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’विष्णु की पाती’ पाकर प्रसन्नचित हुईं ‘ड्रोन दीदी’ भुवनेश्वरी साहू….

रायपुर: प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल और महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में शुरू किए गए प्रयासों से ग्रामीण महिलाओं के जीवन में नया आत्मविश्वास जागृत हो रहा है। इसी कड़ी में गुण्डरदेही विकासखण्ड के परसदा डंग की ‘ड्रोन दीदी’ श्रीमती भुवनेश्वरी साहू को मुख्यमंत्री की ओर से विशेष संदेश के रूप में ‘विष्णु की पाती’ प्राप्त हुई है। प्रदेश के मुखिया से आत्मीय संदेश और बधाई पत्र पाकर भुवनेश्वरी साहू की खुशियों का ठिकाना नहीं रहा और उन्होंने इस अनमोल संदेश को हमेशा के लिए सहेजने हेतु फोटो फ्रेम कराकर रख लिया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी ’पाती’ के माध्यम से श्रीमती भुवनेश्वरी साहू के आत्मनिर्भरता के प्रयासों की प्रशंसा की है। मुख्यमंत्री श्री साय ने पत्र के माध्यम से भुवनेश्वरी के साथ-साथ उनके पूरे परिवार को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की बधाई प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

’नमो ड्रोन दीदी’ बनकर संवारी अपनी आजीविका

जिले में ‘ड्रोन दीदी’ के रूप में सक्रिय श्रीमती भुवनेश्वरी साहू ने बताया कि केंद्र व राज्य शासन की महत्वाकांक्षी ‘नमो ड्रोन दीदी’ योजना ने उनके जीवन को एक नई दिशा दी है। योजना के माध्यम से तकनीकी प्रशिक्षण प्राप्त कर वे आधुनिक कृषि तकनीक से जुड़ीं। खेतों में आधुनिक तरीके से कीटनाशक एवं उर्वरक छिड़काव का कार्य करके वे न केवल किसानों की मदद कर रही हैं, बल्कि आज एक सम्मानजनक व सशक्त आजीविका अर्जित कर अपने परिवार को आर्थिक संबल भी प्रदान कर रही हैं।

’विष्णु की पाती’ को बताया सौभाग्य, फोटो फ्रेम कराकर संजोया

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से प्राप्त ‘विष्णु की पाती’ पर हर्ष व्यक्त करते हुए श्रीमती भुवनेश्वरी साहू ने कहा कि प्रदेश के मुखिया से बधाई संदेश प्राप्त होना उनके लिए अत्यंत सौभाग्य और गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि ’पाती’ में मुख्यमंत्री श्री साय ने उनके साथ-साथ उनके पति और बच्चों का भी उल्लेख कर पूरे परिवार को आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दी हैं, जिसे पढ़कर पूरा परिवार भावविभोर है। इस पावन संदेश को यादगार बनाए रखने के लिए उन्होंने इसे फोटो फ्रेम कराकर सुरक्षित रखा है।

श्रीमती भुवनेश्वरी साहू ने महिलाओं के सशक्तीकरण और उन्हें तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस तथा आगामी दीपावली पर्व की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

तीन दिवसीय जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक खेल प्रतियोगिता का हुआ समापन, 1800 खिलाड़ियों ने लिया हिस्सा

रायपुर: जिला स्तरीय सरगुजा ओलंपिक खेल प्रतियोगिता का तीन दिवसीय आयोजन 5 अक्टूबर 2026 को गांधी स्टेडियम में संपन्न हुआ। 3 से 5 अक्टूबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले के लगभग 1800 महिला एवं पुरुष खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का आयोजन गांधी स्टेडियम, पी.जी. कॉलेज मैदान, बैडमिंटन हॉल एवं सेंट जेवियर स्कूल मैदान में किया गया।

समापन समारोह शाम 5 बजे गांधी स्टेडियम में आयोजित हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में नगर पालिक निगम अम्बिकापुर की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत उपस्थित रहीं। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, तीरंदाजी, बैडमिंटन, फुटबॉल, हॉकी, कुश्ती, कराते, कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल एवं बास्केटबॉल सहित कुल 11 खेल विधाओं में मुकाबले आयोजित किए गए। एथलेटिक्स के अंतर्गत 100, 200 एवं 400 मीटर दौड़, गोला फेंक, भाला फेंक, तवा फेंक, लंबी कूद, ऊंची कूद तथा 4×100 मीटर रिले रेस प्रतियोगिताएं शामिल रहीं। आयोजन में लगभग 150 कोच, मैनेजर एवं निर्णायकों ने भी सहभागिता की।

