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*मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास से विद्यार्थी अपने जीवन में प्राप्त कर सकते हैं लक्ष्य: कौशल्या साय, सरस्वती शिशु मंदिर के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम का हुआ आयोजन…*

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*मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास से विद्यार्थी अपने जीवन में प्राप्त कर सकते हैं लक्ष्य: कौशल्या साय, सरस्वती शिशु मंदिर के वार्षिक उत्सव कार्यक्रम का हुआ आयोजन*

जशपुरनगर।मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय शनिवार को सरस्वती शिशु मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुनकुरी में आयोजित सरस्वती शिशु मंदिर के वार्षिकोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुईं।इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा सरस्वती वंदना के साथ प्रस्तुत आकर्षक एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी का मन मोह लिया। श्रीमती साय ने बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों की अंतर्निहित प्रतिभाओं को निखारने का सशक्त माध्यम हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन एवं सांस्कृतिक मूल्यों का विकास होता है। श्रीमती कौशल्या साय ने कहा कि सरस्वती शिशु मंदिर जैसे विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ बच्चों में संस्कारों का भी निर्माण करते हैं, जिससे वे भविष्य में समाज और राष्ट्र के लिए जिम्मेदार नागरिक बन सकें। उन्होंने विद्यार्थियों को मन लगाकर पढ़ाई करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि आज का दौर नवीनतम तकनीकों और कड़ी प्रतिस्पर्धा का है। ऐसे समय में मेहनत, लगन और निरंतर प्रयास से विद्यार्थी अपने जीवन के लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आप सभी सफलता प्राप्त करें और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। श्रीमती साय ने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शिक्षकों एवं गुरुजनों के समर्पित प्रयासों की भी सराहना की।इस मौके कर डीडीसी अनीता सिंह ने भी अपने संबोधन में कहा कि इस प्रकार के आयोजन से बच्चों के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा मिलता है।कार्यक्रम में शिशु मंदिर के प्राचार्य, आचार्यगण एवं गुरुजन एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

*सड़क निर्माण कार्य गुणवत्ता युक्त और समय-सीमा में करें पूरा- मुख्यमंत्री श्री साय…*

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*सड़क निर्माण कार्य गुणवत्ता युक्त और समय-सीमा में करें पूरा- मुख्यमंत्री श्री साय*

*नारायणपुर-कोंडागांव निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का मुख्यमंत्री श्री साय ने किया निरीक्षण*

*एनएच-130डी कोंडागांव से नारायणपुर, कुतुल होते हुए महाराष्ट्र सीमा तक जोड़ेगा*

रायपुर, 31 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान नारायणपुरदृकोंडागांव के मध्य निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्ग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

*डबल इंजन सरकार में बस्तर के विकास को गति*

डबल इंजन की सरकार के तहत विकास कार्यों को गति देते हुए बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी के निर्माण को राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता दी जा रही है। एनएच-130डी, जिसकी कुल लंबाई लगभग 195 किलोमीटर है, एनएच-30 का शाखा मार्ग (स्पर रूट) है। यह मार्ग कोंडागांव से शुरू होकर नारायणपुर, कुतुल होते हुए महाराष्ट्र सीमा स्थित नेलांगुर तक जाता है। आगे महाराष्ट्र में यह मार्ग बिंगुंडा, लहरे, धोदराज, भमरगढ़, हेमा, लकासा होते हुए आलापल्ली तक पहुंचता है, जहां यह एनएच-353डी से जुड़ जाता है। इस राष्ट्रीय राजमार्ग के विकसित होने से बस्तर क्षेत्र सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क से जुड़ जाएगा, जिससे व्यापार, पर्यटन और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

*छत्तीसगढ़ में 122 किमी लंबा हिस्सा*

नेशनल हाईवे 130-डी का कोंडागांव से नारायणपुर तक लगभग 50 किलोमीटर का हिस्सा निर्माणाधीन है। नारायणपुर से कुतुल की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है, जबकि कुतुल से महाराष्ट्र सीमा स्थित नेलांगुर तक 21.5 किलोमीटर की दूरी है। इस प्रकार इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई 195 किमी में से लगभग 122 किमी हिस्सा छत्तीसगढ़ राज्य में आता है। इस सड़क के पूर्ण होने से बस्तर अंचल को महाराष्ट्र से सीधा, सुरक्षित और मजबूत सड़क संपर्क मिलेगा। साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुगम एवं सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित होगा।

