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दीपावली पर्व पर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, सभी अस्पतालों में आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश…

बेमेतरा, 6 नवम्बर 2026 /* दीपावली पर्व के दौरान संभावित दुर्घटनाओं, आगजनी, पटाखों से जलने, सड़क दुर्घटनाओं तथा लड़ाई-झगड़े में घायल होने वाले व्यक्तियों को तत्काल एवं समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु कलेक्टर सुश्री प्रतिष्ठा ममगाई कुशल दिशानिर्देश पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ शरद कोहाड़े, जिला बेमेतरा द्वारा सिविल सर्जन, समस्त खण्ड चिकित्सा अधिकारी एवं संबंधित संस्था प्रभारियों को निर्देश जारी किए गए हैं।

निर्देशानुसार जिला चिकित्सालय, समस्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में आवश्यक चिकित्सा व्यवस्थाएं पूर्ण रूप से सुनिश्चित की जाएं।

इस हेतु सभी संबंधित संस्थाओं में चिकित्सकीय दल को पर्याप्त दवाइयों, आवश्यक उपचार सामग्री एवं आपातकालीन संसाधनों सहित सतर्क एवं तैयार रखा जाए, ताकि किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में प्रभावित व्यक्तियों को बिना विलंब के उपचार उपलब्ध कराया जा सके।

साथ ही, दीपावली पर्व के दौरान चिकित्सकीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की लगाई गई ड्यूटी के निर्धारित रोस्टर में किसी भी प्रकार का परिवर्तन अथवा संशोधन नहीं किया जाए तथा सभी संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी निर्धारित समय एवं स्थान पर अपनी ड्यूटी अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें।

*आम जनता के लिए स्वास्थ्य विभाग की सलाह :-*

1. पटाखे खुली जगह में, बच्चों से दूर रहकर ही जलाएं, हाथ में रखकर पटाखा न जलाएं।
2. पटाखे जलाते समय सूती कपड़े पहनें, सिंथेटिक व ढीले कपड़ों से बचें।
3. जलने पर जले हुए स्थान पर तुरंत 10-15 मिनट तक साफ ठंडा पानी डालें, टूथपेस्ट, हल्दी, तेल या बर्फ न लगाएं।
4. आंख में चिंगारी जाने पर आंख को रगड़ें नहीं, साफ पानी से धोएं और तुरंत अस्पताल जाएं।
5. अस्थमा, हृदय रोग व सांस के मरीज धुएं से बचें, मास्क लगाएं और दवा साथ रखें।
6. बच्चों व बुजुर्गों को पटाखों के धुएं व तेज आवाज से दूर रखें।
7. घर में बाल्टी भर पानी, रेत व फर्स्ट एड बॉक्स तैयार रखें।
8. अधिक मिठाई व तले-भुने भोजन से बचें, पानी अधिक पिएं।
9. किसी भी गंभीर जलने, सांस लेने में तकलीफ या आंख की चोट पर तुरंत नजदीकी अस्पताल / 108 एम्बुलेंस से संपर्क करें।

उक्त निर्देशों का गंभीरतापूर्वक पालन करते हुए दीपावली पर्व के दौरान आमजन को निर्बाध, त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।

डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान 5.0 के तहत पेंशनधारियों को घर बैठे जीवन प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की सुविधा….

रायपुर: पेंशनधारियों के जीवन प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की प्रक्रिया को और अधिक सरल, पारदर्शी एवं डिजिटल बनाने के उद्देश्य से डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान 5.0 का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस अभियान के तहत फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक आधारित सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिसके माध्यम से पेंशनधारी बिना किसी परेशानी के अपने मोबाइल फोन अथवा कंप्यूटर के माध्यम से घर बैठे ही डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र प्रस्तुत कर सकते हैं।

डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान 5.0 के दिशा-निर्देशों के तहत जिले में अभियान के क्रियान्वयन हेतु सब-नोडल अधिकारी (Sub-Nodal Officer) के रूप में नामांकित किया गया है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी बैंक शाखाओं तथा अधिकृत पेंशनर संघों के साथ समन्वय स्थापित कर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि अधिक से अधिक पेंशनधारी इस सुविधा का लाभ उठाएं तथा डिजिटल माध्यम से अपना जीवन प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करें।

