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मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना से प्रदेश के श्रद्धालुओं को मिल रहा निःशुल्क तीर्थ दर्शन का अवसर….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के माध्यम से प्रदेश के श्रद्धालुओं को प्रमुख तीर्थस्थलों के निःशुल्क दर्शन का अवसर मिल रहा है। योजना के तहत जांजगीर-चांपा जिले के 277 तीर्थयात्रियों को चांपा रेलवे स्टेशन से पुरी, कोणार्क और भुवनेश्वर की यात्रा के लिए रवाना किया गया। यह यात्रा 23 से 26 अक्टूबर तक आयोजित की जा रही है।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती उमा राजेन्द्र राठौर एवं श्री राज कुमार साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री प्रदीप नामदेव, इंजी. रवि पांडेय सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। अतिथियों ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया और तीर्थयात्रियों को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना से प्रदेश के श्रद्धालुओं को मिल रहा निःशुल्क तीर्थ दर्शन का अवसर

जिला पंचायत अध्यक्ष इंजी. सत्यलता आनंद मिरी ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना बुजुर्गों और जरूरतमंद लोगों के लिए लाभकारी है। योजना के माध्यम से श्रद्धालुओं को देश के प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है।

चार दिवसीय यात्रा के दौरान तीर्थयात्री पुरी में भगवान जगन्नाथ के दर्शन करेंगे। इसके साथ ही वे कोणार्क के प्रसिद्ध सूर्य मंदिर और भुवनेश्वर के प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण करेंगे। यात्रा के दौरान प्रशासन द्वारा भोजन, चिकित्सा, ठहरने और सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। रवाना हो रहे श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपने खर्च पर भगवान जगन्नाथ के दर्शन करना कठिन था। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना से उनका वर्षों पुराना सपना पूरा होने जा रहा है।

शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं और नीतियों के निर्माण में जनगणना के आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका : संभागायुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा….

रायपुर: शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यक्रमों और नीतियों के प्रभावी निर्माण एवं क्रियान्वयन में जनगणना के आंकड़ों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जनगणना से प्राप्त जानकारी के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं का आकलन करने और विकास की प्राथमिकताएं निर्धारित करने में सहायता मिलती है। इसलिए जनगणना कार्य पूरी गंभीरता, सावधानी और जिम्मेदारी के साथ संपन्न किया जाना आवश्यक है। यह बात सरगुजा संभागायुक्त श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा ने शनिवार को अम्बिकापुर कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित डिजिटल जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में कही।

डिजिटल जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत जनसंख्या गणना कार्य की तैयारियों को लेकर आयोजित प्रशिक्षण में जिले के चार्ज अधिकारी, तहसीलदार एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी शामिल हुए। संभागायुक्त श्री दुग्गा ने अधिकारियों को जनगणना कार्य की महत्ता से अवगत कराते हुए कहा कि जनगणना के दौरान प्रत्येक व्यक्ति और परिवार की जानकारी का सही एवं सटीक संकलन सुनिश्चित किया जाए। इस कार्य में विशेष सावधानी बरती जाए, ताकि कोई भी व्यक्ति अथवा घर गणना से वंचित न रह जाए। उन्होंने कहा कि जनगणना के आंकड़े शासन को शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, अधोसंरचना विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में योजनाएं तैयार करने और संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में सहायता प्रदान करते हैं।

संभागायुक्त श्री दुग्गा ने सभी चार्ज अधिकारियों को जनगणना संबंधी दिशा-निर्देशों का गंभीरता से अध्ययन करने और निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य से जुड़े प्रत्येक अधिकारी को निर्देश पुस्तिका की पूरी जानकारी होनी चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की शंका अथवा तकनीकी समस्या का समाधान मास्टर ट्रेनर्स से प्राप्त कर लिया जाए, ताकि मैदानी स्तर पर कार्य के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई न हो। उन्होंने अधिकारियों से प्रशिक्षण में सक्रिय सहभागिता निभाने और जनगणना कार्य से संबंधित सभी पहलुओं को भलीभांति समझने को कहा।

डिजिटल जनगणना 2027 के द्वितीय चरण की तैयारियों को लेकर चार्ज अधिकारियों का जिला स्तरीय प्रशिक्षण आयोजित

संभागायुक्त ने सरगुजा संभाग में जनगणना के प्रथम चरण के दौरान किए गए कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने जिम्मेदारीपूर्वक कार्य किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि द्वितीय चरण में भी इसी प्रतिबद्धता और समन्वय के साथ कार्य करते हुए जनगणना को सफलतापूर्वक संपन्न कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों के संकलन की प्रक्रिया नहीं, बल्कि भविष्य की विकास योजनाओं और जनकल्याणकारी नीतियों के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करने का कार्य है।

श्री दुग्गा ने आम नागरिकों से भी जनगणना कार्य में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जनगणना के द्वितीय चरण में प्रगणकों द्वारा घर-घर पहुंचकर जनसंख्या संबंधी जानकारी दर्ज की जाएगी। नागरिक प्रगणकों को अपने परिवार से संबंधित सही, पूर्ण एवं तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराएं, जिससे जनगणना के आंकड़ों की विश्वसनीयता और शुद्धता सुनिश्चित हो सके।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना निदेशालय, नवा रायपुर से आए मास्टर ट्रेनर्स ने कम्प्यूटर आधारित प्रस्तुतिकरण (पीपीटी) के माध्यम से चार्ज अधिकारियों को जनगणना की प्रक्रिया, आवश्यक दिशा-निर्देशों तथा डिजिटल माध्यम से जानकारी संकलित करने के संबंध में विस्तृत प्रशिक्षण दिया। इस दौरान अधिकारियों को जनसंख्या गणना कार्य के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी गई तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।

प्रशिक्षण में अपर कलेक्टर श्री प्रताप विजय खेस्स, अनुविभागीय दण्डाधिकारी अम्बिकापुर श्री बनसिंह नेताम, उदयपुर श्री रामराज सिंह, सीतापुर सुश्री प्राची ठाकुर, डिप्टी कलेक्टर सुश्री प्रिंसी तम्बोली एवं सुश्री सुष्मिता टोंड्रे सहित जिले के तहसीलदार, मुख्य नगर पालिका अधिकारी तथा संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

‘सेवा सेतु’ केन्द्र के माध्यम से दिलीप कुमार को एक दिन में मिला जाति प्रमाण पत्र….

