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*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की भेंट, छत्तीसगढ़ के विकास और ‘बस्तर विजन’ पर हुई विस्तृत चर्चा, राजनांदगांव में ₹10,500 करोड़ की गैस आधारित यूरिया परियोजना, 461 गांवों में स्थायी ग्रिड कनेक्टिविटी और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना के लिए मांगा सहयोग, मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा बदलते बस्तर का रोडमैप, शांति और विश्वास के साथ अब विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है बस्तर – मुख्यमंत्री श्री साय, ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने’ से 5,542 गांवों के लगभग 39 लाख लोगों तक पहुंच रही शासन की योजनाएं…*

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की भेंट, छत्तीसगढ़ के विकास और ‘बस्तर विजन’ पर हुई विस्तृत चर्चा*

*राजनांदगांव में ₹10,500 करोड़ की गैस आधारित यूरिया परियोजना, 461 गांवों में स्थायी ग्रिड कनेक्टिविटी और ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना के लिए मांगा सहयोग*

*मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रखा बदलते बस्तर का रोडमैप*

*शांति और विश्वास के साथ अब विकास की नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है बस्तर – मुख्यमंत्री श्री साय*

*‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्तर मुन्ने’ से 5,542 गांवों के लगभग 39 लाख लोगों तक पहुंच रही शासन की योजनाएं*

*मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ में शामिल होने का दिया आमंत्रण*

रायपुर 31 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज संसद भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ के समग्र विकास, बस्तर के कायाकल्प तथा राज्य की महत्वपूर्ण अधोसंरचना एवं औद्योगिक परियोजनाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष बदलते छत्तीसगढ़ और विशेष रूप से बस्तर के विकास का रोडमैप प्रस्तुत करते हुए राज्य की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार से सहयोग का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुरक्षा, विश्वास और विकास की समन्वित रणनीति के परिणामस्वरूप बस्तर आज व्यापक बदलाव के दौर से गुजर रहा है। दशकों तक नक्सल हिंसा और विकास संबंधी चुनौतियों का सामना करने वाला यह क्षेत्र अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, रेल, बिजली, हवाई संपर्क, आजीविका, खेल और पर्यटन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार का लक्ष्य इस परिवर्तन को स्थायी बनाते हुए बस्तर को विकास की मुख्यधारा से पूरी तरह जोड़ना है।

*मुख्यमंत्री श्री साय ने राजनांदगांव में ₹10,500 करोड़ की यूरिया परियोजना के लिए शीघ्र मंजूरी का किया अनुरोध*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजनांदगांव में प्रस्तावित लगभग ₹10,500 करोड़ की गैस आधारित यूरिया परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए आवश्यक भूमि उपलब्ध करा दी गई है तथा राज्य सरकार के स्तर की आवश्यक स्वीकृतियां भी पूरी की जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना के स्थापित होने से छत्तीसगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों के किसानों के लिए उर्वरक की उपलब्धता और बेहतर होगी। इसके साथ ही प्रदेश में औद्योगिक निवेश, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार तथा सहायक आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

*461 गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए मांगी विशेष सहायता*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर सहित संवेदनशील क्षेत्रों के ऐसे 461 गांवों का विषय भी प्रधानमंत्री के समक्ष रखा, जहां पूर्व में सुरक्षा एवं भौगोलिक कारणों से विद्युत ग्रिड पहुंचाना संभव नहीं हो पाया था और वर्तमान में ऑफ-ग्रिड माध्यम से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
उन्होंने इन गांवों को स्थायी विद्युत ग्रिड से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थायी विद्युत आपूर्ति से इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार, आजीविका और लघु उद्यमों के विस्तार को गति मिलेगी तथा दूरस्थ अंचलों में विकास की प्रक्रिया और मजबूत होगी।

*रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद की स्थापना का किया अनुरोध*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से रायपुर अथवा बस्तर में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद (AIIA) की स्थापना के प्रस्ताव पर सकारात्मक पहल का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, विशेषकर बस्तर और अन्य जनजातीय क्षेत्रों में औषधीय वनस्पतियों एवं पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान की समृद्ध विरासत है। राष्ट्रीय स्तर के आयुर्वेद संस्थान की स्थापना से चिकित्सा, अनुसंधान, शिक्षा और औषधीय वनस्पतियों पर आधारित स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए नई संभावनाएं विकसित होंगी।