*प्रधानमंत्री के सहयोग से मिली फॉरेस्ट क्लीयरेंस*

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सहयोग से इस राष्ट्रीय राजमार्ग के अबूझमाड़ क्षेत्र में स्थित हिस्से के लिए फॉरेस्ट क्लीयरेंस एवं निर्माण की अनुमति प्राप्त हुई, जिससे इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हुआ।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “राष्ट्रीय राजमार्ग 130-डी केवल एक सड़क नहीं, बल्कि बस्तर अंचल की प्रगति का मार्ग है। सरकार इस परियोजना को तेज गति से पूर्ण करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इस सड़क से बस्तर के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह मार्ग न केवल छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र को जोड़ेगा, बल्कि बस्तर के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास की गति तेज करने के लिए यह परियोजना मील का पत्थर साबित होगी और क्षेत्र में विश्वास, निवेश तथा आवागमन को नई दिशा देगी। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री महेश कश्यप, लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कोतबा क्षेत्र को दी विकास की बड़ी सौगात, 51 करोड़ 73 लाख रुपये के 28 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन…*

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कोतबा क्षेत्र को दी विकास की बड़ी सौगात*

*51 करोड़ 73 लाख रुपये के 28 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन*

*लुड़ेग में महतारी सदन, बागबहार में नवीन तहसील कार्यालय भवन का हुआ शुभारम्भ*

*क्षेत्र में स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और पेयजल व्यवस्था होगी सुदृढ़*

जशपुरनगर 24 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज विधानसभा क्षेत्र पत्थलगांव अंतर्गत नगर पंचायत कोतबा में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात दी। इस दौरान उन्होंने कुल 51 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत से पूर्ण होने वाले 28 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री के इस दौरे से पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र सहित कोतबा और आसपास के ग्रामीण अंचलों में बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और पेयजल व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना है। सुदूर और आदिवासी अंचलों में अधोसंरचना विकास, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सुगम आवागमन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र के नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।

*27 करोड़ 24 लाख रुपये के 19 कार्यों का भूमिपूजन* –

कोतबा में मुख्यमंत्री द्वारा 27 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से 19 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत ग्राम दोकड़ा में मिनी स्टेडियम, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के तहत पुलिया निर्माण, लोक निर्माण विभाग द्वारा विभिन्न सड़कों एवं पहुंच मार्गों का निर्माण, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा परियोजना कार्यालय सह संसाधन केंद्र भवन, तथा कोतबा में 50 बिस्तरीय नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण प्रमुख है। इसके साथ ही सेतु निर्माण उपसंभाग द्वारा उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के तहत शासकीय उद्यान रोपणी कार्यालय व आवास भवन, आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत बागबहार एवं बुलडेगा में कन्या आश्रम एवं लुड़ेग में प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं ग्राम गौरव पथ योजना के तहत सी.सी. सड़क व नाली निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।

*24 करोड़ लाख रुपये के 9 कार्यों का लोकार्पण* –

मुख्यमंत्री ने 24 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 9 कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सी.सी. सड़क निर्माण, लोक निर्माण विभाग द्वारा विभिन्न ग्रामीण व मुख्य सड़कों का निर्माण एवं मजबूतीकरण, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा बागबहार में तहसील कार्यालय भवन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कोतबा जल आवर्धन योजना, तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा लुड़ेग में महतारी सदन निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं।

*स्वास्थ्य, सड़क और जल आपूर्ति को मिलेगा बड़ा लाभ* –
विशेष रूप से 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण से कोतबा और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा विस्तार होगा। वहीं, नई सड़कों, पुल-पुलियों और पहुंच मार्गों के निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। जल आवर्धन योजना से पेयजल समस्या के समाधान में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। इसके साथ ही महतारी सदन से ग्रामीण महिलाओं को आजीविका संवर्धन के केंद्र का लाभ मिलेगा। नवीन तहसील कार्यालय भवन से लोगों को राजस्व सेवाओं के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए, ताकि जनता को शीघ्र इनका लाभ मिल सके। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

*CM विष्णुदेव साय ने कोतबा क्षेत्र को दी विकास की बड़ी सौगात, 51 करोड़ 73 लाख रुपये के 28 विकास कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन, लुड़ेग में महतारी सदन, बागबहार में नवीन तहसील कार्यालय भवन का हुआ शुभारम्भ, क्षेत्र में स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और पेयजल व्यवस्था होगी सुदृढ़*

