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*छत्तीसगढ़ में तैयार हो रहा सड़कों का मजबूत नेटवर्क, 18,215 करोड़ रुपये लागत की 37 सड़क परियोजनाओं पर चल रहा काम, राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के लिए 5353 करोड़ रुपए मंजूर*

*छत्तीसगढ़ में तैयार हो रहा सड़कों का मजबूत नेटवर्क*

*18,215 करोड़ रुपये लागत की 37 सड़क परियोजनाओं पर चल रहा काम*

*राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के लिए 5353 करोड़ रुपए मंजूर*

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य में दो इकोनॉमिक कॉरिडोर सहित राज्य के दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्रों में सड़कों का मजबूत नेटवर्क बनाने का काम शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी लाने के लिए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने का भी निर्णय लिया गया है।

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए वर्तमान में कुल 18,215 करोड़ रुपये लागत की 37 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास हेतु 11 विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही हैं, इन सड़कों की लंबाई 1131 किलोमीटर होगी, जिनकी कुल लागत 24,693 करोड़ रुपये है। राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के लिए भारत सरकार द्वारा कुल 5353 करोड़ रुपये की लागत वाली 18 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसके सम्पूर्ण होने से राज्य के विकास को एक नयी गति मिलेगी। राज्य में वर्ष 2014 से 2025 तक 840 किलोमीटर लंबाई के सिंगल-मध्यवर्ती लेन राष्ट्रीय राजमार्ग को 2 या अधिक लेन में उन्नत किया गया है। राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए 2014 से 2025 तक 21,380 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

राष्ट्रीय राजमार्गों के अलावा, भारत सरकार ने 2014 से 2025 तक केंद्रीय सड़क और सी.आर.आई.एफ. और इकनोमिक इंपोर्टेंस एवं इंटर स्टेट कनेक्टिविटी के तहत राज्य की सड़कों के विकास के लिए कुल 3826 करोड़ रुपये की लागत के 70 कार्यों को मंजूरी दी है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में राजमार्गों के नेटवर्क को और मजबूत किया जा रहा है। रायपुर एवं दुर्ग शहर के नागरिकों को सघन एवं भारी यातयात से राहत पहुंचाने हेतु 2 पैकेजों में 92 किलोमीटर लंबाई वाला 6 लेन का रायपुर-दुर्ग बाईपास का भी निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी लागत 2289 करोड़ रूपए है।

*दो आर्थिक गलियारे*

विशाखापट्टनम के पोर्ट के माध्यम से छत्तीसगढ़ के उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलेगा, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, इस 6 लेन सड़क की लंबाई के 124 किलोमीटर होगी। इस मार्ग के लिए 4146 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है तथा निर्माण कार्य प्रगति पर है। रायपुर एवं बिलासपुर को झारखण्ड की औद्योगिक नगरी रांची और धनबाद से जोड़ने के लिए 4 लेन सड़क का बिलासपुर-उरगा-पत्थलगाँव का निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी लंबाई 157 किलोमीटर और लागत 4007 करोड़ रुपये है।

*एल डब्ल्यू ई और जनमन योजना*

भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समस्या को समाप्त करने के लिए 2014 से 2025 तक लेफ्ट विंग एक्सट्रिमिस्म (एल. डब्लू. ई) योजना के अंतर्गत महत्वपूर्ण सड़कों के विकास के लिए 2625 करोड़ रुपये की राशि व्यय की है। इसी प्रकार विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के विकास हेतु पीएम-जनमन योजना में राज्य को 715 सड़कें, 2449 किमी. एवं 1699 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इन सड़कों से 775 विशेष पिछड़ी जनजातीय बसाहटें लाभान्वित होगी। भारत सरकार द्वारा देश में राज्यों को 4831 किमी. लम्बाई की स्वीकृति में से राज्य को 2449 किमी. लम्बाई की स्वीकृति दी गई है, जो कि कुल स्वीकृति का 51 प्रतिशत है।

