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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कुनकुरी छठ घाट के सौन्दर्यकरण हेतु 5 करोड़ 17 लाख दी स्वीकृति, कलेक्टर व्यास ने किया निरीक्षण, छठ घाट की साफ-सफाई, पचरी निर्माण, पाथ-वे, सौलर लाइट और बच्चों के लिए बनाया जाएगा बाल उद्यान…..*

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कुनकुरी छठ घाट के सौन्दर्यकरण हेतु 5 करोड़ 17 लाख दी स्वीकृति, कलेक्टर व्यास ने किया निरीक्षण, छठ घाट की साफ-सफाई, पचरी निर्माण, पाथ-वे, सौलर लाइट और बच्चों के लिए बनाया जाएगा बाल उद्यान…..*

*जशपुरनगर 30 अक्टूबर 2025/* कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने गुरुवार को‌ नगरी निकाय कुनकुरी के छठ घाट का निरीक्षण किया और स्थानीय जनप्रतिनिधीयों के साथ समीक्षा बैठक लेकर कुनकुरी के छठ घाट के सौन्दर्य करण के लिए सुझाव भी लिए।
कलेक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कुनकुरी छठ घाट के सौन्दर्यकरण करने के लिए 5 करोड़ 17 लाख की स्वीकृति दी गई है। इस राशि का उपयोग कुनकुरी के विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। उन्होंने कुनकुरी छठ घाट के आस-पास सीमांकन करने और मुआवजा राशि का भी समाधान करने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री विनयशील गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेन्द्र कुमार यादव, एसडीएम श्री नन्द जी पांडे, नगर निकाय के अधिकारी और आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
इस दौरान छठ घाट के सौन्दर्यकरण के लिए जनप्रतिनीधियों के साथ आम नागरिकों ने अच्छा सुझाव भी दिए हैं। कलेक्टर ने कुनकुरी तालाब उघान आदि अन्य जगहों के देख-रेख साफ सफाई के लिए समिति बनाने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि जन आस्था का सम्मान और लोक संस्कृति का संवर्धन के शहर में छठ तालाब विकास की स्वीकृति मिली है। जिसके तहत् कुनकुरी छठ घाट की सफाई की जाएगी। रिटर्निंग वाल, गाद की साफ सफाई, दो स्वागत गेट, पचरी निर्माण, 10 नग वोट , फाउंटेन,10 नग पैर वाले वोट, सौलर लाइट, 50 नग लाइट, पाथ-वे, सेल्फी पाइंट, बच्चों के खेलने के लिए छोटे उद्यान और ओपन जिम की व्यवस्था, बैठने की चेयर, शौचालय, चेंजिंग रूम, आदि अन्य कार्य किया जाएगा।

*आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान फरसाबहार में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का स्वदेशी उपयोग को बढ़ावा देने का किया आग्रह, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी उपयोग की जनजागरण भावना से देश की अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती: मुख्यमंत्री श्री साय*

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*आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान फरसाबहार में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का स्वदेशी उपयोग को बढ़ावा देने का किया आग्रह*

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी उपयोग की जनजागरण भावना से देश की अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती: मुख्यमंत्री श्री साय*

जशपुरनगर, 28 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को फरसाबहार में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित कुनकुरी विधानसभा सम्मेलन में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के प्रति जनमानस को प्रेरित किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकल फिर वोकल केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत में निर्मित उत्पादों के उपयोग का दृढ़ संकल्प है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, और देश की पूंजी देश में ही रहती है। व्यापारियों से उन्होंने आग्रह किया कि अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं का विक्रय करें। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी दिन-रात कार्य करते हुए भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज का भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए सक्षम है। पाकिस्तान के दुस्साहस का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में दिया गया। अमेरिका द्वारा उच्च टैरिफ लगाए जाने पर भी आत्मनिर्भरता के पथ पर चलकर भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को दृढ़ बनाए रखा। मुख्यमंत्री ने बताया कि जीएसटी 2.0 लागू होने से वस्तुओं के मूल्य में गिरावट आई है, जिसका लाभ आम नागरिकों को मिल रहा है। वाहनों और घरेलू सामानों के दाम कम होने से किसानों और उपभोक्ताओं के बजट को राहत मिली है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 22 माह में प्रधानमंत्री की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए की सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में प्रति मानक बोरा दर 5500 रुपए कर दी गई है। खाद्य एवं कृषि विकास की दिशा में 2800 करोड़ रुपए की सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने हेतु मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी। गिनाबहार में 50 बिस्तर वाले मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण कार्य जारी है। रायपुर के सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के सहयोग से जिले में मदर-चाइल्ड अस्पताल स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जशपुर जिले में लगभग 2000 करोड़ रुपए के विकासकार्यों की स्वीकृति दी गई है। सुशासन के लिए ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है और सुशासन और अभिसरण विभाग के गठन से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आई है। पीएससी की जांच सीबीआई के माध्यम से करवाई जा रही है तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। नई उद्योग नीति के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ में 7 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में नक्सलवाद समाप्ति की कगार पर है और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। इस अवसर पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि स्वदेशी एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वदेशी हथियारों के बल पर पाकिस्तान को जवाब दिया गया। उन्होंने लोगों से स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की। विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वदेशी संदेश को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी वास्तविक रूप दे रहे हैं। दीपावली के दौरान स्वदेशी वस्तुओं की रिकॉर्ड बिक्री इसका प्रमाण है। उन्होंने जन-जन तक जागरूकता पहुंचाने का आह्वान किया।