प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ियों को समापन समारोह में सम्मानित किया गया। व्यक्तिगत खेलों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को क्रमशः 2,000, 1,500 एवं 1,000 रुपये तथा दलीय खेलों में क्रमशः 4,000, 3,000 एवं 2,000 रुपये की नगद पुरस्कार राशि प्रदान की जाएगी। पुरस्कार राशि खिलाड़ियों के बैंक खातों में ऑनलाइन अंतरित की जाएगी। इस अवसर पर व्यक्तिगत खेलों के विजेताओं को मेडल एवं ट्रॉफी तथा दलीय खेलों के विजेता खिलाड़ियों को मोमेंटो एवं मेडल प्रदान किए गए।

महतारी वंदन से विमला बाई के हुनर को मिला सहारा, मिट्टी के दीयों से रोशन होंगी दीपावली की खुशियां….

रायपुर: छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान करने के साथ उनके पारंपरिक व्यवसाय और आजीविका को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ग्राम चनवारीडांड निवासी श्रीमती विमला बाई के लिए भी यह योजना आत्मनिर्भरता की राह में सहायक बनी है। मिट्टी के दीये, मटके और सुराही बनाकर परिवार की आजीविका में योगदान देने वाली विमला बाई को महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त मिलने से दीपावली की खुशियां दोगुनी हो गई हैं। योजना से हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की सहायता राशि का उपयोग वे अपने पारंपरिक व्यवसाय के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में कर रही हैं।

मिट्टी के दीये बनाकर रोशन कर रहीं घर, योजना से मिला आर्थिक संबल

ग्राम चनवारीडांड निवासी विमला बाई वर्षों से मिट्टी के बर्तन बनाने के पारंपरिक कार्य से जुड़ी हैं। वे अपने हुनर से मिट्टी के दीये, मटके, सुराही सहित विभिन्न उपयोगी बर्तन तैयार करती हैं और उन्हें स्थानीय बाजार में बेचकर आमदनी अर्जित करती हैं। इस व्यवसाय में मिट्टी और बर्तनों को पकाने के लिए लकड़ी की नियमित आवश्यकता होती है। ऐसे में महतारी वंदन योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता उनके लिए उपयोगी साबित हो रही है।

विमला बाई बताती हैं कि हर महीने मिलने वाली एक हजार रुपये की राशि से वे मिट्टी और लकड़ी खरीदती हैं, जिससे उन्हें अपना काम जारी रखने में सहायता मिलती है। पहले व्यवसाय के लिए आवश्यक सामग्री जुटाने में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब नियमित सहायता मिलने से कामकाज की जरूरतें पूरी करने में सुविधा हो रही है। मिट्टी के बर्तनों की बिक्री से होने वाली आय परिवार के दैनिक खर्चों में भी मददगार बन रही है।

दीपावली से पहले मिली राशि ने बढ़ाया उत्साह

महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त प्राप्त होने से विमला बाई के परिवार में खुशी का माहौल है। दीपावली पर्व के अवसर पर मिट्टी के दीयों की विशेष मांग रहती है। ऐसे में यह त्योहार उनके लिए पारंपरिक व्यवसाय के साथ अतिरिक्त आमदनी का अवसर भी लेकर आता है। विमला बाई ने बताया कि योजना से प्राप्त राशि का उपयोग वे दीपावली की तैयारियों और परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने में करेंगी। त्योहार के समय मिली इस आर्थिक सहायता से उन्हें काफी राहत मिली है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति जताया आभार

विमला बाई ने महतारी वंदन योजना के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हर महीने मिलने वाली आर्थिक सहायता महिलाओं के लिए बड़ा सहारा है। इससे वे अपनी जरूरतों को पूरा करने के साथ छोटे व्यवसाय और पारंपरिक कार्यों को भी आगे बढ़ा पा रही हैं। उन्होंने कहा कि योजना की राशि से उन्हें मिट्टी के बर्तन बनाने के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में मदद मिल रही है, जिससे उनका रोजगार निरंतर जारी है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से मिलने वाली नियमित आर्थिक सहायता ग्रामीण महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। विमला बाई की कहानी इसका उदाहरण है कि शासन की छोटी-छोटी आर्थिक सहायता भी महिलाओं के पारंपरिक हुनर को संबल देकर उन्हें आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

केशकाल में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा….