जशपुरनगर 24 जनवरी 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज विधानसभा क्षेत्र पत्थलगांव अंतर्गत नगर पंचायत कोतबा में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र को विकास की बड़ी सौगात दी। इस दौरान उन्होंने कुल 51 करोड़ 73 लाख रुपये की लागत से पूर्ण होने वाले 28 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री के इस दौरे से पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र सहित कोतबा और आसपास के ग्रामीण अंचलों में बुनियादी सुविधाओं, स्वास्थ्य, सड़क, शिक्षा और पेयजल व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास की रोशनी पहुँचाना है। सुदूर और आदिवासी अंचलों में अधोसंरचना विकास, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, सुगम आवागमन और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि इन कार्यों के पूर्ण होने से क्षेत्र के नागरिकों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा।

*27 करोड़ 24 लाख रुपये के 19 कार्यों का भूमिपूजन* –

कोतबा में मुख्यमंत्री द्वारा 27 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से 19 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया गया। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत ग्राम दोकड़ा में मिनी स्टेडियम, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना के तहत पुलिया निर्माण, लोक निर्माण विभाग द्वारा विभिन्न सड़कों एवं पहुंच मार्गों का निर्माण, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा परियोजना कार्यालय सह संसाधन केंद्र भवन, तथा कोतबा में 50 बिस्तरीय नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण प्रमुख है। इसके साथ ही सेतु निर्माण उपसंभाग द्वारा उच्चस्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के तहत शासकीय उद्यान रोपणी कार्यालय व आवास भवन, आदिम जाति कल्याण विभाग अंतर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत बागबहार एवं बुलडेगा में कन्या आश्रम एवं लुड़ेग में प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास, मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं ग्राम गौरव पथ योजना के तहत सी.सी. सड़क व नाली निर्माण जैसे महत्वपूर्ण कार्य शामिल हैं।

*24 करोड़ लाख रुपये के 9 कार्यों का लोकार्पण* –

मुख्यमंत्री ने 24 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 9 कार्यों का लोकार्पण भी किया। इनमें पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सी.सी. सड़क निर्माण, लोक निर्माण विभाग द्वारा विभिन्न ग्रामीण व मुख्य सड़कों का निर्माण एवं मजबूतीकरण, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल द्वारा बागबहार में तहसील कार्यालय भवन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा कोतबा जल आवर्धन योजना, तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा द्वारा लुड़ेग में महतारी सदन निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं।

*स्वास्थ्य, सड़क और जल आपूर्ति को मिलेगा बड़ा लाभ* –
विशेष रूप से 50 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण से कोतबा और आसपास के क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा विस्तार होगा। वहीं, नई सड़कों, पुल-पुलियों और पहुंच मार्गों के निर्माण से ग्रामीणों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। जल आवर्धन योजना से पेयजल समस्या के समाधान में भी उल्लेखनीय सुधार होगा। इसके साथ ही महतारी सदन से ग्रामीण महिलाओं को आजीविका संवर्धन के केंद्र का लाभ मिलेगा। नवीन तहसील कार्यालय भवन से लोगों को राजस्व सेवाओं के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण किया जाए, ताकि जनता को शीघ्र इनका लाभ मिल सके। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

*रायपुर साहित्य उत्सव–2026 के लिए आम जनता हेतु सुगम यातायात व्यवस्था : 23 से 25 जनवरी तक पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर में होगा साहित्य, संस्कृति और विचारों का संगम…*

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*रायपुर साहित्य उत्सव–2026 के लिए आम जनता हेतु सुगम यातायात व्यवस्था : 23 से 25 जनवरी तक पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर में होगा साहित्य, संस्कृति और विचारों का संगम*

रायपुर 20 जनवरी 2026/छत्तीसगढ़ की समृद्ध साहित्यिक, सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा को राष्ट्रीय पटल पर सशक्त रूप से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से रायपुर साहित्य उत्सव–2026 का भव्य आयोजन 23 से 25 जनवरी 2026 तक नवा रायपुर अटल नगर स्थित पुरखौती मुक्तांगन में किया जा रहा है। आम नागरिकों, साहित्य प्रेमियों, विद्यार्थियों एवं युवाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शासन द्वारा उत्सव स्थल तक सुगम एवं निःशुल्क यातायात की विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग बिना किसी बाधा के इस तीन दिवसीय साहित्यिक महोत्सव में सहभागिता कर सकें।

इस व्यवस्था के अंतर्गत रायपुर शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पुरखौती मुक्तांगन, नवा रायपुर तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कुल 6 विशेष बस रूट निर्धारित किए गए हैं। ये बसें तीनों दिन सुबह 9 बजे, 10.30 बजे, दोपहर 12 बजे, 1.30 बजे, 3 बजे तथा शाम 4.30 बजे निर्धारित समय-सारणी के अनुसार संचालित होंगी।