*5,542 गांवों तक पहुंच रहा विकास, लगभग 39 लाख लोगों को लाभ*

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री के समक्ष ‘बस्तर विजन’ की विस्तृत जानकारी रखते हुए बताया कि ‘नियद नेल्ला नार 2.0’ और ‘बस्त मुन्ने’ के माध्यम से बस्तर संभाग के 5,542 गांवों में शासन की योजनाओं और सेवाओं का व्यापक क्रियान्वयन किया जा रहा है जिससे लगभग 39 लाख लोग लाभान्वित हो रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राशन, आयुष्मान भारत, जनधन खाते, वनाधिकार, प्रधानमंत्री आवास सहित केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दूरस्थ और पूर्व में अत्यधिक संवेदनशील रहे गांवों में प्रशासन की पहुंच बढ़ने से शासन के प्रति विश्वास मजबूत हुआ है।

*421 बंद स्कूल फिर खुले, ओरछा और जगरगुंडा में बनेंगी एजुकेशन सिटी*

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को बस्तर में शिक्षा के क्षेत्र में आए परिवर्तन की जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में वर्षों से बंद पड़े 421 स्कूलों को पुनः प्रारंभ किया गया है। जिन गांवों में कभी बच्चों के लिए नियमित शिक्षा तक पहुंच बड़ी चुनौती थी, वहां अब स्कूलों में फिर से पढ़ाई शुरू हुई है।

उन्होंने बताया कि दंतेवाड़ा की तर्ज पर ओरछा और जगरगुंडा में नई एजुकेशन सिटी विकसित करने की दिशा में भी राज्य सरकार कार्य कर रही है। इसका उद्देश्य दूरस्थ एवं जनजातीय क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवासीय सुविधाएं और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

*‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ में 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच*

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की जानकारी देते हुए बताया कि ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के अंतर्गत अब तक 34 लाख से अधिक लोगों की स्वास्थ्य जांच की जा चुकी है और आवश्यकता के अनुरूप उन्हें चिकित्सा सेवाओं से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि बस्तर में चिकित्सा अधोसंरचना का लगातार विस्तार किया जा रहा है। जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार के साथ गीदम में मेडिकल कॉलेज के माध्यम से क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत किया जा रहा है। राज्य सरकार नए मेडिकल कॉलेजों और आधुनिक स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रही है।

*सड़क, रेल, बिजली और हवाई संपर्क से बदल रही बस्तर की तस्वीर*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर के स्थायी विकास के लिए कनेक्टिविटी सबसे महत्वपूर्ण आधार है। इसी दृष्टि से सड़क, रेल, बिजली और हवाई संपर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री को बताया कि लगभग ₹3,513 करोड़ की लागत से जगदलपुर-रावघाट रेललाइन परियोजना पर कार्य आगे बढ़ रहा है। इस रेल संपर्क से बस्तर के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई गति मिलेगी। जगदलपुर से नियमित हवाई सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेस-वे के अंतिम चरण की प्रगति तथा इंद्रावती नदी पर प्रस्तावित बैराज परियोजना की जानकारी भी प्रधानमंत्री को दी। उन्होंने कहा कि बैराज परियोजना से लगभग 32 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे क्षेत्र के किसानों और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को बड़ा लाभ मिलेगा।

*बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड बनाने की दिशा में प्रयास*

मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर की अनूठी जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और पर्यटन संभावनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि बस्तर दशहरा को वैश्विक पर्यटन ब्रांड के रूप में स्थापित करने की दिशा में योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। चित्रकोट और तीरथगढ़ जैसे विश्वस्तरीय प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और प्रमुखता से स्थापित करने के लिए अधोसंरचना एवं सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि बस्तर का विकास उसकी विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान और प्रकृति के संरक्षण के साथ किया जा रहा है, ताकि विकास का लाभ स्थानीय समुदायों तक पहुंचे और रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित हों।

*बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने दिया बदलाव का संदेश*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में 4 लाख से अधिक युवाओं की भागीदारी ने पूरे क्षेत्र में नई ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण तैयार किया है। खेलों के माध्यम से युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच मिला है और शांति, विश्वास तथा सामाजिक सहभागिता को भी मजबूती मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज बस्तर की नई पहचान खेल, संस्कृति, शिक्षा, पर्यटन, उद्यमिता और विकास से निर्मित हो रही है।

