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*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मिली छत्तीसगढ़ को 33 हजार 700 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जताया आभार*

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मिली छत्तीसगढ़ को 33 हजार 700 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जताया आभार*

रायपुर, 30 मार्च 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू नववर्ष के शुभारंभ के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर विकास की नई रोशनी फैली है, जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को 33,700 करोड़ रुपए से अधिक की बहुआयामी परियोजनाओं की सौगात दी है। उन्होंने जनसभा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया।

*जनकल्याण और अधोसंरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा लोकार्पित एवं शिलान्यास की गई परियोजनाएं रेल, सड़क, ऊर्जा, ईंधन, आवास और शिक्षा से जुड़ी हैं, जो न केवल लोगों के जीवन में खुशहाली और सुविधा का नया सूर्याेदय लाएंगी, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ की नींव भी मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की गारंटी पर लोगों ने भरोसा किया जिससे विधानसभा और लोकसभा चुनावों में डबल इंजन की सरकार बनी और अब स्थानीय निकाय चुनावों में तीसरा इंजन भी जुड़ गया है।

*2047 के विकसित भारत की ओर छत्तीसगढ़ का मजबूत कदम*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी भावी पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखकर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ इसमें ऊर्जा, खनिज और कृषि के क्षेत्र में राष्ट्रीय आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायक बनेगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि जैसे कार्यक्रमों के जरिए अंतिम छोर तक लाभ पहुंचा है। साथ ही रेल, सड़क, एयर कनेक्टिविटी और डिजिटल नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है।

*आदिवासी विकास में विशेष योगदान*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री जन-मन, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने जनजातीय बहुल छत्तीसगढ़ को एक नई दिशा और दशा दी है। भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में अयोध्या में श्रीरामलला का भव्य मंदिर बना और प्रयागराज महाकुंभ में भारत की संस्कृति की भव्यता को दुनिया ने देखा।

*छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी शक्ति से जुटी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अंत में प्रधानमंत्री जी के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि जब-जब छत्तीसगढ़ के विकास के लिए हमने मांग की, आपने अपेक्षा से अधिक दिया। इसके लिए हम सदैव आभारी रहेंगे। उन्होंने प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

*जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय की अध्यक्षता में कांसाबेल में खंड स्तरीय गृह प्रवेश कार्यक्रम सम्पन्न, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को कराया गया गृह प्रवेश*

*जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय की अध्यक्षता में कांसाबेल में खंड स्तरीय गृह प्रवेश कार्यक्रम सम्पन्न*

*प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को कराया गया गृह प्रवेश*

जशपुरनगर, 30 मार्च 2025/ प्रधामनंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने आज बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्टा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण शिलान्यास समारोह में छत्तीसगढ़ के 3 लाख प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों को गृह प्रवेश कराया। इसी परिप्रेक्ष्य में आज कांसाबेल के मंगल भवन में जिला पंचायत अध्यक्ष सालीक साय जी की अध्यक्षता में विकास खंड स्तरीय गृह प्रवेश कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हर एक नागरिक का सपना होता है कि उसका अपना एक पक्का मकान हो, जिसमें वह अपने परिजनों सहित आराम का जीवन व्यतीत कर सके। परन्तु आर्थिक स्थित खराब होने के चलते सभी का यह सपना सकार नही हो पाता। गरीब और जरूरतमंदों के सपने को साकार करने के लिए शासन द्वारा प्रधानमन्त्री आवास योजना चलाई जा रही है जिसके माध्यम से ऐसे गरीबों को जिनके पास अपना पक्का मकान नही था, उन्हें इस योजना का लाभ देकर सरकार द्वारा गरीबों का सपना साकार किया जा रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीबों के लिए वरदान साबित हो रही है।
गृह प्रवेश कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्रीमती सरिता भगत, जनपद उपाध्यक्ष प्रमोद गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती हीरामती पैंकरा, पूर्व जिला अध्यक्ष सुनील गुप्ता जी, जिला उपाध्यक्ष युवा र्मोचा भुषण वैष्णव जी, कांसाबेल सरपंच अनिल खलखो, उपसरपंच अमित जिंदल, जनपद सदस्य, पंच, मंडल अध्यक्ष सुदाम पंडा, केशव पाण्डे एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी मिथलेश पैंकरा व जनपद कार्यालय के कर्मचारी उपस्तिथ रहे।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में तेजी से हो रहा है सड़कों का निर्माण ,करोड़ों की स्वीकृति से क्षेत्र में विकास की नई राहें खुली, दर्जनों गांव की सड़कों के निर्माण लिए मिली स्वीकृति*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले में तेजी से हो रहा है सड़कों का निर्माण ,करोड़ों की स्वीकृति से क्षेत्र में विकास की नई राहें खुली, दर्जनों गांव की सड़कों के निर्माण लिए मिली स्वीकृति*