राष्ट्रीय राजमार्गों के आस-पास औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कोरबा-बिलासपुर इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय लिया गया है। उरगा-कटघोरा बाईपास बसना से सारंगढ़ (माणिकपुर) फीडर रूट, सारंगढ़ से रायगढ़ फीडर रूट और रायपुर-लखनादोन आर्थिक गलियारा परियोजनाओं की कुल लंबाई 236.1 किलोमीटर है, जिसके लिए भारत सरकार ने कुल 9208 करोड़ स्वीकृत किया है। केन्द्रीय सड़क निधि से सड़कों के निर्माण के लिए 908 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है।

*1 लाख 108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण पूजन कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने की पूजा-अर्चना, महाशिवपुराण कथा श्रवण करने जुटे श्रद्धालु…….*

*1 लाख 108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण पूजन कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने की पूजा-अर्चना, महाशिवपुराण कथा श्रवण करने जुटे श्रद्धालु…….*

जशपुरनगर। पवित्र श्रावण मास के पावन अवसर पर श्री फलेश्वर महादेव मंदिर बगिया में 1 लाख 108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं विशेष पूजन अनुष्ठान का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन तीन दिवसीय धार्मिक महोत्सव के रूप में 22 जुलाई से प्रारंभ होकर 24 जुलाई तक चलेगा।कार्यक्रम के प्रथम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। इस विशेष आयोजन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी सम्मिलित होकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने विधिवत रूद्राभिषेक, शिवलिंग पूजन एवं महाआरती में भाग लिया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

पूरे आयोजन को शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न कराने हेतु ओडिशा से आए प्रतिष्ठित पंडितों की टीम द्वारा विधिविधान से पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं पूजन संपन्न कराया जा रहा है। इस अनुष्ठान के माध्यम से क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है।विशेष आकर्षण के रूप में श्रीधाम गहिरा की सुप्रसिद्ध कथा वाचिका किशोरी राजकुमारी तिवारी ‘शास्त्री’ द्वारा तीन दिवसीय शिव महापुराण कथा का भावपूर्ण वाचन किया जा रहा है। कथा श्रवण के लिए प्रतिदिन सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लग रहा है। उन्होंने प्रथम दिवस की कथा में शिव महिमा, पार्वती विवाह एवं रुद्रावतार की अद्भुत गाथाएं सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों सहित दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सजावट एवं भक्ति ध्वनि से सुसज्जित किया गया है।

*24 जुलाई को होगा समापन*

इस तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन का 24 जुलाई को समापन होगा, जिसमें महापूजन, भंडारा एवं पूर्णाहुति के साथ महाआरती आयोजित की जाएगी।

*प्रधानमंत्री आवास योजना से बदल रही ग्रामीण परिवार की ज़िंदगी, जशपुर जिले में 74 हजार से अधिक आवास बन कर तैयार, खुद का पक्का मकान मिलने से खुश है लोग*

प्रधानमंत्री आवास योजना से बदल रही ग्रामीण परिवार की ज़िंदगी

जशपुर जिले में 74 हजार से अधिक आवास बन कर तैयार

खुद का पक्का मकान मिलने से खुश है लोग

जशपुर 17 जुलाई 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन की योजनाओं का लाभ अब समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना से दूरस्थ अंचलों के लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है और हितग्राही अपने खुद के मकान में सुकुन से जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

जिला पंचायत विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जशपुर जिले में 74 हजार 346 मकान पूर्ण हो चुके हैं।

जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम खटंगा के एक साधारण परिवार की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है, जहाँ शासन की तीन योजनाओं ने एक साथ उनकी ज़िंदगी को नई दिशा दी है।

श्री सुरेशराम की पत्नी श्रीमती सुमित्रा बाई बताती हैं, “पहले हम कच्चे घर में रहते थे। बरसात हो या गर्मी, हमेशा डर बना रहता था। पानी टपकता था, दीवारें गिरने का डर और रात-बिरात साँप, बिच्छू का डर अलग से। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर अब हमारे लिए एक नई दुनिया जैसा है। अब न डर है, न परेशानी… घर भी साफ-सुथरा है, और बच्चों को पढ़ने-लिखने का भी अच्छा माहौल मिल गया है।”

