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*वैश्विक निवेश के मंच पर छत्तीसगढ़ की नई छलांग: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सिंगापुर पहुँचे, निवेशकों के साथ संभावनाओं पर होगी महत्वपूर्ण चर्चा…*

वैश्विक निवेश के मंच पर छत्तीसगढ़ की नई छलांग: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सिंगापुर पहुँचे, निवेशकों के साथ संभावनाओं पर होगी महत्वपूर्ण चर्चा

SING फोरम 2026 में छत्तीसगढ़ की भागीदारी से बढ़ेगा वैश्विक निवेश का दायरा, नई औद्योगिक नीति और संसाधनों से निवेशकों को प्रदेश की संभावनाओं से कराया जाएगा परिचित

सिंगापुर। भारत सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा छत्तीसगढ़ को नामित किए जाने के बाद प्रदेश में निवेश की नई संभावनाओं को विस्तार देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय सिंगापुर पहुँचे। सिंगापुर पहुँचने पर भारत के उच्चायुक्त डॉ. शिल्पक अंबुले जी ने उनका आत्मीय स्वागत किया।

सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन द्वारा आयोजित प्रथम SING फोरम 2026 में छत्तीसगढ़ की सहभागिता प्रदेश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निवेश और औद्योगिक अवसरों को विस्तार देने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर है। इस प्रतिष्ठित वैश्विक मंच के माध्यम से छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, विकास की संभावनाओं और निवेश के अनुकूल वातावरण को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

CEO राउंडटेबल में वैश्विक उद्योग जगत से सीधा संवाद

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय SING फोरम के दौरान CEO राउंडटेबल में सिंगापुर के प्रमुख निवेशकों एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा करेंगे। इस दौरान छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विस्तार, नई परियोजनाओं और उभरते आर्थिक क्षेत्रों को लेकर संवाद होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख निवेश गंतव्यों में स्थापित करने के साथ-साथ वैश्विक निवेश मानचित्र पर प्रदेश की मजबूत पहचान बनाना है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, प्रचुर प्राकृतिक संसाधन, सुदृढ़ अधोसंरचना, कुशल मानव संसाधन और उभरते हुए नए क्षेत्रों में निवेश की व्यापक संभावनाएं हैं। सरकार इन सभी क्षमताओं को उद्योग और निवेश के अवसरों में परिवर्तित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

वैश्विक निवेशकों तक पहुँचेगा ‘नवा छत्तीसगढ़’ का संदेश

सिंगापुर में होने वाली बैठकों और संवादों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता और निवेश-अनुकूल वातावरण को वैश्विक स्तर पर सामने रखने का अवसर मिलेगा। सरकार का प्रयास है कि अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के साथ मजबूत साझेदारी विकसित हो और प्रदेश में रोजगार, उद्योग तथा आर्थिक गतिविधियों के नए अवसरों का विस्तार हो।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ अब स्थानीय संसाधनों और क्षमताओं को वैश्विक निवेश से जोड़ते हुए औद्योगिक विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।

*छत्तीसगढ़ सदन, नई दिल्ली में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री को दी श्रद्धांजलि, सत्य-अहिंसा और ‘जय जवान-जय किसान’ के आदर्शों को आत्मसात करने का लिया संकल्प…*

छत्तीसगढ़ सदन, नई दिल्ली में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री को दी श्रद्धांजलि, सत्य-अहिंसा और ‘जय जवान-जय किसान’ के आदर्शों को आत्मसात करने का लिया संकल्प…

नई दिल्ली, 2 अक्टूबर 2026। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती के अवसर पर उन्हें सादर नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी जी का सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह का मार्ग तथा पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री जी का ‘जय जवान-जय किसान’ का अमर मंत्र देशवासियों को सदैव राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और जनकल्याण की प्रेरणा देता रहेगा।

