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राज्य स्थापना दिवस पर विशेष : छत्तीसगढ़ के 26 वर्ष- संघर्ष, संकल्प और सर्वांगीण विकास की स्वर्णिम गाथा…

रायपुर: एक नवंबर 2000 को मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ भारत का 26वां राज्य बना था। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी नेतृत्व में यह सपना साकार हुआ था। 1 नवंबर 2000 को जब मध्य प्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ एक नए राज्य के रूप में मानचित्र पर आया था, तब संसाधनों की कमी, प्रशासनिक चुनौतियों और पिछड़ेपन के बीच एक भविष्य गढ़ने की चुनौती सामने थी। आज अपनी स्थापना के 26 गौरवशाली वर्ष पूरे करते हुए छत्तीसगढ़ ने विकास के क्षेत्र में जो मील के पत्थर स्थापित किए हैं, वे न केवल प्रेरणादायक हैं, बल्कि यह दर्शाते हैं कि दृढ़ इच्छाशक्ति और जनसहभागिता से किसी भी राज्य की तकदीर कैसे बदली जा सकती है।

बजट और अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक छलांग

राज्य के गठन के शुरुआती दौर में सीमित वित्तीय संसाधनों के साथ करीब 7,000-8,000 करोड़ रुपये से शुरू हुआ छत्तीसगढ़ का बजट आज बढ़कर 1.72 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। यह इस बात का प्रमाण है कि राज्य की आर्थिकी तेजी से मजबूत हुई है। देश के ‘धान के कटोरे’ के रूप में पहचाना जाने वाला यह प्रदेश आज अपनी खनिज संपदा (कोयला, लौह अयस्क, बॉक्साइट), इस्पात, सीमेंट और ऊर्जा उत्पादन के बूते देश के औद्योगिक नक्शे पर एक मजबूत स्तंभ बन चुका है। वैश्विक निवेश और आधुनिक उद्योगों के विस्तार से राज्य की अर्थव्यवस्था को नई गति मिली है।

महिला सशक्तिकरण

महिला सशक्तिकरण साय सरकार की प्रमुख पहचान के रूप में उभरा है। महतारी वंदन योजना की 31 किस्तों में लगभग 68 लाख पात्र महिलाओं को 20 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे खातों में दी जा चुकी है। प्रदेश में 13.85 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। बिहान मिशन में प्रदेश के 31 लाख से अधिक गरीब परिवारों की महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़ी हैं। महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए संपत्ति की रजिस्ट्री में पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत और स्टाम्प शुल्क में एक प्रतिशत की रियायत दी गई है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था की ताकत हमारे किसान

प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) में अब तक 24.40 लाख आवास स्वीकृत हो चुके हैं। प्रदेश में औसतन करीब 1,600 आवास प्रतिदिन पूरे किए जा रहे हैं। ढाई वर्षों में पुराने और नए स्वीकृत आवास मिलाकर 11 लाख से अधिक घर लाभार्थियों को सौंपे जा चुके हैं। किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से  धान बेचने की सुविधा दी गई। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में 25.24 लाख किसानों से 141.04 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। समर्थन मूल्य और कृषक उन्नति योजना को मिलाकर किसानों को लगभग 43,723 करोड़ रुपए की राशि दी गई। खरीदी व्यवस्था में ऑनलाइन टोकन, बायोमेट्रिक सत्यापन और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसे सुधार किसानों के लिए काफी सुविधाजनक रहे।

बस्तर संभाग के दूरस्थ, दुर्गम और जनजातीय क्षेत्रों में सड़क संपर्क के विस्तार की दिशा में केंद्र सरकार से महत्वपूर्ण उपलब्धि मिली है। बस्तर की 485 बसाहटों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए स्वीकृति मिल चुकी है, वहीं 280 अन्य बसाहटों को बारहमासी सड़कों से जोड़ने के लिए 804.06 करोड़ रुपए की लागत के 263 सड़क कार्यों के प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक अभियान के साथ विकास की गति को तेज करने तथा दूरस्थ गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने के राज्य सरकार के प्रयासों को केंद्र सरकार का सहयोग मिल रहा है।
आधारभूत संरचना और संपर्क का विस्तार

बीते ढाई दशकों में छत्तीसगढ़ के बुनियादी ढांचे में अभूतपूर्व बदलाव आया है। गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ने (ग्रामीण सड़क नेटवर्क में लगभग 98 गुना वृद्धि) से लेकर राजधानी रायपुर और नवा रायपुर (अटल नगर) जैसी आधुनिक शहरी बसाहट ने राज्य के स्वरूप को पूरी तरह बदल दिया है। दूर-दराज के आदिवासी और वन अंचलों तक बिजली, पानी, पक्की सड़कें और डिजिटल कनेक्टिविटी (मोबाइल व इंटरनेट) पहुंच चुकी है, जिससे गांवों और शहरों के बीच की दूरियां सिमटी हैं। नवा रायपुर में डाटा सेंटर और आधुनिक तकनीक परियोजनाएं नई अर्थव्यवस्था से जुड़ रही हैं। सरकार सुशासन, वित्तीय अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत कर रही है।  छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास का केंद्र रोजगार सृजन और युवाओं के लिए अवसरों का विस्तार है। प्रदेश की प्राकृतिक संपदा, कृषि उत्पादन और बेहतर अधोसंरचना निवेश के लिए अनुकूल आधार प्रदान करते हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मा, टेक्सटाइल और सूचना प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में निवेश को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ ने 450 से अधिक ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधार लागू किए हैं। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट 2026 लाने वाला राज्य देश का पहला राज्य बना। जन विश्वास सुधारों के जरिए 279 छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर किया गया। वन-क्लिक सिंगल विंडो व्यवस्था, सरल भूमि डायवर्जन और रजिस्ट्री के बाद स्वतः नामांतरण जैसे सुधार किए गए हैं। नई औद्योगिक विकास नीति 2024-30 के बाद 8 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनसे 1.72लाख से अधिक संभावित रोजगार के अवसर निर्मित होंगे।

शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक विकास

मानव संसाधन विकास के बिना किसी भी राज्य की तरक्की अधूरी है। पिछले 26 वर्षों में इस दिशा में भी क्रांतिकारी कार्य हुए हैं। राज्य में साक्षरता दर बढ़कर करीब 79 प्रतिशत  तक पहुंच गई है। स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा बढ़ाते हुए जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की संख्या में कई गुना इजाफा हुआ है, जिससे आम जनता को घर के नजदीक बेहतर इलाज मिलने लगा है। इसके अलावा, ‘बिहान’ योजना जैसी पहलों के माध्यम से राज्य की लाखों महिलाओं (स्व-सहायता समूहों) को आजीविका और आर्थिक स्वावलंबन से जोड़कर समाज की मुख्यधारा में मजबूती से स्थापित किया गया है।

मेडिकल कॉलेजों की संख्या में इजाफा

राजधानी रायपुर के नवा रायपुर क्षेत्र में मेडिसिटी हब विकसित किया जा रहा है, जिसमें 5,000 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल स्थापित करने की योजना है। रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय (मेकाहारा) में 700 बिस्तरों का अस्पताल तथा प्रदेश में 4 नए मेडिकल कॉलेजों का विस्तार किया जा रहा है। राज्य में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना, श्री धन्वंतरी जेनेरिक मेडिकल स्टोर योजना, दाई दीदी मोबाइल क्लीनिक योजना, और बच्चों के लिए राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) जैसी योजनाएं संचालित हो रही हैं।

“स्वस्थ छत्तीसगढ़”की परिकल्पना हो रहा है साकार

मुख्यमंत्री  श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि चिकित्सा सेवाओं के विस्तार को गति प्रदान करते हुए गुणवत्तापूर्ण उपचार की उपलब्धता दूरस्थ क्षेत्रों तक सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण एवं सेवाओं की पहुंच में सुधार के माध्यम से “स्वस्थ छत्तीसगढ़” की परिकल्पना को साकार किया जा रहा है, जो “विकसित छत्तीसगढ़” के लक्ष्य की प्राप्ति का आधार बनेगा। आज प्रदेश में आईआईएम, आईआईटी, ट्रिपल आईटी, एनआईटी, एम्स, लॉ यूनिवर्सिटी जैसी कई बड़ी संस्थाएं खुल गई हैं. इसके अलावा स्कूली शिक्षा में भी काफी विकास हुआ है हालांकि अभी इस दिशा में और काम करने की आवश्यकता है

सुरक्षा, शांति और बस्तर की नई सुबह

छत्तीसगढ़ के विकास मार्ग में सबसे बड़ी बाधा रहे नक्सलवाद के खिलाफ पिछले कुछ वर्षों में निर्णायक और प्रभावी कदम उठाए गए हैं। सुरक्षा बलों के साहस, दूरदराज के क्षेत्रों में नए सुरक्षा शिविरों की स्थापना और साथ ही वहां शिक्षा, स्वास्थ्य व विकास योजनाओं के पहुंचने से लाल आतंक का दायरा तेजी से सिमटा है। बस्तर और सरगुजा के संवेदनहीन समझे जाने वाले कई इलाकों में अब विकास की किरणें पहुंच रही हैं, जिससे वहां के नागरिकों के जीवन में एक नया सवेरा और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित हो रहा है।

संस्कृति और आधुनिकता का अनूठा संगम

छत्तीसगढ़ ने अपनी आधुनिक विकास यात्रा के दौरान अपनी सांस्कृतिक जड़ों और आदिवासी धरोहर को पूरी सहेजकर रखा है। बस्तर की लोक संस्कृति, कर्मा-सुआ नृत्य, पारंपरिक त्यौहार और छत्तीसगढ़ी भाषा-खानपान आज देश-दुनिया में अपनी अनूठी पहचान बना चुके हैं। डिजिटल माध्यमों और मेलों (जैसे राज्योत्सव) के जरिए स्थानीय कला और शिल्प को वैश्विक मंच मिल रहा है।   धान का कटोरा कहे जाने वाले इस राज्य ने अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, बस्तरिया परंपरा, हरेली, सिरपुर के इतिहास और लोककला को सहेजते हुए आधुनिक तकनीक और औद्योगिक क्षेत्र में नई पहचान बनाई है।

शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय  का निर्माण नवा रायपुर (अटल नगर) में किया गया है। इसमें 14 से 15 विषय-आधारित गैलरी बनाई गई हैं, जिनमें बस्तर का घोटुल संस्थान, पारंपरिक कृषि, शिकार, चिकित्सा पद्धति, लोकनृत्य और रीतियां (जैसे नवाखानी और उरिदखानी) को दर्शाया गया है। यह संग्रहालय हलबा विद्रोह, परलकोट विद्रोह, भूमकाल आंदोलन और रानी चो-रिस (महिला नेतृत्व वाला विद्रोह) जैसे ऐतिहासिक आदिवासी संघर्षों और वीरों की गाथाओं को वर्चुअल रियलिटी और वीएफएक्स तकनीक के जरिए जीवंत करता है। संग्रहालय में जनजातियों के परंपरागत वाद्ययंत्रों, आवास एवं घरेलू उपकरण, शिकार उपकरण, उनमें कृषि की परंपरागत तकनीकें एवं उपकरणों का जीवंत प्रदर्शन, उनमें आग जलाने की पद्धतियां, लौह निर्माण, रस्सी निर्माण, फसल मिंजाई (पौधों से बीज अलग करना), कत्था निर्माण, चिवड़ा-लाई निर्माण, मंद आसवन, अन्न कुटाई व पिसाई, तेल प्रसंस्करण हेतु उपयोग में लाने जाने वाले उपकरणों व परंपरागत तकनीकों, सांस्कृतिक विरासत के अंतर्गत अबुझमाड़िया में घोटुल, भुंजिया जनजाति में लाल बंगला, जनजातियों में परम्परागत कला कौशल जैसे बांसकला, काष्ठकला, चित्रकारी, गोदनाकला, शिल्पकला आदि के जीवंत प्रदर्शन किया गया है।

विकसित और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण ओर अग्रसर

छत्तीसगढ़ अपने संसाधनों को आर्थिक अवसरों में बदलने की क्षमता रखता है। राज्य का लक्ष्य किसानों को समृद्ध करना, महिलाओं को सशक्त बनाना और युवाओं को अवसर देना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने का संकल्प ले रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत विकसित और आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए अग्रसर है।

बस्तर के जंगलों में मौजूद सुरक्षा कैंप अब दूरदराज के गांव वालों के लिए सेवा और विकास के केंद्र बन रहे हैं। दूरस्थ गांवों में सार्वजनिक परिवहन के लिए ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा‘ शुरू की गई है। बस्तर में सड़क, पुल, मोबाइल नेटवर्क, उचित मूल्य दुकान, स्वास्थ्य केंद्र, स्कूल और आंगनबाड़ी जैसी सुविधाओं का विस्तार हो रहा है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 नागरिकों की संतुष्टि और वास्तविक समाधान ही पैमाना