साथ ही डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान 5.0 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन द्वारा जिले के सभी पेंशनरों से इस डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा का ज्यादा से ज्यादा लाभ लेने की अपील की गई है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ‘विष्णु के पाती’ ने बसंती राजवाड़े के संघर्ष को दिया संबल, भावुक हुईं स्व-सहायता समूह की महिला…

रायपुर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल ‘विष्णु के पाती’ के माध्यम से आम नागरिकों तक पहुंच रही आत्मीयता और संवेदनशीलता का एक भावुक उदाहरण सूरजपुर जिले के रामानुजनगर विकासखंड अंतर्गत ग्राम कृष्णपुर की स्व-सहायता समूह से जुड़ी महिला बसंती राजवाड़े के जीवन में देखने को मिला। मुख्यमंत्री द्वारा उनके संघर्ष, स्वरोजगार और परिवार के प्रति जिम्मेदारियों को आत्मीयता से उल्लेखित करते हुए पत्र लिखे जाने पर बसंती भावुक हो उठीं। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्र पाकर उन्हें बेहद खुशी हुई और कठिन समय में आगे बढ़ने का नया हौसला मिला है।

बसंती राजवाड़े ने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच अपने परिवार की जिम्मेदारी संभालते हुए स्वरोजगार की राह चुनी। तीन बेटियों और माता-पिता की देखभाल की जिम्मेदारी निभाते हुए उन्होंने बिहान योजना के स्व-सहायता समूह से जुड़कर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण प्राप्त किया और सरसों तेल निकालने का व्यवसाय शुरू किया। आज यही व्यवसाय उनके परिवार की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार बन गया है।

मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में बसंती के संघर्ष, साहस और बेटियों के भविष्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सराहना की। उन्होंने उनकी बेटियों आस्था, अंकिता और समीक्षा की शिक्षा का उल्लेख करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। साथ ही माता-पिता की देखभाल और परिवार के प्रति उनके समर्पण को भी सराहा।

मुख्यमंत्री के पत्र से अभिभूत बसंती राजवाड़े ने कहा कि वे चाहती हैं कि उनकी बेटियां खूब पढ़-लिखकर आत्मनिर्भर बनें और जीवन में अपने फैसले स्वयं ले सकें। उन्होंने कहा कि जिस संघर्ष से उन्हें गुजरना पड़ा, उनकी बेटियों को वैसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री द्वारा बेटियों की शिक्षा और माता-पिता के प्रति उनके दायित्वों को याद किए जाने से उन्हें विशेष खुशी हुई।

भावुक स्वर में बसंती ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके पत्र और आशीर्वाद से उन्हें आगे बढ़ने की नई प्रेरणा मिली है। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि वे अपने व्यवसाय को और आगे बढ़ाएंगी तथा यह साबित करेंगी कि एक महिला अपने साहस, मेहनत और आत्मविश्वास से अकेले भी अपने परिवार को मजबूत आधार दे सकती है।

श्विष्णु के पातीश् के माध्यम से मुख्यमंत्री का यह आत्मीय संवाद केवल एक पत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन महिलाओं के संघर्ष, स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता को सम्मान देने का प्रयास भी है, जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने परिवार और बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए निरंतर मेहनत कर रही हैं।

छत पर सोलर, हाथ में मुख्यमंत्री की पाती,रोहित गुप्ता का कदम बना स्वच्छ ऊर्जा की प्रेरणा…..

रायपुर: घर की छत पर लगा सोलर प्लांट अब श्री रोहित गुप्ता के परिवार को बिजली की जरूरतें पूरी करने में मदद कर रहा है। बलरामपुर के वार्ड क्रमांक 15 निवासी श्री गुप्ता ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत अपने घर पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कराया है। उनके इस निर्णय की मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सराहना की है।

छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘विष्णु की पाती’ के माध्यम से श्री गुप्ता और उनके परिवार को शुभकामनाएँ भेजीं। पत्र में उन्होंने लिखा कि परिवार की जरूरतों और खर्चों को ध्यान में रखकर लिया गया फैसला जब राहत देने लगे, तो उसका संतोष खास होता है। बिजली खर्च में बचत से परिवार की अन्य जरूरतों के लिए भी गुंजाइश बनती है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल पर शुरू हुई सूर्य घर योजना घरों तक सौर ऊर्जा पहुँचाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। इससे परिवार अपनी बिजली की जरूरतें पूरी करने के साथ स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग और पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दे रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री गुप्ता के अनुभव को दूसरों के लिए प्रेरणादायी बताया। सोलर प्लांट से मिल रहा लाभ उन परिचितों और पड़ोसियों के लिए उपयोगी जानकारी बन सकता है, जो अपने घरों में सौर ऊर्जा अपनाने पर विचार कर रहे हैं। किसी परिवार का सकारात्मक अनुभव लोगों का भरोसा बढ़ाता है और नई पहल के लिए प्रेरित करता है।

