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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के पास हुई ट्रेन दुर्घटना पर गहरा दुःख व्यक्त किया, दिवंगतों के परिजनों को ₹5 लाख एवं घायलों को ₹50 हज़ार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा*

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रायपुर, 4 नवम्बर 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर के पास हुई ट्रेन दुर्घटना को अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक बताया है। उन्होंने इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति दें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने दुर्घटना में दिवंगत हुए यात्रियों के परिजनों को ₹5 लाख तथा घायलों को ₹50 हज़ार की आर्थिक सहायता राशि देने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि घायलों के समुचित एवं निःशुल्क इलाज की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है और जिला प्रशासन को तत्काल प्रभाव से राहत एवं बचाव कार्यों को तेज़ी से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन एवं रेलवे की टीमें राहत और बचाव कार्य में पूरी तत्परता से जुटी हुई हैं। घायलों के उपचार के लिए सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएँ और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और सतर्कता के साथ स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है तथा हर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वयं बाइक चलाकर युवाओं को दिया सुरक्षित ड्राइविंग का संदेश, रजत जयंती वर्ष के अवसर पर रायपुर में होगा एमआरएफ नेशनल सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप 2025 का भव्य आयोजन*

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रायपुर, 3 नवम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की रजत जयंती वर्ष के अवसर पर राजधानी रायपुर का बूढ़ापारा आउटडोर स्टेडियम आगामी 8 और 9 नवम्बर को रफ्तार, रोमांच और युवाओं के उत्साह का मंच बनेगा। रजत जयंती समारोह की श्रृंखला में आयोजित यह विशेष कार्यक्रम छत्तीसगढ़ की नई ऊर्जा, नवाचार भावना और युवा सामर्थ्य का प्रतीक होगा।

छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित एमआरएफ नेशनल सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैम्पियनशिप 2025 का यह भव्य आयोजन न केवल रोमांचक मोटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देगा, बल्कि युवाओं को सुरक्षित ड्राइविंग, हेलमेट पहनने और सड़क पर रेसिंग से बचने जैसे सामाजिक संदेश देने का भी माध्यम बनेगा।

कार्यक्रम से पूर्व आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्वयं बाइक चलाकर युवाओं को “सेफ ड्राइविंग” का संदेश दिया। उन्होंने आगामी 8-9 नवंबर को आयोजित नेशनल सुपरक्रॉस बाइक रेसिंग चैंपियनशिप के सफल आयोजन के लिए अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा, “युवाओं में अपार ऊर्जा है, और उस ऊर्जा को सही दिशा देना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है।” मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को सेफ ड्राइविंग का संदेश देते हुए कहा कि जीवन अनमोल है इसीलिए दुपहिया चलाते समय हमेशा हेलमेट पहने और ट्रैफिक नियमों का पालन करें ।सड़क पर रेसिंग बिल्कुल ना करें।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रजत जयंती वर्ष छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का उत्सव मनाने के साथ ही नई पीढ़ी में अनुशासन, जिम्मेदारी और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने का भी अवसर है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ का युवा केवल गति से नहीं, बल्कि संयम और संकल्प से पहचाना जाए।

छत्तीसगढ़ मोटर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री उज्जवल दीपक ने बताया कि यह आयोजन राष्ट्रीय स्तर पर युवाओं को सकारात्मक दिशा देने का प्रयास है। उन्होंने कहा,”हम चाहते हैं कि रफ्तार जुनून बने, जोखिम नहीं — यही इस चैम्पियनशिप की असली सोच है।”

इस आयोजन की सबसे खास बात यह है कि रेसिंग सड़क पर नहीं, बल्कि विशेष रूप से निर्मित सुरक्षित रेसिंग ट्रैक पर होगी, जहाँ सभी सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि इस दो दिवसीय सुपरक्रॉस चैम्पियनशिप में देश के शीर्ष राइडर्स हिस्सा लेंगे। एमआरएफ के सहयोग से आयोजित यह प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ को देश के मोटर स्पोर्ट्स मानचित्र पर एक नई और सम्मानजनक पहचान दिलाने जा रही है।

*देव उठनी एकादशी पर्व पर दोकड़ा में उमड़ी भक्तों की भीड़, श्री जगन्नाथ मंदिर में हुआ दीप प्रज्वलन, तुलसी विवाह और भव्य भंडारा — हजारों श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद….*