जशपुरनगर: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दिशा-निर्देशों में जशपुर जिले में विकास कार्यों की गति तेजी से बढ़ी है। खासकर, सड़क निर्माण के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत कई सड़कों के निर्माण के लिए करोड़ों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह योजना जिले के निवासियों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है, क्योंकि इससे न केवल यातायात में सुधार होगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा।

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत स्वीकृत सड़क

1. अबीरा से पंडरीअंबा मार्ग: इस मार्ग के निर्माण के लिए ₹3 करोड़ 46 लाख की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जो इलाके के लोगों के लिए एक बड़ी सौगात है।

2. साधु राम घर से महाकुल पारा होते हुए सहसपुर पहुंच मार्ग: इस सड़क निर्माण के लिए ₹2 करोड़ 86 लाख की स्वीकृति मिली है, जो गांवों को शहरों से जोड़ने में सहायक होगी।

3. बनमुंडा से लकराघरा तक मार्ग: ₹4 करोड़ 68 लाख की स्वीकृति मिली है, जिससे इस इलाके के ग्रामीणों को बेहतर सड़क नेटवर्क मिलेगा।

4. बनमुंडा से अंबाकछार तक मार्ग: इस मार्ग के लिए ₹2 करोड़ 96 लाख का बजट निर्धारित किया गया है, जो ग्रामीणों की आवागमन समस्या को हल करेगा।

5. बोखी बगीचा झारपारा से सहसपुर तक मार्ग: ₹1 करोड़ 55 लाख की स्वीकृति मिली है।

6. प्रधानमंत्री सड़क सायपुरडीह से माध्यमिक शाला कोलहनझरिया होते हुए सहलेशा तक: इस मार्ग के निर्माण के लिए ₹1 करोड़ 98 लाख की स्वीकृति प्राप्त हुई है।

7. प्रधानमंत्री सड़क बसंत गुप्ता घर से जामटोली तक: ₹2 करोड़ 31 लाख की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जो आसपास के क्षेत्रों को जोड़ने में मदद करेगा।

8. टिकलीपारा में मुख्य मार्ग से प्राथमिक शाला फोकटपारा तक: ₹1 करोड़ 7 लाख का बजट इस सड़क के निर्माण के लिए स्वीकृत किया गया है।

9. टिकलीपारा मुख्य मार्ग से तुमला के मुडाडिपा फोटको टोला होते हुए तोलेंगे जोर मुख्य सड़क तक: ₹2 करोड़ 78 लाख की स्वीकृति मिली है, जिससे ग्रामीणों को बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी।
10. तोलेंगे जोर से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेलवा तक: ₹1 करोड़ 48 लाख की स्वीकृति प्राप्त हुई है, जो स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को आसान बनाएगी।

11. चिकपारा से गोंडपारा तक: ₹22 लाख की स्वीकृति मिली है।

12. बनेदा चौक से किंकेला तक: ₹1 करोड़ 72 लाख का बजट इस सड़क के निर्माण के लिए स्वीकृत हुआ है।

13. कंदोलटोली से बुटकछार बस्ती तक: इस मार्ग के निर्माण के लिए ₹3 करोड़ 29 लाख की स्वीकृति प्राप्त हुई है।