*मुख्यमंत्री ने की मंच से घोषणा*
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर तामामुड़ा सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20 लाख की घोषणा की। इसके साथ ही बरहाटुकू से घोनघोषा‌ पहुंच मार्ग पर पुल निर्माण, पंडरीपानी परहाटोली में सामुदायिक भवन निर्माण, गारीघाट में मिनी स्टेडियम निर्माण, मुंडाडीह में 25 लाख की लागत के सामुदायिक भवन निर्माण, सुन्दरू में शिव मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कोतेबीरा में कपाटद्वार तक लक्ष्मण झुला बना कर उसका विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पंडरीपानी, बनगांव, फरसाबहार और लकराघरा के करमा नर्तक दलों को 25–25 हजार देने की घोषणा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या विष्णुदेव साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेंद्र यादव, भाजपा महामंत्री मुकेश शर्मा, मनीष अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य वेदप्रकाश भगत, श्रीमती दुलारी सिंह, श्रीमतीअनिता सिंह, कुनकुरी जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, फरसाबहार जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमंती भरत साय, दुलदुला जनपद पंचायत अध्यक्ष राजकुमार सिंह, पंडरीपानी भाजपा मंडल अध्यक्ष मुक्तेश्वर साय, तपकरा भाजपा मंडल अध्यक्ष दिलीप साहू, कपिलेश्वर सिंह, तेजस्वरी सिंह, राजकुमार गुप्ता, सरोजनी सिंह, उमेश यादव सहित बड़ी संख्या में भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने फरसाबहार के विकास के लिए 40.89 करोड़ के 13 कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन, 4.16 करोड़ लागत के 4 कार्यों का लोकार्पण और 36.72 करोड़ लागत के 9 विकासकार्यों का हुआ भूमिपूजन*

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने फरसाबहार के विकास के लिए 40.89 करोड़ के 13 कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन*

*4.16 करोड़ लागत के 4 कार्यों का लोकार्पण और 36.72 करोड़ लागत के 9 विकासकार्यों का हुआ भूमिपूजन*

जशपुरनगर, 28 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज फरसाबहार क्षेत्र के व्यापक विकास को नए आयाम देते हुए जनपद पंचायत मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में 40 करोड़ 89 लाख 26 हजार रुपए की लागत के 13 विकासकार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 4 करोड़ 16 लाख 41 हजार रुपए लागत के 4 विकासकार्यों का लोकार्पण और 36 करोड़ 72 लाख 85 हजार रुपए लागत के 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं। इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय भी मौजूद रही।

मुख्यमंत्री ने जिन विकासकार्यों का लोकार्पण किया उनमें 01 करोड़ 81 लाख 32 हजार रुपए लागत के मस्कामारा से होते हुए लवाकेरा मेन रोड तक मार्ग लं. 1.70 कि.मी., 01 करोड़ 29 लाख 56 हजार रुपए लागत के जिला जशपुर के अम्बाकछार पहुंच मार्ग लं. 1.00 कि.मी., 10 लाख रुपए लागत के आर सी.सी. पुलिया निर्माण, सिंहटोला दीपक घर से मेन रोड़ पहुंच मार्ग पर, ग्राम लावाकेरा और 95 लाख 53 हजार रूपए लागत के जशपुर के मुण्डाडीह पहुच मार्ग लं. 0.90 कि.मी. का निर्माण कार्य शामिल है।