रायपुर: कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत धान खरीदी कार्य को सुचारू एवं व्यवस्थित रूप से संपन्न कराने के लिए केशकाल विकासखण्ड में तैयारियों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में केशकाल अनुविभागीय अधिकारी राजस्व (एसडीएम) सुश्री आकांक्षा नायक एवं खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा धान खरीदी की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक में केशकाल विकासखण्ड अंतर्गत संचालित धान खरीदी केंद्रों के प्रबंधक, केंद्र प्रभारी, ऑपरेटर एवं नोडल अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान धान खरीदी केंद्रों में आवश्यक व्यवस्थाओं, उपलब्ध संसाधनों तथा खरीदी प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के संबंध मंर चर्चा की गई।

साथ ही धान खरीदी कार्य में शासन द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने तथा किसानों को धान विक्रय के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारीपूर्वक कार्य करने तथा धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं सुगमता बनाए रखने पर जोर दिया। बैठक में खाद्य विभाग के अधिकारियों द्वारा भी धान खरीदी से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देशों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ‘विष्णु की पाती’ पाकर लोक साहित्यकार डॉ. जयमती कश्यप ने जताया आभार…

रायपुर: छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा लोक साहित्यकार एवं समाजसेवी डॉ. जयमती कश्यप को प्रेषित आत्मीय पत्र ‘विष्णु की पाती’ ने उन्हें अभिभूत कर दिया। मुख्यमंत्री द्वारा उनके सामाजिक एवं रचनात्मक योगदान की सराहना किए जाने पर डॉ. जयमती कश्यप ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने पत्र में डॉ. कश्यप द्वारा बच्चों की शिक्षा, पोषण तथा गोंडी भाषा के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में 12 वर्षों और पोषण के क्षेत्र में 5 वर्षों की उनकी सेवाओं को समाज के प्रति समर्पण का प्रतीक बताया। साथ ही बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने की दिशा में उनके प्रयासों की प्रशंसा की।

मुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया कि डॉ. कश्यप के साथ कार्य करने वाली महिलाएं अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन कर रही हैं और बच्चों को उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। ग्रामीण महिलाओं को स्वयं निर्णय लेने में सक्षम बनाने की उनकी पहल भी सराहनीय है।

इसके साथ ही गोंडी लोकगीतों के गायन और गोंडी साहित्य के माध्यम से स्थानीय भाषा एवं परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उनके प्रयासों की भी मुख्यमंत्री ने प्रशंसा की। उन्होंने डॉ. कश्यप को रानी दुर्गावती सम्मान एवं राष्ट्रीय देवी अहिल्या सम्मान सहित प्राप्त सम्मानों के लिए बधाई दी।

मुख्यमंत्री ने विकसित भारत 2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में बच्चों की शिक्षा और महिलाओं के आत्मविश्वास को महत्वपूर्ण बताते हुए डॉ. कश्यप के योगदान को सार्थक बताया।

डॉ. जयमती कश्यप ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा उनके कार्यों को पहचान एवं प्रोत्साहन दिए जाने पर आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आत्मीय पत्र उनके लिए सम्मान के साथ-साथ समाजहित में निरंतर कार्य करते रहने की प्रेरणा है। उन्होंने शिक्षा, पोषण, महिला सशक्तिकरण और गोंडी भाषा-साहित्य के संरक्षण के क्षेत्र में अपने प्रयासों को आगे भी जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

मोदी की गारंटी, साय सरकार का संकल्प : दीपावली पर 4670 परिवारों को पक्के घर की सौगात….