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का मूल मंत्र होना चाहिए संवेदनशीलता, समयबद्धता और समाधान। अंतिम लक्ष्य यही है कि नागरिक को यह भरोसा हो कि उसने सरकार तक अपनी बात पहुंचाई है, तो उसकी बात सुनी भी जाएगी और नियमानुसार उसका समाधान भी होगा। शासकीय कार्यालय में आने वाले नागरिक के साथ सम्मान और संवेदनशीलता से व्यवहार हो। उसकी बात सुनी जाए और समयबद्ध जवाब दिया जाए। काम नियमानुसार संभव है तो अनावश्यक विलंब न हो। यदि काम संभव नहीं है तो नागरिक को स्पष्ट कारण बताया जाए। लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की स्थिति न्यूनतम होनी चाहिए। जनता से अच्छा व्यवहार भी अधिकारी-कर्मचारी के प्रदर्शन का महत्वपूर्ण पैमाना होना चाहिए।

26 वर्षों की यह युवा यात्रा इस बात का गवाह है कि छत्तीसगढ़ ने तमाम भौगोलिक और सामाजिक चुनौतियों को पार करते हुए प्रगति के नए आयाम रचे हैं। हालांकि, इस सफर में अभी किसानों की समृद्धि, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों के विस्तार और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं के शत-प्रतिशत लाभ को पहुंचाने की दिशा में निरंतर काम जारी है। ‘विकसित छत्तीसगढ़के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा यह राज्य आने वाले समय में देश के सबसे विकसित और सशक्त राज्यों में अपनी एक अलग मिसाल पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

राज्योत्सव 2026 की सांस्कृतिक संध्या में गीत-संगीत और नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियों ने बांधा समां…..

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 की सांस्कृतिक संध्या गीत-संगीत, नृत्य और सुरों की शानदार प्रस्तुतियों से सराबोर रही। सांस्कृतिक कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति के साथ देश की विविध सांस्कृतिक परंपराओं का खूबसूरत संगम देखने को मिला। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। देर शाम तक गीत-संगीत की मधुर धुनों पर दर्शक झूमते नजर आए।

छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोक संगीत की मिठास घोल दी अनुराग शर्मा ने

सांस्कृतिक संध्या की शुरुआत छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय गायक अनुराग शर्मा ने प्रसिद्ध गीत ‘गीत कोनो गाहु तोर नाम के’ की सुमधुर प्रस्तुति के साथ की। उनके गीत ने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी संस्कृति और लोक संगीत की मिठास घोल दी। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनकी प्रस्तुति का स्वागत किया। इसके उपरांत रिदम क्वीन बैंड ने अपनी शानदार संगीतमय प्रस्तुति से सांस्कृतिक संध्या में उत्साह और उमंग का संचार किया। बैंड के कलाकारों ने संगीत की आकर्षक धुनों और बेहतरीन तालमेल से दर्शकों को खूब रोमांचित किया।

लावणी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति

सांस्कृतिक कार्यक्रम में महाराष्ट्र राज्य के प्रसिद्ध पारंपरिक लावणी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा, लयबद्ध नृत्य और भावपूर्ण मुद्राओं के माध्यम से महाराष्ट्र की समृद्ध लोक संस्कृति की झलक प्रस्तुत की। इस प्रस्तुति ने राज्योत्सव के मंच पर देश की सांस्कृतिक विविधता और एकता का सुंदर संदेश दिया।

आरू साहू के लोक संस्कृति के रंग में रंगे लोग

छत्तीसगढ़ की लोकप्रिय लोक गायिका आरू साहू ने अपनी प्रस्तुति की शुरुआत भक्तिमय गीत से की। इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक गीतों की प्रस्तुति देकर दर्शकों का दिल जीत लिया। उनकी मधुर आवाज और छत्तीसगढ़ी गीतों की प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को लोक संस्कृति के रंग में रंग दिया। दर्शकों ने तालियों के साथ उनका उत्साहवर्धन किया।

अनुराग शर्मा, आरू साहू और बॉलीवुड गायिका पलक मुच्छल के गीतों पर झूमे दर्शक

बॉलीवुड की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका पलक मुच्छल की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दी

सांस्कृतिक संध्या में बॉलीवुड की प्रसिद्ध पार्श्व गायिका पलक मुच्छल की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा। उनके लोकप्रिय गीतों की मधुर धुनों पर युवा दर्शक जमकर झूमे और गीतों का भरपूर आनंद लिया। पलक मुच्छल की सुरीली आवाज और शानदार मंचीय प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। युवाओं में उनकी प्रस्तुति को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।

अनुराग शर्मा, आरू साहू और बॉलीवुड गायिका पलक मुच्छल के गीतों पर झूमे दर्शक

राज्योत्सव की इस रंगारंग सांस्कृतिक संध्या ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला, संगीत और सांस्कृतिक विरासत के साथ अन्य राज्यों की परंपराओं को भी एक मंच पर प्रस्तुत किया। कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों और दर्शकों के उत्साह ने सांस्कृतिक संध्या को यादगार बना दिया।

राज्योत्सव में लोककला के रंग, सुरों की गूंज और थिरकते कदमों ने बांधा समां….

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के अवसर पर नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव मेला मैदान का शिल्पग्राम मंच रविवार को लोककला, संगीत और नृत्य के अद्भुत संगम का साक्षी बना। कहीं लोकगीतों की सुरीली तान गूंजी, तो कहीं पंडवानी की ओजस्वी कथा ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया। गिटार की मधुर धुनों, फ्यूजन बैंड की आधुनिक संगीत शैली और शास्त्रीय नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियों ने राज्योत्सव के उल्लास को दोगुना कर दिया। विभिन्न विधाओं के कलाकारों ने अपनी कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विविधता और परंपराओं की खूबसूरत छटा बिखेरी।

शिल्पग्राम मंच पर सजी छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की मनमोहक महफिल, पंडवानी से लेकर फ्यूजन बैंड तक कलाकारों ने बिखेरा कला का जादू

राज्योत्सव के अंतर्गत शिल्पग्राम मंच पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से उत्सव में चार चांद लगा दिए। पारंपरिक लोककला और आधुनिक संगीत का यह अनूठा संगम राज्योत्सव के विशेष आकर्षणों में शामिल रहा।

