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*श्री जगन्नाथ महाप्रभु जी की विशाल बाहुड़ा रथ यात्रा दोकड़ा में संपन्न, श्रद्धा और भक्ति में झूमे श्रद्धालु ,मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने निभाई रथ खींचने की रस्म…*

*श्री जगन्नाथ महाप्रभु जी की विशाल बाहुड़ा रथ यात्रा दोकड़ा में संपन्न, श्रद्धा और भक्ति में झूमे श्रद्धालु ,मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने निभाई रथ खींचने की रस्म…*

जशपुरनगर। ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में शनिवार को बाहुड़ा रथ यात्रा बड़े ही धूमधाम एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुई। भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु जी की रथ यात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने विशेष रूप से इस आयोजन में सहभागिता निभाई और रथ यात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ जी का दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। उन्होंने रथ खींचने की रस्म भी निभाई, जिससे भक्तों में उत्साह और श्रद्धा की लहर दौड़ गई।

इस अवसर पर ओडिशा के प्रसिद्ध दुलदूली बाजा एवं कीर्तन मंडली ने अपनी संगीतमयी प्रस्तुति से समां बांध दिया। ढोल-नगाड़ों और भजनों की गूंज से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया और श्रद्धालु थिरक उठे। कीर्तन मंडली की सजीव प्रस्तुति ने जनसमूह को भगवान के चरणों में विभोर कर दिया।रथ यात्रा भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की रथ मौसी बाड़ी से चलकर वापस श्री मंदिर पहुंची। परंपरा के अनुसार, अब दो दिन तक महाप्रभु रथ में ही विराजमान रहेंगे। इस दौरान भक्तजन रथ के दर्शन करके पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।

6 जुलाई को भगवान का सुना वेष सौंदर्य श्रृंगार किया जाएगा, उसके पश्चात 7 जुलाई को आधार पना की रस्म निभाई जाएगी। इसके बाद 8 जुलाई को “निलाद्री बीजे” की पारंपरिक रस्म पूरी की जाएगी, जिसके साथ ही महाप्रभु जी विधिवत रूप से श्री मंदिर में पुनः प्रवेश करेंगे।रथ यात्रा के उपरांत रात्रि में मंदिर परिसर में विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें कीर्तन, भजन संध्या, सांस्कृतिक नृत्य एवं प्रवचन शामिल होंगे। इन आयोजनों में स्थानीय कलाकारों के साथ-साथ बाहर से आए भक्ति मंडलियों की भी विशेष प्रस्तुति देखने को मिलेगी।

यह पूरा आयोजन श्री जगन्नाथ मंदिर समिति, दोकड़ा के तत्वावधान में संपन्न हुआ। समिति के सदस्यगण, स्थानीय प्रशासन, पुलिस बल और स्वयंसेवकों ने रथ यात्रा को शांतिपूर्ण और भव्य रूप देने में सराहनीय भूमिका निभाई।

श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब

दोकड़ा में आयोजित यह रथ यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रही, बल्कि सामाजिक एकता, संस्कृति और लोक परंपराओं का भी अद्भुत उदाहरण बन गई। दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ जी की एक झलक पाने के लिए लंबी दूरी तय की और भक्ति रस में डूबे रहे।

*शिक्षा जीवन को दिशा देने वाला सर्वोत्तम मार्ग: श्रीमती कौशल्या साय, शा. उ. मा. विद्यालय कुंजारा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव*

*शिक्षा जीवन को दिशा देने वाला सर्वोत्तम मार्ग: श्रीमती कौशल्या साय*

*शा. उ. मा. विद्यालय कुंजारा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव*