इसी तरह उन्होंने 36 करोड़ 72 लाख 85 हजार रुपए लागत के जिन 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन किया उनमें 31 लाख 38 हजार रूपए लागत के फिकल स्लज ट्रिटमेंट प्लांट, 23 करोड़ 96 लाख 94 हजार रूपए लागत के पमशाला में सरईटोला पहुंच मार्ग लं. 11.50 कि.मी. का निर्माण कार्य, 01 करोड़ 72 लाख 55 हजार रुपए लागत के फरसाबहार में विश्रामगृह भवन का निर्माण कार्य, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास कोल्हेनझरिया का भवन निर्माण, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास फरसाबहार का भवन निर्माण, 01 करोड़ 52 लाख 97 हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास लवाकेरा का भवन निर्माण, 01 करोड़ 52 लाख 97 हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास पण्डरीपानी का भवन निर्माण, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास पंडरीपानी का भवन निर्माण कार्य और 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास तपकरा का भवन निर्माण कार्य शामिल है।

इस अवसर पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया, विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव,पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, श्री विजय आदित्य सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का प्रवास प्रदेश के लिए गौरव का अवसर, प्रत्येक व्यवस्था हो गरिमामय और त्रुटिरहित – मुख्यमंत्री श्री साय, मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रवास की तैयारियों का लिया व्यापक जायज़ा: सभी तैयारियाँ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने अधिकारियों को दिए निर्देश*

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*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का प्रवास प्रदेश के लिए गौरव का अवसर, प्रत्येक व्यवस्था हो गरिमामय और त्रुटिरहित – मुख्यमंत्री श्री साय*

*मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रवास की तैयारियों का लिया व्यापक जायज़ा: सभी तैयारियाँ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने अधिकारियों को दिए निर्देश*

रायपुर 24 अक्टूबर 2025/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आगामी छत्तीसगढ़ प्रवास के मद्देनज़र मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में विभिन्न कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का छत्तीसगढ़ आगमन राज्य के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस दौरान प्रत्येक व्यवस्था उत्कृष्टता का प्रतीक बने और प्रदेश की संस्कृति, आत्मगौरव एवं प्रगति की झलक हर स्थल पर दृष्टिगोचर हो।

*मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न स्थलों का किया निरीक्षण*

मुख्यमंत्री श्री साय ने सबसे पहले नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा, सभागार व्यवस्था, मंच और आमंत्रित अतिथियों के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ध्यान केंद्र पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने ध्यान केंद्र के सभागार, मेडिटेशन रूम एवं बाहरी परिसर का निरीक्षण करते हुए सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

*ट्राइबल म्यूज़ियम बनेगा जनजातीय अस्मिता का अमर प्रतीक*

मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय जनजातीय समाज की वीरता, बलिदान और अस्मिता का अमर प्रतीक बनेगा।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि संग्रहालय के प्रत्येक अनुभाग को इस प्रकार तैयार किया जाए कि वह आगंतुकों को छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली अध्याय से गहराई से परिचित करा सके। उन्होंने प्रदर्शनी दीर्घाओं, मल्टीमीडिया गैलरी, स्मृति कक्ष और बाहरी परिसर की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।

*राज्योत्सव स्थल बनेगा छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का दर्पण*

मुख्यमंत्री श्री साय ने नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल का भी दौरा किया और तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य मंच, पार्किंग क्षेत्र, विभागीय डोम, प्रदर्शनी दीर्घा, वीआईपी दीर्घा और आमजन के लिए बनाए गए मार्गों का निरीक्षण किया।उन्होंने कहा कि राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, संस्कृति और आत्मविश्वास का उत्सव है, इसलिए यह आयोजन उत्कृष्टता की नई मिसाल बने।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएँ और सुरक्षा, स्वच्छता तथा आमजन की सुविधा से जुड़े सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।

इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, सचिव श्री राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

*गोवर्धन पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री ने किया गौपूजन, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की*

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*गोवर्धन पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री ने किया गौपूजन, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की*

रायपुर, 22 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास रायपुर में स्थित गौशाला में गोवर्धन पूजा के अवसर पर गौमाता की पूजा-अर्चना की और गौ माता को खिचड़ी खिलाकर गोसेवा की परंपरा निभाई। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की मंगलकामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति, गौवंश और पर्यावरण के प्रति आभार व्यक्त करने का पावन पर्व है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं दी।

पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने गौशाला में सेवा कर रहे गौसेवकों को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। उन्होंने गौसेवा के लिए उनकी सराहना करते हुए सभी से गौवंश की रक्षा एवं संरक्षण के कार्यों में आगे आने का आग्रह किया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने गौशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गौसेवकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि गौशाला में गौवंश की देखरेख की सभी व्यवस्था मौजूद है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा हमारे जीवन में प्रकृति, अन्न और पशुधन के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। गाय भारतीय संस्कृति की आधारशिला है, जो न केवल हमारे ग्रामीण जीवन से जुड़ी है, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था और आस्था दोनों का केंद्र भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में गोसेवा और प्रकृति पूजन की भावना गहराई से रची-बसी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय, अन्न और धरती का सम्मान करना उस मातृशक्ति को प्रणाम करना है, जिससे हमारा जीवन जुड़ा है। जब हम इन्हें नमन करते हैं, तब हम अपनी संस्कृति की जड़ों, अपनी आत्मा की गहराइयों और समृद्धि के स्रोतों को स्पर्श करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में गाय गौमाता के रूप में पूजनीय है, और इसी भावना के साथ राज्य सरकार गोसेवा को ग्रामीण विकास की धुरी बनाने के लिए कार्य कर रही है।

*मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुनी पार्टी कार्यकर्ताओ की मन की बात कहा कार्यकर्ताओ की मेहनत से ही बनी प्रदेश में सरकार*

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जशपुरनगर। गृह ग्राम बगिया मे अपने निवास स्थान पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को दीपावली के अवसर पर भाजपा के पदाधिकारियो और कार्यकर्ताओ से सीधी बात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओ को दीपोत्सव की शुभ कामनाएं देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी कार्यकर्ताओ की पार्टी है। यह एक मात्र ऐसी पार्टी है जहां सभी कार्यकर्ताओ को अपनी योग्यता और मेहनत के बल पर आगे बढ़ने का समान मौका मिलता है। उन्होंने कार्यकर्ताओ को बताया विधान सभा और लोक सभा चुनाव के दौरान मोदी की गारंटी के अंतर्गत भाजपा ने मतदाताओ से जो वायदे किये वो वायदे पूरे कर रहे हैं। सरकार की प्राथमिकता शांत,सुशासनयुक्त विकसित छत्तीसगढ़ बनाने की है। इस दिशा मे सरकार तेजी से काम कर रही है।
जशपुर मे स्थापित होगा विकास का नया आयाम
जशपुर जिले के संबंध मे चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कुमार दिलीप सिंह जू देव के सपने के अनुरूप जशपुर को विकसित करने की दिशा मे तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि जिले मे मेडिकल कॉलेज शुरू करने के लिए सरकार ने बजट और सेटअप स्वीकृत कर दिया है। जल्द ही यह मेडिकल कॉलेज अस्तित्व मे आ जाएगा। इसके साथ ही कुनकुरी मे चाइल्ड अस्पताल,नर्सिंग कॉलेज और फिजियोथेरेपी कॉलेज इस जिले की स्वास्थ्य सेवा मे अमूल चूल परिवर्तन करेगी। इलाज के लिए दूसरे जिलों और प्रदेशो की दौड़ जिलेवासियो के लिए बीते दिनों की बात हो जाएगी। साथी ही घर के पास ही लोगो को मेडिकल की पढ़ाई करने की सुविधा मिल सकेगी। जिले के युवाओं के खेल प्रतिभा निखारने के लिए तीरंदाजी केंद्र,कुनकुरी में स्पोटर््स काम्प्लेक्स,जशपुर में व्हालीबाल कोर्ट,जशपुर में फुटबाल स्टेडियम जैसी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। शहर लेकर दूर-दराज के ग्रामीण अंचल तक पक्की सड़कों का विकास किया जा रहा है। जशपुर जिला विकास की एक नई पहचान स्थापित करेगा।

*अपराधियों में हो कानून का भय और जनता में हो सुरक्षा का अहसास — मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस — कानून-व्यवस्था, मादक पदार्थ नियंत्रण और सड़क सुरक्षा पर मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश*

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रायपुर, 13 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पुलिस की छवि ऐसी होनी चाहिए, जिससे अपराधियों में कानून का भय और आम नागरिकों में सुरक्षा का अहसास उत्पन्न हो। मुख्यमंत्री श्री साय आज मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।

 

कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में प्रदेश की कानून-व्यवस्था की समग्र स्थिति, मादक पदार्थ नियंत्रण, सड़क सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम और प्रशासनिक समन्वय को सुदृढ़ करने जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर गृह मंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक दोनों की भूमिका समान रूप से महत्वपूर्ण है। जिन जिलों में दोनों के बीच समन्वय मजबूत है, वहां बेहतर परिणाम प्राप्त हुए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कानून-व्यवस्था के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई को प्रशासनिक उदासीनता माना जाएगा और ऐसे मामलों में कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