उन्होंने कहा कि दोनों महान विभूतियों का जीवन सादगी, त्याग, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण का अनुपम उदाहरण है। महात्मा गांधी जी ने सत्य और अहिंसा के माध्यम से देश को स्वतंत्रता के लिए एकजुट किया, वहीं शास्त्री जी ने कठिन परिस्थितियों में भी दृढ़ नेतृत्व और सादगी की मिसाल प्रस्तुत की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज का दिन हमें उनके विचारों और आदर्शों को अपने जीवन एवं सार्वजनिक दायित्वों में अपनाने की प्रेरणा देता है। उनके बताए मार्ग पर चलते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और जनकल्याण का लाभ पहुंचाना तथा प्रदेश को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सशक्त बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी जी के सत्य और अहिंसा के सिद्धांत तथा शास्त्री जी के राष्ट्रभक्ति और किसान-जवान के सम्मान के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। इन महान व्यक्तित्वों के आदर्शों को आत्मसात कर हम विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और मजबूत कर सकते हैं।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. लाल बहादुर शास्त्री जी के राष्ट्र निर्माण में योगदान को स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया।

*मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 1 करोड़ 9 लाख रुपये की लागत से बोखी से झारपारा बस्ती होते हुए सहसपुर मार्ग तक बनी सड़क* *सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से लगाई थी गुहार…*

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*ग्रामीणों की वर्षों पुरानी मांग हुई पूरी, सड़क निर्माण से आवागमन हुआ सुगम*

*मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 1 करोड़ 9 लाख रुपये की लागत से बोखी से झारपारा बस्ती होते हुए सहसपुर मार्ग तक बनी सड़क*

*सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से लगाई थी गुहार*

जशपुरनगर। जशपुर जिले के फरसाबहार तहसील क्षेत्र के ग्रामीणों की बहुप्रतीक्षित मांग पूरी हो गई है। बोखी से झारपारा बस्ती होते हुए सहसपुर मार्ग तक सड़क का निर्माण पूरा होने से अब क्षेत्र के ग्रामीणों और राहगीरों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिल रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत लगभग 1 करोड़ 9 लाख रुपये की लागत से निर्मित इस सड़क से क्षेत्र की कई बस्तियों का संपर्क सुगम हुआ है।ग्रामीण लंबे समय से इस मार्ग के निर्माण की मांग कर रहे थे। सड़क की समस्या को लेकर क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के समक्ष अपनी मांग रखी थी। ग्रामीणों की इस मांग पर सड़क निर्माण होने से अब लोगों को आवागमन में होने वाली परेशानियों से राहत मिली है।

*सड़क बनने से ग्रामीणों को मिली आवागमन में बड़ी सुविधा*

बोखी से झारपारा बस्ती होते हुए सहसपुर मार्ग तक सड़क बनने से ग्रामीणों को आवागमन के साथ ही दैनिक जरूरतों, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए आने-जाने में सुविधा होने लगी है। विशेषकर बरसात के दिनों में सड़क की स्थिति के कारण होने वाली परेशानियों से भी राहत मिल गई है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति ग्रामीणों ने जताया आभार*

सड़क निर्माण कार्य पूरी होने पर क्षेत्र के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। ग्रामीणों ने कहा कि सड़क निर्माण से उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान हुआ है। यह मार्ग क्षेत्र के विकास और ग्रामीणों की सुविधा की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल से जल्द शुरू होगा फरसाबहार का सत्य सांई मातृ शिशु अस्पताल, महिलाओं व नवजात शिशुओं को मिलेगी निःशुल्क चिकित्सा की सुविधा…*

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की विशेष पहल से जल्द शुरू होगा फरसाबहार का सत्य सांई मातृ शिशु अस्पताल*