जशपुरनगर, 05 जुलाई 2025/ शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुंजारा में शाला प्रवेश उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि श्रीमती कौशल्या साय ने सभी नवप्रवेशी बच्चों का बधाई दी और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा ही जीवन को दिशा देने वाला सर्वोत्तम मार्ग है। बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें सशक्त, आत्मनिर्भर एवं योग्य नागरिक बनाने की जिम्मेदारी हम सभी की है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर शिक्षा को सर्वसुलभ और गुणवत्तायुक्त बनाने के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। नवाचार का प्रयोग कर स्कूलों को स्मार्ट बनाया जा रहा है ताकि बच्चों को कठिन विषयों को समझाने में भी आसानी हो। इस अवसर पर श्रीमती साय ने नवप्रवेशी बच्चों को पाठ्य पुस्तकें वितरित किए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों को भी प्रेरित किया कि वे निष्ठा और समर्पण के साथ बच्चों को बेहतर शिक्षण वातावरण प्रदान करें। इस दौरान जनपद पंचायत सदस्य हेमा गुप्ता, पूर्व जनपद पंचायत सदस्य श्री बिष्णु गुप्ता, शाला प्रबंधक श्री रामचन्द्र गुप्ता, स्कूल के प्रचार्य श्री तिग्गा सहित समस्त शिक्षक और ग्रामवासी मौजूद थे।

*श्री जगन्नाथ महाप्रभु के मौसी बाड़ी में हुआ चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन, शनिवार को होगा बाहुड़ा रथ यात्रा में दुलदुली बाजा और कीर्तन मंडली, मेला रहेगा मुख्य आकर्षण , जुटेंगे हजारों श्रद्धालु……*

*श्री जगन्नाथ महाप्रभु के मौसी बाड़ी में हुआ चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन, शनिवार को होगा बाहुड़ा रथ यात्रा में दुलदुली बाजा और कीर्तन मंडली, मेला रहेगा मुख्य आकर्षण , जुटेंगे हजारों श्रद्धालु……*

दोकड़ा। श्री जगन्नाथ महाप्रभु की रथ यात्रा के पावन अवसर पर मौसी बाड़ी परिसर में शुक्रवार को एक भव्य चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय बच्चों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में कुल 57 प्रतिभागियों ने अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

प्रतियोगिता में नंदनी चक्रपाणि ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि खुशी गुप्ता ने द्वितीय और दिव्या भगत ने तृतीय स्थान प्राप्त कर सबका ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। प्रतिभागियों ने भगवान श्री जगन्नाथ, रथ यात्रा और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से साकार किया।

मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा के सदस्यों ने विजेताओं को पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि इस तरह की प्रतियोगिताओं का उद्देश्य बच्चों में सांस्कृतिक चेतना एवं रचनात्मकता को प्रोत्साहित करना है।इस आयोजन के साथ ही शनिवार को होने वाली बाहुड़ा रथ यात्रा की तैयारियां भी अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस दिन भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु मौसी बाड़ी से अपने मूल स्थान श्री मंदिर लौटेंगे। यात्रा में इस बार ओडिशा के प्रसिद्ध दुलदुली बाजा और कीर्तन मंडली विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। इनके साथ स्थानीय श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति रहने की संभावना है, जो रथ यात्रा को और भी भव्य बनाएगी।मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर पहुंचे और भक्ति भाव के साथ भगवान के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करें। साथ ही उन्होंने सभी प्रतिभागियों और विजेताओं को बधाई देते हुए भविष्य के आयोजनों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया।

रात्रि भजन संध्या का आयोजन

शनिवार रात्रि को श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में भजन संध्या एवं विभिन्न झांकियां की प्रस्तुति दी जाएगी। बाहुडा रथ यात्रा के बाद श्री जगन्नाथ महाप्रभु जी दो दिन तक रथ में विराज मान रहेंगे,इस मौके पर आधार पना,सुना वेष,एवं नीलाद्री बीजे की रश्म निभाई जाएगी।

*स्व-सहायता समूहों की महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दे रही मजबूत आधार: श्रीमती कौशल्या साय, कांसाबेल में बिहान अंतर्गत मुद्रा एवं बैंक क्रेडिट मेला का हुआ आयोजन*

*स्व-सहायता समूहों की महिलाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को दे रही मजबूत आधार: श्रीमती कौशल्या साय*

