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*श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ निभाई गई हेरा पंचमी की रश्म, मां लक्ष्मी जी ने रथ तोड़कर जताया नाराज़गी, डांडिया व रंगोली प्रतियोगिता ने भरा आयोजन में रंग*

*श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ निभाई गई हेरा पंचमी की रश्म*

 

*मां लक्ष्मी जी ने रथ तोड़कर जताया नाराज़गी, डांडिया व रंगोली प्रतियोगिता ने भरा आयोजन में रंग*

 

दोकड़ा। श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में हेरा पंचमी की पारंपरिक और धार्मिक रस्म पूरे हर्षोल्लास और श्रद्धा भाव से संपन्न हुई। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भी सराबोर रहा।

 

✨ मां लक्ष्मी जी की नाराज़गी – परंपरा अनुसार रथ तोड़ने की रस्म

 

हेरा पंचमी परंपरा के अनुसार, जब भगवान श्रीजगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ यात्रा पर मौसीबाड़ी चले जाते हैं और मां लक्ष्मी को साथ नहीं ले जाते, तो मां लक्ष्मी नाराज़ हो जाती हैं। इसी भाव को दर्शाते हुए, मां लक्ष्मी जी को श्री जगन्नाथ मंदिर से कीर्तन मंडली के साथ भव्य शोभायात्रा में निकाला गया।

 

पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मां लक्ष्मी जी ने रथ का एक भाग तोड़कर अपनी नाराज़गी व्यक्त की। इसके पश्चात उन्हें फूलों से सजी सुंदर पालकी में विराजमान कर मंदिर लाया गया। कीर्तन मंडली की मधुर प्रस्तुति और भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय हो गया।

 

 

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???? रंग-बिरंगे सांस्कृतिक आयोजन

 

हेरा पंचमी के अवसर पर डांडिया और रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें बच्चों और युवाओं ने उत्साह से भाग लिया।

 

डांडिया प्रतियोगिता विजेता:

 

???? प्रथम स्थान – वर्षा कुमावत

 

???? द्वितीय स्थान – रूपा यादव

 

???? तृतीय स्थान – सुमति

 

 

रंगोली प्रतियोगिता विजेता:

 

???? प्रथम स्थान – खुशी परी

 

???? द्वितीय स्थान – दिव्या भगत

 

???? तृतीय स्थान – खुशी मानिक

 

 

प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को मंदिर समिति द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

*श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव: मौसी बाड़ी में हुआ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, झारखंड के मशहूर कलाकारों ने लोक संस्कृति का बिखेरा रंग……*

*श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव: मौसी बाड़ी में हुआ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, झारखंड के मशहूर कलाकारों ने लोक संस्कृति का बिखेरा रंग……*

दोकड़ा।
श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव के अंतर्गत मौसी बाड़ी प्रांगण में एक भव्य और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें झारखंड के सुप्रसिद्ध कलाकारों और डांस ग्रुप्स ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा द्वारा आयोजित इस रथ यात्रा महोत्सव में 9 दिनों तक चलने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत यह सांस्कृतिक संध्या विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

कार्यक्रम की शुरुआत उर्मिला महतो के भावपूर्ण लोक गीतों से हुई, जिन्होंने पारंपरिक नागपुरी धुनों पर भक्तिरस से सराबोर प्रस्तुति दी। इसके बाद नितेश कच्छप की सजीव गायकी ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।

चिंता देवी ने अपनी लोकगीतों की प्रस्तुति से संस्कृति की आत्मा को स्वर प्रदान किया, जबकि रूपेश बड़ाइक ने सामाजिक और पारंपरिक विषयों पर आधारित गीतों से लोगों को भावविभोर किया।

मांदर सम्राट हुलास महतो ने अपने मांदर वादन और गायन से समां बांध दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान पूरा प्रांगण तालियों की गूंज से भर उठा।

नृत्य प्रस्तुतियों में भी स्थानीय और बाल कलाकारों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। वंशिका एवं लिटिल स्टार, भीम सुमन ग्रुप, बेबी खुशी डांस ग्रुप, और संगम दिव्या डांस ग्रुप ने पारंपरिक और आधुनिक नृत्य का सुंदर संगम प्रस्तुत किया, जिससे दर्शक झूमते नजर आए।

