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*big breking:– बिना निविदा करोड़ों की खरीदी, प्राचार्य व अधिकारी निलंबित,शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई…*

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*big breking:– बिना निविदा करोड़ों की खरीदी, प्राचार्य व अधिकारी निलंबित,शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई*

रायपुर।

छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग में शासकीय खरीदी नियमों के उल्लंघन से जुड़े गंभीर प्रकरणों पर शासन द्वारा त्वरित और कठोर कार्रवाई लगातार की जा रही है। विश्वविद्यालयों एवं शासकीय महाविद्यालयों में बिना निविदा प्रक्रिया अपनाए करोड़ों रुपये की खरीदी किए जाने की शिकायत विभिन्न माध्यम से प्राप्त हुई थी।विभागीय जांच में यह उजागर हुआ कि कुछ विश्वविद्यालयों और शासकीय महाविद्यालयों द्वारा बिना निविदा प्रक्रिया अपनाए बड़े पैमाने पर क्रय आदेश जारी किए गए।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर द्वारा 15 अप्रैल 2025 को एक ही दिन में लगभग 1 करोड़ रुपये के 26 क्रय आदेश बिना निविदा के जारी किए गए। इसी तरह शासकीय बोरणा सनातन संस्कृत आदर्श महाविद्यालय, नारायणपुर द्वारा 14 अक्टूबर 2025 को एक ही दिन में 35 लाख रुपये के 22 क्रय आदेश तथा शासकीय आदर्श महाविद्यालय, लोहारकोट महासमुंद द्वारा 22 अक्टूबर 2025 को 1 करोड़ रुपये मूल्य के 36 क्रय आदेश बिना निविदा प्रक्रिया के जारी किए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 28 नवंबर 2025 को अपर संचालक की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया गया। समिति की रिपोर्ट के आधार पर शासकीय आदर्श महाविद्यालय लोहारकोट महासमुंद के प्राचार्य एवं क्रय समिति के सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर तथा बोरणा सनातन संस्कृत आदर्श महाविद्यालय, नारायणपुर के प्रकरणों में भी कार्रवाई के तहत प्राचार्य सहित 4 सहायक प्राध्यापकों को निलंबित किया गया है।
उच्च शिक्षा आयुक्तालय ने स्पष्ट किया है कि शासकीय खरीदी नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। यह मामला प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

*गुड गवर्नेंस कागजों पर नहीं, बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और अधिकारियों के काम-काज में दिखना चाहिए – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

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*गुड गवर्नेंस कागजों पर नहीं, बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और अधिकारियों के काम-काज में दिखना चाहिए – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय*

*मुख्यमंत्री श्री साय ने ई-प्रगति पोर्टल का किया शुभारंभ*

*सुशासन एवं नवाचारों के लिए 5 विभाग एवं 5 जिलों को मिला मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार*