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*देव उठनी एकादशी पर्व पर दोकड़ा में उमड़ी भक्तों की भीड़, श्री जगन्नाथ मंदिर में हुआ दीप प्रज्वलन, तुलसी विवाह और भव्य भंडारा — हजारों श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद….*

दोकड़ा। देव उठनी एकादशी के पावन अवसर पर ग्राम दोकड़ा स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर में रविवार को भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ।इस दौरान द्विप प्रज्वलन, तुलसी विवाह सहित अनेक धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा और हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को भव्यता प्रदान की।

*दीपों की रोशनी में जगमगाया मंदिर परिसर*

शाम ढलते ही मंदिर परिसर दीपों की झिलमिल रोशनी से जगमगा उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु और माता तुलसी के विवाह समारोह में बढ़-चढ़कर भाग लिया। पारंपरिक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच तुलसी और शालिग्राम का विवाह संपन्न हुआ। आयोजन स्थल को रंग-बिरंगे पुष्पों, तोरणों और दीपमालाओं से सजाया गया था।

*भजन-कीर्तन और संकीर्तन ने बाँधा माहौल*

शाम को मंदिर में भजन-कीर्तन, संकीर्तन का आयोजन किया गया।ग्राम पुकडेगा के कलाकारों और भजन मंडलियों ने भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की स्तुति में भक्ति गीत प्रस्तुत किए। वातावरण “हरे राम हरे कृष्ण” और “जय श्री हरि” के उद्घोष से गूंजता रहा।

*महाप्रसाद भंडारा में उमड़ी भीड़*

धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात महाप्रसाद भंडारा का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन समिति के सदस्यों और युवाओं ने व्यवस्था संभालते हुए श्रद्धालुओं को सुचारू रूप से प्रसाद वितरण कराया।

*भक्तों ने की पुण्य स्नान और पूजा-अर्चना*

सुबह से ही श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर भगवान श्री हरि विष्णु की पूजा-अर्चना करते रहे। महिलाओं ने तुलसी चौरा पर दीप जलाकर परिवार के सुख-समृद्धि की कामना की। कई श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर भगवान विष्णु के शयन से जागरण दिवस का उत्सव मनाया।

*धार्मिक एकता और आस्था का संगम*

आयोजन समिति ने बताया कि देव उठनी एकादशी का पर्व धर्म, आस्था और लोक परंपरा का अद्भुत संगम है। इस दिन से विवाह, मांगलिक कार्य और शुभ अवसरों की शुरुआत मानी जाती है। श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में इस वर्ष यह पर्व पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया।

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘कॉफ़ी टेबल बुक’ का किया विमोचन:छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और ‘मोदी की गारंटी’ का दस्तावेज़*

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*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘कॉफ़ी टेबल बुक’ का किया विमोचन:छत्तीसगढ़ की विकास यात्रा और ‘मोदी की गारंटी’ का दस्तावेज़*

नवा रायपुर, 1 नवम्बर 2025/ छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ‘कोसा कॉफ़ी टेबल बुक’ का विमोचन किया। जनसंपर्क विभाग का यह विशेष प्रकाशन प्रधानमंत्री श्री मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ में हुए जन-कल्याणकारी कार्यों और विकास यात्रा का विस्तृत दस्तावेज़ प्रस्तुत करता है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह कॉफी टेबल बुक प्रधानमंत्री श्री मोदी की गारंटी के अंतर्गत पूरे हुए विकास कार्यों का प्रमाण है। इसमें उन योजनाओं और पहल का समावेश है, जिन्होंने छत्तीसगढ़ की धरती पर विश्वास, विकास और पारदर्शिता का नया अध्याय लिखा है।

*‘मोदी की गारंटी’ — विकास के सशक्त उदाहरण*

‘कॉफी टेबल बुक’ में प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत गरीब परिवारों को मिले आवास, किसानों को दी गई धान बोनस राशि, कृषक उन्नति योजना के तहत हुए कृषि सुधार, तथा लोक सेवा आयोग (PSC) परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली में लायी गई पारदर्शिता जैसे अनेक जनहितकारी सुधारों का विस्तारपूर्वक विवरण शामिल है।

*जन-कल्याण से सुशासन तक की यात्रा*

‘कॉफ़ी टेबल बुक’ में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित विभिन्न केंद्रीय योजनाओं – जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, हर घर जल मिशन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, और डिजिटल प्रशासनिक सुधार – के माध्यम से छत्तीसगढ़ में आए सकारात्मक परिवर्तनों को चित्रों और आँकड़ों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है।