इस अवसर पर मौसी बाड़ी परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। मंच पर रंगीन रोशनी, पारंपरिक साज-सज्जा और सांस्कृतिक ध्वनि की गूंज ने वातावरण को भक्तिमय और उल्लासमय बना दिया।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गणमान्य नागरिकों सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। मंदिर समिति के सदस्यों ने सभी कलाकारों का स्वागत किया ।

समिति के लोगों ने बताया कि रथ यात्रा के पावन अवसर पर प्रतिदिन विशेष पूजा, कीर्तन, भजन संध्या, झांकी, महाप्रसाद वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे जनमानस में आस्था और सांस्कृतिक चेतना का विस्तार हो रहा है।

*परंपरागत श्रद्धा-भक्ति और उल्लास के वातावरण में निकाली गई भव्य रथयात्रा, भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा से मौसीबाड़ी पहुंचे, 9 वें दिन होगी भव्य वापसी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रथयात्रा में हुए शामिल, निभाई छेरा-पहरा की रस्म*

*परंपरागत श्रद्धा-भक्ति और उल्लास के वातावरण में निकाली गई भव्य रथयात्रा*

*भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा से मौसीबाड़ी पहुंचे, 9 वें दिन होगी भव्य वापसी*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रथयात्रा में हुए शामिल, निभाई छेरा-पहरा की रस्म*

रायपुर, 27 जून 2025/ जशपुर ज़िले के ऐतिहासिक एवं प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में इस वर्ष भी रथयात्रा महोत्सव का आयोजन परंपरागत श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ किया गया। मंदिर से रथ यात्रा के रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने जगन्नाथ मंदिर में पूरे विधि-विधान से भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने झाडू से रथयात्रा के मार्ग को बुहारकर छेरा-पहरा की रस्म निभाई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने हजारों श्रद्धालुओं के साथ भक्तिभावपूर्वक रथ यात्रा में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के रथ को रस्सी खींचकर आगे बढ़ाया। पूरा वातावरण जय जगन्नाथ के जयघोष, भजन-कीर्तन और भक्तिमय उल्लास से गूंज उठा। रथ यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए मौसीबाड़ी पहुंची। भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा नौ दिनों तक अपनी मौसी के घर मौसीबाड़ी में विराजमान रहेंगे। नौवें दिन 5 जुलाई को शुभ वापसी श्री जगन्नाथ मंदिर, दोकड़ा में होगी। यह आयोजन ओडिशा के पुरी धाम की परंपरा के अनुरूप आयोजित किया गया है।

*दोकड़ा में सन् 1942 से जारी है रथ यात्रा की परंपरा*

रथ यात्रा की शुरुआत दोकड़ा में वर्ष 1942 में हुई थी। इसकी शुरूआत स्वर्गीय श्री सुदर्शन सतपथी एवं उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय श्रीमती सुशीला सतपथी द्वारा श्रद्धा और समर्पण के साथ की गई थी। तब से यह परंपरा निरंतर श्रद्धा और उत्साह के साथ निर्विघ्न रूप से जारी है। समय के साथ यह आयोजन अब एक भव्य धार्मिक मेले का रूप ले चुका है, जिसमें श्रद्धालुओं की विशाल सहभागिता देखने को मिलती है।

रथ यात्रा के पावन अवसर पर ओडिशा से आमंत्रित कीर्तन मंडलियों ने भक्ति संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। साथ ही रथ यात्रा में अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियां भी शामिल रहीं, जो भगवान श्री जगन्नाथ की महिमा और हमारी सांस्कृतिक विविधता की भव्यता को अत्यंत आकर्षक रूप में प्रदर्शित कर रही थीं।

*नौ दिनों तक चलेगा धार्मिक पर्व*

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा के सदस्यों ने बताया कि रथ यात्रा महापर्व नौ दिवसीय भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर मंदिर परिसर और दोकड़ा गांव पूरे श्रद्धा और उत्साह से सराबोर रहता है। पूरे महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, संगीतमय प्रस्तुतियाँ, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ बच्चों और युवाओं के लिए विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है, जो पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक रंगों से भर देता है।

