपने कार्यालय में आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने प्रत्येक सदस्य को पुष्पगुच्छ भेंट कर अभिनंदन किया और उनसे यात्रा के अनुभव सुने। ग्रामीणों ने बताया कि पहली बार ट्रेन में बैठने से लेकर प्रधानमंत्री की उपस्थिति में आयोजित राष्ट्रीय समारोह देखने तक, यह पूरी यात्रा उनके जीवन की अविस्मरणीय स्मृति बन गई है।

नक्सल प्रभावित सुकमा के 50 ग्रामीण पहली बार ट्रेन से पहुंचे गुजरात, प्रधानमंत्री की मौजूदगी में राष्ट्रीय एकता परेड के बने साक्षी

दल के सदस्यों ने इस अवसर के लिए सुकमा पुलिस और छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उनके लिए यह यात्रा केवल गुजरात भ्रमण नहीं, बल्कि अपने गांव से निकलकर देश की विविधता, एकता और राष्ट्रीय गौरव को करीब से देखने का अवसर बन गई।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जशपुर में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की 4 मोबाइल मेडिकल यूनिट का किया शुभारंभ…..

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जशपुर प्रवास के दौरान विश्राम गृह परिसर में भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की चार मोबाइल मेडिकल यूनिट का शुभारंभ किया। इन मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों में रहने वाले नागरिकों को उनके नजदीकी हाट-बाजारों में निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह पहल विशेष रूप से उन क्षेत्रों के नागरिकों के लिए लाभकारी होगी, जहां स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि प्रदेश सरकार का संकल्प है कि बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। विशेष रूप से जनजातीय बहुल और दूरस्थ अंचलों में रहने वाले नागरिकों को सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में किसी भी व्यक्ति को उपचार से वंचित न रहना पड़े, इसके लिए सरकार निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जशपुर जैसे भौगोलिक रूप से विस्तृत और वनांचल क्षेत्रों वाले जिले में मोबाइल मेडिकल यूनिट स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बनेंगी। हाट-बाजार ग्रामीण जीवन और स्थानीय अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इन स्थानों पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होने से ग्रामीणों को अपने दैनिक कार्यों के साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। इससे उपचार के लिए दूरस्थ स्वास्थ्य संस्थानों तक जाने में लगने वाले समय और खर्च में भी कमी आएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि मानव सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में रेडक्रॉस सोसायटी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। चार मोबाइल मेडिकल यूनिट की शुरुआत से जशपुर जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और विशेष रूप से जरूरतमंद एवं दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला हैं। राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ ही ऐसी जनहितकारी पहलों को प्रोत्साहित कर रही है, जिनसे स्वास्थ्य सेवाएं सीधे नागरिकों तक पहुंच सकें।

इस अवसर पर रायगढ़ सांसद श्री राधेश्याम राठिया, जशपुर विधायक श्रीमती रायमुनि भगत, पत्थलगांव विधायक श्रीमती गोमती साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव, श्री सुनील गुप्ता, श्री भरत सिंह, श्री अमर सुल्तानिया, श्री कृष्णा राय, सरगुजा संभागायुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा, सरगुजा पुलिस महानिरीक्षक श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं अधिकारी उपस्थित थे।