*महिलाओं व नवजात शिशुओं को मिलेगी निःशुल्क चिकित्सा की सुविधा*

जशपुरनगर। जिले के फरसाबहार में निर्माणाधीन सत्य सांई मातृ शिशु अस्पताल का निर्माण अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। उम्मीद की जा रही है यह अस्पताल इसी साल शुरू हो जाएगा। इसके शुरू हो जाने से छत्तीसगढ़ के साथ झारखंड और ओडिसा के सीमावर्ती के जिले के जरूरतमंद मरीजों को भी मिलेगी। इस अस्पताल का संचालन देश की प्रसिद्व समाज सेवी संस्था सत्य सांई ट्रस्ट द्वारा किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों से जशपुर जिले को इस अस्पताल की सौगात मिली है। सीएमएचओ (मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी) डा जीएस जात्रा ने बताया कि फरसाबहार के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एक हिस्से में इस अस्पताल का संचालन शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए बिस्तर सहित अन्य समान लगाए जा रहे हैं। इस अस्पताल में गर्भवती माताओं को सामान्य प्रसव,सिजेरियन प्रसव और प्रसव के बाद आवश्यक उपचार की आधुनिक सुविधा मिलेगी। इसके लिए सत्य सांई ट्रस्ट की ओर से विशेषज्ञ गायनिक चिकित्सक की नियुक्ति की जाएगी। चिकित्सक की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। वहीं,इस अस्पताल के संचालन में लगने वाले आवश्यक उपकरणों की खरीदी के लिए जिला प्रशासन ने खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) से प्रस्ताव बना कर शासन को भेजा है। इसकी स्वीकृति मिलते ही खरीदी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के साथ पड़ोसी राज्यों को मिलेगा लाभ –
सत्य सांई मातृ शिशु अस्पताल के शुरू हो जाने से जशपुर के साथ रायगढ़,सरगुजा जिले और पड़ोसी राज्य ओडिसा व झारखंड की सीमा पर स्थित ग्रामीण अंचल को मिलेगा। इसके साथ ही मरीजों को नीजि अस्पतालों के महंगे उपचार से बड़ी राहत मिलेगी। जिले में फिलहाल राजा देवशरण जिला चिकित्सालय में मातृ शिशु चिकित्सालय संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही कुनकुरी में भी इस तरह का एक अस्पताल निर्माणाधीन है। फरसाबहार के सत्य सांई अस्पताल में शिशुवती महिलाओं को पूरी तरह से निश्शुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी।
जिले में विकसीत हो रहा है चिकित्सा सेवा –
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में बीते लगभग ढाई साल में जिले में स्वास्थ्य सेवा में लगातार सुधार व विस्तार हो रहा है। मेडिकल कालेज के साथ ही जिले में नर्सिंग व फिजियो थेरेपी कालेज अस्तित्व में आ चुका है। जगदेवराम उरांव कल्याण आश्रम अस्पताल के भवन का निर्माण भी अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस अस्पताल के संचालन के चिकित्सक सहित आवश्यक स्टाफ की भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। फरसाबहार में सत्य सांई ट्रस्ट द्वारा सत्य सांई मातृ शिशु अस्पताल का निर्माण भी तेजी से चल रहा है। इस अस्पताल के बन जाने से छत्तीसगढ़ के साथ पड़ोसी राज्य ओडिसा व झारखंड के मरीजों को भी लाभ मिल सकेगा। कुनकुरी में मातृ शिशु अस्पताल का निर्माण भी चल रहा है। इन सारे चिकित्सा संस्थानों के शुरू हो जाने से आदिवासी बाहुल्य जशपुर जिले में स्वास्थ्य लाभ के लिए दूसरे जिले व राज्यों की दौड़ बीते दिनों की बात हो जाएगी। इसके साथ ही जिले के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भौतिक व मानव संसाधन भी मुख्यमंत्री साय ने उपलब्ध कराया है। संजीवनी एंबुलेंस की संख्या लगभग दोगुनी हो चुकी है।

*मुख्यमंत्री निवास बगिया में दीपों से सजा प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन, योजनाओं और उपलब्धियों की दिखी झलक, श्रीराम मंदिर से प्रधानमंत्री आवास और उज्ज्वला योजना तक दीपों से बनाया गया आकर्षक मानचित्र, महिलाओं व लाभार्थियों ने दीर्घायु की कामना कर मनाया जन्मदिन…*

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मुख्यमंत्री निवास बगिया में दीपों से सजा प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन, योजनाओं और उपलब्धियों की दिखी झलक

श्रीराम मंदिर से प्रधानमंत्री आवास और उज्ज्वला योजना तक दीपों से बनाया गया आकर्षक मानचित्र

महिलाओं व लाभार्थियों ने दीर्घायु की कामना कर मनाया जन्मदिन….