रथ यात्रा के उपलक्ष्य में दोकड़ा में एक विशाल मेले का भी आयोजन किया गया है, जो इस उत्सव की शोभा को और अधिक बढ़ा देता है। मेला परिसर में मनोरंजन के लिए झूले, स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल, पारंपरिक हस्तशिल्प की दुकानें और अन्य आकर्षण मौजूद हैं। जो सभी के लिए आनंद का केंद्र बनते हैं। यह आयोजन आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को रथयात्रा की दी बधाई एवं शुभकामनाएँ*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को रथयात्रा की दी बधाई एवं शुभकामनाएँ*

 

रायपुर 26 जून 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ से सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाप्रभु जगन्नाथ के धाम पुरी सहित विभिन्न स्थानों पर रथयात्रा बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ निकाली जाती है। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक एकता और सौहार्द्र का सशक्त प्रतीक है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्राचीन काल से ही छत्तीसगढ़वासियों की भगवान जगन्नाथ में गहरी आस्था रही है। उत्कल समाज के साथ मिलकर सभी छत्तीसगढ़वासी प्रतिवर्ष भक्ति-भाव के साथ भगवान जगन्नाथ, उनके भ्राता बलभद्र और भगिनी देवी सुभद्रा की रथयात्रा निकालते हैं। यह महापर्व श्रद्धा, भक्ति और आस्था का प्रतीक है, जो हमें एकता, सद्भाव और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

*छत्तीसगढ़ के विकास के लिए मध्य क्षेत्रीय परिषद बना सार्थक मंच: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*छत्तीसगढ़ के विकास के लिए मध्य क्षेत्रीय परिषद बना सार्थक मंच: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

रायपुर 24 जून 2025/उत्तरप्रदेश के वाराणसी में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह परिषद केन्द्र और राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय का सशक्त मंच बन चुकी है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के विभिन्न क्षेत्रों के विकास को नई दिशा मिली है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में मध्य क्षेत्रीय परिषद ने ठोस योगदान दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य की अर्थव्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, सांस्कृतिक पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास में परिषद की भूमिका निर्णायक रही है।

*नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक बढ़त, बस्तर में विकास का नया युग*

मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल समस्या पर बोलते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध बड़ी सफलता मिली है। बसवराजू और सुधाकर जैसे शीर्ष नक्सली नेताओं के न्यूट्रलाइज होने को उन्होंने नक्सलवाद की रीढ़ टूटने जैसा करार दिया। उन्होंने बताया कि बस्तर के विकास के लिए बोधघाट-महानदी इंद्रावती लिंक जैसी कई हजार करोड़ की परियोजनाओं पर भी हम काम कर रहे हैं। रावघाट-जगदलपुर रेललाइन परियोजना को मिली मंजूरी भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

*विकास और सुशासन की दिशा में ठोस कार्य*

मुख्यमंत्री ने परिषद को अवगत कराया कि पिछली बैठक में दिए गए सुझावों पर तेजी से अमल हुआ है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 28 नई बैंक शाखाएं, डॉयल-112 सेवा का विस्तार, 82 हजार से अधिक बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालना जैसी उपलब्धियाँ राज्य के विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने स्थानीय खेल और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच दिया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 87.2 प्रतिशत नागरिकों को कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, और 1075 में से 1033 शासकीय अस्पताल इससे जोड़े जा चुके हैं।

*ऊर्जा, निवेश और औद्योगिक विकास में राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर छत्तीसगढ़*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद राज्य को अब तक 5.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 3.5 लाख करोड़ पावर सेक्टर से हैं। छत्तीसगढ़ देश में विद्युत उत्पादन में दूसरे स्थान पर है और 2030 तक प्रथम स्थान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 23 घंटे 27 मिनट और शहरी क्षेत्रों में 23 घंटे 51 मिनट की औसत विद्युत आपूर्ति राज्य के ऊर्जा प्रबंधन की दक्षता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 6 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का कार्य प्रगति पर है।