14. दारा खरिका बस्ती से खरवागोडा मनसाय घर से ललिंदर घर तक: ₹1 करोड़ 17 लाख की स्वीकृति मिली है।

इन सड़कों के निर्माण से जिले के विभिन्न क्षेत्रों में यातायात सुगम होगा और ग्रामीणों को अपने व्यवसाय, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में आसानी होगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह विकास कार्य जिले के लोगों के लिए बड़ा तोहफा साबित हो रहा है, क्योंकि सड़कों का विकास न केवल आवागमन को आसान बनाता है, बल्कि जीवन स्तर में भी सुधार लाता है।अब जिले के विभिन्न हिस्सों में लोग सड़कों के निर्माण के लिए मुख्यमंत्री और राज्य सरकार का आभार व्यक्त कर रहे हैं। इन परियोजनाओं से न केवल जशपुर जिले के विकास में तेजी आएगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

*मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में हो रहा है त्वरित निदान, बुधमनी बाई को मिला तत्काल श्रवण यंत्र,जताया मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार……*

*सीएम कैंप कार्यालय बगिया: लोगों की उम्मीदों का केंद्र, एक नई दिशा की ओर*

*मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में हो रहा है त्वरित निदान, बुधमनी बाई को मिला तत्काल श्रवण यंत्र,जताया मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार……*

जशपुरनगर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा शुरू किए गए सीएम कैंप कार्यालय बगिया ने वाकई में लोगों की उम्मीदों को एक नई दिशा दी है। यहां पर जरूरतमंद लोगों को न केवल तत्काल मदद मिल रही है, बल्कि इस केंद्र से अब तक दो हजार से अधिक गंभीर मरीजों का इलाज भी किया जा चुका है। यह केंद्र समाज के हर वर्ग के लिए एक आशा का प्रतीक बन चुका है, खासकर उन लोगों के लिए जो चिकित्सा सुविधाओं से वंचित थे।

*बुधमनी बाई को मिला श्रवण यंत्र, अब आसानी से सुन सकेंगी लोगों की बात*

हाल ही में, सीएम कैंप कार्यालय बगिया में एक विशेष पहल के तहत बुधमनी बाई को श्रवण यंत्र प्रदान किया गया, जिससे वह अब आसानी से लोगों की बातें सुन सकेंगी। बुधमनी बाई, जिनकी सुनने की क्षमता कम हो गई थी, ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया और कहा कि अब वह अपनी दैनिक ज़िन्दगी में और बेहतर तरीके से भाग ले पाएंगी।
यह कदम उन लोगों के लिए एक बड़ी राहत है, जो सुनने की समस्या से जूझ रहे हैं, और अब उन्हें सीएम कैंप कार्यालय से इस प्रकार की सहायता मिल रही है। इससे यह साफ है कि सरकार समाज के हर वर्ग, खासकर वंचित और जरूरतमंद लोगों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध है।

*सीएम कैंप कार्यालय बगिया: एक आशा केंद्र तरह निभा रही है भूमिका*

सीएम कैंप कार्यालय बगिया ने न केवल मेडिकल मदद, बल्कि अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए भी एक आशा केंद्र के रूप में कार्य किया है। यहाँ पर जरूरतमंदों को बिना किसी लंबी प्रक्रिया के तत्काल लाभ मिल रहा है, चाहे वह इलाज हो, चिकित्सा उपकरणों का वितरण हो या अन्य सहायता। इस कार्यालय ने लोगों के दिलों में अपनी जगह बना ली है, क्योंकि यहां हर वर्ग के लिए मदद उपलब्ध है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो गरीब और पिछड़े इलाकों से आते हैं।