जशपुरनगर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के गृह ग्राम बगिया में गुरुवार को विशेष आयोजन किया गया। दीप प्रज्वलन के माध्यम से केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं एवं महत्वपूर्ण कार्यों की आकर्षक झांकी प्रस्तुत की गई।बगिया में श्रीराम मंदिर, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं एवं कार्यों को दीपों से मानचित्र के रूप में सजाया गया। दीपों की रोशनी से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का निजी निवास, हेलीपेड, अटल चौक सहित श्री फलेश्वर नाथ मंदिर परिसर भी जगमगा उठा। पूरे आयोजन ने बगिया को दीपों की रोशनी से आकर्षक रूप प्रदान किया।

*महिलाओं ने दीप जलाकर काटा केक*

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को खास बनाने के लिए स्थानीय महिलाओं ने उत्साहपूर्वक दीप प्रज्वलित किए और केक काटकर खुशी जाहिर की। महिलाओं ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए उनके प्रति आशीर्वाद एवं शुभकामनाएं व्यक्त कीं।
आयोजन में प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और उज्ज्वला योजना सहित विभिन्न योजनाओं के लाभार्थी भी शामिल हुए। लाभार्थियों ने दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपनी शुभकामनाएं एवं आभार व्यक्त किया। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पात्र किसान परिवारों को प्रतिवर्ष ₹6,000 की सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। वहीं प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराने का प्रावधान है।

*जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय हुए शामिल*

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय भी शामिल हुए और दीप प्रज्वलन कर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर उनके दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय और जनकल्याणकारी योजनाएं लागू हुई हैं। उन्होंने श्रीराम मंदिर, अनुच्छेद 370, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और आयुष्मान भारत जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन योजनाओं से देश के विभिन्न वर्गों तक सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास हुआ है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास, महिलाओं के लिए उज्ज्वला जैसी योजनाओं तथा किसानों के लिए किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं से बड़ी संख्या में लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

*दीपों की रोशनी में दिखी जनकल्याण की तस्वीर*

बगिया में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में दीपों के माध्यम से योजनाओं और विकास कार्यों की प्रस्तुति ने आयोजन को अलग पहचान दी। दीपों से सजा श्रीराम मंदिर, प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला योजना और अन्य योजनाओं का मानचित्र आकर्षण का केंद्र रहा। स्थानीय महिलाओं, योजना लाभार्थियों एवं ग्रामीणों की भागीदारी से कार्यक्रम में उत्सव का माहौल बना रहा।

*सड़क किनारे पसरे पर अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मीरा के पसरे से खरीदा ‘आशीर्वाद का दीया’….*

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*सड़क किनारे पसरे पर अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, मीरा के पसरे से खरीदा ‘आशीर्वाद का दीया’*

*तेलीबांधा मरीन ड्राइव में मिट्टी के दीये बेच रही मीरा से मुख्यमंत्री ने की आत्मीय बातचीत, एक हजार रुपए देकर किया उसके श्रम और स्वावलंबन का सम्मान*

*मुख्यमंत्री ने पूछा – सरकार की योजनाओं का लाभ मिल रहा है? मीरा ने बताया – जनधन खाता खुला है, महतारी वंदन योजना की राशि भी मिल रही*

*‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए मुख्यमंत्री ने स्वयं खरीदा मिट्टी का दीया, सेवा और जनभागीदारी के संकल्प से जुड़ने का किया आह्वान*

*स्थानीय श्रम और स्वावलंबन के सम्मान का संदेश दे गया मुख्यमंत्री का सहज अंदाज*

रायपुर 15 सितंबर 2026/ राजधानी रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में सड़क किनारे पसरा लगाकर मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के लिए आज का दिन अचानक बेहद खास बन गया। रोज की तरह वह अपने छोटे से पसरे पर दीये सजाकर ग्राहकों की प्रतीक्षा कर रही थी। इसी बीच मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का काफिला अचानक उसके पसरे के पास जाकर रुक गया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मीरा के पसरे पर रखे मिट्टी के दीयों को देखा और ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के लिए वहीं से एक दीया खरीदा। मुख्यमंत्री ने महिला को एक हजार रुपए प्रदान किए। मुख्यमंत्री का यह सहज भाव स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसाय के माध्यम से आजीविका अर्जित करने वाली मीरा के श्रम, स्वाभिमान और स्वावलंबन के सम्मान का सुंदर संदेश भी दे गया।