*सुगम सेवाएँ, सशक्त पंचायतें और नई श्वेत क्रांति*

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में डेढ़ लाख से अधिक सोलर कृषि पंप किसानों को सिंचाई सुविधा प्रदान कर रहे हैं। एनडीडीबी के साथ हुए एमओयू से राज्य में दुग्ध उत्पादन में नया विस्तार होगा। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र पंचायतों में डिजिटल सुशासन के सेतु बन रहे हैं और लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के प्रभावी क्रियान्वयन से सेवाओं की पारदर्शी और समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित हुई है।

*विकास और सुशासन में छत्तीसगढ़ बना मॉडल राज्य*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के अभियान में पूरी निष्ठा से सहभागी है। मध्य क्षेत्रीय परिषद के माध्यम से संवाद और समन्वय का यह मंच छत्तीसगढ़ को और भी आगे ले जाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।

*मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर श्रवण दोष से पीड़ित बुंदा लकड़ा को प्रदान किया गया श्रवण यंत्र, खुशी जाहिर करते मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को दिया धन्यवाद*

*मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय की पहल पर श्रवण दोष से पीड़ित बुंदा लकड़ा को प्रदान किया गया श्रवण यंत्र*

*खुशी जाहिर करते मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को दिया धन्यवाद*

जशपुरनगर, 24 जून 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा स्थापित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान और आवश्यक सहायताएं उपलब्ध कराने में संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहा है। इसी कड़ी में श्रवण दोष से पीड़ित श्रीमती बुंदा लकड़ा को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया।
ग्राम पाकरगांव, तहसील पत्थलगांव की श्रीमती लकड़ा ने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत कर श्रवण यंत्र प्रदान करने की मांग की थी। आवेदन में उन्होंने अपनी कठिनाई को साझा करते बताया कि सुनने में असमर्थता के कारण उन्हें दैनिक जीवन में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय ने उनके आवेदन को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की और उन्हें उनके गांव जाकर श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया गया। श्रवण यंत्र प्राप्त होने पर श्रीमती बुंदा लकड़ा ने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार जताया और कहा कि यह उनके लिए एक नई जिंदगी की शुरुआत जैसा है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय सॉफ्टबॉल खिलाड़ी शालू डहरिया को दी वीडियो कॉल पर शुभकामनाएं, मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशील पहल: एशिया यूथ सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप में भागीदारी के लिए ₹1.70 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की*

*जब उम्मीद की डोर थमने लगी… मुख्यमंत्री बने संबल: मुख्यमंत्री की मदद बनी शालू के सपनों की सीढ़ी*

*“बेटी, तुम आगे बढ़ो… हम सब तुम्हारे साथ हैं” – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अंतरराष्ट्रीय सॉफ्टबॉल खिलाड़ी शालू डहरिया को दी वीडियो कॉल पर शुभकामनाएं*

*मुख्यमंत्री श्री साय की संवेदनशील पहल: एशिया यूथ सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप में भागीदारी के लिए ₹1.70 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान की*

रायपुर 22 जून 2025/छत्तीसगढ़ की बेटी और 12 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी सॉफ्टबॉल खिलाड़ी शालू डहरिया के चेहरे पर उस वक्त मुस्कान की लहर दौड़ गई, जब स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने उन्हें वीडियो कॉल कर न सिर्फ शुभकामनाएं दीं, बल्कि उनके सपने को पूरा करने के लिए जरूरी आर्थिक मदद भी प्रदान किया ।

शालू डहरिया का चयन 14 से 20 जुलाई, 2025 को चीन के सिआन में होने वाली एशिया यूथ सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में हुआ है।छत्तीसगढ़ से इस ओपन टूर्नामेंट के लिए केवल दो महिला खिलाड़ियों का चयन हुआ है, जिनमें शालू डहरिया भी शामिल हैं। लेकिन इस अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में भागीदारी के लिए आवश्यक ₹1.70 लाख की फीस उनके लिए एक बड़ी बाधा बन गई थी।