उनकी बेटी कुमारी संगीता बताती है, “जब कच्चा घर था, तब हम पढ़ाई भी ठीक से नहीं कर पाते थे। बरसात के दिन बहुत दिक्कत होती थी। अब जब पक्का घर मिला है, तो मन लगता है। हम अब बहुत खुश हैं।”

सुमित्रा बाई आगे बताती हैं, “प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर और चूल्हा मिलने से अब हम धुँआरहित खाना बना पाते हैं। पहले जंगल से लकड़ी लाना पड़ता था, आग जलाना — सब बहुत मुश्किल था। आँख में जलन, खाँसी और समय भी ज़्यादा लगता था। अब रसोई में आसानी से खाना बन जाता है।”

उन्होंने आगे बताया कि, “मुझे मुख्यमंत्री महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने ₹1000 मिलते हैं। उसी से हम तेल, नमक, साबुन जैसे ज़रूरी सामान खरीद लेते हैं। कभी बेटी को स्कूल के लिए कॉपी-किताब भी लेना हो, तो उसी से काम चल जाता है।”

परिवार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया।

*लोग अब बंदूक नहीं, विकास की राह पर साथ चलना चाहते हैं: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, ₹37.50 लाख के इनामी 22 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण*

*लोग अब बंदूक नहीं, विकास की राह पर साथ चलना चाहते हैं: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

*₹37.50 लाख के इनामी 22 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण*

रायपुर 11 जुलाई 2025/ नारायणपुर जिले में ₹37 लाख 50 हजार के इनामी कुल 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों के ऊपर ₹50 हजार रुपए से लेकर ₹8 लाख तक के इनाम घोषित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि “लोग अब बंदूक नहीं, विकास की राह पर साथ चलना चाहते हैं।” हमारी सरकार में अब तक कुल 1476 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हमारी सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की सकारात्मकता का प्रमाण है। ‘नियद नेल्लानार’ जैसी योजनाओं ने विश्वास जगाया है, लोग हिंसा छोड़कर विकास की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनरुत्थान हेतु हम पूर्णतः संकल्पित हैं। डबल इंजन की सरकार 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।

*श्री जगन्नाथ महाप्रभु जी का सुना वेष : देवशयनी एकादशी पर हुआ भव्य आयोजन, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं शामिल, ओड़िया एवं नागपुरी भजन की धुनों पर झूमीं श्रद्धालु……*

दोकड़ा, जशपुर। यहां के दोकड़ा स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर में देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु जी का पारंपरिक सुना वेष बड़े ही श्रद्धा और भव्यता के साथ सजाया गया। इस शुभ दिन पर मंदिर शिखर में द्वीप प्रज्वलन की रस्म भी विधिवत रूप से संपन्न हुई, जो कि देवशयनी एकादशी के आध्यात्मिक महत्व को और गहराता है।

इस खास अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से शामिल हुईं। वे न केवल मंदिर में दर्शन हेतु पहुँचीं, बल्कि ओडिशा भजनों की संगीतमय प्रस्तुति पर झूमती भी नजर आईं। श्रद्धालुओं और उपस्थित जनसमुदाय ने उन्हें आत्मीयता से स्वागत किया।

कार्यक्रम में झारखंड और ओडिशा के प्रसिद्ध लोक कलाकारों द्वारा संगीतमय भक्ति प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने समूचे वातावरण को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। मंगल वाद्य, कीर्तन मंडलियों और संकीर्तन समूहों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।यह आयोजन श्री जगन्नाथ मंदिर समिति, दोकड़ा द्वारा पारंपरिक रीति-नीति और श्रद्धा के साथ संपन्न कराया गया, जो हर वर्ष की तरह इस बार भी क्षेत्रीय संस्कृति, कला और अध्यात्म का संगम बना। आयोजन में स्थानीय नागरिकों सहित आसपास के ग्रामों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और प्रभु के दिव्य दर्शन का लाभ प्राप्त किया।समिति के ठाकुर पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु के चार मासीय शयन काल की शुरुआत मानी जाती है, इस कारण यह दिन विशेष पुण्यदायक माना गया है। इस अवसर पर सुना वेष के दर्शन करना अत्यंत दुर्लभ और पुण्यफलदायी माना जाता है।