*कांसाबेल में बिहान अंतर्गत मुद्रा एवं बैंक क्रेडिट मेला का हुआ आयोजन*

जशपुरनगर, 04 जुलाई 2025/ श्रीमती कौशल्या साय के मुख्य आतिथ्य में विकासखंड कांसाबेल में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान अंतर्गत मुद्रा एवं बैंक क्रेडिट मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के तहत बैंक द्वारा 79 समूहों को एक करोड़ 50 लाख का रुपए की बैंक लिंकेज अंतर्गत ऋण राशि की स्वीकृति प्रदाय किया गया एवं व्यक्तिगत रूप से 53 महिलाओं को 39 लाख का मुद्रा लोन की स्वीकृति दी गई। इस आयोजन में बिहान के 450 महिला उपस्थित रही।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि श्रीमती साय ने बिहान की महिलाओं को बचत और आर्थिक आत्मनिर्भरता के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि स्व-सहायता समूहों की महिलाएं आज ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुकी हैं और सरकार की योजनाएं उन्हें नई उड़ान देने का कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं शासकीय योजनाओं की मदद से न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकती हैं, बल्कि समाज के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। कार्यक्रम में बैंक मैनेजरों के द्वारा समूहों को वित्तीय साक्षरता के बारे में विस्तार से बताया गया।
कार्यक्रम में जनपद सदस्य श्रीमती शिप्रा दास, उपसरपंच अमित जिंदल, श्री सुदाम पंडा , एलडीएम श्री वाल्टर भेंगरा, डीपीएम एफआई श्री अमीन खान ,जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप मरावी ,विकासखण्ड परियोजना प्रबंधन श्री कमलेश श्रीवास सहित सभी बैंकों के बैंक मैनेजर और अन्य कर्मचारी मौजूद थे।

*महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिले 342.39 करोड़ से अधिक की राशि, लाखों महिलाओं का बदल रहा है जीवन, व्यवसाय कर बन रही आत्मनिर्भर*

*महतारी वंदन योजना से महिलाओं को मिले 342.39 करोड़ से अधिक की राशि*

 

*लाखों महिलाओं का बदल रहा है जीवन, व्यवसाय कर बन रही आत्मनिर्भर*

 

जशपुरनगर 03 जुलाई 2025/ छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शुरू की गई महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक जीवन में बदलाव लाने वाली एक क्रांतिकारी पहल बनकर उभरी है। यह योजना केवल आर्थिक सहयोग का माध्यम नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन देने की दिशा में एक मजबूत प्रयास है। ऐसे अनेकों उदाहरण है जिनकी जिंदगी इस योजना के माध्यम से बदली है। महतारी वंदन योजना द्वारा जिले में 2 लाख से अधिक महिलाओं को योजना की शुरूआत मार्च 2024 से जून 2025 तक 342 करोड़ 39 लाख 31 हजार 950 की राशि प्राप्त हो चुकी है।

 

*योजना महिलाओं की जिंदगी में ला रहा है साकारात्मक बदलाव*

 

यह योजना महिलाओं की आर्थिक निर्भरता की बेड़ी को तोड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब महिलाएं अपने छोटे-छोटे फैसले खुद ले पा रही हैं। ऐसे ही सिलाई का काम कर अपना घर चलाने वाली हितग्राही ममता यादव की जिंदगी में महतारी वंदन योजना एक साकारात्मक बदलाव लेकर आई है। इस योजना के माध्यम से प्रति माह मिलने वाले 1000 रूपए और सिलाई के काम के पैसे जोड़कर वह घर की अच्छी तरह से देख-भाल कर रही है। उन्होंने बताया कि इससे उनको घर चलाने में अब आसानी हो रही है। कुछ पैसे वे बच्चों के भविष्य के लिए भी सुरक्षित कर रही हैं । इसी तहत जिले में श्रीमती सरिता यादव, श्रीमती अनीता सोनकर, बिरसमुनी सिंह, लक्ष्मी बाई, श्रीमती अनीशा बाई जैसी लाखों महिलाएं हैं जिन्होंने इस योजना के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ाया है। जहां पहले महिलाएं घरेलू ज़रूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहती थीं, आज वे अपनी छोटी-छोटी जरूरतें खुद पूरी कर पा रही हैं।