 

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सड़कों पर अव्यवस्था फैलाने, चाकूबाजी और हत्या जैसे जघन्य अपराधों पर जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जाए। गौ-तस्करी और धर्मांतरण जैसे संवेदनशील मामलों पर सघन निगरानी रखी जाए और दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों ने अपराध नियंत्रण में उल्लेखनीय सुधार किया है, उनके अनुभवों को अन्य जिलों में मॉडल के रूप में लागू किया जाए।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने नशाखोरी और मादक पदार्थों की अवैध तस्करी पर सख्त रुख अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा अपराधों की जड़ है, और इसे समाप्त करना ही कानून-व्यवस्था सुधार की पहली शर्त है। मुख्यमंत्री श्री साय ने एनकॉर्ड (NCORD) के तहत राज्यव्यापी अभियान चलाने, सीमावर्ती जिलों में तस्करी पर रोक लगाने और एनडीपीएस एक्ट के तहत समय-सीमा में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराने के लिए जनजागरूकता अभियान चलाया जाए।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में घुसपैठियों की पहचान और नियंत्रण के लिए विशेष टास्क फोर्स (STF) गठित की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीमावर्ती जिलों में सघन जांच की जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित हो। उन्होंने यह भी कहा कि अपराधों की अनदेखी अक्सर गंभीर अपराधों को जन्म देती है, इसलिए प्रत्येक मामले में समयबद्ध कार्रवाई आवश्यक है।

 

बैठक में आत्मसमर्पित माओवादियों के पुनर्वास और आजीविका सशक्तिकरण पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की पुनर्वास नीति में माओवादियों का विश्वास बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। आत्मसमर्पित माओवादियों को कौशल विकास प्रशिक्षण देकर स्थानीय रोजगार या स्वरोजगार से जोड़ा जाए, ताकि वे मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर सकें।

 

कलेक्टर एसपी कॉन्फ्रेंस में सड़क सुरक्षा को लेकर भी गहन मंथन हुआ। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था सुधार हेतु कठोर कदम उठाने पर जोर दिया गया। हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों का पालन न करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही, ब्लैक स्पॉट की पहचान कर सुधारात्मक कार्य किए जाने, रात 10 बजे के बाद डीजे या लाउडस्पीकर के उपयोग पर रोक लगाने और नशे में वाहन चलाने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सड़क पर आवारा पशुओं से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी प्रभावी कदम उठाने को कहा गया।

 

कॉन्फ्रेंस में साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा गया कि साइबर अपराध आधुनिक युग का सबसे जटिल खतरा बन चुका है। इसे रोकने के लिए पुलिस बल को निरंतर तकनीकी प्रशिक्षण दिए जाने पर बल दिया गया। साथ ही साइबर हेल्पलाइन नंबर का प्रचार-प्रसार जनसंपर्क विभाग के सहयोग से व्यापक स्तर पर किए जाने के निर्देश दिए गए। बैठक में निर्देश दिए गए कि साइबर अपराधों के नए-नए तरीकों को देखते हुए प्रत्येक जिले में जागरूकता अभियान चलाए जाएं, ताकि आम नागरिक ठगी, फिशिंग और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसे अपराधों से सुरक्षित रह सकें।

 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन, टीम भावना और साझा उत्तरदायित्व ही विकसित छत्तीसगढ़ की वास्तविक नींव है। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन तभी सशक्त बन सकते हैं, जब प्रत्येक अधिकारी अपने दायित्व को ईमानदारी से निभाए और टीम के रूप में मिलकर परिणाम दे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि योजनाओं की सफलता केवल नीतियों पर नहीं, बल्कि उन्हें लागू करने वाली टीम की पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही पर निर्भर करती है। यही भावनात्मक और प्रशासनिक समन्वय “विकसित छत्तीसगढ़” को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में दिखाई सख्ती —कहा, “जनहित में लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त, कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित योजनाओं पर मंथन……*

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस में दिखाई सख्ती —कहा, “जनहित में लापरवाही नहीं की जाएगी बर्दाश्त, कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित योजनाओं पर मंथन……*

रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में रविवार को मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित कलेक्टर्स कॉन्फ्रेंस 2025 में सुशासन, पारदर्शिता और जनहित के नए मानक तय किए गए। बैठक की शुरुआत निर्धारित समय से पहले हुई, जिसने पूरे प्रशासन को मुख्यमंत्री की वर्क-डिसिप्लिन और परिणाम केंद्रित कार्यशैली का सीधा संदेश दिया। बैठक में मुख्य सचिव श्री विकास शील, सभी विभागीय सचिव, संभागायुक्त और कलेक्टर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने प्रारंभ से ही स्पष्ट कर दिया कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम लाभ जनता तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पहुँचना ही सुशासन का वास्तविक अर्थ है — और इस दिशा में किसी भी स्तर पर ढिलाई स्वीकार्य नहीं होगी।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कॉन्फ्रेंस केवल समीक्षा बैठक नहीं, बल्कि जनहित के नए मानक तय करने का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों को चेताया कि जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन में परिणाम दिखाई देने चाहिए, केवल रिपोर्टों में नहीं।

मुख्यमंत्री ने कलेक्टर्स कांफ्रेंस में कहा कि शासन की नीतियों और योजनाओं का अंतिम उद्देश्य आम जनता तक योजनाओं का लाभ पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच आपकी उपस्थिति और संवेदनशीलता ही आपकी पहचान है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान खरीदी 15 नवंबर से प्रारंभ होगी और इसकी सभी तैयारियाँ समय पर पूरी कर ली जाएं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान खरीदी में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सीधे कलेक्टर जिम्मेदार होंगे। धान खरीदी में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक धान खरीदी केंद्र की मॉनिटरिंग हो। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रभारी सचिव जिलों में लगातार निगरानी रखें और संवेदनशील केंद्रों की विशेष मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खरीदी की चौकसी बढ़ाने के लिए अब इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उपयोग किया जाएगा। इससे जिलों में निगरानी तेज होगी और किसी भी गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई संभव होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि अंतरराज्यीय सीमावर्ती जिलों में विशेष सतर्कता बरती जाए, ताकि बाहर से धान की अवैध आवाजाही को रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के लिए विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन जनजातीय इलाकों में विशेष शिविरों के माध्यम से 100 प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित किया जाए।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भी पात्र किसान वंचित न रहे, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिलों में निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र किसानों को लाभ पहुँचना चाहिए। उन्होंने कमिश्नरों को निर्देश दिया कि बस्तर और सरगुजा सम्भाग में विशेष रूप से योजना की प्रगति की सतत समीक्षा करें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने ऊर्जा विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुँचे। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को बैंक फाइनेंस की सुविधा आसानी से उपलब्ध कराई जाए, ताकि कोई भी पात्र परिवार योजना से वंचित न रहे।

स्वास्थ्य सेवाओं पर मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि शत प्रतिशत प्रसव सभी अस्पतालों में सुनिश्चित हो। साथ ही टीकाकरण की वास्तविक स्थिति की फील्ड वेरिफिकेशन द्वारा पुष्टि की जाए।

उन्होंने कहा कि मैटरनल डेथ ऑडिट प्रत्येक मामले में अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम की रणनीति बन सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि एनआरसी सेंटरों का संचालन नियमित और प्रभावी होना चाहिए तथा माताओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने वेलनेस सेंटरों को सक्रिय कर गैर-संचारी रोगों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने बस्तर संभाग में मलेरिया उन्मूलन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि हॉटस्पॉट क्षेत्रों की पहचान कर विशेष अभियान चलाया जाए ताकि छत्तीसगढ़ को “मलेरिया-मुक्त राज्य” बनाने का लक्ष्य शीघ्र पूरा किया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के अंतर्गत सभी पात्र वृद्धजनों के पंजीयन और कार्ड निर्माण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए।

शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रॉपआउट शून्य करने और सकल नामांकन अनुपात को 100 प्रतिशत करने का लक्ष्य किसी भी हालत में पूरा होना चाहिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिक्षण सामग्री अलमारियों में नहीं, कक्षाओं में दिखनी चाहिए। उन्होंने कलेक्टरों को निर्देश दिए कि शिक्षण संसाधनों का उपयोग कक्षा में सुनिश्चित करें और नियमित मॉनिटरिंग करें।