रायपुर: प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की प्रतिबद्धता से प्रदेश के शहरी जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर का सपना साकार होने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है। दीपावली के शुभ अवसर पर भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के अंतर्गत 4670 नए आवासों की स्वीकृति प्रदान की है। प्रदेश के 27 जिलों के 84 नगरीय निकायों में यह मंजूरी दीपावली की सौगात बनकर आई है।

*बीएलसी में 60,623 और एएचपी में 15,463 आवासों को स्वीकृति*

इस नवीन स्वीकृति से पूर्व भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के अंतर्गत 55 हजार 953 हितग्राहियों तथा भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी) घटक के अंतर्गत 15 हजार 463 हितग्राहियों के आवास स्वीकृत किए जा चुके थे। इस प्रकार दोनों घटकों में पहले ही कुल 71 हजार 416 आवासों को मंजूरी मिल चुकी थी।

अब 4670 नए आवासों की स्वीकृति के साथ बीएलसी घटक में स्वीकृत आवासों की संख्या बढ़कर 60 हजार 623 हो गई है। एएचपी घटक के 15 हजार 463 आवासों को मिलाकर प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के इन दोनों घटकों के अंतर्गत अब तक कुल 76 हजार 086 हितग्राहियों के आवासों को भारत सरकार की मंजूरी मिल चुकी है।

संवेदनशीलता के साथ शहरी गरीब परिवारों के लिए इन आवासों की मंजूरी गरीब कल्याण को प्राथमिकता देने वाली डबल इंजन सरकार के संकल्प को रेखांकित करती है। केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से अपने पक्के घर की उम्मीद संजोए हजारों परिवारों के सपनों को नई मजबूती मिल रही है।

*हर पात्र परिवार को पक्का आवास दिलाने प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नवीन आवासों की स्वीकृति पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को छत्तीसगढ़ में तेजी से साकार किया जा रहा है। उन्होंने सभी नए लाभार्थी परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि 4670 नए आवासों की स्वीकृति से हजारों शहरी गरीब परिवारों के पक्के घर का सपना पूरा होगा। राज्य सरकार हर पात्र परिवार को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

दीपावली पर मिली यह सौगात उन परिवारों के लिए विशेष महत्व रखती है, जो अपने घर के आंगन में खुशियों के दीप जलाने का सपना संजोए हुए हैं। आवास की स्वीकृति उनके लिए केवल मकान निर्माण का अवसर नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की दिशा में बढ़ता कदम है।

*हर शहरी गरीब को अपना घर मिले, यही हमारा लक्ष्य : उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव*

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने इस स्वीकृति को नगरीय विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताते हुए सभी हितग्राही परिवारों को बधाई दी है। उन्होंने संबंधित सभी 84 नगरीय निकायों को हितग्राहियों के आवास निर्माण में हर संभव सहयोग प्रदान करने और कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के हर शहरी गरीब को अपना घर मिले, यही राज्य सरकार का लक्ष्य है।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार के प्रयास, प्रदेश के जरूरतमंद परिवारों के अपने आशियाने की उम्मीद को आगे बढ़ा रहे हैं। दीपावली पर बड़ी संख्या में नए आवासों की स्वीकृति इसी प्रतिबद्धता का एक और महत्वपूर्ण पड़ाव है—ताकि आने वाले समय में इन परिवारों के अपने पक्के घरों में भी खुशियों के दीप जगमगाएं।

माँ महामाया शक्कर कारखाना केरता में गन्ना खरीदी मूल्य वृद्धि पर आभार एवं कृषक चौपाल कार्यक्रम आयोजित….

रायपुर: माँ महामाया शक्कर कारखाना केरता में गन्ना खरीदी मूल्य में वृद्धि के उपलक्ष्य में आभार एवं कृषक चौपाल कार्यक्रम का आयोजन कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में गन्ना उत्पादक किसानों ने खरीदी मूल्य में वृद्धि के निर्णय पर राज्य शासन के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री नेताम ने किसानों को संबोधित करते हुए शासन की किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी तथा गन्ना उत्पादक किसानों को बोनस राशि का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि किसान धरतीपुत्र हैं, जिनके अथक परिश्रम और मेहनत से देश की खाद्यान्न संबंधी आवश्यकताओं की पूर्ति होती है। किसानों की खुशहाली और आर्थिक समृद्धि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने किसानों की प्रसन्नता पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की प्रगति का आधार है।
मंत्री श्री नेताम ने माँ महामाया शक्कर कारखाने की स्थापना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरगुजा अंचल के गन्ना उत्पादक किसानों की मांग और आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शक्कर कारखाने की स्थापना की दिशा में पहल की गई थी। जिसका उद्देश्य स्थानीय किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना तथा क्षेत्र में कृषि आधारित औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करना था। उन्होंने कहा कि अब शक्कर कारखाने को और अधिक विकसित करने तथा वैल्यू एडिशन के माध्यम से इसकी उपयोगिता एवं आर्थिक संभावनाओं को बढ़ाने की आवश्यकता है।