श्री रोहित गुप्ता का यह कदम दिखाता है कि स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढ़ने की शुरुआत अपने घर से की जा सकती है। छत पर लगा सोलर प्लांट अब उनके परिवार के लिए सुविधा और बचत का माध्यम है, साथ ही मोहल्ले और जिले में सौर ऊर्जा अपनाने का संदेश भी दे रहा है।

बेटे ने पिता की लंबित पेंशन के लिए उठाई आवाज, मुख्यमंत्री साय ने ‘विष्णु की पाती’ से भेजा स्नेह संदेश…..

रायपुर: मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर दर्ज एक शिकायत ने बलरामपुर जिले के ग्राम जरहाडीह निवासी बुजुर्ग श्री धुरन प्रजापति की परेशानी दूर करने में मदद की। उनकी सामाजिक सहायता पेंशन की राशि लंबित थी। इस समस्या को शासन तक पहुँचाने के लिए उनके पुत्र श्री अंकज कुमार प्रजापति ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर कार्रवाई के बाद श्री प्रजापति को उनकी लंबित पेंशन राशि मिल गई।

राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने श्री धुरन प्रजापति और उनके परिवार को ‘विष्णु की पाती’ भेजकर शुभकामनाएँ दीं। अपने संदेश में मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पेंशन से मिलने वाली सहायता बुजुर्गों की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में संबल देती है। ऐसे में लंबित राशि मिलने से श्री प्रजापति को राहत मिली है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने पिता की समस्या के समाधान के लिए पहल करने पर श्री अंकज कुमार प्रजापति की सराहना की। उन्होंने कहा कि परिवार में एक-दूसरे की जरूरतों का ध्यान रखना और कठिन समय में साथ देना जीवन का बड़ा संबल है। मुख्यमंत्री ने श्री अंकज तक अपना स्नेह पहुँचाने की बात भी कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन का प्रयास है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक सहजता से पहुँचे और हर नागरिक की समस्या को संवेदनशीलता से सुना जाए। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 इसी उद्देश्य से नागरिकों को अपनी समस्याएँ शासन तक पहुँचाने का माध्यम उपलब्ध करा रही है।

’विष्णु की पाती’ पाकर प्रसन्नचित हुईं ‘ड्रोन दीदी’ भुवनेश्वरी साहू….

रायपुर: प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में शुरू किए गए प्रयासों से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में नया आत्मविश्वास जागृत हो रहा है। इसी कड़ी में गुण्डरदेही विकासखण्ड के परसदा डंग की ‘ड्रोन दीदी’ श्रीमती भुवनेश्वरी साहू को मुख्यमंत्री की ओर से विशेष संदेश के रूप में ‘विष्णु की पाती’ प्राप्त हुई है। प्रदेश के मुखिया से आत्मीय संदेश और बधाई पत्र पाकर भुवनेश्वरी साहू की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा और उन्होंने इस अनमोल संदेश को हमेशा के लिए सहेजने हेतु फोटो फ्रेम कराकर रख लिया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी ’पाती’ के माध्यम से श्रीमती भुवनेश्वरी साहू के आत्मनिर्भरता के प्रयासों की प्रशंसा की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पत्र के माध्यम से भुवनेश्वरी के साथ-साथ उनके पूरे परिवार को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की बधाई प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

’नमो ड्रोन दीदी’ बनकर संवारी अपनी आजीविका

जिले में ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में सक्रिय श्रीमती भुवनेश्वरी साहू ने बताया कि केंद्र व राज्य शासन की महत्वाकांक्षी ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना ने उनके जीवन को एक नई दिशा दी है। योजना के माध्यम से तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर वे आधुनिक कृषि तकनीक से जुड़ीं। खेतों में आधुनिक तरीके से कीटनाशक एवं उर्वरक छिड़काव का कार्य करके वे न केवल किसानों की मदद कर रही हैं, बल्कि आज एक सम्मानजनक व सशक्त आजीविका अर्जित कर अपने परिवार को आर्थिक संबल भी प्रदान कर रही हैं।