रूट क्रमांक 1 टाटीबंध से प्रारंभ होकर सरोना, रायपुरा चौक, कुशालपुर, भाठागांव चौक, संतोषी नगर चौक, पचपेड़ी नाका, एमएमआई, देवपुरी, डूमरतराई, माना मोड़, टेमरी, माना कैंप और नवा रायपुर होते हुए पुरखौती मुक्तांगन पहुंचेगा।

रूट क्रमांक 2 रेलवे स्टेशन से फाफाडीह चौक, डी. नगर, मेकाहारा, शास्त्री चौक, कालीबाड़ी, सिद्धार्थ चौक, पचपेड़ी नाका, एमएमआई, देवपुरी, डूमरतराई, माना मोड़, टेमरी, माना कैंप और नवा रायपुर होते हुए उत्सव स्थल तक जाएगा।

रूट क्रमांक 3 रेलवे स्टेशन से फाफाडीह चौक, मेकाहारा, घड़ी चौक, गांधी उद्यान, भगत सिंह चौक, तेलीबांधा, अवंतीबाई चौक, पं. दीनदयाल चौक, वीआईपी चौक, कृषि विश्वविद्यालय, लाभांडी, जोरा, नवा रायपुर एवं कैपिटल कॉम्प्लेक्स के मार्ग से पुरखौती मुक्तांगन पहुंचेगा।

इसी प्रकार रूट क्रमांक 4 यूनिवर्सिटी गेट से साइंस कॉलेज, आयुर्वेदिक कॉलेज, आश्रम, आमापारा, आज़ाद चौक, कालीबाड़ी, सिद्धार्थ चौक, पचपेड़ी नाका, एमएमआई, देवपुरी, डूमरतराई, माना मोड़, टेमरी, माना कैंप और नवा रायपुर होते हुए उत्सव स्थल तक संचालित होगा।

रूट क्रमांक 5 कचना से मोवा, लोधीपारा, पंडरी, शास्त्री चौक, कालीबाड़ी चौक, सिद्धार्थ चौक, पचपेड़ी नाका, महावीर नगर, तेलीबांधा, अवंतीबाई चौक, पं. दीनदयाल चौक, वीआईपी चौक, कृषि विश्वविद्यालय, लाभांडी, जोरा, नवा रायपुर एवं कैपिटल कॉम्प्लेक्स के रास्ते पुरखौती मुक्तांगन पहुंचेगा।

रूट क्रमांक 6 भाठागांव से पचपेड़ी नाका, एमएमआई, देवपुरी, डूमरतराई, माना मोड़, टेमरी, माना कैंप और नवा रायपुर होते हुए उत्सव स्थल तक संचालित किया जाएगा।

तीन दिवसीय रायपुर साहित्य उत्सव–2026 छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक आत्मा, लोक परंपराओं और साहित्यिक चेतना को नई पीढ़ी से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा। इस अवसर पर देशभर से प्रतिष्ठित साहित्यकार, कवि, कथाकार, विचारक, कलाकार, पत्रकार, रंगकर्मी एवं साहित्य प्रेमी सहभागिता करेंगे। उत्सव के दौरान साहित्यिक संवाद, विचार-मंथन, समकालीन विषयों पर परिचर्चाएँ, कविता पाठ, कथा सत्र, पुस्तक विमोचन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ एवं कला-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे, जो साहित्यिक और वैचारिक विमर्श को नई दिशा देंगे।

उत्सव के अंतर्गत ओपन माइक सत्र का भी आयोजन किया जाएगा, जिसके माध्यम से आम नागरिकों, युवाओं एवं नवोदित रचनाकारों को कविता, कहानी, गीत, विचार अथवा नाट्य अंश के रूप में अपनी प्रतिभा प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। साथ ही, राज्य के विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में उत्सव की जानकारी व्यापक रूप से साझा की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों और युवाओं में साहित्य, भाषा और संस्कृति के प्रति रुचि विकसित हो सके।

आयोजन के दौरान देश के ख्यातिनाम प्रकाशन समूहों की पुस्तक स्टॉल भी लगाई जाएंगी, जहां पाठकों को विविध विषयों, भाषाओं और विधाओं की पुस्तकों से रूबरू होने और उन्हें खरीदने का अवसर मिलेगा।