*राज्य की प्रगति का जीवंत चित्रण*

यह पुस्तक न केवल योजनाओं की जानकारी देती है, बल्कि यह बताती है कि किस प्रकार केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से आम नागरिकों का जीवन बदला है। ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के अवसर, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और प्रशासनिक पारदर्शिता के क्षेत्र में हुए कार्यों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि यह ‘कॉफी टेबल बुक’ छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए गर्व का विषय है, क्योंकि यह राज्य की 25 वर्ष की उपलब्धियों और प्रधानमंत्री श्री मोदी की विकासोन्मुख दृष्टि का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक आने वाली पीढ़ियों के लिए ‘विकसित छत्तीसगढ़ 2047’ के सपने की प्रेरणा बनेगी।

*छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल के सम्मान में दिया गया विष्णु देव रूट नाम, हिमालय में गूँजी जशपुर की गूंज: आदिवासी युवाओं ने जगतसुख पीक पर खोला नया मार्ग*

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*हिमालय में गूँजी जशपुर की गूंज: आदिवासी युवाओं ने जगतसुख पीक पर खोला नया मार्ग*

*छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल के सम्मान में दिया गया विष्णु देव रूट नाम*

रायपुर 30 अक्टूबर 2025/ छत्तीसगढ़ के जशपुर ज़िले के आदिवासी युवाओं के एक दल ने भारतीय पर्वतारोहण के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। इस दल ने हिमाचल प्रदेश की दूहंगन घाटी (मनाली) में स्थित 5,340 मीटर ऊँची जगतसुख पीक पर एक नया आल्पाइन रूट खोला, जिसे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल के सम्मान में “विष्णु देव रूट” नाम दिया गया है। टीम ने यह चढ़ाई बेस कैंप से केवल 12 घंटे में पूरी की — वह भी आल्पाइन शैली में, जो तकनीकी रूप से अत्यंत कठिन मानी जाती है।

यह ऐतिहासिक अभियान सितंबर 2025 में आयोजित हुआ, जिसका आयोजन जशपुर प्रशासन ने पहाड़ी बकरा एडवेंचर के सहयोग से किया। इस अभियान को हीरा ग्रुप सहित अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों का सहयोग प्राप्त हुआ।

यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष है क्योंकि इस दल के पाँचों पर्वतारोही पहली बार हिमालय की ऊँचाइयों तक पहुँचे थे। सभी ने “देशदेखा क्लाइम्बिंग एरिया” में प्रशिक्षण प्राप्त किया, जो जशपुर प्रशासन द्वारा विकसित भारत का पहला प्राकृतिक एडवेंचर खेलों के लिए समर्पित प्रशिक्षण क्षेत्र है। विश्वस्तरीय मानकों को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने भारतीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को जोड़ा, जिनमें बिलासपुर के पर्वतारोही एवं मार्गदर्शक स्वप्निल राचेलवार, न्यूयॉर्क (USA) के रॉक क्लाइम्बिंग कोच डेव गेट्स, और रनर्स XP के निदेशक सागर दुबे शामिल रहे। इन तीनों ने मिलकर तकनीकी, शारीरिक और मानसिक दृष्टि से युवाओं को तैयार करने के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम बनाया। दो महीनों की कठोर तैयारी और बारह दिनों के अभ्यास पर्वतारोहण के बाद टीम ने यह चुनौतीपूर्ण चढ़ाई पूरी की।

अभियान प्रमुख स्वप्निल राचेलवार ने बताया कि जगतसुख पीक का यह मार्ग नए पर्वतारोहियों के लिए अत्यंत कठिन और तकनीकी था। मौसम चुनौतीपूर्ण था, दृश्यता सीमित थी और ग्लेशियरों में छिपी दरारें बार-बार बाधा बन रही थीं। इसके बावजूद टीम ने बिना फिक्स रोप या सपोर्ट स्टाफ के यह चढ़ाई पूरी की — यही असली आल्पाइन शैली है। यह अभियान व्यावसायिक पर्वतारोहण से अलग था, जहाँ पहले से तय मार्ग और सहायक दल पर निर्भरता होती है; इस दल ने पूरी तरह आत्मनिर्भर रहते हुए नई मिसाल कायम की।