*श्री जगन्नाथ महाप्रभु जी की विशाल बाहुड़ा रथ यात्रा दोकड़ा में संपन्न, श्रद्धा और भक्ति में झूमे श्रद्धालु ,मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने निभाई रथ खींचने की रस्म…*

*श्री जगन्नाथ महाप्रभु जी की विशाल बाहुड़ा रथ यात्रा दोकड़ा में संपन्न, श्रद्धा और भक्ति में झूमे श्रद्धालु ,मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने निभाई रथ खींचने की रस्म…*

जशपुरनगर। ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में शनिवार को बाहुड़ा रथ यात्रा बड़े ही धूमधाम एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुई। भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु जी की रथ यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने विशेष रूप से इस आयोजन में सहभागिता निभाई और रथ यात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ जी का दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने रथ खींचने की रस्म भी निभाई, जिससे भक्तों में उत्साह और श्रद्धा की लहर दौड़ गई।

इस अवसर पर ओडिशा के प्रसिद्ध दुलदूली बाजा एवं कीर्तन मंडली ने अपनी संगीतमयी प्रस्तुति से समां बांध दिया। ढोल-नगाड़ों और भजनों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु थिरक उठे। कीर्तन मंडली की सजीव प्रस्तुति ने जनसमूह को भगवान के चरणों में विभोर कर दिया।रथ यात्रा भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की रथ मौसी बाड़ी से चलकर वापस श्री मंदिर पहुंची। परंपरा के अनुसार, अब दो दिन तक महाप्रभु रथ में ही विराजमान रहेंगे। इस दौरान भक्तजन रथ के दर्शन करके पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।

6 जुलाई को भगवान का सुना वेष सौंदर्य श्रृंगार किया जाएगा, उसके पश्चात 7 जुलाई को आधार पना की रस्म निभाई जाएगी। इसके बाद 8 जुलाई को “निलाद्री बीजे” की पारंपरिक रस्म पूरी की जाएगी, जिसके साथ ही महाप्रभु जी विधिवत रूप से श्री मंदिर में पुनः प्रवेश करेंगे।रथ यात्रा के उपरांत रात्रि में मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कीर्तन, भजन संध्या, सांस्कृतिक नृत्य एवं प्रवचन शामिल होंगे। इन आयोजनों में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ बाहर से आए भक्ति मंडलियों की भी विशेष प्रस्तुति देखने को मिलेगी।

यह पूरा आयोजन श्री जगन्नाथ मंदिर समिति, दोकड़ा के तत्वावधान में संपन्न हुआ। समिति के सदस्यगण, स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और स्वयंसेवकों ने रथ यात्रा को शांतिपूर्ण और भव्य रूप देने में सराहनीय भूमिका निभाई।

श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब

दोकड़ा में आयोजित यह रथ यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रही, बल्कि सामाजिक एकता, संस्कृति और लोक परंपराओं का भी अद्भुत उदाहरण बन गई। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ जी की एक झलक पाने के लिए लंबी दूरी तय की और भक्ति रस में डूबे रहे।

*शिक्षा जीवन को दिशा देने वाला सर्वोत्तम मार्ग: श्रीमती कौशल्या साय, शा. उ. मा. विद्यालय कुंजारा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव*

*शिक्षा जीवन को दिशा देने वाला सर्वोत्तम मार्ग: श्रीमती कौशल्या साय*

*शा. उ. मा. विद्यालय कुंजारा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव*

जशपुरनगर, 05 जुलाई 2025/ शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुंजारा में शाला प्रवेश उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती कौशल्या साय ने सभी नवप्रवेशी बच्चों का बधाई दी और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही जीवन को दिशा देने वाला सर्वोत्तम मार्ग है। बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें सशक्त, आत्मनिर्भर एवं योग्य नागरिक बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर शिक्षा को सर्वसुलभ और गुणवत्तायुक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। नवाचार का प्रयोग कर स्कूलों को स्मार्ट बनाया जा रहा है ताकि बच्चों को कठिन विषयों को समझाने में भी आसानी हो। इस अवसर पर श्रीमती साय ने नवप्रवेशी बच्चों को पाठ्य पुस्तकें वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों को भी प्रेरित किया कि वे निष्ठा और समर्पण के साथ बच्चों को बेहतर शिक्षण वातावरण प्रदान करें। इस दौरान जनपद पंचायत सदस्य हेमा गुप्ता, पूर्व जनपद पंचायत सदस्य श्री बिष्णु गुप्ता, शाला प्रबंधक श्री रामचन्द्र गुप्ता, स्कूल के प्रचार्य श्री तिग्गा सहित समस्त शिक्षक और ग्रामवासी मौजूद थे।