*छत्तीसगढ़ को मिले लगभग ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव*

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को राज्य में तेजी से बदल रहे औद्योगिक परिदृश्य की जानकारी भी दी। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास नीति 2024-30 लागू होने के बाद छत्तीसगढ़ को लगभग ₹8 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। इनमें अनेक परियोजनाओं पर क्रियान्वयन की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास को परंपरागत क्षेत्रों से आगे बढ़ाकर भविष्य की अर्थव्यवस्था से जुड़े क्षेत्रों की ओर ले जाया जा रहा है। राज्य में पहली बार एआई डेटा सेंटर पार्क, सेमीकंडक्टर, हाइपरस्केल डेटा सेंटर, ग्लोबल बीपीओ, गारमेंट, चॉकलेट मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा इंट्राऑक्यूलर लेंस निर्माण जैसे नए क्षेत्रों में निवेश आ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन निवेशों से राज्य की अर्थव्यवस्था में विविधता आने के साथ युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार और कौशल विकास के अवसर भी निर्मित होंगे।

*निवेश अनुकूल वातावरण में छत्तीसगढ़ की राष्ट्रीय पहचान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि निवेशकों के लिए पारदर्शी, सरल और भरोसेमंद व्यवस्था विकसित करने के प्रयासों के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। नीति आयोग के इन्वेस्टमेंट फ्रेंडलीनेस इंडेक्स में नियामकीय सुगमता और संस्थागत वातावरण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
उन्होंने ‘छत्तीसगढ़ ईज ऑफ डूइंग बिजनेस एक्ट-2026’ की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य ने उद्योगों और उद्यमियों के लिए जोखिम आधारित नियामकीय व्यवस्था, सेल्फ सर्टिफिकेशन और समयबद्ध अनुमतियों को कानूनी आधार प्रदान किया है। इससे निवेशकों को निश्चितता, पारदर्शिता और जवाबदेही पर आधारित व्यवस्था मिल रही है।

*10.42 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी, अब 14 लाख और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य*

मुख्यमंत्री श्री साय ने महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ ने निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़कर 10.42 लाख महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाया है। अब अगले चरण में 14 लाख और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य पर राज्य सरकार काम कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने वर्ष 2027 में रायपुर में प्रस्तावित ‘लखपति दीदी सम्मेलन’ की जानकारी देते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को इसमें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया।

*₹500 करोड़ के राज्य एआई मिशन से तकनीक आधारित सुशासन की ओर छत्तीसगढ़*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ₹500 करोड़ के राज्य एआई मिशन के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सुशासन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। शासन की सेवाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाने के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और प्रशासन सहित विभिन्न क्षेत्रों में एआई के उपयोग की संभावनाओं पर कार्य किया जा रहा है।

*वित्तीय अनुशासन के साथ जनकल्याण, राजस्व वृद्धि में छत्तीसगढ़ का मजबूत प्रदर्शन*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को राज्य की सुदृढ़ होती वित्तीय स्थिति और राजस्व वृद्धि से भी अवगत कराया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ ने वित्तीय अनुशासन और जनकल्याण के बीच प्रभावी संतुलन स्थापित करते हुए राजकोषीय एवं राजस्व घाटे में उल्लेखनीय कमी दर्ज की है। राज्य में जीएसटी राजस्व में 18 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, वहीं खनिज राजस्व में भी रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खनिज क्षेत्र में नई संभावनाओं का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि देश के पहले टिन ब्लॉक और लिथियम ब्लॉक की नीलामी कर छत्तीसगढ़ ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।

*तकनीक और पारदर्शिता से नागरिक-केंद्रित सुशासन को नई गति*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार तकनीक आधारित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित सुशासन की दिशा में निरंतर सुधार कर रही है। सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 36 विभागों की 528 सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराया गया है, जिससे नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हुई है और लाखों आवेदनों का समयबद्ध निराकरण संभव हुआ है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान और प्रभावी निगरानी की व्यवस्था भी विकसित की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राजस्व प्रशासन में व्यापक डिजिटल सुधार करते हुए रजिस्ट्री के साथ स्वतः नामांतरण की व्यवस्था लागू की गई है। आधार और वीडियो केवाईसी के माध्यम से घर बैठे रजिस्ट्री की सुविधा ने पूरी प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया है। उन्होंने कहा कि इन सुधारों का मूल उद्देश्य शासन को नागरिकों के और निकट लाना तथा सरकारी सेवाओं को अधिक सहज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के निरंतर सहयोग से छत्तीसगढ़ में विकास की गति तेज हुई है। प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के संकल्प के अनुरूप राज्य सरकार ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि बस्तर के समग्र कायाकल्प से लेकर कृषि, स्वास्थ्य, ऊर्जा और औद्योगिक विकास से जुड़े राज्य के इन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को केंद्र सरकार का सकारात्मक सहयोग मिलेगा।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास की यह यात्रा छत्तीसगढ़ के अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा कभी चुनौतियों के लिए पहचाने जाने वाले छत्तीसगढ़ को शांति, समृद्धि और संभावनाओं के नए मॉडल के रूप में स्थापित किया जाए।