रायपुर: आम नागरिकों को शासकीय सेवाओं का त्वरित एवं पारदर्शी लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ‘सेवा सेतु’ केन्द्र जमीनी स्तर पर बेहद कारगर साबित हो रहा है। इसके माध्यम से नागरिकों को आवश्यक दस्तावेज एवं प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने से निजात मिल रही है। बालोद जिले के ग्राम मुल्लेगुड़ा निवासी श्री दिलीप के लिए यह अत्यंत मददगार साबित हुआ, जहां उन्हें मात्र एक ही दिवस के भीतर उनका जाति प्रमाण पत्र तैयार कर प्रदान कर दिया गया।

एक दिन में प्रक्रिया पूर्ण, दूर हुई लंबे इंतजार की चिंता

हितग्राही श्री दिलीप कुमार ने बताया कि उन्हें विभिन्न आवश्यक कार्यों एवं योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए जाति प्रमाण पत्र की अत्यंत आवश्यकता थी। पूर्व में प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कई दिनों तक प्रतीक्षा करनी पड़ती थी तथा बार-बार कार्यालयीन प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था। लेकिन सेवा सेतु केन्द्र के तहत जब उन्होंने अपने दस्तावेज प्रस्तुत किए, तो संबंधित अमले ने पूरी संवेदनशीलता एवं तत्परता दिखाते हुए आवेदन का त्वरित सत्यापन किया और रिकॉर्ड समय में मात्र एक दिन के भीतर उनका जाति प्रमाण पत्र तैयार कर उन्हें सौंप दिया।

समयबद्ध सेवा से आमजन में बढ़ा विश्वास

एक ही दिन में बिना किसी परेशानी के प्रमाण पत्र मिलने पर दिलीप की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने बताया कि इस त्वरित पहल से न केवल उनके समय और धन की बचत हुई, बल्कि शासकीय व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है। सेवा सेतु के माध्यम से सुशासन की जो परिकल्पना साकार हो रही है, वह ग्रामीण अंचल के जरूरतमंद लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।

सेवा सेतु केन्द्र के माध्यम से मिले त्वरित समाधान और एक दिन में जाति प्रमाण पत्र जारी होने पर दिलीप कुमार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हृदय से आभार प्रकट किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप आम जनता को सुलभ व पारदर्शी प्रशासनिक सेवाएं प्रदान करने की यह पहल अत्यंत सराहनीय है, जिससे सुदूर ग्रामीणों को घर के निकट ही त्वरित राहत मिल पा रही है।

आईआईटी भिलाई के छठे दीक्षांत समारोह में 313 विद्यार्थियों को मिली उपाधियाँ, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी स्वर्ण पदक से सम्मानित….

रायपुर: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई के नालंदा हॉल में आज छठा दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित हुआ। समारोह में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के कुल 313 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं। उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए प्रतिभावान विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक एवं सीनेट पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में नीति आयोग के पूर्व सदस्य एवं रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के पूर्व महानिदेशक डॉ. विजय कुमार सारस्वत उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आईआईटी भिलाई के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष प्रो. वीरेंद्र कुमार विजय ने की।

समारोह का शुभारंभ अकादमिक शोभायात्रा के साथ हुआ। आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने स्वागत उद्बोधन देते हुए संस्थान की वार्षिक उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आईआईटी भिलाई छत्तीसगढ़ को प्रौद्योगिकी, नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

छत्तीसगढ़ का पहला आईटी पार्क बना नवाचार और रोजगार की नई संभावनाओं का केंद्र

निदेशक प्रो. राजीव प्रकाश ने बताया कि आईआईटी भिलाई और छत्तीसगढ़ शासन की संयुक्त पहल से राज्य का पहला आईटी पार्क स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा सिविल लाइंस में उद्घाटित यह आईटी पार्क प्रदेश में तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप, उद्यमिता और रोजगार सृजन को नई दिशा देने की महत्वपूर्ण पहल है। संस्थान का लक्ष्य छत्तीसगढ़ में विश्वस्तरीय प्रौद्योगिकी एवं अनुसंधान इकोसिस्टम विकसित करना है।

आईआईटी भिलाई के छठे दीक्षांत समारोह में 313 विद्यार्थियों को मिली उपाधियाँ, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी स्वर्ण पदक से सम्मानित

उन्होंने बताया कि आईआईटी भिलाई में वर्तमान में 191 अनुसंधान परियोजनाएँ संचालित हैं तथा संस्थान का अनुसंधान एवं विकास बजट बढ़कर 187 करोड़ रुपए हो गया है। अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक एवं अनुसंधान सहयोग को विस्तार देते हुए संस्थान ने आईएमटी नॉर्ड यूरोप, इकोल सेंट्राल डी नांत और ग्राज़ प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय जैसे प्रतिष्ठित विदेशी संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।

निदेशक ने बताया कि आईआईटी भिलाई टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन फाउंडेशन द्वारा छत्तीसगढ़ शासन की समग्र शिक्षा पहल के सहयोग से कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित विद्या समीक्षा केंद्र विकसित किया गया है। इस केंद्र को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 30 मार्च 2025 को छत्तीसगढ़ को समर्पित किया था। यह पहल शिक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक के उपयोग और प्रभावी निगरानी की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