रायपुर 10 जनवरी 2025/ गुड गवर्नेंस कागजों पर नहीं, बल्कि जनता के जीवन में सकारात्मक बदलाव और अधिकारियों के काम-काज में दिखना चाहिए। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी नवा रायपुर में आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 कार्यक्रम को सम्बोधित करतेभुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा आयोजित मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025-26 में सुशासन एवं नवाचारों के लिए 5 विभागों एवं 5 जिलों को मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने ई-प्रगति पोर्टल का भी शुभारंभ किया, जिसके माध्यम से अब छत्तीसगढ़ के सभी विभागों के 25 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाले निर्माण कार्यों की निगरानी की जाएगी। इस पोर्टल के माध्यम से निर्माण की मंजूरी से लेकर बजट, मजदूरी, भुगतान, एमआईएस, स्ट्रक्चर लेवल सहित सभी पहलुओं की मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा मॉनिटरिंग की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुड गवर्नेंस का उद्देश्य यह है कि समाज के अंतिम व्यक्ति को बुनियादी सेवाओं के लिए भटकना न पड़े। पंचायतों में शुरू किए गए अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से ग्रामीणों को आधार, पेंशन, बैंकिंग और बिल भुगतान जैसी सुविधाएँ एक ही स्थान पर उपलब्ध हो रही हैं। हमारी सरकार ने तकनीकी नवाचारों के माध्यम से नागरिकों तक सुशासन की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने के लिए अनेक पहल की हैं। इसी क्रम में आज ई-प्रगति पोर्टल का शुभारंभ किया गया है, जिसका उद्देश्य राज्य की वृहद परियोजनाओं एवं योजनाओं के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। इस पोर्टल से योजनाओं की प्रगति का डेटा रियल-टाइम में उपलब्ध होगा। सभी विभागों, जिला प्रशासन तथा मुख्यमंत्री कार्यालय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। इससे राज्य में ई-गवर्नेंस को और मजबूती मिलेगी तथा नागरिकों को योजनाओं का लाभ समय पर और सहज रूप से प्राप्त हो सकेगा। उन्होंने सभी कलेक्टरों, सचिवों एवं संबंधित अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति को नियमित रूप से अपडेट करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद, श्रद्धेय अटल जी की अंत्योदय की अवधारणा और यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व से हमने सुशासन को गहराई से समझा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमने देश का पहला सुशासन एवं अभिसरण विभाग बनाया है, जो सभी योजनाओं के समन्वय और प्रभावी क्रियान्वयन का केंद्र है। पिछले दो वर्षों में हमने 400 से अधिक नीतिगत सुधार किए, पुराने अनुपयोगी नियम-कानून समाप्त किए और कई में संशोधन किए। इन सुधारों से प्रदेशवासियों का जीवन सरल हुआ और प्रशासन अधिक कुशल बना। आज मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार के माध्यम से 5 जिलों और 5 विभागों के नवाचारी प्रयासों को सम्मानित किया गया है। इससे अच्छा कार्य करने वाले अधिकारी प्रोत्साहित होंगे। आगामी वर्ष से 8 अलग-अलग क्षेत्रों में यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जिनमें ई-गवर्नेंस, सेवा वितरण, ग्रामीण और शहरी विकास जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इससे स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में नवाचार और सुशासन की एक सशक्त संस्कृति विकसित हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शासन में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए “पहल” और “प्रेरणा” योजनाएँ प्रारंभ की जा रही हैं। “पहल” से नए विचारों को सहयोग मिलेगा और “प्रेरणा” से सफल योजनाओं का विस्तार होगा। शीघ्र ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन भी प्रारंभ की जाएगी, जिससे शिकायत निवारण और जनभागीदारी मजबूत होगी। सेवाओं की उपलब्धता बेहतर बनाने के लिए प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जा रहा है और लोक सेवा गारंटी अधिनियम को LSG-2.0 के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बदलते दौर में तकनीक जीवनशैली का हिस्सा बन चुकी है। इसलिए हमने डिजिटल संसाधनों की शक्ति को पहचानते हुए तकनीक को सुशासन का प्रमुख हथियार बनाया है। सभी नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ई-ऑफिस ने सरकारी कामकाज में गति और पारदर्शिता दोनों सुनिश्चित की हैं। अब फाइलें हफ्तों-महीनों नहीं, बल्कि एक क्लिक पर आगे बढ़ती हैं। इससे कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही भी तय हो रही है और भ्रष्टाचार की गुंजाइश कम हुई है। ई-ऑफिस मंत्रालय से प्रारंभ हुआ था और अब विभागाध्यक्ष कार्यालयों में भी लागू हो चुका है। आगामी कुछ महीनों में इसे सभी संभागों और जिलों में भी लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मुख्य सचिव श्री विकास शील द्वारा ई-ऑफिस में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाना एक सराहनीय पहल है, जिससे कार्यसंस्कृति में सकारात्मक बदलाव आ रहा है। बायोमेट्रिक उपस्थिति को भी चरणबद्ध तरीके से सभी कार्यालयों में लागू किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है, जिसके पीछे सुशासन सबसे बड़ा कारक है। डिजिटल भुगतान में भारत का विश्व में अग्रणी स्थान भी गुड गवर्नेंस का ही परिणाम है।