कृषि मंत्री श्री नेताम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा गन्ना खरीदी मूल्य बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है। साथ ही किसानों को बोनस का लाभ भी प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धान के स्थान पर दलहन, तिलहन जैसी वैकल्पिक फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए शासन द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप किसानों को 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। उन्होंने किसानों को फसल विविधीकरण की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

कृषि मंत्री श्री नेताम ने किसानों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों और कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से कम पानी एवं संतुलित उर्वरक उपयोग के माध्यम से भी बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य एवं पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए किसानों से जैविक एवं प्राकृतिक खेती की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान किया।

प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते ने गन्ना खरीदी मूल्य में वृद्धि के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि माँ महामाया शक्कर कारखाने की स्थापना से लेकर इसके विकास तक किसानों के हितों को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री एवं कृषि मंत्री के प्रयासों से गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धान उत्पादक किसानों के साथ-साथ गन्ना उत्पादक किसानों के हितों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने कहा कि रिवॉल्विंग फंड की घोषणा से गन्ना उत्पादक किसानों में नया उत्साह है। उन्होंने कहा कि आगामी कार्ययोजना के अनुरूप शक्कर कारखाने की रिकवरी दर में वृद्धि तथा गन्ने के खेती रकबे के विस्तार के लिए विशेष प्रयास किया जायेगा। इससे शक्कर कारखाने की उत्पादन क्षमता में वृद्धि के साथ-साथ किसानों को भी अधिक आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन किसानों की आय में वृद्धि एवं गन्ना उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।

कृषक चौपाल के दौरान गन्ना उत्पादक किसानों ने अपने अनुभव, सुझाव एवं आवश्यकताओं को साझा किया। कृषि मंत्री श्री नेताम ने किसानों की बातों को सुना तथा कृषि क्षेत्र के विकास एवं किसानों की सुविधाओं के विस्तार के प्रति शासन की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, अन्य जनप्रतिनिधिगण, अपर कलेक्टर श्रीमती नयनतारा सिंह तोमर, अनुविभागीय अधिकारी श्री रमेश मोर, कृषि अधिकारी सुश्री सम्पदा पैकरा, सहित, संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में गन्ना उत्पादक किसान उपस्थित रहे।

जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के लिए मास्टर ट्रेनर्स के प्रथम बैच का प्रशिक्षण संपन्न…

रायपुर: भारत की जनगणना-2027 के प्रथम चरण अर्थात् मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य छत्तीसगढ़ में 01 से 30 मई 2026 तक सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। अब दूसरे चरण की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। राज्य में इस चरण का मैदानी कार्य 25 जनवरी से 28 फरवरी 2027 तक किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर प्रत्येक परिवार के सदस्यों की गणना करेंगे।

जनगणना जैसे व्यापक राष्ट्रीय कार्य की सफलता के लिए प्रशिक्षित और दक्ष मानव संसाधन महत्वपूर्ण है। दूसरे चरण में राज्यभर में लगभग 66 हजार प्रगणक एवं पर्यवेक्षक मैदानी स्तर पर कार्य करेंगे। इनके प्रशिक्षण के लिए जिलों द्वारा 1,120 फील्ड ट्रेनर्स नामित किए गए हैं। फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षित करने के लिए जिलों से 47 और जनगणना कार्य निदेशालय से 13, कुल 60 मास्टर ट्रेनर्स नामित किए गए हैं।

भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय, नई दिल्ली के निर्देशानुसार, छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव के मार्गदर्शन तथा जनगणना के नोडल एवं गृह विभाग की राज्य नोडल अधिकारी श्रीमती निहारिका बारीक, प्रमुख सचिव और जनगणना कार्य निदेशालय, छत्तीसगढ़ के निदेशक श्री कार्तिकेया गोयल के दिशा-निर्देशों में मास्टर ट्रेनर्स का राज्यस्तरीय प्रशिक्षण नवा रायपुर अटल नगर स्थित प्रशासन अकादमी में आयोजित किया जा रहा है।

