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*जनदर्शन में फूलमती बाई की समस्या का तत्काल हुआ समाधान, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं*

*जनदर्शन में फूलमती बाई की समस्या का तत्काल हुआ समाधान*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जनदर्शन में सुनी लोगों की समस्याएं*

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बगिया स्थित अपने निवास कार्यालय में जनदर्शन लेकर लोगों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना और प्राप्त आवेदनों को संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध समाधान के लिए निर्देशित भी किया।
जनदर्शन के दौरान ग्राम जामबहार, तहसील फरसाबहार की फूलमती बाई उम्र 55 साल की एक दुर्घटना में गिरने की वजह से चलने फिरने में काफी दिक्कत हो रही थी। मुख्यमंत्री के समक्ष फूलमती ने अपनी परेशानियों का उल्लेख किया और ट्राईसाईकिल की मांग की। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर उन्हें तत्काल ट्राईसाईकिल प्रदान किया गया। ट्राईसाईकिल मिलने पर फूलमती ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आमजन की समस्याओं का समयबद्ध निराकरण शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। शासन की योजनाओं का लाभ आम लोगों को मिले इसके लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है। दूरस्थ क्षेत्रों के विकास के लिए हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है। जनदर्शन के माध्यम से जमीनी स्तर पर ग्रामीणजनों को हो रही समस्याओं कि जानकारी मिलती है। उन्होंने अधिकारियों को आवेदनों को संवेदनशीलता के साथ निराकरण करने के निर्देश भी दिए।

*जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के एम.आई.एस. प्रशासक लालमन साय निलम्बित, पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने पर की गई कार्यवाही*

*जशपुरनगर 15 जुलाई 2025* /लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ के उप संचालक ने कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला जशपुर के एम.आई.एस. प्रशासक श्री लालमन साय को पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं उच्च अधिकारियों के आदेशों, निर्देशों की अवहेलना किये जाने के कारण तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया है।
कलेक्टर जिला जशपुर के पत्र 26 जून 2025 के अनुसार कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला जशपुर के एम.आई.एस. प्रशासक श्री लालमन साय को सौपे गये पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही एवं उच्च अधिकारियों के आदेशों, निर्देशों की अवहेलना किये जाने के कारण कलेक्टर, जिला जशपुर के द्वारा कारण बताओं सूचना जारी किया गया था, जिसका जवाब समाधान कारक नही पाया गया।
श्री साय का उक्त कृत्य छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 03 के सर्वथा विपरीत है।छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 के उपनियम (1) (क) के अन्तर्गत श्री लालमन साय, एम.आई.एस. प्रशासक कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, जिला जशपुर को तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया गया है। निलम्बन काल में श्री लालमन साय, एम.आई.एस. प्रशासक का मुख्यालय कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग सरगुजा नियत किया गया है। निलम्बन अवधि में श्री लालमन साय, एम.आई एस. प्रशासक को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख समृद्धि और खुशहाली की मंगलकामना की, भगवान भोले की कृपा बनी रहे और हमारा देश व छत्तीसगढ़ सतत् रूप से विकास, शांति और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ता रहे: मुख्यमंत्री*

 

जशपुरनगर, 24 जुलाई 2025/ सावन मास के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सपत्नीक श्रीमती कौशल्या साय के साथ आज बगिया स्थित श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की मंगलकामना की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सुप्रसिद्ध कथा वाचिका किशोरी राजकुमारी तिवारी द्वारा किए जा रहे शिव महापुराण कथा का श्रवण भी किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान भोलेनाथ की कृपा सभी पर बनी रहे और हमारा देश और छत्तीसगढ़ सतत् रूप से विकास, शांति और समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ता रहे। उन्होंने कहा कि भगवान भोले के आशीर्वाद से छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के कल्याण के लिए समर्पित होकर कार्य कर रही है। हमारी सरकार की नई उद्योग नीति से आकर्षित होकर बीते छह से आठ महीनों में लगभग साढ़े छह लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार ने युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों के अवसर सृजित किए हैं। डेढ़ वर्षों में लगभग 10 हजार सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गई हैं।
इस अवसर पर फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित 01 लाख 108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं विशेष पूजन अनुष्ठान श्रद्धा, आस्था और शास्त्रोक्त विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन 22 जुलाई से प्रारंभ हुआ था और इसका समापन आज 24 जुलाई को विधिपूर्वक किया गया। पूरे आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुजन उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। भक्तगण पूर्ण श्रद्धा, निष्ठा और भक्ति भाव से पार्थिव शिवलिंग निर्माण में सहभागी रहे। पूजन एवं अनुष्ठान का आयोजन प्रतिष्ठित विद्वान पंडितों की टीम द्वारा शास्त्र सम्मत विधियों के अनुसार किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो उठा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार, जनप्रतिनिधिगण और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का बगिया हैलिपैड में आत्मीय स्वागत किया गया*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का बगिया हैलिपैड में आत्मीय स्वागत किया गया*