रायपुर साहित्य उत्सव–2026 में सहभागिता के लिए इच्छुक नागरिक, विद्यार्थी एवं साहित्य प्रेमी आधिकारिक वेबसाइट www.raipursahityautsav.org के माध्यम से पंजीयन कर सकते हैं।

*बगिया में स्व. ओमप्रकाश साय स्मृति क्रिकेट कप सीजन–2 का भव्य शुभारंभ, मुख्य अतिथि तोसेंद्र देव साय हुए शामिल…..*

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*बगिया में स्व. ओमप्रकाश साय स्मृति क्रिकेट कप सीजन–2 का भव्य शुभारंभ, मुख्य अतिथि तोसेंद्र देव साय हुए शामिल…..*

जशपुरनगर। स्वर्गीय ओमप्रकाश साय स्मृति क्रिकेट कप प्रतियोगिता बगिया सीजन–2 का आज शुक्रवार को शुभारंभ उत्साह और खेल भावना के साथ हुआ,इससे पहले स्व ओमप्रकाश साय के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रध्दांजली दी गई। इसके बाद उद्घाटन मुकाबला बंदरचुवा और बगिया टीम के बीच खेला गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में खेल प्रेमी और ग्रामवासी मैदान में उपस्थित रहे।मैच में टॉस जीतकर बंदरचुवा की टीम ने पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया। निर्धारित 8 ओवर के इस रोमांचक मुकाबले में बंदरचुवा की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 88 रनों का लक्ष्य बगिया टीम के सामने रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी बगिया की टीम संघर्ष के बावजूद 52 रन ही बना सकी। इस तरह बंदरचुवा की टीम ने 36 रनों से निर्णायक जीत दर्ज कर प्रतियोगिता की जोरदार शुरुआत की।इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तोसेंद्र देव साय की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताएं ग्रामीण प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देती हैं तथा युवाओं में अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती हैं।कार्यक्रम में बगिया सरपंच राजकुमारी साय, जनपद सदस्य अटल बिहारी साय, मंडल अध्यक्ष रवि यादव, विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं आयोजन को सफल बनाने में क्रिकेट समिति के सदस्य अजीत साय, विनोद साय, परमेश्वर, किशोर, मुनेंद्र, संजय, राजेंद्र, रामनारायण, संजय, धनेश्वर सहित सभी सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।मैच के दौरान खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर दर्शकों ने तालियों से उत्साह बढ़ाया। आयोजन समिति द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया तथा सभी ग्राम पंचायतवासियों ने प्रतियोगिता को सफल बनाने में सहयोग दिया।स्व. ओमप्रकाश साय स्मृति क्रिकेट कप सीजन–2 का यह शुभारंभ न केवल खेल प्रेमियों के लिए रोमांचक रहा, बल्कि क्षेत्र में खेल संस्कृति को नई ऊर्जा देने वाला भी सिद्ध हुआ। आगामी मैचों को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।

*big breking:– बिना निविदा करोड़ों की खरीदी, प्राचार्य व अधिकारी निलंबित,शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई…*

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*big breking:– बिना निविदा करोड़ों की खरीदी, प्राचार्य व अधिकारी निलंबित,शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई*

रायपुर।

छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग में शासकीय खरीदी नियमों के उल्लंघन से जुड़े गंभीर प्रकरणों पर शासन द्वारा त्वरित और कठोर कार्रवाई लगातार की जा रही है। विश्वविद्यालयों एवं शासकीय महाविद्यालयों में बिना निविदा प्रक्रिया अपनाए करोड़ों रुपये की खरीदी किए जाने की शिकायत विभिन्न माध्यम से प्राप्त हुई थी।विभागीय जांच में यह उजागर हुआ कि कुछ विश्वविद्यालयों और शासकीय महाविद्यालयों द्वारा बिना निविदा प्रक्रिया अपनाए बड़े पैमाने पर क्रय आदेश जारी किए गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर द्वारा 15 अप्रैल 2025 को एक ही दिन में लगभग 1 करोड़ रुपये के 26 क्रय आदेश बिना निविदा के जारी किए गए। इसी तरह शासकीय बोरणा सनातन संस्कृत आदर्श महाविद्यालय, नारायणपुर द्वारा 14 अक्टूबर 2025 को एक ही दिन में 35 लाख रुपये के 22 क्रय आदेश तथा शासकीय आदर्श महाविद्यालय, लोहारकोट महासमुंद द्वारा 22 अक्टूबर 2025 को 1 करोड़ रुपये मूल्य के 36 क्रय आदेश बिना निविदा प्रक्रिया के जारी किए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 28 नवंबर 2025 को अपर संचालक की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया गया। समिति की रिपोर्ट के आधार पर शासकीय आदर्श महाविद्यालय लोहारकोट महासमुंद के प्राचार्य एवं क्रय समिति के सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर तथा बोरणा सनातन संस्कृत आदर्श महाविद्यालय, नारायणपुर के प्रकरणों में भी कार्रवाई के तहत प्राचार्य सहित 4 सहायक प्राध्यापकों को निलंबित किया गया है।
उच्च शिक्षा आयुक्तालय ने स्पष्ट किया है कि शासकीय खरीदी नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। यह मामला प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