*श्री जगन्नाथ महाप्रभु के मौसी बाड़ी में हुआ चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन, शनिवार को होगा बाहुड़ा रथ यात्रा में दुलदुली बाजा और कीर्तन मंडली, मेला रहेगा मुख्य आकर्षण , जुटेंगे हजारों श्रद्धालु……*

*श्री जगन्नाथ महाप्रभु के मौसी बाड़ी में हुआ चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन, शनिवार को होगा बाहुड़ा रथ यात्रा में दुलदुली बाजा और कीर्तन मंडली, मेला रहेगा मुख्य आकर्षण , जुटेंगे हजारों श्रद्धालु……*

दोकड़ा। श्री जगन्नाथ महाप्रभु की रथ यात्रा के पावन अवसर पर मौसी बाड़ी परिसर में शुक्रवार को एक भव्य चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय बच्चों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में कुल 57 प्रतिभागियों ने अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में नंदनी चक्रपाणि ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि खुशी गुप्ता ने द्वितीय और दिव्या भगत ने तृतीय स्थान प्राप्त कर सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। प्रतिभागियों ने भगवान श्री जगन्नाथ, रथ यात्रा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से साकार किया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा के सदस्यों ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिताओं का उद्देश्य बच्चों में सांस्कृतिक चेतना एवं रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना है।इस आयोजन के साथ ही शनिवार को होने वाली बाहुड़ा रथ यात्रा की तैयारियां भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस दिन भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु मौसी बाड़ी से अपने मूल स्थान श्री मंदिर लौटेंगे। यात्रा में इस बार ओडिशा के प्रसिद्ध दुलदुली बाजा और कीर्तन मंडली विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इनके साथ स्थानीय श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रहने की संभावना है, जो रथ यात्रा को और भी भव्य बनाएगी।मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर पहुंचे और भक्ति भाव के साथ भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करें। साथ ही उन्होंने सभी प्रतिभागियों और विजेताओं को बधाई देते हुए भविष्य के आयोजनों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

रात्रि भजन संध्या का आयोजन

शनिवार रात्रि को श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में भजन संध्या एवं विभिन्न झांकियां की प्रस्तुति दी जाएगी। बाहुडा रथ यात्रा के बाद श्री जगन्नाथ महाप्रभु जी दो दिन तक रथ में विराज मान रहेंगे,इस मौके पर आधार पना,सुना वेष,एवं नीलाद्री बीजे की रश्म निभाई जाएगी।

*स्व-सहायता समूहों की महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दे रही मजबूत आधार: श्रीमती कौशल्या साय, कांसाबेल में बिहान अंतर्गत मुद्रा एवं बैंक क्रेडिट मेला का हुआ आयोजन*

*स्व-सहायता समूहों की महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दे रही मजबूत आधार: श्रीमती कौशल्या साय*