जशपुर 24 जुलाई 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का बगिया हेलिपेड में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, कमिश्नर श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक कुमार झा, कलेक्टर श्री रोहित व्यास, पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह, जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक कुमार सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने आत्मीय स्वागत किया

*श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर बगिया में ऐतिहासिक आयोजन, 63211 पार्थिव शिवलिंग दो दिन में बने, 24 जुलाई को होगा आयोजन का समापन, 1 लाख 108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण की ओर बढ़ा एक और ऐतिहासिक कदम*

*श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर बगिया में ऐतिहासिक आयोजन, 63211 पार्थिव शिवलिंग दो दिन में बने, 24 जुलाई को होगा आयोजन का समापन*

*1 लाख 108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण की ओर बढ़ा एक और ऐतिहासिक कदम*

जशपुरनगर। जशपुर जिला अंतर्गत बगिया स्थित श्री फलेश्वरनाथ महादेव मंदिर में श्रावण मास के पावन अवसर पर आयोजित 100108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण पूजन कार्यक्रम ऐतिहासिक रूप ले चुका है। बीते दो दिनों में श्रद्धालुओं की आस्था और सेवा भावना से अब तक 63,211 पार्थिव शिवलिंग का निर्माण पूर्ण हो चुका है।इस विशेष पूजन कार्यक्रम का समापन गुरुवार, 24 जुलाई 2025 को किया जाएगा। समापन अवसर तक 1 लाख 108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जिसे श्रद्धालुजन मिलकर पूर्ण करने में जुटे हैं।

*पूजा में जुटीं मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय*

इस महापर्व में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय लगातार अपनी उपस्थिति से आयोजन को गरिमा प्रदान कर रही हैं। उन्होंने विधि-विधान और वैदिक रीति से पूजा-अर्चना संपन्न कराते हुए श्रद्धालुओं को प्रेरित किया। उनका संयम, श्रद्धा और संकल्प इस आयोजन को एक विशेष स्वरूप प्रदान कर रहा है।

*शिव महापुराण कथा का दिव्य वाचन*

कार्यक्रम के साथ-साथ श्रद्धालुओं के आध्यात्मिक उत्थान हेतु प्रसिद्ध कथा वाचिका किशोरी राजकुमारी तिवारी शास्त्री द्वारा शिव महापुराण कथा का वाचन किया जा रहा है। कथा में भगवान शिव की महिमा, भक्ति मार्ग का महत्व और शिवलिंग पूजन की विशेषता का सारगर्भित वर्णन श्रद्धालुओं को आत्मिक आनंद से सराबोर कर रहा है।

*छत्तीसगढ़ में तैयार हो रहा सड़कों का मजबूत नेटवर्क, 18,215 करोड़ रुपये लागत की 37 सड़क परियोजनाओं पर चल रहा काम, राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के लिए 5353 करोड़ रुपए मंजूर*

*छत्तीसगढ़ में तैयार हो रहा सड़कों का मजबूत नेटवर्क*

*18,215 करोड़ रुपये लागत की 37 सड़क परियोजनाओं पर चल रहा काम*

*राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के लिए 5353 करोड़ रुपए मंजूर*

रायपुर। छत्तीसगढ़ में सड़क नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने के लिए राज्य में दो इकोनॉमिक कॉरिडोर सहित राज्य के दूरस्थ एवं पिछड़े क्षेत्रों में सड़कों का मजबूत नेटवर्क बनाने का काम शुरू हो गया है। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक गतिविधियों में तेजी लाने के लिए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने का भी निर्णय लिया गया है।

छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए वर्तमान में कुल 18,215 करोड़ रुपये लागत की 37 परियोजनाओं पर काम चल रहा है। राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास हेतु 11 विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही हैं, इन सड़कों की लंबाई 1131 किलोमीटर होगी, जिनकी कुल लागत 24,693 करोड़ रुपये है। राष्ट्रीय राजमार्गों के उन्नयन के लिए भारत सरकार द्वारा कुल 5353 करोड़ रुपये की लागत वाली 18 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसके सम्पूर्ण होने से राज्य के विकास को एक नयी गति मिलेगी। राज्य में वर्ष 2014 से 2025 तक 840 किलोमीटर लंबाई के सिंगल-मध्यवर्ती लेन राष्ट्रीय राजमार्ग को 2 या अधिक लेन में उन्नत किया गया है। राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए 2014 से 2025 तक 21,380 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।

राष्ट्रीय राजमार्गों के अलावा, भारत सरकार ने 2014 से 2025 तक केंद्रीय सड़क और सी.आर.आई.एफ. और इकनोमिक इंपोर्टेंस एवं इंटर स्टेट कनेक्टिविटी के तहत राज्य की सड़कों के विकास के लिए कुल 3826 करोड़ रुपये की लागत के 70 कार्यों को मंजूरी दी है। रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, बस्तर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में राजमार्गों के नेटवर्क को और मजबूत किया जा रहा है। रायपुर एवं दुर्ग शहर के नागरिकों को सघन एवं भारी यातयात से राहत पहुंचाने हेतु 2 पैकेजों में 92 किलोमीटर लंबाई वाला 6 लेन का रायपुर-दुर्ग बाईपास का भी निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी लागत 2289 करोड़ रूपए है।

*दो आर्थिक गलियारे*

विशाखापट्टनम के पोर्ट के माध्यम से छत्तीसगढ़ के उत्पादों को वैश्विक बाजार मिलेगा, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे। रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है, इस 6 लेन सड़क की लंबाई के 124 किलोमीटर होगी। इस मार्ग के लिए 4146 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है तथा निर्माण कार्य प्रगति पर है। रायपुर एवं बिलासपुर को झारखण्ड की औद्योगिक नगरी रांची और धनबाद से जोड़ने के लिए 4 लेन सड़क का बिलासपुर-उरगा-पत्थलगाँव का निर्माण कराया जा रहा है, जिसकी लंबाई 157 किलोमीटर और लागत 4007 करोड़ रुपये है।

*एल डब्ल्यू ई और जनमन योजना*

भारत सरकार ने छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की समस्या को समाप्त करने के लिए 2014 से 2025 तक लेफ्ट विंग एक्सट्रिमिस्म (एल. डब्लू. ई) योजना के अंतर्गत महत्वपूर्ण सड़कों के विकास के लिए 2625 करोड़ रुपये की राशि व्यय की है। इसी प्रकार विशेष पिछड़ी जनजातीय समूह के विकास हेतु पीएम-जनमन योजना में राज्य को 715 सड़कें, 2449 किमी. एवं 1699 करोड़ की स्वीकृति दी गई है। इन सड़कों से 775 विशेष पिछड़ी जनजातीय बसाहटें लाभान्वित होगी। भारत सरकार द्वारा देश में राज्यों को 4831 किमी. लम्बाई की स्वीकृति में से राज्य को 2449 किमी. लम्बाई की स्वीकृति दी गई है, जो कि कुल स्वीकृति का 51 प्रतिशत है।

राष्ट्रीय राजमार्गों के आस-पास औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कोरबा-बिलासपुर इंडस्ट्रीयल कॉरिडोर के निर्माण का निर्णय लिया गया है। उरगा-कटघोरा बाईपास बसना से सारंगढ़ (माणिकपुर) फीडर रूट, सारंगढ़ से रायगढ़ फीडर रूट और रायपुर-लखनादोन आर्थिक गलियारा परियोजनाओं की कुल लंबाई 236.1 किलोमीटर है, जिसके लिए भारत सरकार ने कुल 9208 करोड़ स्वीकृत किया है। केन्द्रीय सड़क निधि से सड़कों के निर्माण के लिए 908 करोड़ रूपए की स्वीकृति दी गई है।