313 विद्यार्थियों को मिली उपाधियाँ, डिजिटल प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए

दीक्षांत समारोह में कुल 313 विद्यार्थियों को उपाधियाँ प्रदान की गईं। इनमें 19 विद्यार्थियों को पीएचडी, 37 को एमएससी, 79 को एमटेक, 8 को बीटेक (ऑनर्स) तथा 170 विद्यार्थियों को बीटेक की उपाधियाँ मिलीं। डिजिटल इंडिया पहल के अनुरूप संस्थान द्वारा विद्यार्थियों को डिजिटल उपाधि प्रमाणपत्र भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह व्यवस्था तकनीकी नवाचार के साथ पर्यावरण-अनुकूल कार्यप्रणाली को प्रोत्साहित करती है।

कृति अरोड़ा को संस्थान स्वर्ण पदक, निधि सिंह बनीं उत्कृष्ट छात्रा

समारोह में सर्वाधिक सीजीपीए प्राप्त करने पर बीटेक की छात्रा सुश्री कृति अरोड़ा को प्रतिष्ठित संस्थान स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। बीटेक, बीटेक (ऑनर्स) और एमएससी पाठ्यक्रमों में समग्र शैक्षणिक उत्कृष्टता के लिए सुश्री निधि सिंह को निदेशक स्वर्ण पदक (उत्कृष्ट छात्रा) से सम्मानित किया गया।

शैक्षणिक एवं पाठ्येतर गतिविधियों में उत्कृष्ट समग्र प्रदर्शन के लिए बीटेक वर्ग में श्री शुभम योगेश महाजन तथा एमटेक वर्ग में सुश्री जिमली पाटोवारी को निदेशक स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।

विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सीनेट पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया। बीटेक वर्ग में सुश्री कृति अरोड़ा, श्री मरदोककर वेदांत भालचंद्र, श्री अनुज गुप्ता, श्री प्रशांत मालवीय और श्री धनंजय एबॉट को सम्मान मिला। एमएससी वर्ग में श्री शुभदीप पॉल, सुश्री मानवी त्यागी और श्री अनुराग हाजरा को सीनेट पुरस्कार प्रदान किए गए।

आईआईटी भिलाई के छठे दीक्षांत समारोह में 313 विद्यार्थियों को मिली उपाधियाँ, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी स्वर्ण पदक से सम्मानित

इसी प्रकार एमटेक के विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए श्री प्रजापत रविंद्र हिम्मतभाई, श्री अरिंदम चक्रवर्ती, श्री देबजीत सरकार, श्री ब्योमकेश पांडा, श्री नितेश सिंह भदौरिया, श्री नितेश वर्षन एम., श्री सौरव कुमार, सुश्री बसिट्टी रंजिता, श्री देबज्योति डे, सुश्री जिमली पाटोवारी, श्री यजौर किचेनमूर्ती, श्री विवेक कुमार सोनी तथा श्री अनुपम कुमार सिंह को सीनेट पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

युवा विकसित भारत के निर्माण में निभाएं महत्वपूर्ण भूमिका: डॉ. सारस्वत

मुख्य अतिथि डॉ. विजय कुमार सारस्वत ने उपाधि प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि देश का भविष्य युवा वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और नवाचार करने वाली प्रतिभाओं के हाथों में है। उन्होंने डीआरडीओ और नीति आयोग में अपने अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के विचारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने युवाओं से अपने सपनों को विकसित भारत के निर्माण के संकल्प में बदलने का आह्वान किया।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए प्रो. वीरेंद्र कुमार विजय ने ग्रामीण विकास और समावेशी भारत के निर्माण में उच्च शिक्षण संस्थानों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान, अनुसंधान और आधुनिक तकनीक का लाभ ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाकर सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई गति दी जा सकती है।

समारोह में उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की गई। यह आयोजन विद्यार्थियों के शैक्षणिक जीवन की महत्वपूर्ण उपलब्धि के साथ देश और समाज के प्रति नई जिम्मेदारियों की शुरुआत का भी प्रतीक बना।

राजधानी रॉयल्स पर 4-3 की जीत के बाद चक्रधर चैंपियंस सेमीफाइनल में जगह बनाने के और करीब….

रायपुर: छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में आज राजधानी रॉयल्स को लगातार दूसरी हार का सामना करना पड़ा। चक्रधर चैंपियंस ने उसे 4-3 से मात दी। ललित उपाध्याय की कप्तानी वाली टीम के लिए यह हार उन्हें पॉइंट्स टेबल में सबसे नीचे ले आई है, जिससे उनके आगे बढ़ने की संभावनाएं काफी मुश्किल हो गई हैं। दूसरी ओर, चैंपियंस सेमीफाइनल में जगह बनाने के और करीब पहुंच गए हैं।

मैच की शुरुआत चक्रधर चैंपियंस ने की, जो लगातार दूसरे दिन अपना मैच खेल रहे थे। उन्होंने गोल करने का अपना शानदार फॉर्म जारी रखा और सबसे पहले गोल दागा। चौथे मिनट में मनीष ने टीम के लिए एक पेनल्टी कॉर्नर हासिल किया, जिसे युवराज वाल्मीकि ने एक बेहतरीन वेरिएशन के जरिए गोल में बदल दिया। टूर्नामेंट में अपनी पहली जीत की तलाश कर रही राजधानी रॉयल्स ने कुछ ही मिनटों बाद बराबरी कर ली, जब रौशन कुमार ने ‘टोमाहॉक’ शॉट से गोल किया, जो इस लीग में उनका ट्रेडमार्क बन गया है। दोनों टीमों के बीच यह क्वार्टर काफी बराबरी का रहा, जिसमें दोनों तरफ से एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी गई।