*गुड गवर्नेंस कागजों पर नहीं, बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और अधिकारियों के काम-काज में दिखना चाहिए – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

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*गुड गवर्नेंस कागजों पर नहीं, बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और अधिकारियों के काम-काज में दिखना चाहिए – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

*मुख्यमंत्री श्री साय ने ई-प्रगति पोर्टल का किया शुभारंभ*

*सुशासन एवं नवाचारों के लिए 5 विभाग एवं 5 जिलों को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार*

रायपुर 10 जनवरी 2025/ गुड गवर्नेंस कागजों पर नहीं, बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और अधिकारियों के काम-काज में दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 कार्यक्रम को सम्बोधित करतेभुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 में सुशासन एवं नवाचारों के लिए 5 विभागों एवं 5 जिलों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ई-प्रगति पोर्टल का भी शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से अब छत्तीसगढ़ के सभी विभागों के 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की निगरानी की जाएगी। इस पोर्टल के माध्यम से निर्माण की मंजूरी से लेकर बजट, मजदूरी, भुगतान, एमआईएस, स्ट्रक्चर लेवल सहित सभी पहलुओं की मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मॉनिटरिंग की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुड गवर्नेंस का उद्देश्य यह है कि समाज के अंतिम व्यक्ति को बुनियादी सेवाओं के लिए भटकना न पड़े। पंचायतों में शुरू किए गए अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को आधार, पेंशन, बैंकिंग और बिल भुगतान जैसी सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं। हमारी सरकार ने तकनीकी नवाचारों के माध्यम से नागरिकों तक सुशासन की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने के लिए अनेक पहल की हैं। इसी क्रम में आज ई-प्रगति पोर्टल का शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य की वृहद परियोजनाओं एवं योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। इस पोर्टल से योजनाओं की प्रगति का डेटा रियल-टाइम में उपलब्ध होगा। सभी विभागों, जिला प्रशासन तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे राज्य में ई-गवर्नेंस को और मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को योजनाओं का लाभ समय पर और सहज रूप से प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने सभी कलेक्टरों, सचिवों एवं संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति को नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद, श्रद्धेय अटल जी की अंत्योदय की अवधारणा और यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व से हमने सुशासन को गहराई से समझा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने देश का पहला सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया है, जो सभी योजनाओं के समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन का केंद्र है। पिछले दो वर्षों में हमने 400 से अधिक नीतिगत सुधार किए, पुराने अनुपयोगी नियम-कानून समाप्त किए और कई में संशोधन किए। इन सुधारों से प्रदेशवासियों का जीवन सरल हुआ और प्रशासन अधिक कुशल बना। आज मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के माध्यम से 5 जिलों और 5 विभागों के नवाचारी प्रयासों को सम्मानित किया गया है। इससे अच्छा कार्य करने वाले अधिकारी प्रोत्साहित होंगे। आगामी वर्ष से 8 अलग-अलग क्षेत्रों में यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जिनमें ई-गवर्नेंस, सेवा वितरण, ग्रामीण और शहरी विकास जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इससे स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में नवाचार और सुशासन की एक सशक्त संस्कृति विकसित हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए “पहल” और “प्रेरणा” योजनाएँ प्रारंभ की जा रही हैं। “पहल” से नए विचारों को सहयोग मिलेगा और “प्रेरणा” से सफल योजनाओं का विस्तार होगा। शीघ्र ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन भी प्रारंभ की जाएगी, जिससे शिकायत निवारण और जनभागीदारी मजबूत होगी। सेवाओं की उपलब्धता बेहतर बनाने के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जा रहा है और लोक सेवा गारंटी अधिनियम को LSG-2.0 के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बदलते दौर में तकनीक जीवनशैली का हिस्सा बन चुकी है। इसलिए हमने डिजिटल संसाधनों की शक्ति को पहचानते हुए तकनीक को सुशासन का प्रमुख हथियार बनाया है। सभी नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ई-ऑफिस ने सरकारी कामकाज में गति और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित की हैं। अब फाइलें हफ्तों-महीनों नहीं, बल्कि एक क्लिक पर आगे बढ़ती हैं। इससे कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो रही है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है। ई-ऑफिस मंत्रालय से प्रारंभ हुआ था और अब विभागाध्यक्ष कार्यालयों में भी लागू हो चुका है। आगामी कुछ महीनों में इसे सभी संभागों और जिलों में भी लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्य सचिव श्री विकास शील द्वारा ई-ऑफिस में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाना एक सराहनीय पहल है, जिससे कार्यसंस्कृति में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। बायोमेट्रिक उपस्थिति को भी चरणबद्ध तरीके से सभी कार्यालयों में लागू किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है, जिसके पीछे सुशासन सबसे बड़ा कारक है। डिजिटल भुगतान में भारत का विश्व में अग्रणी स्थान भी गुड गवर्नेंस का ही परिणाम है।