पंडवानी की ओजस्वी प्रस्तुति में जीवंत हुई छत्तीसगढ़ की गौरवशाली लोकपरंपरा

छत्तीसगढ़ की विश्वविख्यात लोकगाथा पंडवानी की प्रस्तुति राज्योत्सव के प्रमुख आकर्षणों में रही। दुर्ग के श्री चेतन देवांगन और रायपुर की सुश्री दुर्गा साहू ने पंडवानी की प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से महाभारत की कथाओं और छत्तीसगढ़ की समृद्ध वाचिक परंपरा को मंच पर साकार किया। कथा, संगीत और अभिनय के अनूठे समन्वय ने लोककला की इस विशिष्ट विधा की खूबसूरती को सामने रखा।

शिल्पग्राम मंच पर सजी छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की मनमोहक महफिल, पंडवानी से लेकर फ्यूजन बैंड तक कलाकारों ने बिखेरा कला का जादू

गिटार की धुनों और फ्यूजन बैंड ने बिखेरे आधुनिक संगीत के रंग

सांस्कृतिक कार्यक्रमों में रायपुर के श्री शिवेन्द्र मण्डावी ने लोकसंगीत एवं गिटार वादन की प्रस्तुति दी। रायपुर के श्री राजीव श्रीवास्तव के नेतृत्व में रिदम ट्विंस बैंड तथा श्री संतोष कुमार सिन्हा के फ्यूजन बैंड की प्रस्तुतियों ने संगीत की आधुनिक शैलियों से दर्शकों को रूबरू कराया। पारंपरिक और आधुनिक संगीत के इस मेल ने शिल्पग्राम मंच को सुरों और तालों से सराबोर कर दिया।

शास्त्रीय नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति ने बिखेरी भारतीय कला की अनुपम छटा

सुश्री अनुप्रिया सुल्ताना ने शास्त्रीय नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति से भारतीय नृत्य परंपरा की सुंदरता को मंच पर साकार किया। नृत्य की भावपूर्ण मुद्राओं, लयबद्ध पदचाप और कलात्मक अभिव्यक्ति ने कार्यक्रम में विशेष आकर्षण जोड़ा।

ढोलमारू और लोकमंच की प्रस्तुतियों में दिखी छत्तीसगढ़ की माटी की महक

दुर्ग की श्रीमती रजनी रजक ने लोकमंच एवं ढोलमारू की प्रस्तुति के माध्यम से लोकजीवन की भावनाओं और पारंपरिक कथाओं को जीवंत किया। वहीं बिलासपुर की कुमारी वंदिता साहू ने लोकसंगीत की मधुर प्रस्तुति दी। सुश्री पायल साहू ने लोकमंच के माध्यम से छत्तीसगढ़ी लोककला के विविध रंग बिखेरे। इन प्रस्तुतियों में प्रदेश की लोकपरंपराओं, सांस्कृतिक पहचान और माटी की सौंधी महक का सुंदर समावेश देखने को मिला।

शिल्पग्राम मंच पर सजी छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की मनमोहक महफिल, पंडवानी से लेकर फ्यूजन बैंड तक कलाकारों ने बिखेरा कला का जादू

राज्योत्सव बना लोककलाकारों की प्रतिभा और सांस्कृतिक विरासत का उत्सव

राज्योत्सव के शिल्पग्राम मंच पर आयोजित इन सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने एक बार फिर छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोककला और सांस्कृतिक विविधता की झलक प्रस्तुत की। पंडवानी की कथा परंपरा, लोकसंगीत की मिठास, ढोलमारू की लोकगाथा, शास्त्रीय नृत्य की कलात्मकता और आधुनिक बैंड की संगीत प्रस्तुतियों ने उत्सव को बहुरंगी स्वरूप प्रदान किया।

विकसित छत्तीसगढ़ से साकार होगा विकसित भारत का संकल्प : केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया….

रायपुर: केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प ही विकसित भारत के निर्माण को नई गति प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसे साकार करने में छत्तीसगढ़ जैसे समृद्ध संसाधनों, गौरवशाली संस्कृति और अपार संभावनाओं वाले राज्यों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं, अधोसंरचना विकास, औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसरों के विस्तार से विकास की नई संभावनाएं साकार हो रही हैं। केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया आज छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 के शुभारंभ समारोह को संबोधित कर रहे थे।  केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर राज्योत्सव का विधिवत शुभारंभ किया।

अटल जी ने छत्तीसगढ़ निर्माण का जो सपना देखा, वह आज हो रहा साकार : डॉ. मांडविया

केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के पीछे स्थानीय जनता की आकांक्षाओं को नई पहचान देने और विकास की संभावनाओं को साकार करने की भावना थी। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर प्रदेश के विकास की मजबूत नींव रखी थी। आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश उसी संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विकास के नए पथ पर अग्रसर है।

विकसित छत्तीसगढ़ से साकार होगा विकसित भारत का संकल्प : केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया

डॉ. मांडविया ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति, समृद्ध लोकपरंपराएं, प्राकृतिक संपदा और यहां के लोगों की कर्मठता प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत हैं। एक समय बस्तर की चर्चा मुख्य रूप से नक्सलवाद के कारण होती थी, लेकिन आज वहां खेल, पर्यटन, संस्कृति और विकास की नई संभावनाएं सामने आ रही हैं। बस्तर की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। औद्योगिक निवेश के क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण गंतव्य के रूप में उभर रहा है।

उन्होंने कहा कि विकास की इस यात्रा में अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को सहेजते हुए आगे बढ़ना आवश्यक है। जब देश के सभी राज्य अपनी विशिष्ट क्षमताओं और संसाधनों के आधार पर विकसित होंगे, तभी विकसित भारत का संकल्प पूर्ण होगा।

अटल जी ने निभाया छत्तीसगढ़ निर्माण का वादा : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को राज्य स्थापना दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ के गौरवशाली इतिहास, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विकास की यात्रा को स्मरण करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने छत्तीसगढ़ की जनता से  राज्य निर्माण का वादा किया था। प्रदेशवासियों ने उनके नेतृत्व पर विश्वास जताया और उन्होंने अपना वादा पूरा करते हुए 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का स्वरूप प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी को नमन करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व में निर्मित छत्तीसगढ़ आज विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है। राज्य गठन के समय प्रदेश में सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं की अनेक चुनौतियां थीं। बीते वर्षों में इन क्षेत्रों में व्यापक विस्तार हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के कार्यकाल में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को सुदृढ़ कर गरीब परिवारों को रियायती दर पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने की व्यवस्था ने प्रदेश में खाद्य सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान की।