अभियान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सराहना मिली। स्पेन के प्रसिद्ध पर्वतारोही टोती वेल्स, जो इस अभियान की तकनीकी कोर टीम का हिस्सा थे और स्पेन के पूर्व वर्ल्ड कप कोच रह चुके हैं, ने कहा कि “इन युवाओं ने, जिन्होंने जीवन में कभी बर्फ नहीं देखी थी, हिमालय में नया मार्ग खोला है। यह साबित करता है कि सही प्रशिक्षण और अवसर मिलने पर ये पर्वतारोही विश्वस्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं।”

“विष्णु देव रूट” के अलावा दल ने दूहंगन घाटी में सात नई क्लाइम्बिंग रूट्स भी खोले। इनमें सबसे उल्लेखनीय उपलब्धि रही एक अनक्लाइम्ब्ड (पहले कभी न चढ़ी गई) 5,350 मीटर ऊँची चोटी की सफल चढ़ाई, जिसे टीम ने ‘छुपा रुस्तम पीक’ नाम दिया। इस पर चढ़ाई के मार्ग को ‘कुर्कुमा (Curcuma)’ नाम दिया गया — जो हल्दी का वैज्ञानिक नाम है और भारतीय परंपरा में सहनशक्ति और उपचार का प्रतीक माना जाता है।

यह अभियान इस बात का प्रमाण है कि यदि सही दिशा, अवसर और संसाधन मिलें तो भारत के सुदूर ग्रामीण और आदिवासी इलाकों से भी विश्वस्तरीय पर्वतारोही तैयार हो सकते हैं। बिना किसी हिमालयी अनुभव के इन युवाओं ने आल्पाइन शैली में जो उपलब्धि हासिल की है, उसने भारतीय साहसिक खेलों को नई दिशा दी है। इस पहल ने तीन बातों को सिद्ध किया — आदिवासी युवाओं में प्राकृतिक शक्ति, सहनशीलता और पर्यावरण से जुड़ी सहज समझ उन्हें एडवेंचर खेलों के लिए विशेष रूप से उपयुक्त बनाती है; “देशदेखा क्लाइम्बिंग सेक्टर” जैसे स्थानीय प्रशिक्षण केंद्र पेशेवर पर्वतारोही तैयार करने की क्षमता रखते हैं; और हिमालय की अनदेखी चोटियाँ भारत में सतत एडवेंचर पर्यटन की नई संभावनाएँ खोल सकती हैं।

अभियान का नेतृत्व स्वप्निल राचेलवार ने किया, उनके साथ राहुल ओगरा और हर्ष ठाकुर सह-नेता रहे। जशपुर के पर्वतारोही दल में रवि सिंह, तेजल भगत, रुसनाथ भगत, सचिन कुजुर और प्रतीक नायक शामिल थे। अभियान को प्रशासनिक सहयोग डॉ. रवि मित्तल (IAS), रोहित व्यास (IAS), शशि कुमार (IFS) और अभिषेक कुमार (IAS) से मिला। तकनीकी सहायता डेव गेट्स, अर्नेस्ट वेंटुरिनी, मार्टा पेड्रो (स्पेन), केल्सी (USA) और ओयविंड वाई. बो (नॉर्वे) ने दी। पूरे अभियान का डॉक्यूमेंटेशन और फोटोग्राफी ईशान गुप्ता की कॉफी मीडिया टीम ने किया।

प्रमुख सहयोगी और प्रायोजक संस्थानों में पेट्ज़ल, एलाइड सेफ्टी इक्विपमेंट, रेड पांडा आउटडोर्स, रेक्की आउटडोर्स, अडवेनम एडवेंचर्स, जय जंगल प्राइवेट लिमिटेड, आदि कैलाश होलिस्टिक सेंटर, गोल्डन बोल्डर, क्रैग डेवलपमेंट इनिशिएटिव और मिस्टिक हिमालयन ट्रेल शामिल रहे।

यह अभियान केवल एक पर्वतारोहण उपलब्धि नहीं, बल्कि उस सोच का प्रतीक है कि भारत के गाँवों और आदिवासी क्षेत्रों से भी अंतरराष्ट्रीय स्तर की सफलता प्राप्त की जा सकती है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि “भारत का भविष्य गाँवों से निकलकर दुनिया की ऊँचाइयों तक पहुँच सकता है।”