मुख्यमंत्री का सड़क किनारे लगे छोटे से पसरे पर अचानक पहुंचना आसपास मौजूद लोगों के लिए भी सुखद आश्चर्य का अवसर बन गया। बिना किसी औपचारिकता के मुख्यमंत्री ने मीरा से उसके कामकाज और परिवार का हालचाल पूछा।

बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने मीरा से पूछा कि उसे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं। मुख्यमंत्री के सवाल पर मीरा ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत उसका बैंक खाता खुल चुका है। उसने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उसे हर महीने एक हजार रुपए की राशि प्राप्त हो रही है।

महिला के मुंह से योजनाओं का लाभ मिलने की बात सुनकर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक सीधे पहुंचे, उसे संबल दे और उसके जीवन को बेहतर बनाने में सहायक बने। शासन की प्राथमिकता यही है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पूरी सहजता और पारदर्शिता के साथ पहुंचे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री जनधन योजना ने गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर आर्थिक समावेशन का मजबूत आधार तैयार किया है। बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने के कारण आज विभिन्न योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों तक पहुंच रही है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह राशि उनके छोटे-बड़े दैनिक खर्चों में सहयोग देने के साथ उनमें आर्थिक आत्मविश्वास भी बढ़ा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सड़क किनारे पसरा लगाने वाले छोटे विक्रेता हों, कुम्हार हों, शिल्पकार हों अथवा स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली हमारी माताएं और बहनें – इन सभी के परिश्रम में आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की शक्ति निहित है। अपने हुनर और मेहनत से आजीविका अर्जित करने वाले ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना केवल किसी वस्तु की खरीद नहीं है। उसके पीछे किसी परिवार का श्रम, किसी कारीगर का हुनर और किसी छोटे व्यवसायी के आत्मसम्मान से जुड़ी आजीविका होती है। जब हम स्थानीय विक्रेताओं और कारीगरों से सामान खरीदते हैं तो हमारे इस छोटे से प्रयास से उनके परिवार और उनकी आजीविका को संबल मिलता है।

*सेवा और जनभागीदारी का प्रतीक बनेगा ‘आशीर्वाद का दीया’*

मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा मीरा से खरीदा गया मिट्टी का यह दीया ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित होने वाले ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम का हिस्सा बनेगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, जनकल्याण और विकास के प्रति सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में दीया केवल प्रकाश का माध्यम नहीं, बल्कि आशा और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक है। मिट्टी का एक छोटा-सा दीया जब जलता है तो अपने आसपास के अंधकार को दूर करता है। इसी तरह समाज का प्रत्येक व्यक्ति जब सेवा का एक छोटा-सा संकल्प लेकर आगे बढ़ता है तो सामूहिक प्रयास से बड़े और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है।

उन्होंने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ इसी भावना को अभिव्यक्त करता है। यह सेवा और विकास के प्रति हमारे संकल्प तथा जनभागीदारी के सामर्थ्य का प्रतीक है। प्रदेश के नागरिक जब इस भावना से जुड़ेंगे तो सेवा का यह संकल्प घर-घर और जन-जन तक पहुंचेगा।

*सेवा को जन-जन का संकल्प बनाने का अभियान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किए हैं। प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है। यह अभियान सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को जनभागीदारी के माध्यम से और मजबूत करने का अवसर है।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सेवा संकल्प अभियान से पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ जुड़ें। अपने गांव, शहर और आसपास स्वच्छता के कार्यों में सहभागी बनें, पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएं, जरूरतमंदों की सहायता करें और अपनी क्षमता के अनुरूप जनसेवा का कोई न कोई संकल्प अवश्य लें।

उन्होंने कहा कि सेवा का कोई कार्य छोटा नहीं होता। किसी जरूरतमंद की सहायता, अपने आसपास स्वच्छता, एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना, स्थानीय कारीगर से कोई वस्तु खरीदना अथवा समाज के हित में किया गया छोटा-सा प्रयास भी जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है।