*छत्तीसगढ़ में बस्तर से सरगुजा तक रेल संपर्क मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में प्रमुख रेल परियोजनाओं को गति देने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से की विस्तृत चर्चा, रेल नेटवर्क का विस्तार छत्तीसगढ़ के संतुलित और समावेशी विकास का मजबूत आधार बनेगा : मुख्यमंत्री श्री साय…*

*छत्तीसगढ़ में बस्तर से सरगुजा तक रेल संपर्क मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में प्रमुख रेल परियोजनाओं को गति देने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से की विस्तृत चर्चा*

*रेल नेटवर्क का विस्तार छत्तीसगढ़ के संतुलित और समावेशी विकास का मजबूत आधार बनेगा : मुख्यमंत्री श्री साय*

रायपुर 30 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली प्रवास के दौरान रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से सौजन्य भेंट कर छत्तीसगढ़ में रेलवे अधोसंरचना के विस्तार, नई रेल परियोजनाओं तथा लंबित रेल लाइनों की प्रगति के संबंध में विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू तथा राजनांदगांव लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री संतोष पांडे उपस्थित थे।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के औद्योगिक, खनिज एवं कृषि दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण राज्यों में से एक है। प्रदेश में रेलवे नेटवर्क का विस्तार केवल यातायात सुविधा का विषय नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास, व्यापार, पर्यटन, कृषि विपणन, जनजातीय अंचलों के विकास तथा क्षेत्रीय संतुलित प्रगति से भी जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेल अधोसंरचना के अभूतपूर्व विस्तार का लाभ छत्तीसगढ़ को भी मिल रहा है और राज्य सरकार इस दिशा में केंद्र सरकार के साथ पूर्ण समन्वय के साथ कार्य कर रही है।

बैठक में कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेलवे लाइन परियोजना पर विशेष रूप से चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि लगभग 295 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना का विकास रेल मंत्रालय और छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त उपक्रम (ज्वाइंट वेंचर) के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए दोनों संस्थाओं की साझेदारी में एक स्पेशल परपज़ व्हीकल (SPV) का गठन किया जाएगा। यह रेल लाइन कटघोरा से करतला, मुंगेली, कवर्धा और खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक पहुंचेगी तथा ऐसे अनेक क्षेत्रों को पहली बार रेलवे नेटवर्क से जोड़ेगी, जहां अब तक रेल सुविधा उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी, उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा लाखों नागरिकों को बेहतर आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी।

बैठक में रावघाट-जगदलपुर रेलवे लाइन परियोजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 140 किलोमीटर लंबी इस महत्वपूर्ण रेल लाइन के लिए भूमि अधिग्रहण की आवश्यक कार्यवाही पूरी की जा चुकी है तथा रेलवे द्वारा निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ होने से बस्तर अंचल की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्र के सामाजिक एवं आर्थिक विकास को नई दिशा मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश की तीन अन्य महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं – सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर (244 किलोमीटर), धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा (301 किलोमीटर) तथा अंबिकापुर-बरवाडीह (200 किलोमीटर) – को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं से उत्तर छत्तीसगढ़ सहित सीमावर्ती क्षेत्रों की रेल संपर्क व्यवस्था सुदृढ़ होगी तथा व्यापार, पर्यटन, खनिज परिवहन और स्थानीय रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस पर रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने इन परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की दिशा में सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