 

*अन्य क्षेत्रों पर निवेश कर योजना की राशि का कर रही हैं सदुपयोग*

 

महतारी वंदन योजना से मिली राशि का महिलाएं केवल घरेलु खर्चों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इसे अन्य उत्पादक क्षेत्रों में निवेश कर सुदपयोग भी कर रही हैंं। इस योजना की राशि का महिलाएं अपनी बेटियों का जीवन सुरक्षित बनाने सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश भी कर रही हैं। इसके साथ ही व्यवसाय में हाथ आजमा कर सफलता की सीढ़िया चढ़ रही हैं। इस योजना के आधार पर महिलाओं को छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के माध्यम से महिलाओं को महतारी शक्ति ऋण योजना के तहत 25 हजार तक की राशि एकमुश्त 48 महिनों तक के आसान किस्तों में न्यूनतम ब्याज दर पर दिया जा रहा हैं। जशपुर में 875 महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला हैं। जिसका महिलाएं व्यवसाय या अन्य कामों में उपयोग कर रही हैं।

*श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ निभाई गई हेरा पंचमी की रश्म, मां लक्ष्मी जी ने रथ तोड़कर जताया नाराज़गी, डांडिया व रंगोली प्रतियोगिता ने भरा आयोजन में रंग*

*श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ निभाई गई हेरा पंचमी की रश्म*

 

*मां लक्ष्मी जी ने रथ तोड़कर जताया नाराज़गी, डांडिया व रंगोली प्रतियोगिता ने भरा आयोजन में रंग*

 

दोकड़ा। श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में हेरा पंचमी की पारंपरिक और धार्मिक रस्म पूरे हर्षोल्लास और श्रद्धा भाव से संपन्न हुई। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों से भी सराबोर रहा।

 

✨ मां लक्ष्मी जी की नाराज़गी – परंपरा अनुसार रथ तोड़ने की रस्म

 

हेरा पंचमी परंपरा के अनुसार, जब भगवान श्रीजगन्नाथ अपने भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ रथ यात्रा पर मौसीबाड़ी चले जाते हैं और मां लक्ष्मी को साथ नहीं ले जाते, तो मां लक्ष्मी नाराज़ हो जाती हैं। इसी भाव को दर्शाते हुए, मां लक्ष्मी जी को श्री जगन्नाथ मंदिर से कीर्तन मंडली के साथ भव्य शोभायात्रा में निकाला गया।

 

पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मां लक्ष्मी जी ने रथ का एक भाग तोड़कर अपनी नाराज़गी व्यक्त की। इसके पश्चात उन्हें फूलों से सजी सुंदर पालकी में विराजमान कर मंदिर लाया गया। कीर्तन मंडली की मधुर प्रस्तुति और भक्ति गीतों से माहौल भक्तिमय हो गया।

 

 

 

???? रंग-बिरंगे सांस्कृतिक आयोजन

 

हेरा पंचमी के अवसर पर डांडिया और रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें बच्चों और युवाओं ने उत्साह से भाग लिया।

 

डांडिया प्रतियोगिता विजेता:

 

???? प्रथम स्थान – वर्षा कुमावत

 

???? द्वितीय स्थान – रूपा यादव

 

???? तृतीय स्थान – सुमति

 

 

रंगोली प्रतियोगिता विजेता:

 

???? प्रथम स्थान – खुशी परी

 

???? द्वितीय स्थान – दिव्या भगत

 

???? तृतीय स्थान – खुशी मानिक

 

 

प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों को मंदिर समिति द्वारा पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

*श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव: मौसी बाड़ी में हुआ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, झारखंड के मशहूर कलाकारों ने लोक संस्कृति का बिखेरा रंग……*

*श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव: मौसी बाड़ी में हुआ रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, झारखंड के मशहूर कलाकारों ने लोक संस्कृति का बिखेरा रंग……*