राजधानी रॉयल्स पर 4-3 की जीत के बाद चक्रधर चैंपियंस सेमीफाइनल में जगह बनाने के और करीब

चक्रधर चैंपियंस लीग में ऐसी टीम बनकर उभरी है जिसे हराना मुश्किल है, क्योंकि उनके पास अनुभवी और नए खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण है जो लगातार गोल कर रहे हैं। वाल्मीकि ने मिडफील्ड से एक लंबा पास दिया, जिसे रोकने के लिए कोई डिफेंडर मौजूद नहीं था। इसका नतीजा यह हुआ कि खोगेश्वर बाग ने शानदार तरीके से गेंद को डिफ्लेक्ट (दिशा बदलकर) करके चैंपियंस के लिए दिन का दूसरा गोल कर दिया। हाफ-टाइम से पहले उन्हें कुछ और मौके मिले, लेकिन पूरे टूर्नामेंट की तरह, पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने के मामले में उनका प्रदर्शन मिला-जुला रहा।राजधानी रॉयल्स पर 4-3 की जीत के बाद चक्रधर चैंपियंस सेमीफाइनल में जगह बनाने के और करीब

उनका तीसरा गोल एक पेनल्टी कॉर्नर से आया‌। इस बार परमप्रीत सिंह ने पोस्ट के बीच में निशाना साधा, और विपक्षी गोलकीपर हिमांशु मलिक एक आसान सा बचाव करने से चूक गए। राजधानी रॉयल्स ने एक गोल वापस किया, जब रौशन कुमार ने पेनल्टी कॉर्नर के रिबाउंड पर फिर से गोल दागा।

चक्रधर चैंपियंस के लिए अगला गोल आने में उम्मीद से कहीं ज्यादा समय लगा, जब परमप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए गेंद को नेट के पार पहुंचाया। उनके दूसरे गोल के विपरीत, यह एक जोरदार प्रहार था, और मलिक को संभलने का कोई मौका नहीं मिला। ललित ने खेल खत्म होने के करीब वापसी की और एक पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रौशन को ‘स्ट्राइकर ऑफ द मैच’ चुना गया, जबकि परमप्रीत ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहे। अब राजधानी रॉयल्स अपना अगला मैच 25 अक्टूबर को मैनपाट टाइटन्स के खिलाफ खेलेगी। वहीं चक्रधर चैंपियंस का भी अगला मैच 26 अक्टूबर को मैनपाट टाइटन्स के साथ है।

छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का दूसरा दिन : मैनपाट टाइटन्स और बैलाडिला बुल्स के बीच मुकाबला 3-3 से ड्रॉ, प्रहलाद बने ‘स्ट्राइकर ऑफ़ द मैच’, करण धनुक को ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ का पुरस्कार…

रायपुर: छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के दूसरे दिन आज पहले मैच में कड़े मुकाबले के बीच मैनपाट टाइटन्स और बैलाडिला बुल्स के बीच मैच 3-3 से ड्रॉ पर समाप्त हुआ। पहले दो क्वार्टर्स में ओलंपियन प्रदीप मोर की टीम मैनपाट टाइटन्स का दबदबा रहा, जबकि आखिरी दो क्वार्टर्स में ओलंपियन चिंगलेनसाना सिंह की टीम बैलाडिला बुल्स ने बेहतर खेल दिखाया। शानदार खेल के लिए प्रहलाद को ‘स्ट्राइकर ऑफ़ द मैच’ चुना गया, जबकि करण धनुक को ‘प्लेयर ऑफ़ द मैच’ का पुरस्कार मिला।

मैच का पहला हमला चौथे मिनट में देखने को मिला। मैनपाट के खिलाड़ियों ने सर्कल में प्रवेश तो किया, लेकिन विपक्षी डिफेंडरों ने आसानी से गेंद को बाहर निकाल दिया। इसके बाद जवाबी हमले में बैलाडिला बुल्स ने भी सर्कल में जगह बनाई, लेकिन उनके पास डिफेंस को चुनौती देने के लिए पर्याप्त ताकत नहीं थी। मैच के 7वें मिनट में मैनपाट के पास गोल करने का एक बेहतरीन मौका आया, जब प्रहलाद टांडी को सर्कल के अंदर गेंद मिली, लेकिन बैलाडिला बुल्स के गोलकीपर ने तेजी से आगे आकर इस मौके को नाकाम कर दिया।

लगातार हमलों के बीच बैलाडिला को अपना पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे संदीप ठाकुर ने गोल में बदल दिया। यादव अपनी बाईं ओर नहीं जा सके, जबकि गेंद उनके काफी करीब थी। बहरहाल, पहला क्वार्टर बिना किसी और हलचल के समाप्त हुआ। दूसरे क्वार्टर में मैनपाट ने अपनी बढ़त को और मजबूत किया। हालांकि ज्यादा मौके नहीं बने थे, लेकिन हाफ-टाइम से कुछ मिनट पहले प्रवीण यादव ने गोल कर दिया। प्रहलाद ने सर्कल के अंदर शानदार दौड़ लगाई और प्रवीण ने गेंद को बेहतरीन तरीके से डिफ्लेक्ट करके गोल में बदल दिया। हाफ-टाइम तक स्कोर 2-0 हो गया था।