*1 लाख 108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण पूजन कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने की पूजा-अर्चना, महाशिवपुराण कथा श्रवण करने जुटे श्रद्धालु…….*

*1 लाख 108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण पूजन कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने की पूजा-अर्चना, महाशिवपुराण कथा श्रवण करने जुटे श्रद्धालु…….*

जशपुरनगर। पवित्र श्रावण मास के पावन अवसर पर श्री फलेश्वर महादेव मंदिर बगिया में 1 लाख 108 पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं विशेष पूजन अनुष्ठान का भव्य शुभारंभ हुआ। यह आयोजन तीन दिवसीय धार्मिक महोत्सव के रूप में 22 जुलाई से प्रारंभ होकर 24 जुलाई तक चलेगा।कार्यक्रम के प्रथम दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। इस विशेष आयोजन में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी सम्मिलित होकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने विधिवत रूद्राभिषेक, शिवलिंग पूजन एवं महाआरती में भाग लिया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की।

पूरे आयोजन को शास्त्रोक्त विधि से सम्पन्न कराने हेतु ओडिशा से आए प्रतिष्ठित पंडितों की टीम द्वारा विधिविधान से पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं पूजन संपन्न कराया जा रहा है। इस अनुष्ठान के माध्यम से क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है।विशेष आकर्षण के रूप में श्रीधाम गहिरा की सुप्रसिद्ध कथा वाचिका किशोरी राजकुमारी तिवारी ‘शास्त्री’ द्वारा तीन दिवसीय शिव महापुराण कथा का भावपूर्ण वाचन किया जा रहा है। कथा श्रवण के लिए प्रतिदिन सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लग रहा है। उन्होंने प्रथम दिवस की कथा में शिव महिमा, पार्वती विवाह एवं रुद्रावतार की अद्भुत गाथाएं सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।इस अवसर पर स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों सहित दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। मंदिर परिसर को आकर्षक विद्युत सजावट एवं भक्ति ध्वनि से सुसज्जित किया गया है।

*24 जुलाई को होगा समापन*

इस तीन दिवसीय धार्मिक आयोजन का 24 जुलाई को समापन होगा, जिसमें महापूजन, भंडारा एवं पूर्णाहुति के साथ महाआरती आयोजित की जाएगी।

*प्रधानमंत्री आवास योजना से बदल रही ग्रामीण परिवार की ज़िंदगी, जशपुर जिले में 74 हजार से अधिक आवास बन कर तैयार, खुद का पक्का मकान मिलने से खुश है लोग*

प्रधानमंत्री आवास योजना से बदल रही ग्रामीण परिवार की ज़िंदगी

जशपुर जिले में 74 हजार से अधिक आवास बन कर तैयार

खुद का पक्का मकान मिलने से खुश है लोग

जशपुर 17 जुलाई 25/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शासन की योजनाओं का लाभ अब समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना से दूरस्थ अंचलों के लोगों को लाभान्वित किया जा रहा है और हितग्राही अपने खुद के मकान में सुकुन से जीवन व्यतीत कर रहे हैं।

जिला पंचायत विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जशपुर जिले में 74 हजार 346 मकान पूर्ण हो चुके हैं।

जशपुर जिले के दुलदुला विकासखंड के ग्राम खटंगा के एक साधारण परिवार की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है, जहाँ शासन की तीन योजनाओं ने एक साथ उनकी ज़िंदगी को नई दिशा दी है।

श्री सुरेशराम की पत्नी श्रीमती सुमित्रा बाई बताती हैं, “पहले हम कच्चे घर में रहते थे। बरसात हो या गर्मी, हमेशा डर बना रहता था। पानी टपकता था, दीवारें गिरने का डर और रात-बिरात साँप, बिच्छू का डर अलग से। लेकिन प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला पक्का घर अब हमारे लिए एक नई दुनिया जैसा है। अब न डर है, न परेशानी… घर भी साफ-सुथरा है, और बच्चों को पढ़ने-लिखने का भी अच्छा माहौल मिल गया है।”

उनकी बेटी कुमारी संगीता बताती है, “जब कच्चा घर था, तब हम पढ़ाई भी ठीक से नहीं कर पाते थे। बरसात के दिन बहुत दिक्कत होती थी। अब जब पक्का घर मिला है, तो मन लगता है। हम अब बहुत खुश हैं।”