*सीएम कैंप कार्यालय से अब तक 2000 से अधिक गंभीर मरीजों का इलाज*

अब तक, सीएम कैंप कार्यालय बगिया द्वारा 2000 से अधिक गंभीर मरीजों का इलाज कराया जा चुका है। कई बार लोगों के पास इलाज के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं होते थे, लेकिन इस पहल ने उनके लिए उम्मीद की एक किरण दिखाई है। लोग अपनी समस्याओं को सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचाने में सक्षम हैं, जिससे उनकी मेडिकल मदद समय रहते मिलती है।
यह कार्यालय बगिया के नजदीकी क्षेत्रों के लोगों के लिए एक अमूल्य संसाधन बन चुका है। यहां न केवल गंभीर रोगियों का इलाज कराया जा रहा है, बल्कि उनकी अन्य ज़रूरतों के लिए भी सहायता प्रदान की जा रही है।सीएम कैंप कार्यालय बगिया ने सरकार और जनता के बीच एक मजबूत संबंध स्थापित किया है। यह कार्यालय सिर्फ एक सरकारी संस्थान नहीं, बल्कि यह लोगों के विश्वास का प्रतीक बन चुका है। यहां से मिली मदद और समर्थन ने समाज के जरूरतमंद वर्ग को एक नई उम्मीद दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस पहल ने निश्चित ही प्रदेश की सामाजिक और स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने की दिशा में एक कदम और बढ़ाया है।

*सीएम कैंप कार्यालय की पहल से चेटबा के रेंगारटोली में बदला गया खराब ट्रांसफार्मर, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का ग्रामीणों ने जताया आभार……*

*सीएम कैंप कार्यालय की पहल से चेटबा के रेंगारटोली में बदला गया खराब ट्रांसफार्मर, ग्रामीणों को मिली बड़ी राहत, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का ग्रामीणों ने जताया आभार……*

जशपुरनगर। जिले के कांसाबेल तहसील क्षेत्र के ग्राम पंचायत चेटबा के रेंगारटोली में सीएम कैंप कार्यालय बगिया की त्वरित पहल से बिजली संकट का समाधान अब हो गया है। क्षेत्र में पिछले कुछ समय से खराब ट्रांसफार्मर के कारण ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। इससे न केवल बिजली की आपूर्ति प्रभावित हो रही थी, बल्कि गर्मी के मौसम में आम लोगों को विशेष रूप से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। समस्या की गंभीरता को देखते हुए, ग्राम पंचायत चेटबा की सरपंच सारिका पैंकरा ने सीएम कैंप कार्यालय बगिया में आवेदन देकर इस समस्या के समाधान की गुहार लगाई थी। उनका प्रयास रंग लाया, और सीएम कैंप कार्यालय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए खराब ट्रांसफार्मर को बदलने का आदेश दिया।

*ग्रामीणों की समस्या पर सीएम कैंप कार्यालय की त्वरित कार्रवाई*

 

रेंगारटोली में ट्रांसफार्मर खराब होने से क्षेत्र में लंबे समय तक बिजली की आपूर्ति प्रभावित हो रही थी, जिससे लोगों की दैनिक जीवन की गतिविधियों में रुकावट आ रही थी। गर्मी के मौसम में बिजली कटौती की वजह से पानी की सप्लाई और अन्य आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो रही थीं, जिससे ग्रामीणों को खासा कठिन समय झेलना पड़ रहा था।सीएम कैंप कार्यालय के इस त्वरित पहल से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति को बहाल किया और लोगों को गर्मी के मौसम में राहत प्रदान की। नया ट्रांसफार्मर लगने के बाद, बिजली की सप्लाई स्थिर हो गई, जिससे न केवल गर्मी में राहत मिली, बल्कि ग्रामीणों को अपने दैनिक कामकाज में भी सुधार महसूस हुआ।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का ग्रामीणों ने जताया आभार*

खराब ट्रांसफार्मर को बदलने के बाद, ग्राम पंचायत के सरपंच सारिका पैंकरा एवं ग्रामीणों ने सीएम साय का आभार व्यक्त किया है। सरपंच ने कहा, “सीएम कैंप कार्यालय की मदद से हमारी समस्या का समाधान हुआ है। अब क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति सुसंगत है और इससे ग्रामीणों को राहत मिली है। हम सीएम साय के आभारी हैं जिन्होंने हमारी शिकायत को त्वरित गति से हल किया।ग्रामवासियों ने भी अपनी खुशी जाहिर करते हुए सीएम साय का आभार व्यक्त किया। स्थानीय निवासी ने बताया, “अब हमें दिन-रात की बिजली की समस्या से छुटकारा मिला है। गर्मी में बिजली ना होने से बहुत कठिनाइयाँ हो रही थीं, लेकिन अब सब कुछ ठीक हो गया है।”

*मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में श्रवणदोष से पीड़ित बलसाय और बलिस को मिला श्रवण यंत्र, प्रसन्नता जाहिर कर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दिया धन्यवाद*

*समाचार*

*मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में श्रवणदोष से पीड़ित बलसाय और बलिस को मिला श्रवण यंत्र*

*प्रसन्नता जाहिर कर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दिया धन्यवाद*

*जशपुरनगर 24 मार्च 2025/* मनुष्य की पांच इंद्रियां आंख, कान, नाक जीभ और त्वचा हमारे जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है यें इंद्रिया हमें देखने, सुनने, सूंघने, स्वाद लेने और छूने की क्षमता प्रदान करती है। इनमें से कोई एक काम करना बंद कर दें तो जीवन बेरंग सा हो जाता है। आज के समय आधुनिक चिकित्सा में ऐसे उपकरण और ईलाज की पद्धति आ गई है जिससे काफी हद तक इसका उपचार संभव हो सका है, लेकिन कई लोग आर्थिक तंगी की वजह से ईलाज नहीं करा पाते हैं। गरीबों को मदद करने की संवेदनशील सोच और समय पर उनका काम बन सके इसके लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बगिया में कैंप कार्यालय की नींव रखी, जहां कई जरूरतमंदों को सही समय में मदद मिल रही है।
इसी संवेदनशील पहल की वजह से आज बंदरचुंआ के ग्राम मुस्कुटी के बलसाय और बलिस साय के चेहरे पर एक बार फिर से मुस्कुराहट तैरने लगी है। श्रवणदोष से पीड़ित दोनों को आज कैंप कार्यालय में श्रवण यंत्र प्रदान किया गया है। खेती-किसानी कर अपना जीवन-यापन करने वाले बलसाय और बलिस साय श्रवणदोष से पीड़ित थे। दोनों ने उम्मीद के साथ कैंप कार्यालय में आवेदन देकर अपनी समस्या बताई और श्रवण यंत्र प्रदान करने की मांग की। कैंप कार्यालय ने इस पर त्वरित पहल करते हुए उन्हें श्रवण यंत्र प्रदान किया। दोनों ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया और कहा कि मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में उनकी समस्या का त्वरित निदान किया गया। आज उनके जीवन में खुशिया फिर से लौट आई है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का ग्रीष्मकाल में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर, फील्ड विजिट कर समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी- मुख्यमंत्री श्री साय*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का ग्रीष्मकाल में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर*

*फील्ड विजिट कर समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करें अधिकारी- मुख्यमंत्री श्री साय*

*15 दिवसीय विशेष अभियान : हैंडपंप और सार्वजनिक नलों की मरम्मत*

रायपुर, 24 मार्च 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि ग्रीष्मकाल में प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक निर्बाध और सुरक्षित पेयजल पहुंचाना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभागों के बीच समन्वय और जनसहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि जल संकट से निपटने के लिए जल संरक्षण की दिशा में ठोस और निर्णायक कदम उठाए जाने की आवश्यकता है, जिससे आने वाले समय में प्रदेश जल संकट की किसी भी स्थिति से सुरक्षित रह सके। मुख्यमंत्री श्री साय मंत्रालय में आयोजित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी एवं जल संसाधन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रीष्म ऋतु के दौरान प्रदेशभर में पेयजल की समुचित और सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी उपायों को प्राथमिकता पर क्रियान्वित किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रीष्मकालीन परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेशभर में पेयजल की उपलब्धता को राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता घोषित किया है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जल संकट की किसी भी संभावना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित और समन्वित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने इस दिशा में ग्रामीण विकास, नगरीय प्रशासन, ऊर्जा, वन एवं कृषि विभाग को परस्पर तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में उत्पन्न हो रही पेयजल समस्याओं के समाधान हेतु अल्पकालिक और दीर्घकालिक रणनीतियाँ समान रूप से आवश्यक हैं। इसके लिए उन्होंने जल संरक्षण के प्रभावी उपायों जैसे रिचार्ज पिट, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और सौर ऊर्जा आधारित पंपों को तेजी से बढ़ावा देने पर बल दिया। साथ ही, उन्होंने भूजल के अनियंत्रित दोहन पर सख्त निगरानी रखने और कम जल-खपत वाली फसलों की खेती को प्रोत्साहन देने के निर्देश दिए, जिससे जल संसाधनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित हो सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहते हुए, फील्ड में जाकर स्वयं स्थिति का आकलन करें और स्थल पर ही पेयजल संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि आगामी 15 दिनों के भीतर प्रदेशभर में विशेष अभियान चलाकर सभी हैंडपंपों और सार्वजनिक नलों की मरम्मत सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि अनेक स्थानों पर हैंडपंपों में केवल मामूली तकनीकी समस्याएँ होती हैं, जिन्हें यदि समय रहते स्थानीय मैकेनिक द्वारा दुरुस्त किया जाए, तो नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से बचाया जा सकता है।