*एक छोटे से दीये में समाया बड़ा संदेश*

तेलीबांधा मरीन ड्राइव के सड़क किनारे लगे एक छोटे से पसरे से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा खरीदा गया मिट्टी का यह दीया कई मायनों में खास बन गया। इसमें एक ओर मेहनत से आजीविका अर्जित कर रही महिला के श्रम और स्वावलंबन का सम्मान जुड़ा, तो दूसरी ओर सहज बातचीत में जनधन और महतारी वंदन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी पहुंच भी सामने आई। इसके साथ ही यही दीया अब ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी और विकास के संकल्प का प्रतीक बनेगा।

इस अवसर पर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा उपस्थित थे।

*मुख्यमंत्री निवास बगिया में विराजे गणपति महाराज, विधि-विधान से हुआ भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का स्थापना एवं पूजन-अर्चन…*

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*मुख्यमंत्री निवास बगिया में विराजे गणपति महाराज, विधि-विधान से हुआ भगवान श्री गणेश की प्रतिमा का स्थापना एवं पूजन-अर्चन*

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निजी निवास बगिया में श्री गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर भगवान श्री गणेश जी की प्रतिमा विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ स्थापित की गई। गणपति महाराज के विराजने से बगिया में भक्तिमय एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने विधिवत पूजा-अर्चना कर भगवान श्री गणेश जी का आशीर्वाद लिया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली, उत्तम स्वास्थ्य और शांति की कामना की। इस दौरान भगवान गणेश से छत्तीसगढ़ के निरंतर विकास और प्रदेश में सुख-शांति एवं समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की गई।
श्रीमती कौशल्या साय ने कहा कि भगवान श्री गणेश विघ्नहर्ता और मंगलकर्ता हैं। उनकी कृपा से प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहे तथा सभी प्रदेशवासियों के जीवन में खुशहाली आए, यही कामना है।गणपति महाराज की स्थापना के साथ ही बगिया स्थित मुख्यमंत्री निवास में आगामी दिनों तक श्रद्धा एवं भक्ति के साथ पूजा-अर्चना का क्रम जारी रहेगा।

*अंबिकापुर के सड़क की वायरल वीडियो का मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान: कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर की चर्चा, सड़क को तत्काल सुधारने के दिए निर्देश…*

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*अंबिकापुर के सड़क की वायरल वीडियो का मुख्यमंत्री ने लिया संज्ञान: कलेक्टर अजीत वसंत से दूरभाष पर की चर्चा, सड़क को तत्काल सुधारने के दिए निर्देश*

*बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों पर आवागमन में नागरिकों को न हो परेशानी : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी कलेक्टरों को दिए निर्देश – स्वयं मौका मुआयना करें, मानसून में भी सड़कों को आवागमन योग्य बनाए रखना सुनिश्चित करें*