आर्थिक रूप से साधारण परिवार से आने वाली शालू के पिता प्राइवेट सुरक्षा गार्ड हैं और माँ एक छोटे से ब्यूटी पार्लर का संचालन करती हैं। बावजूद इसके शालू ने आठवीं कक्षा से सॉफ्टबॉल खेलना शुरू किया और अब तक एक गोल्ड मेडल सहित 12 बार राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने शालू डहरिया को वीडियो कॉल कर कहा “बेटी, तुम आगे बढ़ो… हम सब तुम्हारे साथ हैं। छत्तीसगढ़ को तुम पर गर्व है। अच्छा खेलो, मेरी शुभकामनाएं तुम्हारे साथ हैं। देश और प्रदेश का नाम रोशन करो।”

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार बेटियों को केवल प्रोत्साहित नहीं करती, बल्कि ज़रूरत पड़ने पर उनके सपनों को पंख देने के लिए भी हमेशा तत्पर रहती है।

*संवेदनशीलता की मिसाल बनी यह पहल*

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशानिर्देश पर त्वरित अमल करते हुए जांजगीर चांपा कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने शालू को ₹1.70 लाख की सहायता राशि का चेक सौंपा और प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

शालू की माता श्रीमती अल्का डहरिया ने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी की संवेदनशील पहल और आर्थिक सहायता से मेरी बेटी को अंतराष्ट्रीय प्रतियोगिता में शामिल होने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय की यह पहल बताती है कि सरकार सिर्फ योजनाओं की घोषणा तक सीमित नहीं, ज़रूरत की घड़ी में हाथ पकड़कर साथ निभाने वाली साथी है। बेटियों के सपनों को साकार करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है।

*श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय बने गजपति महाराजा, ओडिशा के पुरोहितों ने निभाई परंपरागत रस्म, 27 जून को रथ यात्रा में होंगे शामिल……*

*श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय बने गजपति महाराजा, ओडिशा के पुरोहितों ने निभाई परंपरागत रस्म, 27 जून को रथ यात्रा में होंगे शामिल……*

दोकड़ा। ऐतिहासिक एवं धार्मिक दृष्टिकोण से प्रतिष्ठित श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में इस वर्ष रथ यात्रा का आयोजन अत्यंत भव्य रूप में किया जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय को गजपति महाराजा की परंपरागत भूमिका सौंपी गई है। यह भूमिका उन्हें ओडिशा से आए विशेष पुरोहितों की उपस्थिति में विधिवत रस्मों के साथ प्रदान की गई।

*पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निभाई गई रस्में*

ओडिशा संबलपुर के आमंत्रित पुरोहितों ने बगिया स्थित मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए गजपति की रस्मों को संपन्न कराया। यह परंपरा पूरी धाम की तर्ज पर निभाई जाती है, जिसमें गजपति महाराजा को रथ यात्रा का मुख्य संरक्षक माना जाता है। मुख्यमंत्री एवं उनकी धर्मपत्नी ने पूरे श्रद्धा भाव से सभी रीति-रिवाजों में भाग लिया।

*27 जून को निकलेगी भव्य रथ यात्रा*

रथ यात्रा 27 जून 2025 को बड़े ही धूमधाम से निकाली जाएगी। भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की मूर्तियों को विशेष रूप से सुसज्जित रथ में विराजमान कर नगर भ्रमण कराया जाएगा। रथ खींचने की परंपरा में हजारों श्रद्धालु भाग लेंगे।

*कीर्तन मंडलियों एवं झांकियों से सजेगा कार्यक्रम*

इस वर्ष रथ यात्रा में ओडिशा के प्रसिद्ध कीर्तन मंडलियां, भक्ति रस से सराबोर गीतों एवं वाद्य यंत्रों के साथ शामिल होंगी। साथ ही विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पौराणिक झांकियों की भी प्रस्तुति की जाएगी, जो इस आयोजन की शोभा को और बढ़ाएगी।