प्रशिक्षण दो बैचों में आयोजित किया जा रहा है। प्रथम बैच का चार दिवसीय प्रशिक्षण 02 नवम्बर से शुरू होकर 05 नवम्बर को सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। छत्तीसगढ़ के लिए नामित राष्ट्रीय प्रशिक्षक श्री अशोक मिश्र और श्री प्रदीप कुमार साव, दोनों संयुक्त निदेशक, ने प्रशिक्षण प्रदान किया।

जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के लिए मास्टर ट्रेनर्स के प्रथम बैच का प्रशिक्षण संपन्न

प्रथम बैच में 16 जिलों में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर- रामानुजगंज, सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, कोरबा, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, मुंगेली, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, बलौदाबाजार-भाटापारा और खैरागढ़-छुईखदान- गंडई के मास्टर ट्रेनर्स शामिल हुए। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को जनगणना के दूसरे चरण की प्रक्रिया, प्रश्नावली, प्रगणना की तकनीकी बारीकियों, मोबाइल एप्लीकेशन के उपयोग, आंकड़ों के संकलन और गुणवत्ता सुनिश्चित करने सहित विभिन्न विषयों की जानकारी दी गई। व्यावहारिक प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें आगे फील्ड ट्रेनर्स को प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण देने के लिए तैयार किया गया।

*प्रशिक्षण श्रृंखला का दूसरा बैच 16 से 19 नवम्बर 2026*

प्रशिक्षण श्रृंखला का दूसरा बैच 16 से 19 नवम्बर 2026 तक प्रशासन अकादमी, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित होगा। इस बैच को भी दोनों राष्ट्रीय प्रशिक्षक प्रशिक्षण देंगे। मास्टर ट्रेनर्स के प्रशिक्षण के बाद वे जिला स्तर पर फील्ड ट्रेनर्स को प्रशिक्षित करेंगे। इसके बाद फील्ड ट्रेनर्स प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। इस बहुस्तरीय व्यवस्था के माध्यम से राज्य के सभी जनगणना कार्यकर्ताओं को दूसरे चरण के लिए तैयार किया जाएगा।

जनगणना-2027 का दूसरा चरण राज्य के प्रत्येक व्यक्ति की गणना सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है। प्रशिक्षण के सभी स्तरों पर तकनीकी दक्षता, कार्य की शुद्धता, समयबद्धता और उत्तरदायित्व पर विशेष बल दिया जा रहा है, ताकि छत्तीसगढ़ में जनगणना का कार्य व्यवस्थित और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न हो सके।

मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट 2026 की कार्यकारी समिति की प्रथम बैठक संपन्न…..

रायपुर: मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस अधिनियम, 2026 के अंतर्गत गठित कार्यकारी समिति की प्रथम बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित किए जा रहें सुधार प्रस्तावों, जोखिम-आधारित वर्गीकरण तथा ईओडीबी नियमों के चरणबद्ध क्रियान्वयन की अद्यतन स्थिति की विस्तृत एवं गहन समीक्षा की गई।

बैठक के दौरान प्रस्तुत कार्ययोजना के अनुसार उद्योगों एवं व्यवसायों को उनके संचालन के लिए भवनों के स्वरूप, ऊंचाई और निर्मित क्षेत्र के आधार पर कम जोखिम, स्व-प्रमाणीकरण और स्व-घोषणा के आधार पर तुरंत स्वीकृति व निरीक्षण से राहत, मध्यम जोखिम, थर्ड पार्टी सर्टिफिकेशन एवं अधिकृत विशेषज्ञों के प्रमाणीकरण के माध्यम से समयबद्ध मंजूरी के लिए नियमों के बारे में विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में उच्च जोखिम, निर्धारित सुरक्षा मानकों, अग्निशमन नियमों और जन-सुरक्षा के आधार पर विभागीय भौतिक निरीक्षण के पश्चात त्वरित स्वीकृति, विभागीय समीक्षा और सिंगल विंडो सिस्टम एकीकरण, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि अधिनियम को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए गठित जिला सशक्त समिति, कार्यकारी परिषद और कार्यकारी समिति की प्रक्रियाओं को समयबद्ध सीमा के भीतर अधिसूचित कर दिया गया है।