*वर्षा ऋतु के बाद निर्माणाधीन सड़कों के कार्यों में लाएं तेजी, समयबद्ध रूप से पूर्ण हों सड़क निर्माण के कार्य – मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर 14 सितंबर 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों के कारण नागरिकों को आवागमन में हो रही परेशानियों को गंभीरता से लिया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंबिकापुर शहर के खरसिया चौक में सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को हो रही परेशानी की वाईरल वीडियो का संज्ञान लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने सरगुजा कलेक्टर श्री अजीत वसंत से दूरभाष पर चर्चा कर वस्तुस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने तत्काल सड़क का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य सुनिश्चित कराने के निर्देश कलेक्टर को दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने खरसिया चौक की सड़क में बड़े गड्ढों को भरने, आवश्यक समतलीकरण तथा जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां यातायात का दबाव अधिक है, वहां पुलिस एवं यातायात विभाग के साथ समन्वय कर सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में निर्माणाधीन सड़कों की स्थिति की नियमित निगरानी करें, आवश्यकता के अनुसार स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें और संबंधित विभागों एवं निर्माण एजेंसियों से समन्वय कर सड़कों को आवागमन योग्य बनाए रखना सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों से कहा है कि बारिश के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। जहां सड़क क्षतिग्रस्त होने, निर्माण कार्य, पुल-पुलिया के आसपास कटाव, जलभराव अथवा अन्य किसी कारण से आवागमन प्रभावित होने या दुर्घटना की आशंका हो, वहां तत्काल सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। आवश्यकता के अनुसार चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग और सुरक्षित वैकल्पिक यातायात व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून के दौरान किसी भी क्षेत्र में सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। जहां निर्माण कार्य प्रगति पर हैं अथवा बारिश के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां गड्ढों को भरने, समतलीकरण, जल निकासी सहित सभी आवश्यक अंतरिम सुधार कार्य प्राथमिकता से किए जाएं। स्थायी निर्माण में मौसम संबंधी व्यावहारिक कठिनाइयां होने पर भी सड़क को चलने योग्य बनाए रखने के लिए हर आवश्यक उपाय सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगरीय निकाय अथवा अन्य किसी एजेंसी से संबंधित सड़क हो, जिला प्रशासन संबंधित विभाग के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। कलेक्टर अपने जिले में अधिक यातायात दबाव वाली प्रमुख सड़कों और निर्माणाधीन मार्गों को चिन्हांकित कर उनकी स्थिति की नियमित समीक्षा करें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देश दिए कि वर्षा ऋतु समाप्त होते ही निर्माणाधीन एवं स्वीकृत सड़क कार्यों में तेजी लाई जाए। निर्माण एजेंसियों के साथ कार्ययोजना बनाकर सड़क निर्माण एवं स्थायी मरम्मत के कार्य गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों के कारण लोगों को लंबे समय तक असुविधा न हो, इसके लिए निर्माण कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।

*लोक संस्कृति और परंपरा के संरक्षण का संदेश लेकर गोरिया में सजा करमा का रंग, अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के एकादशी करमा नृत्य अभ्यास वर्ग में 22 गांवों के दलों ने दी प्रस्तुति, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं शामिल, हजारों की संख्या में जुटे ग्रामीणों ने बढ़ाया उत्साह…*

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*लोक संस्कृति और परंपरा के संरक्षण का संदेश लेकर गोरिया में सजा करमा का रंग*

*अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के एकादशी करमा नृत्य अभ्यास वर्ग में 22 गांवों के दलों ने दी प्रस्तुति*

*मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं शामिल, हजारों की संख्या में जुटे ग्रामीणों ने बढ़ाया उत्साह*

जशपुरनगर। अखिल भारतीय वनवासी कल्याण आश्रम के तत्वावधान में रविवार को गोरिया में एकादशी करमा नृत्य अभ्यास वर्ग का भव्य आयोजन किया गया। लोक संस्कृति, परंपरा और सामाजिक एकजुटता के इस आयोजन में क्षेत्र के 22 गांवों के करमा नृत्य दलों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से शामिल हुईं और करमा नृत्य दलों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन में हजारों की संख्या में ग्रामीण एवं स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम स्थल पर पारंपरिक वेशभूषा में सजे करमा नृत्य दलों ने मांदर की थाप और लोकगीतों की मधुर धुनों के बीच आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया। चारों ओर गूंजती मांदर की थाप और सामूहिक करमा नृत्य ने पूरे वातावरण को उत्साह, उमंग और लोक संस्कृति के रंग में रंग दिया। विभिन्न गांवों से पहुंचे दलों ने पारंपरिक करमा नृत्य का अभ्यास करते हुए अपनी सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत की।

*लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान : कौशल्या साय*

इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय ने हिंदू धर्म की परंपराओं, तीज-त्योहारों तथा एकादशी करमा नृत्य के सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि हमारी लोक परंपराएं और तीज-त्योहार हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं। करमा नृत्य केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता, प्रकृति के प्रति आस्था और पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में अपनी जड़ों और परंपराओं से जुड़े रहना बेहद आवश्यक है। युवा पीढ़ी को अपनी लोक संस्कृति, रीति-रिवाजों और परंपराओं से परिचित कराने के साथ उन्हें आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी समाज की है। उन्होंने युवाओं से अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