बैठक के दौरान यह जानकारी दी गई कि राज्य सरकार ने इस कार्य के त्वरित निष्पादन हेतु पूरे प्रदेश में मोबाइल वैन यूनिट्स की विशेष व्यवस्था की है, जो आगामी चार महीनों तक फील्ड में सक्रिय रहकर रखरखाव और मरम्मत का कार्य प्राथमिकता से संपादित करेंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश के पर्वतीय और मैदानी दोनों क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की सतत उपलब्धता सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इसके लिए स्थानीय भू-प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण उपायों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि दीर्घकालिक समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने वन्य प्राणियों के लिए गर्मी के मौसम में जल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देशित किया कि प्रदेशभर में अमृत सरोवरों को जल प्रबंधन के मॉडल के रूप में विकसित किया जाए, ताकि वे जल संग्रहण, वर्षा जल संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी के सफल उदाहरण बन सकें। उन्होंने तालाबों और जलाशयों के आसपास हो रहे अतिक्रमण को प्राथमिकता से हटाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि जलस्रोतों की रक्षा करना केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजनाओं के संचालन और रखरखाव की प्रक्रिया को तीव्र गति से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं के प्रभावी कार्यान्वयन से जल स्रोतों के अपव्यय को नियंत्रित किया जा सकता है और ऊर्जा की बचत भी सुनिश्चित होती है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि सोलर पेयजल योजनाओं में ‘सेंसर आधारित स्वचालित प्रणाली’ लागू की जाए, जिससे जल वितरण की निगरानी और नियंत्रण तकनीकी रूप से संभव हो सके और स्मार्ट जल प्रबंधन प्रणाली की दिशा में राज्य एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ाए।

मुख्यमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं की भूमिका को जल संरक्षण के क्षेत्र में अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर जनजागरूकता और सहभागिता ही जल संकट का दीर्घकालिक समाधान है। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम सभाओं में जल संरक्षण, भूजल प्रबंधन और निस्तारी जल योजनाओं पर व्यापक चर्चा सुनिश्चित की जाए, ताकि समुदाय स्तर पर ठोस पहल हो सके। मुख्यमंत्री ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को इन गतिविधियों के सुनियोजित क्रियान्वयन और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए विशेष रूप से निर्देशित किया।

इस उच्चस्तरीय बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो और कृषि, वन, जलवायु परिवर्तन एवं ऊर्जा विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।

*तामसिक भोजन से दूर रहने और अपने मन के अहंकार को दूर करने का दिया संदेश –पंडित श्री प्रदीप मिश्रा, मयाली में शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन हर हर महादेव से गुंजा शिव धाम*

*तामसिक भोजन से दूर रहने और अपने मन के अहंकार को दूर करने का दिया संदेश –पंडित श्री प्रदीप मिश्रा

मयाली में शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन हर हर महादेव से गुंजा शिव धाम