’विष्णु की पाती’ को बताया सौभाग्य, फोटो फ्रेम कराकर संजोया

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से प्राप्त ‘विष्णु की पाती’ पर हर्ष व्यक्त करते हुए श्रीमती भुवनेश्वरी साहू ने कहा कि प्रदेश के मुखिया से बधाई संदेश प्राप्त होना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य और गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ’पाती’ में मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके साथ-साथ उनके पति और बच्चों का भी उल्लेख कर पूरे परिवार को आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दी हैं, जिसे पढ़कर पूरा परिवार भावविभोर है। इस पावन संदेश को यादगार बनाए रखने के लिए उन्होंने इसे फोटो फ्रेम कराकर सुरक्षित रखा है।

श्रीमती भुवनेश्वरी साहू ने महिलाओं के सशक्तीकरण और उन्हें तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस तथा आगामी दीपावली पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

तीन दिवसीय जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक खेल प्रतियोगिता का हुआ समापन, 1800 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

रायपुर: जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक खेल प्रतियोगिता का तीन दिवसीय आयोजन 5 अक्टूबर 2026 को गांधी स्टेडियम में संपन्न हुआ। 3 से 5 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले के लगभग 1800 महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का आयोजन गांधी स्टेडियम, पी.जी. कॉलेज मैदान, बैडमिंटन हॉल एवं सेंट जेवियर स्कूल मैदान में किया गया।

समापन समारोह शाम 5 बजे गांधी स्टेडियम में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिक निगम अम्बिकापुर की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत उपस्थित रहीं। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, कुश्ती, कराते, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल एवं बास्केटबॉल सहित कुल 11 खेल विधाओं में मुकाबले आयोजित किए गए। एथलेटिक्स के अंतर्गत 100, 200 एवं 400 मीटर दौड़, गोला फेंक, भाला फेंक, तवा फेंक, लंबी कूद, ऊंची कूद तथा 4×100 मीटर रिले रेस प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। आयोजन में लगभग 150 कोच, मैनेजर एवं निर्णायकों ने भी सहभागिता की।

प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को समापन समारोह में सम्मानित किया गया। व्यक्तिगत खेलों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः 2,000, 1,500 एवं 1,000 रुपये तथा दलीय खेलों में क्रमशः 4,000, 3,000 एवं 2,000 रुपये की नगद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। पुरस्कार राशि खिलाड़ियों के बैंक खातों में ऑनलाइन अंतरित की जाएगी। इस अवसर पर व्यक्तिगत खेलों के विजेताओं को मेडल एवं ट्रॉफी तथा दलीय खेलों के विजेता खिलाड़ियों को मोमेंटो एवं मेडल प्रदान किए गए।

महतारी वंदन से विमला बाई के हुनर को मिला सहारा, मिट्टी के दीयों से रोशन होंगी दीपावली की खुशियां….

रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ उनके पारंपरिक व्यवसाय और आजीविका को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम चनवारीडांड निवासी श्रीमती विमला बाई के लिए भी यह योजना आत्मनिर्भरता की राह में सहायक बनी है। मिट्टी के दीये, मटके और सुराही बनाकर परिवार की आजीविका में योगदान देने वाली विमला बाई को महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त मिलने से दीपावली की खुशियां दोगुनी हो गई हैं। योजना से हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि का उपयोग वे अपने पारंपरिक व्यवसाय के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में कर रही हैं।

मिट्टी के दीये बनाकर रोशन कर रहीं घर, योजना से मिला आर्थिक संबल

ग्राम चनवारीडांड निवासी विमला बाई वर्षों से मिट्टी के बर्तन बनाने के पारंपरिक कार्य से जुड़ी हैं। वे अपने हुनर से मिट्टी के दीये, मटके, सुराही सहित विभिन्न उपयोगी बर्तन तैयार करती हैं और उन्हें स्थानीय बाजार में बेचकर आमदनी अर्जित करती हैं। इस व्यवसाय में मिट्टी और बर्तनों को पकाने के लिए लकड़ी की नियमित आवश्यकता होती है। ऐसे में महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है।