बैठक में नगरीय प्रशासन, आबकारी, आवास एवं पर्यावरण, उद्योग, गृह-अग्निशमन, संस्कृति, जल संसाधन तथा लोक निर्माण विभाग के व्यावसायिक सेवाओं के जोखिम वर्गीकरण, लोक सेवा गारंटी समय-सीमा और सिंगल विंडो पोर्टल एकीकरण की स्थिति की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि सभी संबंधित विभाग ईओडीबी नियमों के प्रारूप पर अपने अंतिम सुझाव त्वरित रूप से प्रेषित करें, जिससे निवेशकों को अनावश्यक प्रक्रियाओं से मुक्ति मिले और प्रदेश में सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योगों को पारदर्शी, डिजिटल और सुगम वातावरण प्राप्त हो सके।

बैठक में गृह एवं जेल विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, विधि एवं विधायी विभाग के प्रमुख सचिव श्री मनीष कुमार ठाकुर, वित्त एवं जनसम्पर्क विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री अविनाश चम्पावत, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, श्रम विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. सारांश मित्तर सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गन्ना किसानों को अब 425 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा खरीदी मूल्य, बोनस से भी बढ़ेगी आय, कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने केरता शक्कर कारखाने में किसानों को वितरित की बोनस राशि, जैविक खेती और फसल विविधीकरण अपनाने पर दिया जोर……

रायपुर: छत्तीसगढ़ में गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने गन्ने का खरीदी मूल्य बढ़ाकर 425 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। इसके साथ ही किसानों को बोनस का लाभ भी दिया जा रहा है। सूरजपुर जिले के माँ महामाया शक्कर कारखाना केरता में गुरुवार को आयोजित आभार एवं कृषक चौपाल कार्यक्रम में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किसानों को बोनस राशि वितरित की। गन्ना खरीदी मूल्य में वृद्धि के निर्णय पर किसानों ने राज्य सरकार के प्रति आभार जताया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री नेताम ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा के मजबूत आधार हैं। उनके परिश्रम से ही देश की खाद्यान्न जरूरतें पूरी होती हैं। किसानों की खुशहाली और आर्थिक समृद्धि राज्य सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की प्रगति का आधार है।

मंत्री ने कहा कि सरगुजा अंचल के गन्ना उत्पादक किसानों की जरूरतों और मांग को देखते हुए माँ महामाया शक्कर कारखाने की स्थापना की पहल की गई थी। इसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के साथ क्षेत्र में कृषि आधारित औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना था। अब कारखाने को और विकसित करने तथा वैल्यू एडिशन के माध्यम से इसकी आर्थिक संभावनाएं बढ़ाने की जरूरत है।

कृषि मंत्री ने किसानों से धान के साथ दलहन और तिलहन जैसी वैकल्पिक फसलों को भी अपनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि धान के स्थान पर इन वैकल्पिक फसलों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए निर्धारित प्रावधानों के तहत किसानों को 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि फसल विविधीकरण से खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है।

कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने केरता शक्कर कारखाने में किसानों को वितरित की बोनस राशि, जैविक खेती और फसल विविधीकरण अपनाने पर दिया जोर

नेताम ने आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों पर जोर देते हुए कहा कि वैज्ञानिक तकनीक और कृषि विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से कम पानी तथा संतुलित उर्वरक के उपयोग में भी बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने रासायनिक कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।

प्रतापपुर विधायक शकुंतला पोर्ते ने गन्ना खरीदी मूल्य में वृद्धि के लिए राज्य सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि माँ महामाया शक्कर कारखाने की स्थापना से लेकर इसके विकास तक किसानों के हितों को प्राथमिकता दी गई है। मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के प्रयासों से गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।

कलेक्टर रेना जमील ने कहा कि रिवॉल्विंग फंड की घोषणा से गन्ना उत्पादक किसानों में नया उत्साह है। आगामी कार्ययोजना के तहत कारखाने की रिकवरी दर बढ़ाने और गन्ने की खेती का रकबा विस्तार करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। इससे कारखाने की उत्पादन क्षमता बढ़ने के साथ किसानों को भी अधिक आर्थिक लाभ मिल सकेगा।

कृषक चौपाल में किसानों ने अपनी समस्याएं, अनुभव और सुझाव साझा किए। कृषि मंत्री ने उनकी बातें सुनते हुए कृषि क्षेत्र के विकास और किसानों की सुविधाओं के विस्तार के लिए शासन की प्रतिबद्धता दोहराई। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, अपर कलेक्टर नयनतारा सिंह तोमर, एसडीएम रमेश मोर, कृषि अधिकारी सम्पदा पैकरा सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में गन्ना उत्पादक किसान मौजूद रहे।