*22 गांवों के करमा दलों ने बढ़ाई आयोजन की शोभा*

अभ्यास वर्ग में क्षेत्र के 22 गांवों से पहुंचे करमा नृत्य दलों ने पारंपरिक वेशभूषा और लोक वाद्ययंत्रों के साथ अपनी प्रस्तुति दी। मांदर की थाप पर एक साथ थिरकते कलाकारों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। आयोजन के माध्यम से ग्रामीण अंचल की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराओं और सामूहिकता की भावना को मजबूत करने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर सुनील गुप्ता, उपेंद्र यादव, अनिता सिंह, विश्वनाथ सिदार, रविशंकर यादव, सुमन नाग, वीर सिंह, तेजकुमार चौहान, भीम राम चौहान, दिलीप चौहान, कृष्ण यादव, बालमती नाग, निरपति बाई, कल्याण आश्रम जशपुर के मनिजर राम, रविन्द्र शेखर, नंदकुमार सिंह, गौतम राय सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम ने न केवल करमा नृत्य और लोक परंपरा के संरक्षण का संदेश दिया, बल्कि सामाजिक एकजुटता, सांस्कृतिक गौरव और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में अपनी पहचान बनाई।

*कुनकुरी सदन पहुंचीं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, मरीजों और परिजनों का जाना हालचाल, रहने,भोजन और उपचार की व्यवस्थाओं का लिया जायजा, मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर दिया जोर…*

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*कुनकुरी सदन पहुंचीं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, मरीजों और परिजनों का जाना हालचाल*

*रहने, भोजन और उपचार की व्यवस्थाओं का लिया जायजा, मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर दिया जोर*

जशपुर/रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय शुक्रवार को रायपुर स्थित कुनकुरी सदन पहुंचीं। उन्होंने वहां ठहरे गंभीर मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। इस दौरान श्रीमती कौशल्या साय ने मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए उपलब्ध रहने, भोजन तथा मेडिकल चेकअप सहित अन्य सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने व्यवस्थाओं के संबंध में संबंधित लोगों से जानकारी लेते हुए मरीजों और उनके परिजनों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका विशेष ध्यान रखने की बात कही।

*गंभीर मरीजों और परिजनों के लिए सहारा बना कुनकुरी सदन*

रायपुर में इलाज के लिए आने वाले जशपुर जिले एवं अन्य जिले के गंभीर मरीजों और उनके परिजनों के लिए कुनकुरी सदन एक महत्वपूर्ण सहारा बनकर सामने आया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर यहां मरीजों एवं उनके परिजनों के ठहरने, भोजन और अस्पताल तक पहुंचने जैसी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की गई है।इस पहल से दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों से रायपुर इलाज के लिए आने वाले मरीजों को रहने की समस्या से राहत मिल रही है। साथ ही अस्पताल में इलाज और भर्ती की प्रक्रिया में भी उन्हें आवश्यक सहयोग मिल रहा है।

*मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया बना जरूरतमंदों के लिए वरदान*

गंभीर बीमारी से जूझ रहे जरूरतमंद मरीजों के लिए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया भी बड़ी उम्मीद का केंद्र बनकर उभरा है। मरीज या उनके परिजन कैंप कार्यालय में आवेदन देकर अपनी समस्या बताते हैं, जिसके बाद प्रकरण पर तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन और उपचार के लिए उचित अस्पताल भेजने की व्यवस्था की जाती है।
जरूरतमंद मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यकता अनुसार उन्हें 108 एंबुलेंस के माध्यम से रायपुर भेजा जाता है। रायपुर पहुंचने के बाद मरीजों को अस्पताल और इलाज की प्रक्रिया में भटकना न पड़े, इसके लिए कुनकुरी सदन में आवश्यक सहयोग और मेडिकल सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस पहल से जशपुर सहित अन्य क्षेत्र के गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को इलाज के दौरान रहने, भोजन, अस्पताल तक पहुंचने और आवश्यक चिकित्सकीय मार्गदर्शन जैसी सुविधाएं एक ही व्यवस्था के माध्यम से मिल रही हैं।मरीजों और उनके परिजनों ने इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी व्यवस्था से आर्थिक रूप से कमजोर और दूरदराज से आने वाले परिवारों को काफी राहत मिल रही है।