जशपुरनगर। घने जंगलों, कल-कल बहते झरनों, पहाड़ी नदियां, ऊँचे पहाड़ों और पठारों से घिरा जशपुर प्राकृतिक खूबसूरती का अद्वितीय खजाना है।पर्यटकों के लिए सहज आकर्षित करने वाले इन खूबसूरत पर्यटन स्थलों को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर विकसित किया जा रहा है। इसका मकसद जशपुर की इन पर्यटन स्थलों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत पहचान देना है, साथ ही रोजगार के नए अवसर निर्मित करना है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर हाल ही में बगीचा विकासखंड स्थित दनगरी घाट तक सुगम पहुंच दिलाने के लिए ग्राम पोड़ीखुर्द से ग्राम सुलेशा के बीच दनगरी घाट तक 13.60 किमी सड़क निर्माण हेतु 18.37 करोड़ रुपए की राशि की मंजूरी मिली है।इस सड़क के निर्माण हेतु आगे की प्रक्रिया जारी है। लोगों की यह बहुप्रतीक्षित मांग पूरा होने पर खुशी की लहर है। उन्होंने बताया कि इस पर्यटन क्षेत्र का विकास हो जाने से आसपास के ग्रामों को लाभ मिलेगा। जशपुर मुख्यालय से लगभग 88 किमी दूर घने जंगलों में स्थित यह झरना ऊँची चट्टानों से तीन-चार धाराओं में गिरता है। शांत, मनोहारी और रोमांच से भरपूर यह स्थान प्रकृति प्रेमियों के लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर ग्राम पोड़ीखुर्द से ग्राम सुलेशा के बीच प्रसिद्ध दनगरी वाटरफॉल घाट तक 13.60 किमी सड़क निर्माण हेतु 18.37 करोड़ रुपए की मिली मंजूरी, जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य….
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