इस उल्लेखनीय उपलब्धि के साथ अब जशपुर को एक सतत एडवेंचर एवं इको-टूरिज़्म केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कुनकुरी छठ घाट के सौन्दर्यकरण हेतु 5 करोड़ 17 लाख दी स्वीकृति, कलेक्टर व्यास ने किया निरीक्षण, छठ घाट की साफ-सफाई, पचरी निर्माण, पाथ-वे, सौलर लाइट और बच्चों के लिए बनाया जाएगा बाल उद्यान…..*

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कुनकुरी छठ घाट के सौन्दर्यकरण हेतु 5 करोड़ 17 लाख दी स्वीकृति, कलेक्टर व्यास ने किया निरीक्षण, छठ घाट की साफ-सफाई, पचरी निर्माण, पाथ-वे, सौलर लाइट और बच्चों के लिए बनाया जाएगा बाल उद्यान…..*

*जशपुरनगर 30 अक्टूबर 2025/* कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने गुरुवार को‌ नगरी निकाय कुनकुरी के छठ घाट का निरीक्षण किया और स्थानीय जनप्रतिनिधीयों के साथ समीक्षा बैठक लेकर कुनकुरी के छठ घाट के सौन्दर्य करण के लिए सुझाव भी लिए।
कलेक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कुनकुरी छठ घाट के सौन्दर्यकरण करने के लिए 5 करोड़ 17 लाख की स्वीकृति दी गई है। इस राशि का उपयोग कुनकुरी के विकास कार्यों के लिए किया जाएगा। उन्होंने कुनकुरी छठ घाट के आस-पास सीमांकन करने और मुआवजा राशि का भी समाधान करने के निर्देश दिए हैं। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष श्री विनयशील गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेन्द्र कुमार यादव, एसडीएम श्री नन्द जी पांडे, नगर निकाय के अधिकारी और आम नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
इस दौरान छठ घाट के सौन्दर्यकरण के लिए जनप्रतिनीधियों के साथ आम नागरिकों ने अच्छा सुझाव भी दिए हैं। कलेक्टर ने कुनकुरी तालाब उघान आदि अन्य जगहों के देख-रेख साफ सफाई के लिए समिति बनाने के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि जन आस्था का सम्मान और लोक संस्कृति का संवर्धन के शहर में छठ तालाब विकास की स्वीकृति मिली है। जिसके तहत् कुनकुरी छठ घाट की सफाई की जाएगी। रिटर्निंग वाल, गाद की साफ सफाई, दो स्वागत गेट, पचरी निर्माण, 10 नग वोट , फाउंटेन,10 नग पैर वाले वोट, सौलर लाइट, 50 नग लाइट, पाथ-वे, सेल्फी पाइंट, बच्चों के खेलने के लिए छोटे उद्यान और ओपन जिम की व्यवस्था, बैठने की चेयर, शौचालय, चेंजिंग रूम, आदि अन्य कार्य किया जाएगा।

*आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान फरसाबहार में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का स्वदेशी उपयोग को बढ़ावा देने का किया आग्रह, प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी उपयोग की जनजागरण भावना से देश की अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती: मुख्यमंत्री श्री साय*

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*आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान फरसाबहार में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का स्वदेशी उपयोग को बढ़ावा देने का किया आग्रह*

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी उपयोग की जनजागरण भावना से देश की अर्थव्यवस्था को मिल रही नई मजबूती: मुख्यमंत्री श्री साय*