भोले बाबा को बस एक लोटा जल सारी समस्या का हल

जशपुरनगर, 22 मार्च 2025/ कुनकुरी मयाली में सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग मधेश्वर पहाड़ के पास प्रसिद्ध कथा वाचक पंडित श्री प्रदीप मिश्रा शिव भक्तों को संगीतमय वातावरण में भोले बाबा… ने बहुत दे दिया है … तेरा शुक्रिया है।
शिव भक्ति में झूमते नजर आए श्रद्धालु । आज शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने अपने प्रवचन में कहा कि मनुष्य को मांस मंदिरा तामसिक भोजन से दूर रहने का आग्रह किया शिव की आराधना शिव की भक्ति में मन लगाने का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि भोजन करते समय अपना पानी स्वयं रखें उसके बाद ही भोजन करें इससे तीन प्रकार की बीमारी ठीक हो जाती है। पहला घुटने का दर्द, दूसरा रीड की हड्डी का दर्द और तीसरा सर का दर्द दूर हो जाता है। शरीर को पर्याप्त मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है।
उन्होंने कैलाश पर्वत पर नन्दी भोले बाबा के प्रिय क्यों है उनकी महत्ता बताई भक्तों को पंडित मिश्रा जी ने बताया कि कोई काम बहुत समय से सफल नहीं हो पा रहा है तो एक काम करो शिव की भक्ति करो। भक्तों को अहंकार से दूर रहने और अपने भीतर के बुरे विकारों को भी दूर करने के लिए कहा।

कुनकुरी विकासखंड में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के तौर पर मान्यता प्राप्त मधेश्वर महादेव के समीप हो रहे शिव महापुराण कथा को सुनने छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों से बड़ी संख्या में भक्तगण यहां पहुंचे हैं। 27 मार्च तक चलने वाली इस कथा में श्रद्धालुगण दिव्य अनुभव प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सहित उनके परिवार के अन्य सदस्य भी आज शिव महापुराण कथा का रसपान किया।
जशपुर जिला प्रशासन ने भी श्रदालुओं की सुविधा के लिए पूरे इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल में मंच, बैठक व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पंडाल खोया पाया केंद्र और अस्थाई अस्पताल की भी सुविधा उपलब्ध कराया गया है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं की टावर की समस्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने कथा स्थल पर जीवों का टावर भी लगवाया है।

*जो कोई कैलाश मानसरोवर का यात्रा नहीं कर पाता वो मधेश्वर महादेव का दर्शन कर ले, जीवन धन्य हो जाएगा: पंडित श्री प्रदीप मिश्रा*

 

*जो कोई कैलाश मानसरोवर का यात्रा नहीं कर पाता वो मधेश्वर महादेव का दर्शन कर ले, जीवन धन्य हो जाएगा: पंडित श्री प्रदीप मिश्रा*

*मयाली में शिव महापुराण कथा का के पहले दिन शिवभक्ति में डूबे श्रद्धालु*

जशपुरनगर, 21 मार्च 2025/ हर हर महादेव से गूंजता पूरा स्थल, शिव भक्ति से डूबे श्रद्धालुगण, यहां का भक्तिमय वातावरण सचमुच चकित करने वाला था। शिव महापुराण कथा का वाचन कर रहे पंडित श्री प्रदीप मिश्रा के श्रीमुख से हो रहे भगवान शिव की दिव्य कथा ने भक्ति का ऐसा रस घोला की शिवभक्त झूमते नजर आए। आज शिव महापुराण कथा के पहले दिन पंडित श्री प्रदीप मिश्रा ने अपने प्रवचन में कहा कि जो कोई कैलाश मानसरोवर का यात्रा नहीं कर पाता वो मधेश्वर महादेव का दर्शन कर ले, जीवन धन्य हो जाएगा। भारत भूमि पर और सनातन धर्म में जन्म लेना सौभाग्य की बात है। महाराज ने देवराज ब्राह्मण के जीवन से जुड़े कथा को सुनाकर सार्थक कर्म कर जीवन जीने का संदेश भी दिया
कुनकुरी विकासखंड में विश्व के सबसे बड़े प्राकृतिक शिवलिंग के तौर पर मान्यता प्राप्त मधेश्वर महादेव के समीप हो रहे शिव महापुराण कथा को सुनने छत्तीसगढ़ सहित अन्य प्रदेशों से बड़ी संख्या में भक्तगण यहां पहुंचे हैं। 27 मार्च तक चलने वाली इस कथा में श्रद्धालुगण दिव्य अनुभव प्राप्त करेंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय सहित उनके परिवार के अन्य सदस्य भी आज शिव महापुराण कथा का रसपान किया।
जशपुर जिला प्रशासन ने भी श्रदालुओं की सुविधा के लिए पूरे इंतजाम किए हैं। कार्यक्रम स्थल में मंच, बैठक व्यवस्था, बैरिकेडिंग, पंडाल, भोजन, पेयजल, पार्किंग, अस्थाई शौचालय, साफ-सफाई, सुरक्षा, रूट चार्ट, मेडिकल सहित अन्य व्यवस्था किया गया है। इसके साथ ही जिले के कोने कोने से 40 बसों को श्रदालुओं को लाने ले जाने के लिए स्पेशल परमिट जारी किया गया है।