शुरुआती बढ़त मिलने के बाद ऐसा लग रहा था कि मैनपाट अपना दबदबा बनाए रखेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बैलाडिला ने लगातार हमले कर विपक्षी डिफेंस पर दबाव बना दिया। उन्होंने कई बार सर्कल के अंदर प्रवेश किया और आखिरकार उनकी लगातार कोशिशों का फल उन्हें मिला। जसकरण सिंह सर्कल के काफी अंदर तक गए और उन्होंने राहुल यादव की तरफ गेंद फ्लिक की, जिसे राहुल ने गोल में बदल दिया। पिछले क्वार्टर की लय को बरकरार रखते हुए जसकरण ने चौथे क्वार्टर की शुरुआत में ही पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर बराबर कर दिया। सर्कल के बाहर से लगाए गए एक ‘टोमाहॉक’ शॉट की वजह से बैलाडिला को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला, जिसे मैनपाट के गोलकीपर अल्फ़ाज़ खान ने रोक दिया।

मैनपाट के प्रहलाद को सर्कल के अंदर कुछ खाली जगह मिली, जहाँ से उन्होंने एक ‘रिवर्स फ़्लिक’ के ज़रिए अपनी टीम के लिए गोल कर दिया। मैच के अंत के करीब बैलाडिला के निहाल हुसैन अंसारी ने पेनल्टी कॉर्नर के रिबाउंड पर शॉट लगाकर अपनी टीम के लिए बराबरी का गोल किया।

सांसद चिंतामणि महाराज ने सभी खिलाड़ियों से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का किया आह्वान, सांसद महाराज ने बॉस्केट में बॉल डालकर किया 26 वीं राज्यस्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का शुभारंभ….

रायपुर: सरगुजा संभाग के मुख्यालय अम्बिकापुर में आज से 4 दिवसीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का रंगारंग आगाज हुआ। राज्य स्तरीय स्पर्धा का आयोजन सरगुजा अंचल वासियों के लिए गौरव का क्षण है। शासकीय बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय (मल्टीपरपज स्कूल) ग्राउंड, अंबिकापुर में 26वीं चार दिवसीय राज्यस्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 2026 का शुभारंभ सांसद सरगुजा श्री चिंतामणि महाराज के मुख्य आतिथ्य में हुआ। खेल का शुभारंभ सांसद श्री महाराज द्वारा बास्केट में बाल डालकर किया गया। इस प्रतियोगिता में बस्तर, बिलासपुर, दुर्ग, रायपुर और सरगुजा संभाग के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं। शुभारंभ समारोह में विद्यार्थियों ने बिहू नृत्य, पारंपरिक गीत-संगीत और विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम को आकर्षक बनाया।

सांसद चिंतामणि महाराज ने सभी खिलाड़ियों से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का किया आह्वान

इस अवसर पर सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। खेलों से बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को बढ़ावा मिलता है तथा उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास, टीम भावना और प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित होती है। उन्होंने खिलाड़ियों से पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने, निरंतर अभ्यास करने तथा खेल के क्षेत्र में आगे बढ़कर उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में अपनी पहचान बनाने का आह्वान किया। खेलों के जरिए राष्ट्रीय एकता की भावना भी मजबूत होती है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन से विद्यार्थियों को अपनी खेल प्रतिभा प्रदर्शित करने तथा उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार होने का अवसर मिलता है। सांसद ने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ खेलने का आह्वान किया।

सांसद चिंतामणि महाराज ने सभी खिलाड़ियों से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का किया आह्वान

साथ ही सांसद श्री महाराज ने कहा कि राज्य के सभी संभाग  के खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। इन प्रतियोगिताओं में भागीदारी कर रहे सभी 215 छात्र एवं 245 छात्राओ को शुभकामनाएं देते हुए खेल भावना, अनुशासन और उत्कृष्ट प्रदर्शन के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने का आह्वान किया। इस दौरान उन्होंने सभी को अपना बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया । उन्होंने कहा कि हार जीत तो जीवन का अभिन्न हिस्सा है । बेहतर खिलाड़ी वही है जो अच्छे खेल भावना के साथ अपना बेहतर प्रदर्शन करता है।

सांसद चिंतामणि महाराज ने सभी खिलाड़ियों से अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का किया आह्वान

चार खेलों की विभिन्न वर्गों में होंगी प्रतियोगिताएं

चार दिवसीय इस राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में फुटबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन और सॉफ्टबॉल टेनिस की प्रतियोगिताएं विभिन्न आयु वर्गों में आयोजित की जा रही हैं। प्रतियोगिता के अंतर्गत 19 वर्ष आयु वर्ग के बालकों की फुटबॉल प्रतियोगिता, 14 एवं 17 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं की बास्केटबॉल प्रतियोगिता तथा 17 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बालक-बालिकाओं की बैडमिंटन और सॉफ्टबॉल टेनिस प्रतियोगिताएं शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि इस खेल कार्यक्रम में 215 छात्र और 245 छात्राएँ शामिल हो रही हैं।इस आयोजन में विभिन्न संभागों से आए खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के माध्यम से अपनी खेल क्षमता निखारने, प्रतिस्पर्धात्मक अनुभव प्राप्त करने और भविष्य की बड़ी खेल स्पर्धाओं के लिए स्वयं को तैयार करने का अवसर मिल रहा है।

जनप्रतिनिधियों ने किया खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री निरूपा सिंह, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री देवनारायण यादव, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत और नगर निगम सभापति श्री हरमिंदर सिंह टिन्नी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने खिलाड़ियों को संबोधित कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन, लगन और मेहनत के साथ बेहतर प्रदर्शन करने तथा राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए निरंतर अभ्यास करने का आह्वान किया।