प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में नक्सलवाद के उन्मूलन की दिशा में ऐतिहासिक सफलता

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक बस्तर के विकास में सबसे बड़ी बाधाओं में से एक रहा। प्राकृतिक सौंदर्य, वन एवं खनिज संपदा से समृद्ध होने के बावजूद नक्सलवाद के कारण बस्तर के अनेक क्षेत्रों तक विकास की सुविधाएं अपेक्षित रूप से नहीं पहुंच सकीं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के दृढ़ संकल्प एवं मार्गदर्शन में नक्सलवाद का उन्मूलन हुआ। सुरक्षा बलों के अदम्य साहस, पराक्रम और बस्तरवासियों के सहयोग से आज बस्तर नक्सलवाद की चुनौती से निकलकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर की जनता शांति और विकास चाहती है। राज्य सरकार का संकल्प है कि बस्तर के दूरस्थ से दूरस्थ गांव तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और संचार जैसी आवश्यक सुविधाएं पहुंचें। नक्सलवाद से प्रभावित रहे क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए स्थानीय युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं। उन्होंने इस अभियान में सुरक्षा बलों के जवानों के साहस, समर्पण और बलिदान को नमन किया।

मोदी की गारंटी पूरी कर रही सरकार :  गरीबों, किसानों और महिलाओं के जीवन में आ रहा सकारात्मक बदलाव

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटियों को पूरा करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 1,600 पक्के आवास तैयार हो रहे हैं। यह केवल मकानों का निर्माण नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य के सपनों को साकार करने का अभियान है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की खुशहाली राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश में किसानों से प्रति एकड़ 21 क्विंटल तक धान की खरीदी 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है। किसानों को लंबित बोनस का भुगतान कर उनके प्रति किए गए वादे को भी पूरा किया गया है।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने किया तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ

उन्होंने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण का सशक्त माध्यम बनी है। इस योजना के अंतर्गत 68 लाख से अधिक महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। महिलाओं के बैंक खातों में सीधे पहुंच रही सहायता राशि से उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में उन्हें आर्थिक संबल मिला है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है। भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य समाज के गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

श्री रामलला दर्शन योजना से  श्रद्धालुओं का अयोध्या दर्शन का सपना हुआ साकार

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल है और यहां के जनजीवन में भगवान श्रीराम के प्रति गहरी आस्था है। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और प्रभु श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा से प्रदेशवासियों में अपार उत्साह है।

उन्होंने बताया कि श्री रामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या जाकर प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के श्रद्धालुओं को भी इस पवित्र तीर्थयात्रा का अवसर प्राप्त हो।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय प्रदेश में केवल एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज शासकीय एवं निजी क्षेत्र को मिलाकर 21 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। यह प्रदेश में स्वास्थ्य शिक्षा और चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में राष्ट्रीय स्तर के उच्च शिक्षण संस्थानों की स्थापना हुई है। युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपनी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के अधिक से अधिक अवसर प्राप्त हों।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने किया तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ

समारोह को संबोधित करते हुए संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराएं और ऐतिहासिक विरासत प्रदेश की विशिष्ट पहचान हैं। पंडवानी, पंथी, ददरिया सहित यहां की लोककलाएं हमारी सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश की लोककलाओं के संरक्षण, संवर्धन और कलाकारों को सम्मान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए जा रहे हैं। पंडवानी की महान साधिका स्वर्गीय तीजन बाई की स्मृति में राज्य अलंकरण की शुरुआत की गई है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि चित्रकोट जलप्रपात, सिरपुर, राजिम, रामगढ़ की प्राचीन गुफाएं और मैनपाट जैसे पर्यटन स्थल देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करने की अपार क्षमता रखते हैं। पर्यटन के विस्तार से स्थानीय युवाओं, महिलाओं, हस्तशिल्पकारों और छोटे व्यवसायियों के लिए रोजगार एवं आय के नए अवसर सृजित होंगे।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मांडविया ने किया तीन दिवसीय राज्योत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, राज्य सरकार के मंत्रीगण, सांसद, विधायकगण, विभिन्न निगमों, मंडलों एवं आयोगों के पदाधिकारी, वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

राज्योत्सव में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग का स्टॉल बना आकर्षण का केंद्र, छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को जानने उमड़ रही लोगों की भीड़….

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर नवा रायपुर में आयोजित भव्य राज्योत्सव में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा लगाया गया स्टॉल लोगों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। राज्योत्सव के पहले ही दिन विभागीय स्टॉल पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ रही है। प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिक, युवा, विद्यार्थी और पर्यटक छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों, धार्मिक पर्यटन केंद्रों तथा छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित रिसॉर्ट्स और पर्यटक आवास सुविधाओं के संबंध में उत्साहपूर्वक जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

राज्योत्सव में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग का स्टॉल छत्तीसगढ़ की समृद्ध प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि को प्रदर्शित कर रहा है। यहां पहुंचने वाले लोग प्रदेश के प्रसिद्ध जलप्रपातों, घने वनों, वन्यजीव अभयारण्यों, प्राचीन मंदिरों, पुरातात्विक स्थलों और धार्मिक आस्था के प्रमुख केंद्रों के बारे में जानकारी ले रहे हैं। विशेष रूप से बस्तर, सरगुजा और प्रदेश के अन्य पर्यटन क्षेत्रों के प्रति लोगों में उत्साह देखा जा रहा है।

चित्रकोट से सिरपुर तक, छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों के प्रति बढ़ रहा आकर्षण

विभागीय स्टॉल पर आने वाले पर्यटक बस्तर के विश्वप्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात, तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, ऐतिहासिक सिरपुर, भोरमदेव मंदिर, मैनपाट, बारनवापारा अभयारण्य, डोंगरगढ़ और अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों के संबंध में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं। पर्यटकों में इन स्थलों तक पहुंचने के मार्ग, आवागमन की सुविधाओं, ठहरने की व्यवस्था और भ्रमण के उपयुक्त समय के बारे में जानने की विशेष उत्सुकता दिखाई दे रही है।

छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता और विविधता लोगों को आकर्षित कर रही है। राज्योत्सव में आने वाले अनेक परिवार प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्रा की योजना बनाने के उद्देश्य से विभागीय स्टॉल पर पहुंच रहे हैं।

पर्यटन मंडल के रिसॉर्ट्स और आवास सुविधाओं के बारे में विशेष रुचि

राज्योत्सव में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल द्वारा संचालित रिसॉर्ट्स और पर्यटक आवास सुविधाओं के संबंध में भी लोगों में विशेष उत्साह देखा जा रहा है। पर्यटक विभिन्न पर्यटन स्थलों पर उपलब्ध ठहरने की सुविधाओं, रिसॉर्ट्स की विशेषताओं, आवास व्यवस्था, किराए और आरक्षण प्रक्रिया के बारे में जानकारी प्राप्त कर रहे हैं।

पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन मंडल के रिसॉर्ट्स की जानकारी लेने पर्यटकों में दिख रहा जबरदस्त उत्साह

विशेष रूप से चित्रकोट सहित प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटन मंडल द्वारा उपलब्ध कराई जा रही आवासीय सुविधाओं के प्रति लोगों की रुचि दिखाई दे रही है। पर्यटन मंडल के रिसॉर्ट्स के संबंध में जानकारी प्राप्त करने वाले लोग परिवार के साथ छुट्टियां बिताने और प्राकृतिक वातावरण में पर्यटन का आनंद लेने की संभावनाएं तलाश रहे हैं।

छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत और लोक परंपराओं के प्रति भी उत्साह

पर्यटन के साथ-साथ प्रदेश की समृद्ध कला, संस्कृति, लोक परंपराओं और ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति भी लोगों में उत्सुकता दिखाई दे रही है। छत्तीसगढ़ की विशिष्ट लोक संस्कृति, जनजातीय परंपराएं, पारंपरिक उत्सव, लोकनृत्य और प्राचीन स्थापत्य कला प्रदेश की पहचान हैं। राज्योत्सव के माध्यम से लोगों को छत्तीसगढ़ की इसी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत को और अधिक निकट से जानने का अवसर मिल रहा है।

राज्य की सांस्कृतिक विविधता और पर्यटन संभावनाएं एक-दूसरे की पूरक हैं। प्रदेश के धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के साथ यहां की लोक संस्कृति और पारंपरिक जीवनशैली पर्यटकों के लिए विशेष आकर्षण का विषय है।

छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में स्थापित करने की दिशा में निरंतर प्रयास—मंत्री श्री राजेश अग्रवाल

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख पर्यटन राज्यों में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश में प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध वन संपदा, ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरों, धार्मिक आस्था के केंद्रों और जीवंत जनजातीय संस्कृति का अद्भुत संगम है। इन विशेषताओं के कारण छत्तीसगढ़ में पर्यटन विकास की अपार संभावनाएं हैं।

पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन मंडल के रिसॉर्ट्स की जानकारी लेने पर्यटकों में दिख रहा जबरदस्त उत्साह

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि राज्योत्सव जैसे आयोजन प्रदेश की पर्यटन संभावनाओं और सांस्कृतिक विशेषताओं को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के स्टॉल पर लोगों की उत्साहपूर्ण भागीदारी यह दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य पर्यटन स्थलों का विकास करने के साथ-साथ पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना, स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करना और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है।

*पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, स्थानीय रोजगार के अवसर भी होंगे सृजित*

प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। पर्यटन स्थलों पर आवास, खानपान, स्थानीय परिवहन, हस्तशिल्प, पारंपरिक उत्पादों और पर्यटन मार्गदर्शन जैसी सेवाओं से स्थानीय समुदायों को आर्थिक लाभ मिल सकता है।

पर्यटन स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों और पर्यटन मंडल के रिसॉर्ट्स की जानकारी लेने पर्यटकों में दिख रहा जबरदस्त उत्साह

राज्योत्सव में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के स्टॉल के प्रति लोगों का उत्साह प्रदेश में घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से सकारात्मक संकेत है। राज्योत्सव में आने वाले लोगों को पर्यटन स्थलों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी मिलने से आने वाले समय में प्रदेश के विभिन्न पर्यटन क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की संभावनाएं हैं।

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव का यह आयोजन प्रदेश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक गौरव और पर्यटन संभावनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण अवसर बन रहा है। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग का स्टॉल इस आयोजन में छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक विरासत और समृद्ध सांस्कृतिक पहचान के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है।

सरदार पटेल के आदर्शों पर चलकर सुरक्षित, समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण हमारा संकल्प – उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा….

रायपुर: लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल की चौथी वाहिनी, माना में राष्ट्रीय एकता दिवस परेड समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा मुख्य रूप से शामिल हुए। उन्होंने परेड की सलामी ली, मार्च पास्ट का अवलोकन किया तथा उपस्थित जनसमूह को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सुरक्षा की शपथ दिलाई। इस अवसर पर उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी अदम्य इच्छाशक्ति, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व से 560 से अधिक देशी रियासतों का भारतीय संघ में एकीकरण कर अखंड भारत की आधारशिला रखी। उनका जीवन हमें सिखाता है कि राष्ट्रीय एकता केवल भौगोलिक सीमाओं का एकीकरण नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र के प्रति विश्वास, समर्पण और साझा जिम्मेदारी की भावना का निर्माण भी है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के आदर्श आज भी देश की एकता, अखंडता और आंतरिक सुरक्षा को सुदृढ़ करने की प्रेरणा देते हैं।

*नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता, बस्तर में शांति और विकास का नया अध्याय*

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय एकता दिवस का यह अवसर छत्तीसगढ़ के लिए विशेष महत्व रखता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में ऐतिहासिक सफलता प्राप्त की है। एक समय देश के 126 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित थे। आज केंद्र एवं राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों, सुरक्षा बलों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से नक्सलवाद के प्रभाव को समाप्त करने की दिशा में अभूतपूर्व परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि कभी नक्सली हिंसा और भय से प्रभावित रहे बस्तर के दूरस्थ अंचलों में आज शांति, सुरक्षा और विकास की नई उम्मीद जगी है। हमारे वीर जवानों ने कठिन परिस्थितियों में अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए बस्तर में शांति स्थापना की मजबूत आधारशिला रखी है। यह सफलता केवल सुरक्षा बलों की उपलब्धि नहीं, बल्कि बस्तर की जनता के विश्वास, सहयोग और शांति की आकांक्षा का भी परिणाम है।