बैठक के दौरान किरंदुल-कोत्तागुडेम (180 किलोमीटर) तथा गढ़चिरौली-बीजापुर-किरंदुल (बचेली) (490 किलोमीटर) नई रेल लाइन परियोजनाओं के सर्वे कार्य की प्रगति पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने सर्वे कार्य शीघ्र पूर्ण कर आगामी कार्यवाही प्रारंभ करने का अनुरोध किया, जिससे बस्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत हो सके तथा विकास एवं सुरक्षा से जुड़े प्रयासों को गति मिले।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में रेलवे विकास के नए अध्याय लिखे जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि नई रेल परियोजनाएं प्रदेश के औद्योगिक विकास, खनिज परिवहन, कृषि उत्पादों की सुगम आवाजाही, पर्यटन संवर्धन और जनजातीय क्षेत्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ का रेल नेटवर्क आने वाले वर्षों में और अधिक मजबूत होगा तथा विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण को नई गति मिलेगी।

*केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय का कड़ा प्रहार….*

*केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर कांग्रेस पर जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय का कड़ा प्रहार*

*”बच्चों के हित और राष्ट्रहित सर्वोपरि, कांग्रेस छात्रों के भविष्य पर राजनीति बंद करे”*

जशपुरनगर। जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी के लिए पद से कहीं अधिक महत्वपूर्ण देश, हमारी युवा पीढ़ी और विद्यार्थियों का भविष्य है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी विषय पर नैतिक जिम्मेदारी बनती है तो भाजपा उससे पीछे नहीं हटती। यही कारण है कि भाजपा नेतृत्व हमेशा बच्चों के हित, राष्ट्रहित और पारदर्शी व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है।
सालिक साय ने कहा कि मोदी सरकार देश के युवाओं की भावनाओं का सम्मान करती है और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्त कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। दोषियों को कठोर दंड दिलाने और परीक्षा व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार सुधार कर रही है।
उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस छात्रों के भविष्य को राजनीतिक हथियार बनाने का प्रयास कर रही है, जबकि भाजपा का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कानूनी प्रक्रिया निष्पक्ष ढंग से पूरी हो और निर्दोष विद्यार्थी किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी में न उलझें।सालिक साय ने कहा कि उन्हें पूर्ण विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उठाए गए निर्णायक कदमों से NEET परीक्षा में सफल विद्यार्थियों के साथ पूरा न्याय होगा तथा भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगेगा।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कांसाबेल सीएचसी के लिए प्रदत्त एम्बुलेंस का किया लोकार्पण, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय द्वारा प्रदत्त एम्बुलेंस से मरीजों की आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं में होगी वृद्धि…*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कांसाबेल सीएचसी के लिए प्रदत्त एम्बुलेंस का किया लोकार्पण*

*जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय द्वारा प्रदत्त एम्बुलेंस से मरीजों की आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधाओं में होगी वृद्धि*

जशपुरनगर 18 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार को बंदरचुवां में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय द्वारा जनहित में प्रदत्त एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर लोकार्पण किया। यह एम्बुलेंस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांसाबेल में तैनात रहेगी और क्षेत्र के मरीजों को समय पर आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय को जनहित में एम्बुलेंस प्रदत्त करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि समाज और जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए इस प्रकार की पहल अनुकरणीय है। उन्होंने श्री सालिक साय के जनसेवा के प्रति समर्पण और समाजहित में उनके योगदान की सराहना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं आमजन मौजूद रहे।

जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने बताया कि एम्बुलेंस का रखरखाव, चालक का मानदेय तथा ईंधन सहित इसके संचालन का संपूर्ण व्यय उनके द्वारा वहन किया जाएगा। यह एम्बुलेंस क्षेत्र में आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान मरीजों को अस्पताल तक लाने-ले जाने के लिए उपलब्ध रहेगी, जिससे कांसाबेल क्षेत्र के लोगों को त्वरित और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय बनी भारतीय आदिम जाति सेवक संघ की उपाध्यक्ष,बोर्ड की बैठक में सर्वसम्मति से हुआ निर्णय….*