मुख्यमंत्री ने बीजापुर जिले की सराहना करते हुए कहा कि वहाँ स्थानीय युवाओं की मदद से गोंडी भाषा में शिक्षण से बच्चों की उपस्थिति बढ़ी है और ड्रॉपआउट घटा है। उन्होंने सभी जिलों को ऐसे नवाचार अपनाने की सलाह दी ताकि शिक्षा स्थानीय संस्कृति और भाषा से जुड़ सके।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि 31 दिसंबर तक सभी विद्यार्थियों की आधार-बेस्ड APAR ID बनाकर रजिस्ट्रेशन पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था डिजिटल पारदर्शिता और छात्र लाभ वितरण में निर्णायक भूमिका निभाएगी। इसी आधार पर छात्रों को गणवेश, किताबें और छात्रवृत्ति उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में “मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” चलाया जाएगा। इसमें स्कूलों का सामाजिक अंकेक्षण कर ग्रेडिंग होगी। उन्होंने कहा कि जिलों में परीक्षा परिणाम सुधार की ठोस योजना बने। जो जिले बेहतर कर रहे हैं, उनके मॉडल अन्य जिलों में लागू किए जाएँ।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की बड़ी सौगात ,भालूमुंडा-खेजूरघाट मार्ग पर कोकिया नदी पर बनेगा 3 करोड़ 32 लाख की लागत से उच्च स्तरीय पुल, दर्जनों गांवों को मिलेगा लाभ, निविदा प्रक्रिया पूर्ण होने के पश्चात जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य…..

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय जी ने जशपुर जिले के लिए एक और बड़ी सौगात दी है। भालूमुंडा से खेजूरघाट मार्ग पर कोकिया नदी पर लगभग 3 करोड़ 32 लाख की लागत से उच्च स्तरीय पुल एवं पहुंच मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और पूर्ण होने के पश्चात अब शीघ्र ही निर्माण कार्य शुरू जायेगा।क्षेत्र वासियों ने इस कार्य की मंजूरी मिलने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार जताया है।

क्षेत्र के दर्जनों गांव होंगे लाभान्वित

इस पुल के बनने से फरसाबहार ब्लॉक के कोरंगामाल, भालूमुंडा, पेटामेरा, अंकिरा, खरीबहार, जुड़वाइन, सागजोर, परेवाआरा समेत दर्जनों गांव सीधे ओडिशा राज्य से जुड़ जाएंगे।वहीं रेडेघाट, सोनाजोरी, बनखेता, माटीहेजा जैसे गांव भी विकासखंड मुख्यालय से जुड़कर तेज़ी से विकास की मुख्यधारा में शामिल होंगे।

बरसात में हो रही है परेशानी से मिलेगी राहत

ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में कोकिया नदी पार करना हमेशा से चुनौतीपूर्ण रहा है। अक्सर पानी बढ़ जाने से आवाजाही रुक जाती थी, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों, मरीजों और कामकाजी लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। अब पुल बनने से यह समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और ग्रामीणों को सुरक्षित व सुगम आवागमन का लाभ मिलेगा।साथ ही विकासखंड मुख्यालय एवं ओडिशा राज्य की ओर आवागमन के लिए दूरी कम हो जाएगी।

*प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिए 41 हजार करोड़ रूपए से अधिक की दो नई योजनाओं का किया शुभारंभ*

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*प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किसानों के लिए 41 हजार करोड़ रूपए से अधिक की दो नई योजनाओं का किया शुभारंभ*

*मिशन के तहत छत्तीसगढ़ के जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा जिला के चयन पर मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का माना आभार,कहा प्रदेश में खेती-किसानी की तस्वीर बदलेगी और आर्थिक सम्पन्नता आएगी…..*

रायपुर, 11 अक्टूबर 2025/प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित मुख्य समारोह से देश के किसानों को 41 हजार करोड़ रूपए से अधिक की कृषि परियोजनाओं का उपहार दिया। उन्होंने इस मौके पर दो नई योजनाएं- प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का शुभारंभ किया। इनमें प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए 30 हजार करोड़ रूपए और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के लिए 11 हजार करोड़ रूपए शामिल है। इसके अलावा श्री मोदी कृषि और संरचना कोष, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की 1100 से अधिक परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर स्थित कृषक सभागार से हजारों किसानों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वारा ऑनलाईन जुड़कर इस अभियान के शुभारंभ के साक्षी बने। इस मौके पर केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, पशुपालन, मत्स्यपालन एवं डेयरी विकास मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह, केन्द्रीय कृषि राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी सहित विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री, सांसद और विधायक भी वर्चुअली रूप से जुड़े थे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत रत्न जयप्रकाश नारायण और नानाजी देशमुख की जयंती के दिन आज देश कृषि आत्मनिर्भरता का नया इतिहास रच रहा है। आज से प्रारंभ हुई दोनों योजनाएं देश के अन्नदाताओं को सशक्त बनाने और कृषि आत्मनिर्भरता के नए युग की शुरुआत है। खेती को लाभकारी और आधुनिक बनाने की दिशा में यह पहल मील का पत्थर सिद्ध होंगी। उन्होंने बताया कि दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत 11 हजार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते वर्षों में भारत का कृषि निर्यात बढ़ा है, शहद उत्पादन, पशुपालन, मत्स्यपालन सहित सहायक कृषि गतिविधियों में बढ़ोत्तरी हुई है।