महापौर श्रीमती मंजूषा भगत ने विद्यार्थियों को स्वच्छ भारत अभियान के उद्देश्यों से जोड़ते हुए अपने शहर और गांवो को स्वच्छ एवं सुंदर बनाने में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता की शुरुआत अपने घर और आसपास के क्षेत्रों से होती है। विद्यार्थियों को अपने परिवेश को स्वच्छ रखने के साथ दूसरों को भी स्वच्छता के प्रति जागरूक करना चाहिए। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण और अवसर उपलब्ध कराना आवश्यक है। उन्होंने खिलाड़ियों से अपनी प्रतिभा निखारने, खेल संस्कृति को समृद्ध बनाने और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए निरंतर प्रयास करने की अपील की। उन्होंने सरगुजा पहुंचे सभी संभागों के खिलाड़ियों का स्वागत करते हुए उनके बेहतर प्रदर्शन की कामना की और उन्हें सभी सुविधाएं प्रदान करने की बात कही। कार्यक्रम में मेजर अनिल सिंह जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी संयुक्त संचालक शिक्षा, जिला शिक्षा अधिकारी सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

बस हादसे में मृत यात्रियों के घर-घर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि….

रायपुर: मनेंद्रगढ़-केल्हारी मार्ग पर पहाड़हंसवाही के पास हुए दर्दनाक बस हादसे में छह यात्रियों की मृत्यु से प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृतकों के घर-घर जाकर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर इस अपूरणीय क्षति पर गहरा दुख जताया।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने हादसे में जान गंवाने वाले छह यात्रियों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। मृतकों में ग्राम रोझी (पवई बहरा) के पंचराम (65 वर्ष), मधु एवं पूर्णिमा उर्फ नेहा, ग्राम कछौड़ (गुडरूपारा) की संगीता, ग्राम मनवारी के सिपाहीलाल तथा केवटी (भालूडांड) की सुकारो शामिल हैं। मंत्री ने सभी मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। इसके अतिरिक्त ग्राम रोझी निवासी सुक्रीता, पति अमरसाय, को भी 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी गई।

मुख्यमंत्री की ओर से प्रत्येक मृतक परिवार को 5-5 लाख रुपये की सहायता

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की ओर से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक यात्री के परिवार को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान किया जाएगा। इस सहायता से प्रभावित परिवारों को कठिन समय में आर्थिक संबल मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने व्यक्त की गहरी संवेदना

मृतकों के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने उन्हें पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने तथा शासन की ओर से हरसंभव सहयोग का संदेश देने के लिए कहा है।

मंत्री ने शोकाकुल परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि अपनों को खोने का दुख शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। यह परिवारों के लिए अत्यंत कठिन समय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शासन और प्रशासन इस दुख की घड़ी में उनके साथ हैं तथा जरूरत के अनुसार हरसंभव सहायता एवं सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर लिया जायजा

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पहाड़हंसवाही के पास बस दुर्घटनास्थल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने दुर्घटना से प्रभावित क्षेत्र का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों से हादसे से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी ली। इस दौरान सड़क की स्थिति और भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक उपायों पर चर्चा की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीरता बरतने तथा आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

तीन सड़कों के मुरमीकरण और बिहारपुर सीएचसी के लिए नई एंबुलेंस की घोषणा
दुर्घटना के बाद क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में स्वास्थ्य मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तीन सड़कों के मुरमीकरण कार्य को स्वीकृत कराने के लिए निर्देशित किया। साथ ही केल्हारी से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित बिहारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए नई एंबुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की।

नई एंबुलेंस की उपलब्धता से क्षेत्र के मरीजों को आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी। सड़क सुधार और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

इस दौरान कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े, जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, पूर्व संसदीय सचिव श्रीमती चंपादेवी पावले, अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोगरे, एसडीएम श्री शशि शेखर मिश्रा, श्रीमती इंदिरा मिश्रा, सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे, जनपद पंचायत सीईओ सुश्री वैशाली सिंह, मंडल अध्यक्ष धीरज मौर्य, पूर्व जनपद सदस्य दृगपाल सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

बस हादसे में मृत यात्रियों के घर-घर पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, पुष्प अर्पित कर दी श्रद्धांजलि….

रायपुर: मनेंद्रगढ़-केल्हारी मार्ग पर पहाड़हंसवाही के पास हुए दर्दनाक बस हादसे में छह यात्रियों की मृत्यु से प्रभावित परिवारों के बीच पहुंचकर छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने मृतकों के घर-घर जाकर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर इस अपूरणीय क्षति पर गहरा दुख जताया।

इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री जायसवाल ने हादसे में जान गंवाने वाले छह यात्रियों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। मृतकों में ग्राम रोझी (पवई बहरा) के पंचराम (65 वर्ष), मधु एवं पूर्णिमा उर्फ नेहा, ग्राम कछौड़ (गुडरूपारा) की संगीता, ग्राम मनवारी के सिपाहीलाल तथा केवटी (भालूडांड) की सुकारो शामिल हैं। मंत्री ने सभी मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। इसके अतिरिक्त ग्राम रोझी निवासी सुक्रीता, पति अमरसाय, को भी 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी गई।

मुख्यमंत्री की ओर से प्रत्येक मृतक परिवार को 5-5 लाख रुपये की सहायता

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की ओर से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक यात्री के परिवार को 5-5 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान किया जाएगा। इस सहायता से प्रभावित परिवारों को कठिन समय में आर्थिक संबल मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने व्यक्त की गहरी संवेदना

मृतकों के घर पहुंचकर परिजनों से मुलाकात के दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दुर्घटना में जान गंवाने वाले यात्रियों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने उन्हें पीड़ित परिवारों के बीच पहुंचकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करने तथा शासन की ओर से हरसंभव सहयोग का संदेश देने के लिए कहा है।

मंत्री ने शोकाकुल परिजनों को सांत्वना देते हुए कहा कि अपनों को खोने का दुख शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। यह परिवारों के लिए अत्यंत कठिन समय है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शासन और प्रशासन इस दुख की घड़ी में उनके साथ हैं तथा जरूरत के अनुसार हरसंभव सहायता एवं सहयोग उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