जशपुरनगर, 28 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मंगलवार को फरसाबहार में आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित कुनकुरी विधानसभा सम्मेलन में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता के प्रति जनमानस को प्रेरित किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकल फिर वोकल केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत में निर्मित उत्पादों के उपयोग का दृढ़ संकल्प है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है, रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, और देश की पूंजी देश में ही रहती है। व्यापारियों से उन्होंने आग्रह किया कि अधिक से अधिक स्वदेशी वस्तुओं का विक्रय करें। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि आज भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। प्रधानमंत्री मोदी दिन-रात कार्य करते हुए भारत को 2047 तक एक विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प को साकार कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज का भारत अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए सक्षम है। पाकिस्तान के दुस्साहस का जवाब सर्जिकल स्ट्राइक के रूप में दिया गया। अमेरिका द्वारा उच्च टैरिफ लगाए जाने पर भी आत्मनिर्भरता के पथ पर चलकर भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था को दृढ़ बनाए रखा। मुख्यमंत्री ने बताया कि जीएसटी 2.0 लागू होने से वस्तुओं के मूल्य में गिरावट आई है, जिसका लाभ आम नागरिकों को मिल रहा है। वाहनों और घरेलू सामानों के दाम कम होने से किसानों और उपभोक्ताओं के बजट को राहत मिली है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 22 माह में प्रधानमंत्री की अधिकांश गारंटियों को पूरा किया है। महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1000 रुपए की सहायता दी जा रही है। तेंदूपत्ता संग्राहकों के हित में प्रति मानक बोरा दर 5500 रुपए कर दी गई है। खाद्य एवं कृषि विकास की दिशा में 2800 करोड़ रुपए की सिंचाई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई है। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने हेतु मेडिकल कॉलेज, प्राकृतिक चिकित्सा एवं फिजियोथेरेपी केंद्र, शासकीय नर्सिंग कॉलेज तथा शासकीय फिजियोथेरेपी कॉलेज की स्थापना की जाएगी। गिनाबहार में 50 बिस्तर वाले मातृ-शिशु अस्पताल का निर्माण कार्य जारी है। रायपुर के सत्य साईं संजीवनी अस्पताल के सहयोग से जिले में मदर-चाइल्ड अस्पताल स्थापित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जशपुर जिले में लगभग 2000 करोड़ रुपए के विकासकार्यों की स्वीकृति दी गई है। सुशासन के लिए ई-ऑफिस प्रणाली लागू की गई है और सुशासन और अभिसरण विभाग के गठन से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आई है। पीएससी की जांच सीबीआई के माध्यम से करवाई जा रही है तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। नई उद्योग नीति के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ में 7 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में नक्सलवाद समाप्ति की कगार पर है और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। इस अवसर पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने कहा कि स्वदेशी एक जनआंदोलन का रूप ले चुका है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वदेशी हथियारों के बल पर पाकिस्तान को जवाब दिया गया। उन्होंने लोगों से स्वदेशी उत्पादों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की। विधायक श्रीमती गोमती साय ने कहा कि महात्मा गांधी के स्वदेशी संदेश को प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी वास्तविक रूप दे रहे हैं। दीपावली के दौरान स्वदेशी वस्तुओं की रिकॉर्ड बिक्री इसका प्रमाण है। उन्होंने जन-जन तक जागरूकता पहुंचाने का आह्वान किया।

*मुख्यमंत्री ने की मंच से घोषणा*
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर तामामुड़ा सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20 लाख की घोषणा की। इसके साथ ही बरहाटुकू से घोनघोषा‌ पहुंच मार्ग पर पुल निर्माण, पंडरीपानी परहाटोली में सामुदायिक भवन निर्माण, गारीघाट में मिनी स्टेडियम निर्माण, मुंडाडीह में 25 लाख की लागत के सामुदायिक भवन निर्माण, सुन्दरू में शिव मंदिर का जीर्णोद्धार कार्य की घोषणा की। इसके अलावा उन्होंने कहा कि कोतेबीरा में कपाटद्वार तक लक्ष्मण झुला बना कर उसका विस्तार किया जाएगा। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पंडरीपानी, बनगांव, फरसाबहार और लकराघरा के करमा नर्तक दलों को 25–25 हजार देने की घोषणा की।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या विष्णुदेव साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, भाजपा प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गुप्ता, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष उपेंद्र यादव, भाजपा महामंत्री मुकेश शर्मा, मनीष अग्रवाल, जिला पंचायत सदस्य वेदप्रकाश भगत, श्रीमती दुलारी सिंह, श्रीमतीअनिता सिंह, कुनकुरी जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला साय, फरसाबहार जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती हेमंती भरत साय, दुलदुला जनपद पंचायत अध्यक्ष राजकुमार सिंह, पंडरीपानी भाजपा मंडल अध्यक्ष मुक्तेश्वर साय, तपकरा भाजपा मंडल अध्यक्ष दिलीप साहू, कपिलेश्वर सिंह, तेजस्वरी सिंह, राजकुमार गुप्ता, सरोजनी सिंह, उमेश यादव सहित बड़ी संख्या में भाजपा के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने फरसाबहार के विकास के लिए 40.89 करोड़ के 13 कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन, 4.16 करोड़ लागत के 4 कार्यों का लोकार्पण और 36.72 करोड़ लागत के 9 विकासकार्यों का हुआ भूमिपूजन*

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने फरसाबहार के विकास के लिए 40.89 करोड़ के 13 कार्यों का किया लोकार्पण एवं भूमिपूजन*