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय को भारतीय आदिम जाति सेवक संघ का उपाध्यक्ष चुना गया है। बोर्ड ने यह निर्णय मंगलवार को रायपुर के निमोरा स्थित ठाकुर प्यारेलाल राज्य पंचायत एवं ग्रामीण विकास संस्थान में आयोजित अपनी पहली बैठक में लिया। इस बैठक की अध्यक्षता श्री प्रकाश कुमार उइके ने की। बैठक में संगठन के विस्तार और जनजातीय समाज के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। संगठन का विस्तार करते हुए श्रीमती कौशल्या साय को संगठन का उपाध्यक्ष नियुक्त करने की घोषणा अध्यक्ष श्री प्रकाश उइके ने की। अध्यक्ष उइके ने बताया कि बैठक में भारतीय आदिम जाति सेवक संघ के संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए सदस्यता अभियान तेज करने,जनजातीय समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने,स्वास्थ्य,रोजगार और सामाजिक उत्थान के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने पर पदाधिकारियों से विचार विमर्श किया गया। अध्यक्ष उइके ने बताया कि श्रीमती कौशल्या साय के उपाध्यक्ष बनने से संगठन की सक्रियता बढ़ने के साथ मजबूती भी मिलेगी। उल्लेखनिय है मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सामाजिक और धार्मिक क्षेत्र में सक्रिय है। श्रीमती साय अखिल भारतीय कंवर समाज की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी है। कंवर समाज की हर बैठक में वे शामिल होती हैं और संगठन के साथ समाज में जागरूकता व उत्थान में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
विकास के लिए संगठित प्रयास की आवश्यकता –
बैठक को संबोधित करते हुए श्रीमती कौशल्या साय ने उन विश्वास जताने के लिए संघ के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि समेकित विकास के लिए संगठित प्रयास करने की आवश्यकता होती है। मनुष्य अपने बुद्वि के बल पर सुई और हवाई जहाज जैसे आधुनिक यंत्र बनाया है। समाज की क्षमता को सही दिशा की ओर ले जाए तो इस देश व समाज को विश्व गुरू बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होनें कहा कि भारतीय आदिम जाति सेवक संघ जनजातीय समाज को वह मंच दे सकता है जो जनजातीयों को सही दिशा दे सके। इसके लिए हम सब मिल कर काम करेगें।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से जशपुर को मिली मेडिकल कॉलेज की ऐतिहासिक सौगात, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने शासकीय मेडिकल कॉलेज को दी स्वीकृति, शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 50 एमबीबीएस सीटों पर होगा प्रवेश…*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से जशपुर को मिली मेडिकल कॉलेज की ऐतिहासिक सौगात*

*राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने शासकीय मेडिकल कॉलेज को दी स्वीकृति*

*शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 50 एमबीबीएस सीटों पर होगा प्रवेश*

जशपुरनगर, 13 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में किए जा रहे सतत प्रयासों को एक बड़ी सफलता मिली है। मुख्यमंत्री श्री साय की विशेष पहल और निरंतर प्रयासों से जशपुर जिले के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित शासकीय मेडिकल कॉलेज को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) से औपचारिक स्वीकृति प्राप्त हो गई है। मेडिकल असेसमेंट एंड रेटिंग बोर्ड (MARB) द्वारा 12 जुलाई 2026 को जारी लेटर ऑफ परमिशन (LoP) के अनुसार शासकीय मेडिकल कॉलेज, जशपुर-कुनकुरी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 से 50 एमबीबीएस सीटों पर प्रवेश प्रारंभ किया जाएगा। यह मेडिकल कॉलेज पंडित दीनदयाल उपाध्याय मेमोरियल हेल्थ साइंस एवं आयुष विश्वविद्यालय, रायपुर से संबद्ध होगा। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा निर्धारित सभी शैक्षणिक, अधोसंरचनात्मक एवं चिकित्सीय मानकों का परीक्षण करने के उपरांत यह स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके साथ ही जशपुर प्रदेश के उन जिलों में शामिल हो गया है, जहां मेडिकल शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होगी।

*मेडिकल कॉलेज से शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई दिशा*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य दूरस्थ, आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। जशपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना इसी संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक शैक्षणिक संस्थान की स्थापना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के भविष्य को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक निर्णय है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जशपुर जिले के विद्यार्थियों को एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए अन्य शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। जिले में ही चिकित्सा शिक्षा उपलब्ध होने से विद्यार्थियों का समय, धन और संसाधनों की बचत होगी तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली युवाओं को भी डॉक्टर बनने का बेहतर अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज के संचालन से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में व्यापक विस्तार होगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ेगी, आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विकास होगा, गंभीर एवं जटिल बीमारियों के उपचार की क्षमता मजबूत होगी तथा भविष्य में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार का मार्ग भी प्रशस्त होगा। इससे जशपुर सहित पूरे सरगुजा संभाग के लाखों नागरिकों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के संचालन से चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मियों, तकनीकी विशेषज्ञों तथा अन्य सहायक सेवाओं में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही आवास, परिवहन, व्यापार, होटल एवं अन्य स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी, जिससे जिले के समग्र आर्थिक विकास को बल मिलेगा।