उन्होंने कहा कि खनिज परिवहन की परमिट व्यवस्था को ऑनलाइन किया गया है, जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगी है और विकास कार्यों के लिए संसाधनों की सुरक्षा हुई है। इसी तरह शासकीय खरीदी को जेम पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों को खरीदी प्रक्रियाओं में समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रजिस्ट्री विभाग में की गई 10 क्रांतिकारी पहल से अब नागरिक घर बैठे ही रजिस्ट्री कर पा रहे हैं। नई औद्योगिक नीति के तहत पिछले वर्ष 7.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से निवेशकों को तेजी से स्वीकृति और क्लियरेंस दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव जाकर 41 लाख आवेदनों का निराकरण किया गया। यह जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण है।उन्होंने कहा कि सांसदों और विधायकों के पत्रों और आवेदनों का समय पर निराकरण होना चाहिए। अच्छे प्रशासन के लिए संवाद, समन्वय और फीडबैक आवश्यक हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। सरकार के निर्णयों और उपलब्धियों का सही संचार भी उतना ही जरूरी है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अंजोर विजन के अंतर्गत 2030 तक के लक्ष्यों की समीक्षा कर प्रदेश को समृद्ध और विकसित राज्य बनाने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव श्री विकास शील ने पुरस्कार प्रक्रिया में भाग लेने वाली सभी टीमों को बधाई दी।

*जिला श्रेणी के विजेता नवाचार*

दंतेवाड़ा जिले की “ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण” पहल एक प्रमुख उदाहरण के रूप में सामने आई। इस नवाचार के माध्यम से मैनुअल और कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर ब्लॉकचेन आधारित छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की गई, जिससे भूमि अभिलेख प्राप्त करने का समय हफ्तों से घटाकर कुछ ही मिनटों में संभव हो सका। इस पहल से दस्तावेज़ी धोखाधड़ी पूरी तरह समाप्त हुई और सेवा प्रदाय में अभूतपूर्व तेजी आई, जिसने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन के लिए एक नया मानक स्थापित किया।

जशपुर जिले की “निर्माण जशपुर” पहल ने यह दर्शाया कि एकीकृत डिजिटल मॉनिटरिंग किस प्रकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बना सकती है। 16 विभागों की 7,300 से अधिक परियोजनाओं और 444 ग्राम पंचायतों को कवर करने वाली इस प्रणाली ने रियल-टाइम निगरानी, जियो-टैग्ड सत्यापन और GIS आधारित योजना को संभव बनाया, जिससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और विलंब में उल्लेखनीय कमी आई।

मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी में लागू संवर्धित टेक-होम राशन (A-THR) नवाचार ने गंभीर कुपोषण जैसी चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से विकसित इस पोषण-घन आहार के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों में 77.5 प्रतिशत सुधार दर दर्ज की गई। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि साक्ष्य-आधारित पोषण हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

गरियाबंद जिले की “हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप” ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने में तकनीक की भूमिका को सशक्त रूप से सामने रखा। AI आधारित ट्रैकिंग और रियल-टाइम अलर्ट व्यवस्था के माध्यम से मानव हताहतों की संख्या लगभग शून्य तक लाई गई, साथ ही फसल क्षति और मुआवजा बोझ में भी उल्लेखनीय कमी आई। राज्य के बाहर भी अपनाई जा चुकी यह पहल संघर्ष-संवेदनशील शासन का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है।

नारायणपुर जिले का “इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल” आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में डेटा एकीकरण की उपयोगिता को दर्शाता है। रियल-टाइम, जियो-स्पेशियल और पूर्वानुमान आधारित इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 100 से अधिक नियोजित अभियानों का संचालन संभव हुआ, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितिजन्य जागरूकता को मजबूती मिली।