*4.16 करोड़ लागत के 4 कार्यों का लोकार्पण और 36.72 करोड़ लागत के 9 विकासकार्यों का हुआ भूमिपूजन*

जशपुरनगर, 28 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज फरसाबहार क्षेत्र के व्यापक विकास को नए आयाम देते हुए जनपद पंचायत मैदान में आयोजित एक कार्यक्रम में 40 करोड़ 89 लाख 26 हजार रुपए की लागत के 13 विकासकार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 4 करोड़ 16 लाख 41 हजार रुपए लागत के 4 विकासकार्यों का लोकार्पण और 36 करोड़ 72 लाख 85 हजार रुपए लागत के 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं। इस अवसर पर श्रीमती कौशल्या साय भी मौजूद रही।

मुख्यमंत्री ने जिन विकासकार्यों का लोकार्पण किया उनमें 01 करोड़ 81 लाख 32 हजार रुपए लागत के मस्कामारा से होते हुए लवाकेरा मेन रोड तक मार्ग लं. 1.70 कि.मी., 01 करोड़ 29 लाख 56 हजार रुपए लागत के जिला जशपुर के अम्बाकछार पहुंच मार्ग लं. 1.00 कि.मी., 10 लाख रुपए लागत के आर सी.सी. पुलिया निर्माण, सिंहटोला दीपक घर से मेन रोड़ पहुंच मार्ग पर, ग्राम लावाकेरा और 95 लाख 53 हजार रूपए लागत के जशपुर के मुण्डाडीह पहुच मार्ग लं. 0.90 कि.मी. का निर्माण कार्य शामिल है।

इसी तरह उन्होंने 36 करोड़ 72 लाख 85 हजार रुपए लागत के जिन 9 विकासकार्यों का भूमिपूजन किया उनमें 31 लाख 38 हजार रूपए लागत के फिकल स्लज ट्रिटमेंट प्लांट, 23 करोड़ 96 लाख 94 हजार रूपए लागत के पमशाला में सरईटोला पहुंच मार्ग लं. 11.50 कि.मी. का निर्माण कार्य, 01 करोड़ 72 लाख 55 हजार रुपए लागत के फरसाबहार में विश्रामगृह भवन का निर्माण कार्य, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास कोल्हेनझरिया का भवन निर्माण, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास फरसाबहार का भवन निर्माण, 01 करोड़ 52 लाख 97 हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास लवाकेरा का भवन निर्माण, 01 करोड़ 52 लाख 97 हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास पण्डरीपानी का भवन निर्माण, 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्रो.मै. आदिवासी बालक छात्रावास पंडरीपानी का भवन निर्माण कार्य और 01 करोड़ 91 लाख 51 हजार रुपए लागत के प्री.मै. आदिवासी बालक छात्रावास तपकरा का भवन निर्माण कार्य शामिल है।

इस अवसर पर सांसद श्री राधेश्याम राठिया, विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, नगर पालिका जशपुर के उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव,पूर्व संसदीय सचिव श्री भरत साय, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, श्री विजय आदित्य सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे।

*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का प्रवास प्रदेश के लिए गौरव का अवसर, प्रत्येक व्यवस्था हो गरिमामय और त्रुटिरहित – मुख्यमंत्री श्री साय, मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रवास की तैयारियों का लिया व्यापक जायज़ा: सभी तैयारियाँ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने अधिकारियों को दिए निर्देश*

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*प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का प्रवास प्रदेश के लिए गौरव का अवसर, प्रत्येक व्यवस्था हो गरिमामय और त्रुटिरहित – मुख्यमंत्री श्री साय*

*मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के प्रवास की तैयारियों का लिया व्यापक जायज़ा: सभी तैयारियाँ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने अधिकारियों को दिए निर्देश*

रायपुर 24 अक्टूबर 2025/ प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के आगामी छत्तीसगढ़ प्रवास के मद्देनज़र मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नवा रायपुर में विभिन्न कार्यक्रम स्थलों का निरीक्षण कर तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का छत्तीसगढ़ आगमन राज्य के लिए गौरव का अवसर है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस दौरान प्रत्येक व्यवस्था उत्कृष्टता का प्रतीक बने और प्रदेश की संस्कृति, आत्मगौरव एवं प्रगति की झलक हर स्थल पर दृष्टिगोचर हो।

*मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न स्थलों का किया निरीक्षण*