*विशाल मेला और भक्तों की भारी भीड़*

रथ यात्रा के अवसर पर दोकड़ा में विशाल मेला का आयोजन किया जा रहा है। मेले में विभिन्न स्टॉल, झूले, मनोरंजन के साधन, एवं पारंपरिक खान-पान की व्यवस्था की जा रही है। छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड एवं अन्य राज्यों से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है।

*भव्य रथ का निर्माण अंतिम चरण में*

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति द्वारा विशाल और आकर्षक रथ का निर्माण कराया जा रहा है, जो पूरी धाम की शैली में तैयार हो रहा है। स्थानीय कारीगरों के साथ-साथ ओडिशा से आए रथ शिल्पियों की देखरेख में इसका निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है,श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा आप सभी श्रद्धालुओं, भक्तों एवं धर्म प्रेमियों से रथ यात्रा में शामिल होकर पुण्य लाभ लेने का आग्रह करती है। यह आयोजन न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा की साझा सांस्कृतिक विरासत का भी अद्भुत उदाहरण है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दुलदुला में 3 करोड़ से अधिक के विकासकार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन, नगेराटुक्कू के सौंदर्यीकरण और डूमरडीह में कुम्हार समाज के लिए सांस्कृतिक मंडप निर्माण की घोषणा*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने दुलदुला में 3 करोड़ से अधिक के विकासकार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन*

*नगेराटुक्कू के सौंदर्यीकरण और डूमरडीह में कुम्हार समाज के लिए सांस्कृतिक मंडप निर्माण की घोषणा*

जशपुरनगर, 21 जून 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज दुलदुला के हाट बाजार में आयोजित एक कार्यक्रम में दुलदुला विकासखंड के लिए 3 करोड़ 45 हजार रुपए की लागत के विकासकार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इनमें 22.36 लाख रूपए की लागत से नवनिर्मित ग्रामीण हाट बाजार शेड निर्माण कार्य का लोकार्पण और 2 करोड़ 78 लाख 9 हजार रुपए लागत के 10 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पर्यटन स्थल नगेराटुक्कू के सौंदर्यीकरण करने और डूमरडीह में कुम्हार समाज के लिए सांस्कृतिक मंडप निर्माण की घोषणा भी की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने योग दिवस की सभी को शुभकामनाएं दी और कहा कि हमें अपने शरीर और मन को स्वस्थ बनाए रखने के लिए नियमित योग करना चाहिए। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों से संयुक्त राष्ट्र संघ ने आज के दिन को योग दिवस के रूप में मान्यता दी है। आज पूरी दुनिया योग से होने वाले लाभों का अनुभव कर इस प्राचीन भारतीय विद्या को अपना रही है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ग्रामीण बस योजना के तहत मयूरचुंदी से दुलदुला तक बस सेवा प्रारंभ की जाएगी। दुलदुला में भी बस स्टैंड निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार मोदी की गारंटी को तेजी से लागू कर रही है। सरकार बनते ही पहली कैबिनेट में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 18 लाख आवास स्वीकृत किए गए। महतारी वंदन योजना ने माध्यम से महिलाएं सशक्त हो रही है। तेंदू पत्ता प्रति मानक बोरा 5500 रुपए किया गया है। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र’ के माध्यम से गांवों में बैंकिंग की सुविधा मिल रही है। आगामी पंचायत दिवस को सभी ग्राम पंचायतों में इसे शुरू करने की योजना है। रजिस्ट्री में 10 नई क्रांतियां में नवाचारों का बेहतर उपयोग कर आम नागरिकों के सहूलियत से लिए पंजीयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल, डिजिटल और नागरिक केंद्रित बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने जिन विकास कार्यों का भूमिपूजन किया उनमें 01 करोड़ 21 लाख रुपए लागत के नवीन भवन निर्माण हायर सेकेंडरी स्कूल, दुलदुला में 99.99 लाख रुपए लागत के सर्वसुविधायुक्त सांस्कृतिक भवन निर्माण कार्य, 10 लाख रुपए लागत के पुलिया निर्माण कार्य जामनाला ग्राम पंचायत सपघरा, 7.80 लाख रुपए लागत के सी सी रोड निर्माण रेंगाबहार पहुंच मार्ग ग्राम पंचायत चटकपुर, 7.80 रुपए लागत के सी रोड निर्माण कार्य लीलांबर घर के पास ग्राम पंचायत करडेगा, 6.50 लाख रुपए लागत के सामुदायिक भवन निर्माण कार्य ग्राम पंचायत सिरीमकेयहला, 5-5 लाख रुपए की लागत से ग्राम पंचायत कोरना, ग्राम पंचायत डोभ, ग्राम पंचायत सपघरा, ग्राम पंचायत झरगांव और ग्राम पंचायत मयुरचूंदी में अटल सुविधा केंद्र के लिए सी.एस.सी. भवन का निर्माण कार्य शामिल है।
इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद अध्यक्ष दुलदला श्री राजकुमार सिंह, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, भरत सिंह, कृष्ण कुमार राय, जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी- कर्मचारी और ग्रामीणजन मौजूद थे।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव ने हजारों लोगों के साथ जिला मुख्यालय जशपुर में किया योगाभ्यास, प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व स्तर पर योग को दिलाई पहचान, स्वस्थ रहने योग को अपनी नियमित दिनचर्य में करें शामिल-मुख्यमंत्री*