दुर्घटनास्थल का निरीक्षण कर लिया जायजा

स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पहाड़हंसवाही के पास बस दुर्घटनास्थल पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने दुर्घटना से प्रभावित क्षेत्र का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों से हादसे से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी ली। इस दौरान सड़क की स्थिति और भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक उपायों पर चर्चा की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सड़क सुरक्षा के प्रति गंभीरता बरतने तथा आवश्यक व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

तीन सड़कों के मुरमीकरण और बिहारपुर सीएचसी के लिए नई एंबुलेंस की घोषणा
दुर्घटना के बाद क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में स्वास्थ्य मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तीन सड़कों के मुरमीकरण कार्य को स्वीकृत कराने के लिए निर्देशित किया। साथ ही केल्हारी से लगभग 25 किलोमीटर दूर स्थित बिहारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए नई एंबुलेंस उपलब्ध कराने की घोषणा की।

नई एंबुलेंस की उपलब्धता से क्षेत्र के मरीजों को आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर अस्पताल पहुंचाने में मदद मिलेगी। इससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी। सड़क सुधार और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र के लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

इस दौरान कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े, जिला पंचायत सीईओ अंकिता सोम, पूर्व संसदीय सचिव श्रीमती चंपादेवी पावले, अपर कलेक्टर श्रीमती नम्रता डोगरे, एसडीएम श्री शशि शेखर मिश्रा, श्रीमती इंदिरा मिश्रा, सीएमएचओ डॉ. अविनाश खरे, जनपद पंचायत सीईओ सुश्री वैशाली सिंह, मंडल अध्यक्ष धीरज मौर्य, पूर्व जनपद सदस्य दृगपाल सिंह सहित जनप्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

शासन के बल्क परचेस निर्णय से छत्तीसगढ़ में आवासीय योजनाओं को मिली नई गति, संस्थाओं ने खरीदे 226 आवास….

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आवासीय योजनाओं को अधिक प्रभावी, व्यावहारिक और जनहितैषी बनाने के लिए लिए गए महत्वपूर्ण निर्णयों के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के लंबे समय से रिक्त आवासों के विक्रय के लिए बल्क परचेस की अनुमति दिए जाने से प्रदेश में आवासीय संपत्तियों के विक्रय को नई गति मिली है। इस निर्णय के फलस्वरूप विभिन्न शासकीय एवं निजी संस्थाओं द्वारा अपने कर्मचारियों की आवासीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए बड़ी संख्या में मकानों की खरीदी की जा रही है।

वित्त एवं आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के मार्गदर्शन में मंडल द्वारा निर्मित आवासों के बेहतर उपयोग, रिक्त संपत्तियों के विक्रय और आवासीय परिसरों में बसाहट बढ़ाने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। बल्क परचेस की व्यवस्था से जहां लंबे समय से खाली पड़े भवनों का उपयोग सुनिश्चित हो रहा है, वहीं मंडल को राजस्व प्राप्त होने के साथ आवासीय परिसरों में नागरिक सुविधाओं और रखरखाव की व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की संभावना है।

छह शहरों में 226 आवासों का विक्रय, लगभग 42.17 करोड़ रुपये का कारोबार

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा संचालित विभिन्न आवासीय योजनाओं के अंतर्गत अब तक दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर, रायगढ़, नवा रायपुर अटल नगर एवं आरंग में संस्थागत खरीदी के माध्यम से कुल 226 आवासों का विक्रय किया गया है। इन आवासों का कुल मूल्य लगभग 42.17 करोड़ रुपये है।

जीएसटी विभाग द्वारा प्रदेश के चार प्रमुख शहरों में कुल 68 आवासों का क्रय किया गया है, जिनका कुल मूल्य लगभग 23.77 करोड़ रुपये है। इनमें दुर्ग में 24 मकान लगभग 6.50 करोड़ रुपये, जगदलपुर में 16 मकान लगभग 6 करोड़ रुपये, बिलासपुर में 25 मकान लगभग 10.35 करोड़ रुपये तथा रायगढ़ में 3 मकान लगभग 92 लाख रुपये की राशि से खरीदे गए हैं। इसी प्रकार नवा रायपुर अटल नगर में प्रधानमंत्री सह मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मेफेयर संस्था द्वारा 128 मकानों का लगभग 16.20 करोड़ रुपये में क्रय किया गया है। वहीं मैट्स विश्वविद्यालय द्वारा आरंग में 30 मकान लगभग 2.20 करोड़ रुपये की राशि से खरीदे गए हैं।

दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर, रायगढ़, नवा रायपुर और आरंग में लगभग 42.17 करोड़ रुपये के आवासों का विक्रय

इसके अतिरिक्त नवा रायपुर अटल नगर में विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय द्वारा भी 128 फ्लैट्स की बल्क खरीदी का निर्णय लिया गया है। इन फ्लैट्स का अनुमानित कुल मूल्य लगभग 16.20 करोड़ रुपये है। इस प्रस्तावित खरीदी के पूर्ण होने पर संस्थागत आवास विक्रय का आंकड़ा और बढ़ेगा।

राज्य मंत्रिपरिषद के ऐतिहासिक निर्णय से खुला रिक्त आवासों के उपयोग का रास्ता

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा नवा रायपुर अटल नगर के सेक्टर- 16, 30 एवं 34 में प्रधानमंत्री सह-मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) तथा निम्न आय वर्ग (LIG) के लिए बड़ी संख्या में आवासों का निर्माण किया गया है। योजना के प्रथम चरण में कुल 6,296 भवनों का क्रियान्वयन किया गया था। इन आवासों के विक्रय के लिए समय-समय पर विज्ञापन जारी किए जाने के बावजूद कुछ भवन लंबे समय तक अविक्रित रहे।