*स्वास्थ्य एवं शिक्षा के बुनियादी ढांचे को लगातार मिल रही मजबूती*

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विशेष प्रयासों से जशपुर जिले में स्वास्थ्य एवं शिक्षा के बुनियादी ढांचे को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज की स्वीकृति इन्हीं प्रयासों का महत्वपूर्ण परिणाम है। आने वाले वर्षों में यह संस्थान जशपुर को चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास का मजबूत आधार बनेगा। जिले में स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार के लिए चराईडांड में 220 बिस्तरों वाले आधुनिक सिविल अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज, फिजियोथेरेपी कॉलेज एवं नेचुरोपैथी सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। वहीं गिनाबहार में 50 बिस्तरों वाले मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य यूनिट का निर्माण भी प्रगति पर है। इन संस्थानों के शुरू होने से जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक सुदृढ़ एवं आधुनिक बनेंगी।

*आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन रही है महतारी वंदन योजना : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, 29 किश्तों में अब तक 18,805.83 करोड़ रुपये सीधे महिलाओं के खातों में पहुंचे…*

*आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन रही है महतारी वंदन योजना : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*मुख्यमंत्री ने जारी की महतारी वंदन योजना की 29वीं किश्त, 66 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में डीबीटी से 626.25 करोड़ रुपये अंतरित*

*29 किश्तों में अब तक 18,805.83 करोड़ रुपये सीधे महिलाओं के खातों में पहुंचे*

*’लखपति दीदी’ सहित विभिन्न योजनाओं से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी और आत्मनिर्भरता को मिल रही नई मजबूती*

रायपुर 11 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से महतारी वंदन योजना की 29वीं किश्त जारी करते हुए प्रदेश की 66 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से 626.25 करोड़ रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रदेश की माताओं-बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के सम्मान, आत्मनिर्भरता और आर्थिक स्वावलंबन की नई पहचान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि आज की किश्त के साथ योजना के अंतर्गत अब तक 29 किश्तों में कुल 18,805.83 करोड़ रुपये की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में नारी शक्ति के सशक्तिकरण का जो व्यापक अभियान चल रहा है, छत्तीसगढ़ सरकार उसी संकल्प को पूरी प्रतिबद्धता के साथ धरातल पर उतार रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न जिलों के प्रवास के दौरान माताएं और बहनें स्वयं उन्हें बताती हैं कि महतारी वंदन योजना से प्राप्त राशि ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। अनेक महिलाओं ने इस राशि से छोटे व्यवसाय शुरू किए हैं, कई ने सिलाई-कढ़ाई एवं स्वरोजगार अपनाया है, जबकि बड़ी संख्या में परिवारों ने बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति में इसका उपयोग किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के ये अनुभव इस योजना की वास्तविक सफलता और उसके दूरगामी सामाजिक प्रभाव के प्रमाण हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार महतारी वंदन योजना के साथ-साथ ‘लखपति दीदी’ जैसी विभिन्न योजनाओं के माध्यम से भी महिलाओं की आय बढ़ाने, उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण कर शत-प्रतिशत पात्र महिलाओं तक योजना का लाभ सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से बस्तर संभाग में इस कार्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश भी दिए।

उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से प्रदेश में लागू की गई है। योजना के तहत 21 वर्ष या उससे अधिक आयु की पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में प्रदान की जाती है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक संबल मिलने के साथ परिवार के पोषण, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कुपोषण एवं एनीमिया की रोकथाम तथा स्वरोजगार जैसी गतिविधियों को भी नई मजबूती मिली है।

*मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में लगाई गुहार, त्वरित पहल से मृतक के परिजन को मिली ₹4 लाख की मुआवजा सहायता राशि, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार…*

*मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में लगाई गुहार, त्वरित पहल से मृतक के परिजन को मिली ₹4 लाख की मुआवजा सहायता राशि, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का जताया आभार…*