दोकड़ा।
श्री जगन्नाथ रथ यात्रा महोत्सव के अंतर्गत मौसी बाड़ी प्रांगण में एक भव्य और रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें झारखंड के सुप्रसिद्ध कलाकारों और डांस ग्रुप्स ने अपनी आकर्षक प्रस्तुतियों से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए।

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा द्वारा आयोजित इस रथ यात्रा महोत्सव में 9 दिनों तक चलने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला के अंतर्गत यह सांस्कृतिक संध्या विशेष आकर्षण का केंद्र रही।

कार्यक्रम की शुरुआत उर्मिला महतो के भावपूर्ण लोक गीतों से हुई, जिन्होंने पारंपरिक नागपुरी धुनों पर भक्तिरस से सराबोर प्रस्तुति दी। इसके बाद नितेश कच्छप की सजीव गायकी ने श्रोताओं को झूमने पर मजबूर कर दिया।

चिंता देवी ने अपनी लोकगीतों की प्रस्तुति से संस्कृति की आत्मा को स्वर प्रदान किया, जबकि रूपेश बड़ाइक ने सामाजिक और पारंपरिक विषयों पर आधारित गीतों से लोगों को भावविभोर किया।

मांदर सम्राट हुलास महतो ने अपने मांदर वादन और गायन से समां बांध दिया। उनकी प्रस्तुति के दौरान पूरा प्रांगण तालियों की गूंज से भर उठा।

नृत्य प्रस्तुतियों में भी स्थानीय और बाल कलाकारों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। वंशिका एवं लिटिल स्टार, भीम सुमन ग्रुप, बेबी खुशी डांस ग्रुप, और संगम दिव्या डांस ग्रुप ने पारंपरिक और आधुनिक नृत्य का सुंदर संगम प्रस्तुत किया, जिससे दर्शक झूमते नजर आए।

इस अवसर पर मौसी बाड़ी परिसर को विशेष रूप से सजाया गया था। मंच पर रंगीन रोशनी, पारंपरिक साज-सज्जा और सांस्कृतिक ध्वनि की गूंज ने वातावरण को भक्तिमय और उल्लासमय बना दिया।

कार्यक्रम में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गणमान्य नागरिकों सहित हजारों श्रद्धालु मौजूद रहे। मंदिर समिति के सदस्यों ने सभी कलाकारों का स्वागत किया ।

समिति के लोगों ने बताया कि रथ यात्रा के पावन अवसर पर प्रतिदिन विशेष पूजा, कीर्तन, भजन संध्या, झांकी, महाप्रसाद वितरण और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे जनमानस में आस्था और सांस्कृतिक चेतना का विस्तार हो रहा है।

*परंपरागत श्रद्धा-भक्ति और उल्लास के वातावरण में निकाली गई भव्य रथयात्रा, भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा से मौसीबाड़ी पहुंचे, 9 वें दिन होगी भव्य वापसी, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रथयात्रा में हुए शामिल, निभाई छेरा-पहरा की रस्म*

*परंपरागत श्रद्धा-भक्ति और उल्लास के वातावरण में निकाली गई भव्य रथयात्रा*

*भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा से मौसीबाड़ी पहुंचे, 9 वें दिन होगी भव्य वापसी*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय रथयात्रा में हुए शामिल, निभाई छेरा-पहरा की रस्म*

रायपुर, 27 जून 2025/ जशपुर ज़िले के ऐतिहासिक एवं प्राचीन श्री जगन्नाथ मंदिर दोकड़ा में इस वर्ष भी रथयात्रा महोत्सव का आयोजन परंपरागत श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ किया गया। मंदिर से रथ यात्रा के रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय ने जगन्नाथ मंदिर में पूरे विधि-विधान से भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की मंगलकामना की। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने झाडू से रथयात्रा के मार्ग को बुहारकर छेरा-पहरा की रस्म निभाई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने हजारों श्रद्धालुओं के साथ भक्तिभावपूर्वक रथ यात्रा में भाग लिया। श्रद्धालुओं ने भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा के रथ को रस्सी खींचकर आगे बढ़ाया। पूरा वातावरण जय जगन्नाथ के जयघोष, भजन-कीर्तन और भक्तिमय उल्लास से गूंज उठा। रथ यात्रा मुख्य मार्गों से होते हुए मौसीबाड़ी पहुंची। भगवान श्री जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा नौ दिनों तक अपनी मौसी के घर मौसीबाड़ी में विराजमान रहेंगे। नौवें दिन 5 जुलाई को शुभ वापसी श्री जगन्नाथ मंदिर, दोकड़ा में होगी। यह आयोजन ओडिशा के पुरी धाम की परंपरा के अनुरूप आयोजित किया गया है।