*कांसाबेल में बिहान अंतर्गत मुद्रा एवं बैंक क्रेडिट मेला का हुआ आयोजन*

जशपुरनगर, 04 जुलाई 2025/ श्रीमती कौशल्या साय के मुख्य आतिथ्य में विकासखंड कांसाबेल में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत मुद्रा एवं बैंक क्रेडिट मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत बैंक द्वारा 79 समूहों को एक करोड़ 50 लाख का रुपए की बैंक लिंकेज अंतर्गत ऋण राशि की स्वीकृति प्रदाय किया गया एवं व्यक्तिगत रूप से 53 महिलाओं को 39 लाख का मुद्रा लोन की स्वीकृति दी गई। इस आयोजन में बिहान के 450 महिला उपस्थित रही।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती साय ने बिहान की महिलाओं को बचत और आर्थिक आत्मनिर्भरता के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों की महिलाएं आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुकी हैं और सरकार की योजनाएं उन्हें नई उड़ान देने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं शासकीय योजनाओं की मदद से न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकती हैं, बल्कि समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। कार्यक्रम में बैंक मैनेजरों के द्वारा समूहों को वित्तीय साक्षरता के बारे में विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम में जनपद सदस्य श्रीमती शिप्रा दास, उपसरपंच अमित जिंदल, श्री सुदाम पंडा , एलडीएम श्री वाल्टर भेंगरा, डीपीएम एफआई श्री अमीन खान ,जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप मरावी ,विकासखण्ड परियोजना प्रबंधन श्री कमलेश श्रीवास सहित सभी बैंकों के बैंक मैनेजर और अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

*महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिले 342.39 करोड़ से अधिक की राशि, लाखों महिलाओं का बदल रहा है जीवन, व्यवसाय कर बन रही आत्मनिर्भर*

*महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिले 342.39 करोड़ से अधिक की राशि*

 

*लाखों महिलाओं का बदल रहा है जीवन, व्यवसाय कर बन रही आत्मनिर्भर*

 

जशपुरनगर 03 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक जीवन में बदलाव लाने वाली एक क्रांतिकारी पहल बनकर उभरी है। यह योजना केवल आर्थिक सहयोग का माध्यम नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में एक मजबूत प्रयास है। ऐसे अनेकों उदाहरण है जिनकी जिंदगी इस योजना के माध्यम से बदली है। महतारी वंदन योजना द्वारा जिले में 2 लाख से अधिक महिलाओं को योजना की शुरूआत मार्च 2024 से जून 2025 तक 342 करोड़ 39 लाख 31 हजार 950 की राशि प्राप्त हो चुकी है।

 

*योजना महिलाओं की जिंदगी में ला रहा है साकारात्मक बदलाव*

 

यह योजना महिलाओं की आर्थिक निर्भरता की बेड़ी को तोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब महिलाएं अपने छोटे-छोटे फैसले खुद ले पा रही हैं। ऐसे ही सिलाई का काम कर अपना घर चलाने वाली हितग्राही ममता यादव की जिंदगी में महतारी वंदन योजना एक साकारात्मक बदलाव लेकर आई है। इस योजना के माध्यम से प्रति माह मिलने वाले 1000 रूपए और सिलाई के काम के पैसे जोड़कर वह घर की अच्छी तरह से देख-भाल कर रही है। उन्होंने बताया कि इससे उनको घर चलाने में अब आसानी हो रही है। कुछ पैसे वे बच्चों के भविष्य के लिए भी सुरक्षित कर रही हैं । इसी तहत जिले में श्रीमती सरिता यादव, श्रीमती अनीता सोनकर, बिरसमुनी सिंह, लक्ष्मी बाई, श्रीमती अनीशा बाई जैसी लाखों महिलाएं हैं जिन्होंने इस योजना के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है। जहां पहले महिलाएं घरेलू ज़रूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहती थीं, आज वे अपनी छोटी-छोटी जरूरतें खुद पूरी कर पा रही हैं।

 

*अन्य क्षेत्रों पर निवेश कर योजना की राशि का कर रही हैं सदुपयोग*

 

महतारी वंदन योजना से मिली राशि का महिलाएं केवल घरेलु खर्चों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसे अन्य उत्पादक क्षेत्रों में निवेश कर सुदपयोग भी कर रही हैंं। इस योजना की राशि का महिलाएं अपनी बेटियों का जीवन सुरक्षित बनाने सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश भी कर रही हैं। इसके साथ ही व्यवसाय में हाथ आजमा कर सफलता की सीढ़िया चढ़ रही हैं। इस योजना के आधार पर महिलाओं को छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के माध्यम से महिलाओं को महतारी शक्ति ऋण योजना के तहत 25 हजार तक की राशि एकमुश्त 48 महिनों तक के आसान किस्तों में न्यूनतम ब्याज दर पर दिया जा रहा हैं। जशपुर में 875 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला हैं। जिसका महिलाएं व्यवसाय या अन्य कामों में उपयोग कर रही हैं।