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस परेड समारोह में शामिल हुए गृह मंत्री श्री विजय शर्मा

गृह मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत करना नहीं, बल्कि बस्तर के प्रत्येक गांव तक सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और रोजगार के अवसर पहुंचाना है। बस्तर के जनजातीय समुदायों की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और स्थानीय आकांक्षाओं का सम्मान करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। बस्तर के नागरिक केवल विकास योजनाओं के लाभार्थी नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र के शांतिपूर्ण, समृद्ध और उज्ज्वल भविष्य के प्रमुख भागीदार हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने जिस अखंड, सशक्त और एकजुट भारत का स्वप्न देखा था, उसे साकार करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने आह्वान किया कि राष्ट्रीय एकता दिवस पर हम सभी शांति, सुरक्षा, सामाजिक समरसता और विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को देश के विकसित राज्यों की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करने का संकल्प लें।

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस परेड समारोह में शामिल हुए गृह मंत्री श्री विजय शर्मा

*उप मुख्यमंत्री ने शहीद जवानों को दी श्रद्धांजलि, छायाचित्र प्रदर्शनी का किया अवलोकन*

राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने नक्सली हिंसा में शहीद हुए वीर जवानों की स्मृति में लगाई गई छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने शहीद जवानों के चित्रों पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके सर्वाेच्च बलिदान को नमन किया। प्रदर्शनी में नक्सल विरोधी अभियानों के दौरान पुलिस बल की कार्यप्रणाली, जवानों के शौर्य, साहस और बलिदान के साथ पुलिस विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी गतिविधियों को भी प्रदर्शित किया गया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बस्तर में स्थापित हो रही शांति के पीछे हमारे वीर जवानों का अदम्य साहस, त्याग और बलिदान है। देश और प्रदेश की सुरक्षा के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले शहीदों का योगदान सदैव स्मरणीय रहेगा।

*गुजरात के एकता नगर में छत्तीसगढ़ के वीर जवानों ने दिखाया शौर्य, अनुशासन और पराक्रम*

समारोह के दौरान गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस परेड के सीधे प्रसारण का भी सामूहिक अवलोकन किया गया। इस राष्ट्रीय परेड में वामपंथी उग्रवाद का मुकाबला करने वाले केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के जवानों ने अपने अनुशासन, साहस और समर्पण का प्रदर्शन किया।

इस ऐतिहासिक परेड में छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों ने भी भाग लेकर प्रदेश का प्रतिनिधित्व किया। परेड में छत्तीसगढ़ पुलिस के डीएसपी श्री बृज किशोर यादव ने टू-आईसी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। डीएसपी सुश्री अमृता पैंकरा के नेतृत्व में बस्तर फाइटर्स की महिला कमांडो, डीएसपी श्री कुलदीप बंजारे के नेतृत्व में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) तथा डीएसपी श्री ओमप्रकाश सिंह के नेतृत्व में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के जवानों ने मार्च पास्ट में भाग लिया। नक्सल विरोधी अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले इन बलों की राष्ट्रीय स्तर पर सहभागिता छत्तीसगढ़ के लिए विशेष गौरव का अवसर रही।

लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती पर राष्ट्रीय एकता दिवस परेड समारोह में शामिल हुए गृह मंत्री श्री विजय शर्मा

*नाट्य मंचन में जीवंत हुई नक्सलवाद के विरूद्ध संघर्ष से शांति और विकास तक की यात्रा*

राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में नक्सलवाद के विरुद्ध संघर्ष और शांति स्थापना की यात्रा पर आधारित विशेष नाट्य प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र रही। नाट्य मंचन में नक्सलवाद के उदय, उसके कारण उत्पन्न परिस्थितियों, सुरक्षा बलों के साहसिक अभियानों, वीर जवानों के बलिदान तथा जनता की भावनाओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया। इसमें छतीसगढ़ के बस्तर के युवा भी कलाकार के रूप में शामिल हुए। प्रस्तुति के माध्यम से वामपंथी उग्रवाद के भय और हिंसा से निकलकर शांति, विश्वास और विकास की ओर बढ़ने की यात्रा को जीवंत किया गया। उपस्थित जनसमूह ने इस भावपूर्ण प्रस्तुति की सराहना की। माना पुलिस ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चों और आम नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

इस अवसर पर विधायक श्री सुनील सोनी एवं श्री मोतीलाल साहू, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रदीप गुप्ता एवं श्री अमित कुमार, पुलिस महानिरीक्षक श्री अंकित गर्ग सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, शहीद जवानों के परिजन, स्कूली बच्चे तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वर्गीय विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को दी अंतिम विदाई…..

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बालोद जिले के ग्राम भेंडरा पहुंचे, जहां उन्होंने अहिवारा विधायक स्वर्गीय श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री श्री साय उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए और उन्हें नम आंखों से अंतिम विदाई दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री कोर्सेवाड़ा के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए कहा कि उनका निधन पूरे क्षेत्र की जनता और व्यक्तिगत रूप से उनके लिए अत्यंत पीड़ादायक है। स्वर्गीय श्री कोर्सेवाड़ा का सरल व्यक्तित्व, आत्मीय व्यवहार और जनसेवा के प्रति समर्पण सदैव स्मरणीय रहेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वर्गीय विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा को दी अंतिम विदाई

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने तथा परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

रायपुर : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की दी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं

लाल आतंक से मुक्ति के बाद शांति, विश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा छत्तीसगढ़ : मुख्यमंत्री श्री साय

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के दृढ़ संकल्प से मिली ऐतिहासिक सफलता

वर्ष 2047 तक समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का मुख्यमंत्री श्री साय ने किया आह्वान