विमला बाई बताती हैं कि हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि से वे मिट्टी और लकड़ी खरीदती हैं, जिससे उन्हें अपना काम जारी रखने में सहायता मिलती है। पहले व्यवसाय के लिए आवश्यक सामग्री जुटाने में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब नियमित सहायता मिलने से कामकाज की जरूरतें पूरी करने में सुविधा हो रही है। मिट्टी के बर्तनों की बिक्री से होने वाली आय परिवार के दैनिक खर्चों में भी मददगार बन रही है।

दीपावली से पहले मिली राशि ने बढ़ाया उत्साह

महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त प्राप्त होने से विमला बाई के परिवार में खुशी का माहौल है। दीपावली पर्व के अवसर पर मिट्टी के दीयों की विशेष मांग रहती है। ऐसे में यह त्योहार उनके लिए पारंपरिक व्यवसाय के साथ अतिरिक्त आमदनी का अवसर भी लेकर आता है। विमला बाई ने बताया कि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग वे दीपावली की तैयारियों और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में करेंगी। त्योहार के समय मिली इस आर्थिक सहायता से उन्हें काफी राहत मिली है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार

विमला बाई ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए बड़ा सहारा है। इससे वे अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ छोटे व्यवसाय और पारंपरिक कार्यों को भी आगे बढ़ा पा रही हैं। उन्होंने कहा कि योजना की राशि से उन्हें मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में मदद मिल रही है, जिससे उनका रोजगार निरंतर जारी है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। विमला बाई की कहानी इसका उदाहरण है कि शासन की छोटी-छोटी आर्थिक सहायता भी महिलाओं के पारंपरिक हुनर को संबल देकर उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

केशकाल में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा….

रायपुर: कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत धान खरीदी कार्य को सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए केशकाल विकासखण्ड में तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में केशकाल अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) सुश्री आकांक्षा नायक एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा धान खरीदी की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में केशकाल विकासखण्ड अंतर्गत संचालित धान खरीदी केंद्रों के प्रबंधक, केंद्र प्रभारी, ऑपरेटर एवं नोडल अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान धान खरीदी केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाओं, उपलब्ध संसाधनों तथा खरीदी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के संबंध मंर चर्चा की गई।

साथ ही धान खरीदी कार्य में शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने तथा किसानों को धान विक्रय के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने तथा धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं सुगमता बनाए रखने पर जोर दिया। बैठक में खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा भी धान खरीदी से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देशों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ‘विष्णु की पाती’ पाकर लोक साहित्यकार डॉ. जयमती कश्यप ने जताया आभार…

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा लोक साहित्यकार एवं समाजसेवी डॉ. जयमती कश्यप को प्रेषित आत्मीय पत्र ‘विष्णु की पाती’ ने उन्हें अभिभूत कर दिया। मुख्यमंत्री द्वारा उनके सामाजिक एवं रचनात्मक योगदान की सराहना किए जाने पर डॉ. जयमती कश्यप ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने पत्र में डॉ. कश्यप द्वारा बच्चों की शिक्षा, पोषण तथा गोंडी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में 12 वर्षों और पोषण के क्षेत्र में 5 वर्षों की उनकी सेवाओं को समाज के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया। साथ ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने की दिशा में उनके प्रयासों की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि डॉ. कश्यप के साथ कार्य करने वाली महिलाएं अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं और बच्चों को उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। ग्रामीण महिलाओं को स्वयं निर्णय लेने में सक्षम बनाने की उनकी पहल भी सराहनीय है।

इसके साथ ही गोंडी लोकगीतों के गायन और गोंडी साहित्य के माध्यम से स्थानीय भाषा एवं परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उनके प्रयासों की भी मुख्यमंत्री ने प्रशंसा की। उन्होंने डॉ. कश्यप को रानी दुर्गावती सम्मान एवं राष्ट्रीय देवी अहिल्या सम्मान सहित प्राप्त सम्मानों के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बच्चों की शिक्षा और महिलाओं के आत्मविश्वास को महत्वपूर्ण बताते हुए डॉ. कश्यप के योगदान को सार्थक बताया।

डॉ. जयमती कश्यप ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा उनके कार्यों को पहचान एवं प्रोत्साहन दिए जाने पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आत्मीय पत्र उनके लिए सम्मान के साथ-साथ समाजहित में निरंतर कार्य करते रहने की प्रेरणा है। उन्होंने शिक्षा, पोषण, महिला सशक्तिकरण और गोंडी भाषा-साहित्य के संरक्षण के क्षेत्र में अपने प्रयासों को आगे भी जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।