मुख्यमंत्री श्री साय ने सबसे पहले नवा रायपुर स्थित श्री सत्य साईं हॉस्पिटल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यक्रम की रूपरेखा, सभागार व्यवस्था, मंच और आमंत्रित अतिथियों के बैठने की व्यवस्था का जायजा लिया।
इसके पश्चात मुख्यमंत्री श्री साय प्रजापिता ब्रह्मकुमारी ध्यान केंद्र पहुँचे, जहाँ उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने ध्यान केंद्र के सभागार, मेडिटेशन रूम एवं बाहरी परिसर का निरीक्षण करते हुए सभी व्यवस्थाओं को समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।

*ट्राइबल म्यूज़ियम बनेगा जनजातीय अस्मिता का अमर प्रतीक*

मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद वीर नारायण सिंह स्मारक सह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह संग्रहालय जनजातीय समाज की वीरता, बलिदान और अस्मिता का अमर प्रतीक बनेगा।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि संग्रहालय के प्रत्येक अनुभाग को इस प्रकार तैयार किया जाए कि वह आगंतुकों को छत्तीसगढ़ के जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम के गौरवशाली अध्याय से गहराई से परिचित करा सके। उन्होंने प्रदर्शनी दीर्घाओं, मल्टीमीडिया गैलरी, स्मृति कक्ष और बाहरी परिसर की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की।

*राज्योत्सव स्थल बनेगा छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों का दर्पण*

मुख्यमंत्री श्री साय ने नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव स्थल का भी दौरा किया और तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने मुख्य मंच, पार्किंग क्षेत्र, विभागीय डोम, प्रदर्शनी दीर्घा, वीआईपी दीर्घा और आमजन के लिए बनाए गए मार्गों का निरीक्षण किया।उन्होंने कहा कि राज्योत्सव छत्तीसगढ़ की उपलब्धियों, संस्कृति और आत्मविश्वास का उत्सव है, इसलिए यह आयोजन उत्कृष्टता की नई मिसाल बने।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरे किए जाएँ और सुरक्षा, स्वच्छता तथा आमजन की सुविधा से जुड़े सभी बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जाए।

इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, सचिव श्री राहुल भगत सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

*गोवर्धन पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री ने किया गौपूजन, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की*

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*गोवर्धन पूजा के अवसर पर मुख्यमंत्री ने किया गौपूजन, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की*

रायपुर, 22 अक्टूबर 2025/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास रायपुर में स्थित गौशाला में गोवर्धन पूजा के अवसर पर गौमाता की पूजा-अर्चना की और गौ माता को खिचड़ी खिलाकर गोसेवा की परंपरा निभाई। उन्होंने इस अवसर पर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की मंगलकामना की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा प्रकृति, गौवंश और पर्यावरण के प्रति आभार व्यक्त करने का पावन पर्व है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को गोवर्धन पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं दी।

पूजा-अर्चना के बाद प्रसाद वितरण के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने गौशाला में सेवा कर रहे गौसेवकों को अपने हाथों से मिठाई खिलाकर सम्मानित किया। उन्होंने गौसेवा के लिए उनकी सराहना करते हुए सभी से गौवंश की रक्षा एवं संरक्षण के कार्यों में आगे आने का आग्रह किया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने गौशाला की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। गौसेवकों ने मुख्यमंत्री को बताया कि गौशाला में गौवंश की देखरेख की सभी व्यवस्था मौजूद है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोवर्धन पूजा हमारे जीवन में प्रकृति, अन्न और पशुधन के प्रति कृतज्ञता का प्रतीक है। गाय भारतीय संस्कृति की आधारशिला है, जो न केवल हमारे ग्रामीण जीवन से जुड़ी है, बल्कि हमारी अर्थव्यवस्था और आस्था दोनों का केंद्र भी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की मिट्टी में गोसेवा और प्रकृति पूजन की भावना गहराई से रची-बसी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गाय, अन्न और धरती का सम्मान करना उस मातृशक्ति को प्रणाम करना है, जिससे हमारा जीवन जुड़ा है। जब हम इन्हें नमन करते हैं, तब हम अपनी संस्कृति की जड़ों, अपनी आत्मा की गहराइयों और समृद्धि के स्रोतों को स्पर्श करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी संस्कृति में गाय गौमाता के रूप में पूजनीय है, और इसी भावना के साथ राज्य सरकार गोसेवा को ग्रामीण विकास की धुरी बनाने के लिए कार्य कर रही है।