रायपुर | मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस 1 नवम्बर के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की स्थापना के 26 वर्ष पूरे होना हम सभी के लिए गौरव का अवसर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी का पुण्य स्मरण करते हुए कहा कि उनके दूरदर्शी नेतृत्व और दृढ़ संकल्प से छत्तीसगढ़ राज्य का सपना साकार हुआ। पृथक राज्य के गठन से प्रदेशवासियों की आशाओं और आकांक्षाओं को नई पहचान मिली तथा विकास की नई संभावनाओं के द्वार खुले। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रद्धेय अटल जी के समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ के सपने को साकार करने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इस वर्ष का राज्योत्सव अनेक मायनों में ऐतिहासिक और विशेष है। यह पहला राज्योत्सव है, जब छत्तीसगढ़ लाल आतंक से मुक्त होकर शांति, विश्वास और विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के सशक्त नेतृत्व, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के दृढ़ संकल्प और डबल इंजन सरकार के निरंतर प्रयासों से यह ऐतिहासिक उपलब्धि संभव हुई है। उन्होंने कहा कि इस सफलता में हमारे वीर जवानों के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान का अविस्मरणीय योगदान है, जिसे प्रदेश सदैव कृतज्ञतापूर्वक स्मरण करेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प छत्तीसगढ़ के हर गांव में खुशहाली लाना, प्रत्येक युवा को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना और विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक संसाधनों और जनशक्ति के सामर्थ्य के साथ छत्तीसगढ़ विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य स्थापना दिवस का यह पावन अवसर अपनी उपलब्धियों पर गर्व करने के साथ ही उज्ज्वल भविष्य के लिए नए संकल्प लेने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि हम सब मिलकर वर्ष 2047 तक एक समृद्ध, सशक्त और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लें तथा इसे साकार करने में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

रायगढ़ के युवा क्रिकेटर अनूप चौबे का छत्तीसगढ़ की अंडर-16 क्रिकेट टीम में चयन, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने दी बधाई…..

रायपुर: रायगढ़ जिले के प्रतिभावान युवा क्रिकेटर अनूप चौबे का छत्तीसगढ़ राज्य की अंडर-16 क्रिकेट टीम में चयन होने पर प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि कम उम्र में राज्य स्तरीय क्रिकेट टीम में स्थान बनाना अनूप की कड़ी मेहनत, समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का परिणाम है। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे रायगढ़ जिले के लिए गर्व और हर्ष का विषय है।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि रायगढ़ के युवाओं में प्रतिभा और संभावनाओं की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता है उन्हें सही अवसर, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन प्रदान करने की। अनूप चौबे ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित किया है कि दृढ़ संकल्प और निरंतर अभ्यास के बल पर कम उम्र में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

श्री चौधरी ने कहा कि अनूप का राज्य की अंडर-16 क्रिकेट टीम में चयन जिले के अन्य उभरते खिलाडि़यों के लिए भी प्रेरणादायक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अनूप आने वाले समय में अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर भी रोशन करेंगे।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने अनूप चौबे के उज्ज्वल क्रिकेट करियर की कामना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनके खेल जीवन की एक महत्वपूर्ण शुरुआत है। उन्होंने अनूप के परिजनों, प्रशिक्षकों और शुभचिंतकों को भी बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त से सरगुजा के 87,796 किसानों को मिले 18.10 करोड़ रुपये….

रायपुर: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जारी होने के अवसर पर 24 अक्टूबर को कृषि विज्ञान केंद्र, सरगुजा में जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम एवं सांसद श्री चिंतामणि महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के बनासकांठा जिले से देशभर के 9.34 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में 18 हजार 680 करोड़ रुपये की सम्मान निधि हस्तांतरित की। इसके अंतर्गत सरगुजा जिले के 87 हजार 796 किसानों को 18.10 करोड़ रुपये की राशि का लाभ मिला।

कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं लगभग 200 किसानों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन का सीधा प्रसारण देखा। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कृषि अवसंरचना के अंतर्गत विकसित 521 इकाइयां राष्ट्र को समर्पित कीं तथा 12 हॉर्टिकल्चर क्लस्टर का शुभारंभ किया।

किसानों को आर्थिक संबल दे रही पीएम किसान सम्मान निधि योजना – कृषि मंत्री श्री नेताम

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की महत्वपूर्ण पहल है। योजना के तहत मिलने वाली राशि से किसानों को खेती-किसानी के लिए आवश्यक संसाधन जुटाने में सहायता मिल रही है। उन्होंने किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने तथा शासन की कृषि एवं किसान कल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया।

इस दौरान किसानों की मांग पर कृषि मंत्री श्री नेताम ने कृषि विज्ञान केंद्र, सरगुजा में नवीन प्रशिक्षण भवन निर्माण की घोषणा की। इससे किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों एवं उन्नत खेती का प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

प्राकृतिक खेती और फसल विविधीकरण से बढ़ेगी किसानों की आय – सांसद श्री चिंतामणि महाराज

सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने किसानों को प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक और फसल विविधीकरण अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि उन्नत कृषि पद्धतियों के उपयोग से उत्पादन बढ़ाने के साथ खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

अम्बिकापुर : पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त से सरगुजा के 87,796 किसानों को मिले 18.10 करोड़ रुपये

जिला पंचायत की कृषि स्थायी समिति की अध्यक्ष श्रीमती दिव्या सिंह सिसोदिया ने रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को कम करने के लिए प्राकृतिक खेती अपनाने पर जोर दिया। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह ने किसानों को मिट्टी परीक्षण के आधार पर अनुशंसित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करने तथा मृदा स्वास्थ्य सुधार के लिए ढेंचा जैसी फसलों को अपनाने की सलाह दी।

किसानों को सरसों बीज का वितरण, उन्नत कृषि तकनीकों की दी गई जानकारी

कार्यक्रम में राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन के अंतर्गत किसानों को अतिथियों द्वारा सरसों बीज का वितरण किया गया। पीएम किसान सम्मान निधि योजना के लाभार्थियों ने योजना से प्राप्त राशि के उपयोग और खेती में मिल रहे लाभ के अनुभव साझा किए। इस दौरान किसानों को खेत बचाओ अभियान से जुड़ने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया।

कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों ने किसानों को नवीन कृषि तकनीकों, उन्नत फसल उत्पादन, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन एवं विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी।

इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संदीप शर्मा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए केंद्र की गतिविधियों एवं किसानों तक उन्नत कृषि तकनीक पहुंचाने के प्रयासों की जानकारी दी। उप संचालक कृषि श्री पी.एस. दीवान ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना की प्रगति का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम का संचालन श्री सूर्य प्रकाश गुप्ता एवं आभार प्रदर्शन श्री जहांगीर आलम ने किया। इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक श्री पी.आर. पैकरा, डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, डॉ. विवेक कुमार शांडिल्य, श्री लीलाधर साहू, श्री वीरेंद्र कुमार सहित सरगुजा एवं सूरजपुर जिले के कृषि एवं संबद्ध विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा लगभग 200 किसान उपस्थित रहे।