*विभागीय श्रेणी के विजेता नवाचार*

इसी तरह विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग का “विद्या समीक्षा केंद्र (VSK)” डेटा-आधारित शिक्षा शासन का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। यह AI सक्षम प्लेटफॉर्म 56,000 से अधिक विद्यालयों, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख विद्यार्थियों की निगरानी करता है, जिससे ड्रॉपआउट की प्रारंभिक पहचान, संसाधनों का बेहतर उपयोग और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना संभव हो सका है।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की “वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम” ने व्यवसाय सुगमता सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। 16 विभागों की 136 सेवाओं को एकीकृत करते हुए इस प्रणाली ने अनुमोदन, प्रोत्साहन, शिकायत निवारण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाया, जिससे विलंब कम हुआ और पारदर्शिता के साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ा।

वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग की समग्र ई-गवर्नेंस सुधार पहल ने राजस्व संग्रह और अनुपालन व्यवस्था को सुदृढ़ किया।एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण, ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली और रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से विभाग ने ₹5,425 करोड़ का राजस्व अर्जित किया और पारदर्शिता तथा नियामक निगरानी के नए मानक स्थापित किए।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की “FDS 2.0 – ई-कुबेर डिजिटल भुगतान प्रणाली” ने मैनुअल चेक आधारित प्रक्रियाओं को समाप्त कर पूर्णतः कैशलेस, RBI एकीकृत भुगतान व्यवस्था लागू की। इसके माध्यम से ₹1,776 करोड़ से अधिक के 18 लाख लेन-देन पूर्ण हुए, जिससे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित वन क्षेत्रों में भी समय पर मजदूरी भुगतान, आजीविका सुरक्षा और पारदर्शी फंड प्रवाह सुनिश्चित हुआ।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा अंतर्गत लागू QR कोड आधारित सूचना स्वप्रकटीकरण व्यवस्था ने नागरिक-केंद्रित शासन को नई मजबूती दी। QR कोड के माध्यम से ग्रामीणों को वास्तविक समय की योजना जानकारी उपलब्ध कराकर इस पहल ने मध्यस्थों पर निर्भरता कम की और 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता को सुदृढ़ किया।

कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने दिया तथा धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर डीजीपी श्री अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, एससीएस गृह श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संचालक श्री रजत बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इन सभी नवाचारों के माध्यम से यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में शासन केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि परिणामों, प्रभाव और नागरिक विश्वास पर केंद्रित एक नई प्रशासनिक संस्कृति विकसित हो रही है। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के अंतर्गत सम्मानित ये जिले और विभाग सुशासन, पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और जनकल्याण के नए मानक स्थापित कर रहे हैं। यह उपलब्धियाँ न केवल राज्य के प्रशासनिक तंत्र की क्षमता को दर्शाती हैं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता और भविष्य के लिए स्पष्ट दृष्टि को भी सुदृढ़ करती हैं।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से की सौजन्य भेंट*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से की सौजन्य भेंट*

रायपुर 8 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज गोवा प्रवास के दौरान गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच आपसी सहयोग और साझा हितों से जुड़े विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई।

*लुड़ेग के धान खरीदी केंद्र में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश, किसानों से मिलकर…..*

लुड़ेग के धान खरीदी केंद्र में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश, किसानों से मिलकर….

जशपुरनगर। किसानों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने जिले के लुड़ेग धान खरीदी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में मौजूद किसानों से सीधे संवाद कर धान खरीदी की जमीनी स्थिति की जानकारी ली और उनकी समस्याएं गंभीरता से सुनीं।श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखा जाए तथा किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

*धान केंद्र की व्यवस्थाओं का लिया जायजा*

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ने तौल प्रक्रिया, रिकॉर्ड संधारण, बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी, छाया और साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि किसानों को केंद्र पर सम्मानजनक और सुव्यवस्थित वातावरण मिलना चाहिए,

श्री साय ने स्पष्ट किया कि धान की तौल के बाद भुगतान प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए, जिससे किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि किसान संतुष्ट रहें और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो।

*समस्या मिलने पर तत्काल समाधान के निर्देश*

जिला पंचायत अध्यक्ष ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी किसान को किसी प्रकार की समस्या आती है, तो उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केंद्रों में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।निरीक्षण के अवसर पर समिति के कर्मचारी, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।