*दोकड़ा में सन् 1942 से जारी है रथ यात्रा की परंपरा*

रथ यात्रा की शुरुआत दोकड़ा में वर्ष 1942 में हुई थी। इसकी शुरूआत स्वर्गीय श्री सुदर्शन सतपथी एवं उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय श्रीमती सुशीला सतपथी द्वारा श्रद्धा और समर्पण के साथ की गई थी। तब से यह परंपरा निरंतर श्रद्धा और उत्साह के साथ निर्विघ्न रूप से जारी है। समय के साथ यह आयोजन अब एक भव्य धार्मिक मेले का रूप ले चुका है, जिसमें श्रद्धालुओं की विशाल सहभागिता देखने को मिलती है।

रथ यात्रा के पावन अवसर पर ओडिशा से आमंत्रित कीर्तन मंडलियों ने भक्ति संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। साथ ही रथ यात्रा में अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक झांकियां भी शामिल रहीं, जो भगवान श्री जगन्नाथ की महिमा और हमारी सांस्कृतिक विविधता की भव्यता को अत्यंत आकर्षक रूप में प्रदर्शित कर रही थीं।

*नौ दिनों तक चलेगा धार्मिक पर्व*

श्री जगन्नाथ मंदिर समिति दोकड़ा के सदस्यों ने बताया कि रथ यात्रा महापर्व नौ दिवसीय भव्य धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर मंदिर परिसर और दोकड़ा गांव पूरे श्रद्धा और उत्साह से सराबोर रहता है। पूरे महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, संगीतमय प्रस्तुतियाँ, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ बच्चों और युवाओं के लिए विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाता है, जो पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा और सांस्कृतिक रंगों से भर देता है।

रथ यात्रा के उपलक्ष्य में दोकड़ा में एक विशाल मेले का भी आयोजन किया गया है, जो इस उत्सव की शोभा को और अधिक बढ़ा देता है। मेला परिसर में मनोरंजन के लिए झूले, स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टॉल, पारंपरिक हस्तशिल्प की दुकानें और अन्य आकर्षण मौजूद हैं। जो सभी के लिए आनंद का केंद्र बनते हैं। यह आयोजन आस्था, संस्कृति और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को रथयात्रा की दी बधाई एवं शुभकामनाएँ*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को रथयात्रा की दी बधाई एवं शुभकामनाएँ*

 

रायपुर 26 जून 2025/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने इस पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ से सभी नागरिकों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की प्रार्थना की है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महाप्रभु जगन्नाथ के धाम पुरी सहित विभिन्न स्थानों पर रथयात्रा बड़े धूमधाम और श्रद्धा के साथ निकाली जाती है। भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और माता सुभद्रा की यह यात्रा भारत की सांस्कृतिक एकता और सौहार्द्र का सशक्त प्रतीक है।

 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्राचीन काल से ही छत्तीसगढ़वासियों की भगवान जगन्नाथ में गहरी आस्था रही है। उत्कल समाज के साथ मिलकर सभी छत्तीसगढ़वासी प्रतिवर्ष भक्ति-भाव के साथ भगवान जगन्नाथ, उनके भ्राता बलभद्र और भगिनी देवी सुभद्रा की रथयात्रा निकालते हैं। यह महापर्व श्रद्धा, भक्ति और आस्था का प्रतीक है, जो हमें एकता, सद्भाव और सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।