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निजी निवास स्थित सीएम कैंप कार्यालय बगिया में की गई एक संवेदनशील पहल से आकाशीय बिजली गिरने से मृत व्यक्ति के परिजनों को बड़ी राहत मिली है। पीड़ित परिवार ने मुआवजा राशि लंबित होने पर मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद राजस्व विभाग ने प्रकरण का परीक्षण कराया। जांच रिपोर्ट के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा मृतक के आश्रित श्री संजय कुजूर (ग्राम झिक्की, तहसील बगिया, जिला जशपुर) के पक्ष में ₹4,00,000 (चार लाख रुपये) की आर्थिक सहायता स्वीकृत करने की अनुशंसा करते हुए प्रकरण कलेक्टर जशपुर को भेजा गया,जिसके बाद परिजनों को 4 लाख रूपये की स्वीकृति मिली है।मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में दर्ज आवेदन पर त्वरित कार्रवाई के बाद पीड़ित परिवार को लंबित मुआवजा राशि मिलने का मार्ग प्रशस्त हुआ। इससे परिजनों को आर्थिक संबल मिला और शासन की संवेदनशील कार्यशैली पर उनका विश्वास और मजबूत हुआ।मृतक के परिजनों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन देने के बाद उनके मामले पर तुरंत संज्ञान लिया गया और शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता और तत्परता के कारण उन्हें समय पर न्याय एवं आर्थिक सहायता प्राप्त हो सकी।यह मामला मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया की त्वरित एवं जनहितैषी कार्यप्रणाली का एक और उदाहरण है, जहाँ आम नागरिकों की समस्याओं का प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जा रहा है।

*112 करोड़ रुपये से अधिक की विकास योजनाओं की सौगात, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय करेंगे कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ और भूमिपूजन…*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 112 करोड़ से अधिक के कार्यों का करेंगे लोकार्पण-भूमिपूजन*

रायपुर/ 5 जुलाई 2026/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 6 जुलाई को रायपुर जिले के समोदा में 112 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इनमें 21 करोड़ 67 लाख रुपए के 67 कार्यों का लोकार्पण और 90 करोड़ 34 लाख रुपए लागत के 29 निर्माण कार्यों के भूमिपूजन शामिल हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन व लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव कार्यक्रम की अध्यक्षता करेंगे। वन एवं पर्यावरण तथा रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आरंग क्षेत्र के ग्रामीण एवं शहरी इलाकों में लोक निर्माण विभाग के 9 करोड़ 43 लाख रुपए के तीन कार्यों, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 79 लाख रुपए के पांच कार्यों, नगर पंचायत समोदा के 6 करोड़ 67 लाख रुपए के 20 कार्यों तथा आरंग नगर पालिका में 4 करोड़ 78 लाख रुपए के 39 कार्यों का लोकार्पण करेंगे।

श्री साय लोक निर्माण विभाग द्वारा किए जाने वाले 61 करोड़ 11 लाख रुपए लागत के 8 कार्यों, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के दो करोड़ 54 लाख रुपए के 11 कार्यों एवं समोदा नगर पंचायत के 8 करोड़ 70 लाख रुपए के 9 कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। वे स्वास्थ्य विभाग द्वारा नवा रायपुर के सेक्टर-17, कोटरा भाठा में 18 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जा रहे 100 बिस्तर अस्पताल का भी भूमिपूजन करेंगे।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गंभीर रूप से बीमार मासूम के इलाज के लिए दी आर्थिक सहायता, अब रांची के अस्पताल में होगा इलाज, सीएम कैम्प कार्यालय बगिया में परिजनों ने लगाई थी गुहार….*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गंभीर रूप से बीमार मासूम के इलाज के लिए दी आर्थिक सहायता, अब रांची के अस्पताल में होगा इलाज, सीएम कैम्प कार्यालय बगिया में परिजनों ने लगाई थी गुहार….*

 

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन प्रस्तुत किए जाने के बाद मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके पश्चात मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना (MVSSY) के अंतर्गत गंभीर रूप से बीमार मासूम रेणुका खलखो जिला सरगुजा निवासी के उपचार हेतु 95,500 की राशि स्वीकृत की गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के अनुशंसा पर राज्य नोडल एजेंसी द्वारा जारी स्वीकृति आदेश के अनुसार इस मासूम के श्वसन संबंधी गंभीर बीमारी के उपचार के लिए रानी हॉस्पिटल, रांची झारखंड में इलाज हेतु यह सहायता राशि मंजूर की गई है।

मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत मिली इस त्वरित स्वीकृति से जरूरतमंद परिवार को बड़ी राहत मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के संवेदनशील एवं जनहितैषी दृष्टिकोण के चलते गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें बेहतर उपचार मिल सके।मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया के माध्यम से लगातार पात्र हितग्राहियों के आवेदन प्राथमिकता के साथ शासन तक पहुंचाए जा रहे हैं, जिससे जरूरतमंद परिवारों को शीघ्र स्वास्थ्य सहायता का लाभ मिल रहा है।