*समाचार*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव ने हजारों लोगों के साथ जिला मुख्यालय जशपुर में किया योगाभ्यास*

*प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विश्व स्तर पर योग को दिलाई पहचान*

*स्वस्थ रहने योग को अपनी नियमित दिनचर्य में करें शामिल-मुख्यमंत्री*

*नालंदा परिसर सहित 108 करोड़ के कार्यो का मुख्यमंत्री ने किया भूमिपूजन-लोकार्पण*

*उत्साह के साथ मनाया गया जशपुर रणजीता स्टेडियम में योग दिवस*

*जशपुरनगर 21 जून 2025* /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जिला मुख्यालय जशपुर में हजारों लोगों के साथ योगाभ्यास किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा की योग हमारे देश के लिए कोई नई विधा नहीं है। सनातन काल से योग हमारे जीवन में चला आ रहा है। हमारे ऋषि मुनियों ने इसका इजाद किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने विश्व पटल पर योग की महत्ता को स्थापित किया। संयुक्त राष्ट्र महासभा में वर्ष 2014 में आवाज उठाई और इसे विश्व स्तर पर स्वीकृति दिलाई। वर्ष 2015 से प्रति 21 जून को विश्व योग दिवस मनाया जा रहा है। हम सब लोगों के लिए बड़े सौभाग्य की बात है कि संयुक्त राष्ट्र महासभा सहित 175 देशों में योग की आवाज गूंज रही है। मुख्यमंत्री के साथ जनप्रतिनिधिगण, स्कूलों बच्चों, आम नागरिकों, अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साह से योगाभ्यास किया। योग प्रशिक्षक के दौरा चक्र आसन, अर्ध चक्र आसन, कपाल भारती, अनुलोम-विलोम, प्राणायाम, वज्राशन सहित विभिन्न आसन से योगाभ्यास करवाया गया।
श्री साय ने कहा कि सभी लोग योग को अपने दिनचर्या में शामिल करें। योग से मन और आत्मा संतुलित रहता है। दिन-रात के 24 घंटे में से कुछ समय योग के लिए जरूर निकाले। इससे बड़ी-बड़ी बीमारियां ठीक हो जाती हैं। शरीर स्वस्थ रहने के साथ ही भविष्य में बीमारियां होने की संभावना भी नहीं रहती। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में दवाई की जरूरत पड़ने पर जेनेरिक दवाइयां के उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह भी एलोपैथिक दवाइयां जैसे ही असर करती हैं। इनका दाम बहुत कम होता है। गरीबों की पहुंच की सीमा में और ज्यादा फायदेमंद है। इसका उपयोग जरूर सभी करें। बड़ी संख्या में बच्चे भी आज के योग कार्यक्रम में शामिल हुए। इससे बच्चों का मन शांत व स्थिर रहता है और पढ़ने पर मन लगता है।
मुख्यमंत्री ने आज नालंदा परिसर का भूमि पूजन भी किया। 500 सीटर इस परिसर की लागत 11 करोड़ 29 लाख रुपया है। 2 एकड़ में या बनेगा। इसमें गार्डन भी विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि गरीब बच्चों को परिसर का ज्यादा लाभ मिलेगा। अब जागरूकता के कारण गांव और गरीब लोग भी बड़े-बड़े परीक्षा दे रहे हैं और सफल भी हो रहे हैं। सब लोग बड़े शहर आकर पढ़ाई नहीं कर सकते। इसलिए राज्य सरकार ने सभी जिला मुख्यालय व बड़े शहरों में नालंदा परिसर का निर्माण का जिम्मा लिया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर 107.81 करोड़ के 64 कार्यो का भूमिपूजन-लोकार्पण किया। इनमें जशपुर विधानसभा क्षेत्र के 61 करोड़ 20 लाख के 85 कार्यों का भूमिपूजन और 15 करोड़ 80 लाख के 6 कार्यों का लोकार्पण किया। इसी प्रकार कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत् फरसाबहार विकासखंड के 24 करोड़ 90 लाख के 15 कार्यों का भूमिपूजन और 5 करोड़ 91 लाख के 4 कार्यों का लोकार्पण भी किया।
मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में एक पेड़ मां के नाम लगाने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि बारिश शुरू हो चुकी है। समय अनुकूल है। यदि मां साथ में है तो उन्हें समक्ष में रखकर अथवा स्वर्गीय होने पर उनका फोटो सामने रखकर मां के नाम पौधे जरूर लगाए। आजीवन इसकी सुरक्षा का दायित्व भी संभाले। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर योग आयोग के प्रशिक्षकों को प्रशस्ति-पत्र और प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया।
समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि योग सभी तरह के भेदभाव से ऊपर है। जाति, धर्म, महिला, पुरुष सभी समान रूप से अभ्यास में लाकर लाभान्वित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि सभी इसका लाभ उठाएं। यह साल के सबसे बड़ा दिन 21 जून को पूरे विश्व में मनाया जाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने योग को अंतर्राष्ट्रीय मंच में ले जाकर इसे पहचान दिलाई है। इस साल का योग हरित योग पर आधारित है। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा पेड़ लगाने की अपील सभी लोगों से की। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि इस साल योग दिवस की थीम ‘‘एक पृथ्वी एक स्वास्थ्य‘‘ है जो पृथ्वी एवं मानव स्वास्थ्य के आपसी संबंध को बताता है।
योग आयोग के अध्यक्ष रूप नारायण सिन्हा ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि जशपुर की वादियां बहुत ही सुन्दर और योग के लिए अनुकूल है। जशपुर चायपत्ती, काजू, नाशपाती,आदि अन्य फसलों की अच्छी पैदावार होती है। उन्होंने कहा जशपुर का प्राकृतिक वातावरण स्वर्ग से सुन्दर की अनुमति करता है। योग पठन-पाठन का विषय नहीं है, यह रोज अभ्यास करने और जीवन में अपनाने का है। जीवन जीने का एक तरीका है इसे हर आदमी आजीवन निरोग रह सकता है। कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने योग दिवस के कार्यक्रम में सभी का आभार व्यक्त किया। स्वागत भाषण समाज कल्याण विभाग की संचालक रोक्तिमा यादव ने दिया। योग प्रशिक्षक श्री छबिलाल साहू, ज्योती साहू और उनकी टीम को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। दिव्यांग बालिका कठिन योगाभ्यास करके लोगों को योग करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर पूर्व सांसद रणविजय सिंह जूदेव, पद्मश्री जागेश्वर राम यादव, जशपुर विधायक रायमुनी भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, राज्य के सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष रामप्रताप सिंह, माटीकला बोर्ड, शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगरपालिका अध्यक्ष अरविन्द भगत, उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जूदेव, संभागायुक्त नरेंद्र दुग्गे, आईजी दीपक झा, कलेक्टर रोहित व्यास, एसएसपी शशि मोहन सिंह जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, स्कूली बच्चे और योग संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।