इसके कारण भवनों की सुरक्षा, रखरखाव तथा मंडल के वित्तीय संसाधनों के प्रबंधन से संबंधित चुनौतियां सामने आ रही थीं। इन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिपरिषद ने 14 नवंबर 2025 को महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके अंतर्गत तीन बार विज्ञापन जारी होने के बाद भी अविक्रित रहने वाले आवासों को पात्र हितग्राहियों के अतिरिक्त अन्य आय वर्ग के व्यक्तियों एवं संस्थाओं को भी विक्रय करने की अनुमति प्रदान की गई।

इस निर्णय में यह भी स्पष्ट किया गया कि अन्य आय वर्ग के व्यक्तियों एवं संस्थाओं को आवास क्रय करने पर शासन द्वारा प्रदत्त अनुदान का लाभ नहीं मिलेगा। इससे मूल पात्र हितग्राहियों के हितों को सुरक्षित रखते हुए रिक्त आवासों के उपयोग का नया रास्ता खुला है।

आवासीय योजनाओं की सफलता का आधार उनमें लोगों की बसाहट होना- अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन द्वारा लिया गया यह निर्णय दूरदर्शिता, व्यावहारिक सोच और जनहित का महत्वपूर्ण उदाहरण है। उन्होंने कहा कि किसी भी आवासीय योजना की वास्तविक सफलता केवल भवनों के निर्माण से नहीं, बल्कि उनमें लोगों की बसाहट और उनके बेहतर उपयोग से सुनिश्चित होती है। लंबे समय तक रिक्त रहने वाले भवनों की सुरक्षा एवं रखरखाव पर अतिरिक्त संसाधन खर्च होते हैं। शासन के इस निर्णय से ऐसे भवनों के उपयोग को बढ़ावा मिलने के साथ मंडल की वित्तीय स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।

श्री अनुराग सिंह देव ने कहा कि बल्क परचेस की सुविधा से शासकीय, अर्द्धशासकीय एवं निजी संस्थाओं को अपने कर्मचारियों के लिए एक ही परिसर में व्यवस्थित आवास उपलब्ध कराने का अवसर मिल रहा है। इससे कर्मचारियों को बेहतर आवासीय वातावरण मिलेगा और आवासीय परिसरों में बसाहट बढ़ने से आसपास की आर्थिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री सह मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत  EWS एवं LIG वर्ग के पात्र हितग्राहियों को निर्धारित केंद्रीय एवं राज्य शासन के अनुदान का लाभ पूर्ववत मिलता रहेगा। अन्य आय वर्ग के व्यक्तियों और संस्थाओं को अनुदान के बिना आवास क्रय करने की सुविधा दी गई है। इस प्रकार शासन ने पात्र हितग्राहियों के हितों की सुरक्षा के साथ रिक्त संपत्तियों के बेहतर उपयोग के बीच संतुलन स्थापित किया है।

बल्क परचेस के प्रति संस्थाओं की बढ़ती रुचि शासन की नीति का सकारात्मक परिणाम-आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण

छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण ने बताया कि शासन के निर्णय के बाद विभिन्न शासकीय एवं निजी संस्थाओं द्वारा मंडल की आवासीय योजनाओं में बल्क परचेस के प्रति रुचि दिखाई जा रही है। उन्होंने बताया कि जीएसटी विभाग द्वारा दुर्ग, जगदलपुर, बिलासपुर एवं रायगढ़ में कुल 68 आवासों की खरीदी तथा मेफेयर और मैट्स विश्वविद्यालय जैसी संस्थाओं द्वारा बड़ी संख्या में आवासों का क्रय किया जाना इस दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इसके अतिरिक्त विज्ञान एवं आयुष विश्वविद्यालय द्वारा नवा रायपुर में 128 फ्लैट्स की बल्क खरीदी का निर्णय संस्थागत आवासीय मांग और शासन की नीति के सकारात्मक प्रभाव को दर्शाता है।

आयुक्त श्री शरण ने बताया कि मंडल द्वारा आवासों के विक्रय की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के अनुसार ऑनलाइन ऑफर के माध्यम से संचालित की जा रही है। पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और समान अवसर सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

रिक्त आवासों के बेहतर उपयोग से बढ़ेगी बसाहट, स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा लाभ

राज्य शासन की इस पहल से आवासीय योजनाओं में निर्मित संपत्तियों के बेहतर उपयोग के साथ नई बसाहट को प्रोत्साहन मिल रहा है। बड़ी संख्या में कर्मचारियों और उनके परिवारों के आवासीय परिसरों में निवास करने से स्थानीय बाजार, परिवहन, दैनिक उपयोग की वस्तुओं तथा अन्य सेवाओं की मांग भी बढ़ेगी। इसके साथ ही आवासीय परिसरों में नियमित बसाहट होने से भवनों की सुरक्षा, रखरखाव और उपलब्ध नागरिक सुविधाओं के प्रभावी उपयोग में भी सहायता मिलेगी। संस्थागत खरीदी से मंडल को प्राप्त होने वाले राजस्व का उपयोग भविष्य की आवासीय एवं अधोसंरचना विकास गतिविधियों को गति देने में भी सहायक हो सकेगा।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सबके लिए आवास के विजन के अनुरूप मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार आवासीय सुविधाओं के विस्तार और निर्मित आवासों के प्रभावी उपयोग की दिशा में कार्य कर रही है। शासन की बल्क परचेस नीति इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आई है, जिससे प्रदेश में आवासीय विकास, संस्थागत सुविधाओं के विस्तार और व्यवस्थित शहरी बसाहट को नई गति मिल रही है।