प्रधानमंत्री ने बताया कि विकास के पैरामीटर में पिछड़ रहे जिलों के लिए केंद्रित आकांक्षी जिला योजना के माध्यम से सड़क, बिजली, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से सुधार का काम हुआ है। ठीक उसी तरह प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत खेती किसानी में पिछड़े देश के 100 जिलों के लिए विशेष कार्ययोजना बनाकर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 36 नई योजनाओं के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती दी जाएगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि युवा किसानों की भागीदारी से खेती की तस्वीर बदलेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों और आने वाली पीढ़ी को सशक्त बनाने के उद्देश्य से दलहन आत्मनिर्भरता मिशन शुरू किया गया है। यह मिशन न केवल कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम है, बल्कि देश में पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी प्रयास है। शारीरिक और मानसिक विकास के लिए प्रोटीन अत्यंत आवश्यक है और इसके लिए हमें मिलकर दलहन उत्पादन की सशक्त व्यवस्था करनी होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में भारत अपनी दलहन आवश्यकताओं को पूर्ण रूप से पूरा नहीं कर पा रहा है। दलहन आत्मनिर्भरता मिशन से दाल उत्पादन में वृद्धि होगी और लगभग दो करोड़ दाल उत्पादक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि बड़ी ख़ुशी की बात है कि किसान हित में दो नई योजनाओं में छत्तीसगढ़ के तीन जिलों जशपुर, कोरबा और दंतेवाड़ा को भी शामिल किया गया है। इसके लिए मैं छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता की ओर से विशेष रूप से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। उन्होंने इन दो नई योजनाओं के लिए प्रदेश के किसानों को बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन योजनाओं से खेती-किसानी की तस्वीर बदलेगी और आर्थिक सम्पन्नता भी आएगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने योजनाओं के शुभारंभ के अवसर पर कृषि विभाग द्वारा लगाए गए स्टालों का निरीक्षण किया और कृषि अभियांत्रिकी सब मिशन योजना के तहत किसानों को टैªक्टरों, कृषि उपकरणों की चाबी भी सौपी और अनुदान राशि का चेक प्रदान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में आज जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का बोलबाला है। जीएसटी में बड़ा रिफॉर्म हुआ है। जीएसटी रिफॉर्म के बाद एक दिन मैं एक ट्रैक्टर शो रूम में गया, यहां आकर मुझे पता चला कि एक ट्रैक्टर के पीछे 40,000 से 60,000 तक की राशि बचत हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्टॉल देखने के दौरान यहां मुझे एक किसान भाई मिले जिन्होंने हार्वेस्टर खरीदा, उन्हें एक लाख रुपए से भी अधिक की भी बचत का फ़ायदा मिला। यह देखकर बड़ी ख़ुशी होती है कि हमारे किसान भाइयों को इतना फायदा मिल रहा है।

श्री साय ने बताया कि सरकार छत्तीसगढ़ में किसानों के विकास के लिए लगातार प्रयासरत है। किसानों से किया हर वादा हमने पूरा कर दिया है। 3100 रुपए प्रति क्विंटल में धान की खरीदी, दो साल का बकाया बोनस भुगतान किया। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने किसानों को प्राथमिकता में लेते हुए राज्य में 1500 से अधिक सिंचाई योजनाओं को दुरुस्त करने के लिए एकमुश्त 2800 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत रत्न एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कृषि योजनाओं के मजबूतीकरण के लिए कई अहम कार्य हुए। किसान क्रेडिट कार्ड इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में ज्यादातर सीमांत किसान हैं, उन्हें सरकार की कृषि हितैषी योजनाओं का बड़ा लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के कल्याण के लिए सतत प्रयासरत है और यह योजना उसी दिशा में एक ठोस पहल है।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष श्री चन्द्रहास चंद्राकर, मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा और गौ-सेवा आयोग के अध्यक्ष श्री विशेषर सिंह पटेल, जिला पंचायत रायपुर के अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, सदस्य श्री सौरभ साहेब, कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती शाहला निगार, रायपुर कलेक्टर श्री सौरभ सिंह, कृषि संचालक श्री राहुल देव, राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम एमडी श्री अजय अग्रवाल, उद्यानिकी विभाग के संचालक श्री एस.जगदीशन राव, मत्स्य विभाग के संचालक श्री नाग सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं किसान बड़ी संख्या में उपस्थित थे।