*छत्तीसगढ़ के विकास के लिए मध्य क्षेत्रीय परिषद बना सार्थक मंच: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*छत्तीसगढ़ के विकास के लिए मध्य क्षेत्रीय परिषद बना सार्थक मंच: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

रायपुर 24 जून 2025/उत्तरप्रदेश के वाराणसी में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की 25वीं बैठक में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि यह परिषद केन्द्र और राज्यों के बीच सहयोग और समन्वय का सशक्त मंच बन चुकी है, जिसके माध्यम से छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के विभिन्न क्षेत्रों के विकास को नई दिशा मिली है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में मध्य क्षेत्रीय परिषद ने ठोस योगदान दिया है। छत्तीसगढ़ राज्य की अर्थव्यवस्था, आंतरिक सुरक्षा, सांस्कृतिक पर्यटन और बुनियादी ढांचे के विकास में परिषद की भूमिका निर्णायक रही है।

*नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक बढ़त, बस्तर में विकास का नया युग*

मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल समस्या पर बोलते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय से छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के विरुद्ध बड़ी सफलता मिली है। बसवराजू और सुधाकर जैसे शीर्ष नक्सली नेताओं के न्यूट्रलाइज होने को उन्होंने नक्सलवाद की रीढ़ टूटने जैसा करार दिया। उन्होंने बताया कि बस्तर के विकास के लिए बोधघाट-महानदी इंद्रावती लिंक जैसी कई हजार करोड़ की परियोजनाओं पर भी हम काम कर रहे हैं। रावघाट-जगदलपुर रेललाइन परियोजना को मिली मंजूरी भी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

*विकास और सुशासन की दिशा में ठोस कार्य*

मुख्यमंत्री ने परिषद को अवगत कराया कि पिछली बैठक में दिए गए सुझावों पर तेजी से अमल हुआ है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 28 नई बैंक शाखाएं, डॉयल-112 सेवा का विस्तार, 82 हजार से अधिक बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालना जैसी उपलब्धियाँ राज्य के विकास के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर पंडुम और बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजनों ने स्थानीय खेल और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को मंच दिया है। आयुष्मान भारत योजना के तहत 87.2 प्रतिशत नागरिकों को कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, और 1075 में से 1033 शासकीय अस्पताल इससे जोड़े जा चुके हैं।

*ऊर्जा, निवेश और औद्योगिक विकास में राष्ट्रीय नेतृत्व की ओर छत्तीसगढ़*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद राज्य को अब तक 5.5 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 3.5 लाख करोड़ पावर सेक्टर से हैं। छत्तीसगढ़ देश में विद्युत उत्पादन में दूसरे स्थान पर है और 2030 तक प्रथम स्थान का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में 23 घंटे 27 मिनट और शहरी क्षेत्रों में 23 घंटे 51 मिनट की औसत विद्युत आपूर्ति राज्य के ऊर्जा प्रबंधन की दक्षता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत 6 लाख घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का कार्य प्रगति पर है।

*सुगम सेवाएँ, सशक्त पंचायतें और नई श्वेत क्रांति*

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में डेढ़ लाख से अधिक सोलर कृषि पंप किसानों को सिंचाई सुविधा प्रदान कर रहे हैं। एनडीडीबी के साथ हुए एमओयू से राज्य में दुग्ध उत्पादन में नया विस्तार होगा। अटल डिजिटल सुविधा केंद्र पंचायतों में डिजिटल सुशासन के सेतु बन रहे हैं और लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के प्रभावी क्रियान्वयन से सेवाओं की पारदर्शी और समयबद्ध डिलीवरी सुनिश्चित हुई है।

*विकास और सुशासन में छत्तीसगढ़ बना मॉडल राज्य*

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री मोदी जी के नेतृत्व में भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के अभियान में पूरी निष्ठा से सहभागी है। मध्य क्षेत्रीय परिषद के माध्यम से संवाद और समन्वय का यह मंच छत्तीसगढ़ को और भी आगे ले जाने में सहायक सिद्ध हो रहा है।