सुमित्रा बाई आगे बताती हैं, “प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से गैस सिलेंडर और चूल्हा मिलने से अब हम धुँआरहित खाना बना पाते हैं। पहले जंगल से लकड़ी लाना पड़ता था, आग जलाना — सब बहुत मुश्किल था। आँख में जलन, खाँसी और समय भी ज़्यादा लगता था। अब रसोई में आसानी से खाना बन जाता है।”

उन्होंने आगे बताया कि, “मुझे मुख्यमंत्री महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने ₹1000 मिलते हैं। उसी से हम तेल, नमक, साबुन जैसे ज़रूरी सामान खरीद लेते हैं। कभी बेटी को स्कूल के लिए कॉपी-किताब भी लेना हो, तो उसी से काम चल जाता है।”

परिवार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया।

*लोग अब बंदूक नहीं, विकास की राह पर साथ चलना चाहते हैं: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, ₹37.50 लाख के इनामी 22 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण*

*लोग अब बंदूक नहीं, विकास की राह पर साथ चलना चाहते हैं: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

*₹37.50 लाख के इनामी 22 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण*

रायपुर 11 जुलाई 2025/ नारायणपुर जिले में ₹37 लाख 50 हजार के इनामी कुल 22 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों के ऊपर ₹50 हजार रुपए से लेकर ₹8 लाख तक के इनाम घोषित थे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि “लोग अब बंदूक नहीं, विकास की राह पर साथ चलना चाहते हैं।” हमारी सरकार में अब तक कुल 1476 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह हमारी सरकार की नवीन आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025 तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की सकारात्मकता का प्रमाण है। ‘नियद नेल्लानार’ जैसी योजनाओं ने विश्वास जगाया है, लोग हिंसा छोड़कर विकास की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। इन आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनरुत्थान हेतु हम पूर्णतः संकल्पित हैं। डबल इंजन की सरकार 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है।

*श्री जगन्नाथ महाप्रभु जी का सुना वेष : देवशयनी एकादशी पर हुआ भव्य आयोजन, मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय हुईं शामिल, ओड़िया एवं नागपुरी भजन की धुनों पर झूमीं श्रद्धालु……*

दोकड़ा, जशपुर। यहां के दोकड़ा स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर में देवशयनी एकादशी के पावन अवसर पर भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु जी का पारंपरिक सुना वेष बड़े ही श्रद्धा और भव्यता के साथ सजाया गया। इस शुभ दिन पर मंदिर शिखर में द्वीप प्रज्वलन की रस्म भी विधिवत रूप से संपन्न हुई, जो कि देवशयनी एकादशी के आध्यात्मिक महत्व को और गहराता है।

इस खास अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय विशेष रूप से शामिल हुईं। वे न केवल मंदिर में दर्शन हेतु पहुँचीं, बल्कि ओडिशा भजनों की संगीतमय प्रस्तुति पर झूमती भी नजर आईं। श्रद्धालुओं और उपस्थित जनसमुदाय ने उन्हें आत्मीयता से स्वागत किया।

कार्यक्रम में झारखंड और ओडिशा के प्रसिद्ध लोक कलाकारों द्वारा संगीतमय भक्ति प्रस्तुतियाँ दी गईं, जिन्होंने समूचे वातावरण को भक्तिरस में सराबोर कर दिया। मंगल वाद्य, कीर्तन मंडलियों और संकीर्तन समूहों की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।यह आयोजन श्री जगन्नाथ मंदिर समिति, दोकड़ा द्वारा पारंपरिक रीति-नीति और श्रद्धा के साथ संपन्न कराया गया, जो हर वर्ष की तरह इस बार भी क्षेत्रीय संस्कृति, कला और अध्यात्म का संगम बना। आयोजन में स्थानीय नागरिकों सहित आसपास के ग्रामों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए और प्रभु के दिव्य दर्शन का लाभ प्राप्त किया।समिति के ठाकुर पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु के चार मासीय शयन काल की शुरुआत मानी जाती है, इस कारण यह दिन विशेष पुण्यदायक माना गया है। इस अवसर पर सुना वेष के दर्शन करना अत्यंत दुर्लभ और पुण्यफलदायी माना जाता है।