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किया मुलाकात, बस्तर के विकास का रोडमैप सहित प्रदेश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई चर्चा……*

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किया मुलाकात, बस्तर के विकास का रोडमैप सहित प्रदेश के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई चर्चा……*

 

रायपुर 18 मार्च 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मुलाक़ात कर राज्य के विकास संबंधी विस्तृत चर्चा की। इस दौरान उन्होंने बस्तर विकास के मास्टर प्लान का खाका प्रधानमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। इस बैठक में मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर विकास का मास्टर प्लान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्तुत किया, जिसमें नक्सल प्रभावित क्षेत्रों को बुनियादी सुविधाओं, उद्योगों और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की रूपरेखा शामिल थी। प्रधानमंत्री ने इस योजना पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को बताया कि छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। सुरक्षा बलों की संगठित रणनीति एवं जनभागीदारी के चलते नक्सल प्रभावित इलाकों में तेजी से बदलाव आ रहा है। उन्होंने बताया कि पुलिस और केंद्रीय बलों के संयुक्त प्रयासों से कई नक्सल गढ़ों में विकास की किरण पहुंची है, जिससे जनता का विश्वास सरकार की योजनाओं में और मजबूत हुआ है। सरकार का अब पूरा ध्यान बस्तर को नए औद्योगिक और आर्थिक केंद्र के रूप में विकसित करने पर है, जिससे युवाओं को रोजगार और आदिवासी समुदायों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य की नई औद्योगिक नीति और निवेशकों की बढ़ती रुचि पर भी विस्तृत चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने बताया कि निवेश को आसान बनाने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो क्लीयरेंस, टैक्स छूट और अनुकूल नीतियों को लागू किया है, जिससे बड़ी कंपनियां छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आकर्षित हो रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मुलाकात में महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए कहा कि स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत महिला स्वयं सहायता समूहों को मजबूत किया जा रहा है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें।

मुख्यमंत्री ने बैठक में बस्तर की ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्रधानमंत्री को दी। उन्होंने बताया कि बस्तर के महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से हजारों महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। लघु वनोपज, जैविक कृषि, हथकरघा, बांस उद्योग और हस्तशिल्प को प्रोत्साहित कर महिलाओं को न केवल आजीविका के साधन मिल रहे हैं, बल्कि वे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बना रही हैं। इसके अलावा, स्टार्टअप्स और छोटे उद्योगों के माध्यम से बस्तर की महिलाओं को उत्पादन और विपणन से जोड़ने की पहल की जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर राज्य की आर्थिक प्रगति में योगदान दे सकें।

*प्रधानमंत्री का छत्तीसगढ़ दौरा, बड़े विकास कार्यों का होगा शुभारंभ*

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 30 मार्च को प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा साझा की। इस यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री राज्य में विभिन्न महत्वपूर्ण विकास परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री ने इस दौरे को लेकर की जा रही तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की और प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति से अवगत कराया।