उन्होंने कहा कि खनिज परिवहन की परमिट व्यवस्था को ऑनलाइन किया गया है, जिससे भ्रष्टाचार पर रोक लगी है और विकास कार्यों के लिए संसाधनों की सुरक्षा हुई है। इसी तरह शासकीय खरीदी को जेम पोर्टल से जोड़ा गया है, जिससे पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। उन्होंने अधिकारियों को खरीदी प्रक्रियाओं में समयबद्धता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रजिस्ट्री विभाग में की गई 10 क्रांतिकारी पहल से अब नागरिक घर बैठे ही रजिस्ट्री कर पा रहे हैं। नई औद्योगिक नीति के तहत पिछले वर्ष 7.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 के माध्यम से निवेशकों को तेजी से स्वीकृति और क्लियरेंस दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से गांव-गांव जाकर 41 लाख आवेदनों का निराकरण किया गया। यह जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण है।उन्होंने कहा कि सांसदों और विधायकों के पत्रों और आवेदनों का समय पर निराकरण होना चाहिए। अच्छे प्रशासन के लिए संवाद, समन्वय और फीडबैक आवश्यक हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है। सरकार के निर्णयों और उपलब्धियों का सही संचार भी उतना ही जरूरी है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ अंजोर विजन के अंतर्गत 2030 तक के लक्ष्यों की समीक्षा कर प्रदेश को समृद्ध और विकसित राज्य बनाने का स्पष्ट रोडमैप तैयार किया गया है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव श्री विकास शील ने पुरस्कार प्रक्रिया में भाग लेने वाली सभी टीमों को बधाई दी।

*जिला श्रेणी के विजेता नवाचार*

दंतेवाड़ा जिले की “ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण” पहल एक प्रमुख उदाहरण के रूप में सामने आई। इस नवाचार के माध्यम से मैनुअल और कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर ब्लॉकचेन आधारित छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की गई, जिससे भूमि अभिलेख प्राप्त करने का समय हफ्तों से घटाकर कुछ ही मिनटों में संभव हो सका। इस पहल से दस्तावेज़ी धोखाधड़ी पूरी तरह समाप्त हुई और सेवा प्रदाय में अभूतपूर्व तेजी आई, जिसने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन के लिए एक नया मानक स्थापित किया।

जशपुर जिले की “निर्माण जशपुर” पहल ने यह दर्शाया कि एकीकृत डिजिटल मॉनिटरिंग किस प्रकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बना सकती है। 16 विभागों की 7,300 से अधिक परियोजनाओं और 444 ग्राम पंचायतों को कवर करने वाली इस प्रणाली ने रियल-टाइम निगरानी, जियो-टैग्ड सत्यापन और GIS आधारित योजना को संभव बनाया, जिससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और विलंब में उल्लेखनीय कमी आई।

मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी में लागू संवर्धित टेक-होम राशन (A-THR) नवाचार ने गंभीर कुपोषण जैसी चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से विकसित इस पोषण-घन आहार के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों में 77.5 प्रतिशत सुधार दर दर्ज की गई। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि साक्ष्य-आधारित पोषण हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

गरियाबंद जिले की “हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप” ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने में तकनीक की भूमिका को सशक्त रूप से सामने रखा। AI आधारित ट्रैकिंग और रियल-टाइम अलर्ट व्यवस्था के माध्यम से मानव हताहतों की संख्या लगभग शून्य तक लाई गई, साथ ही फसल क्षति और मुआवजा बोझ में भी उल्लेखनीय कमी आई। राज्य के बाहर भी अपनाई जा चुकी यह पहल संघर्ष-संवेदनशील शासन का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है।

नारायणपुर जिले का “इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल” आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में डेटा एकीकरण की उपयोगिता को दर्शाता है। रियल-टाइम, जियो-स्पेशियल और पूर्वानुमान आधारित इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 100 से अधिक नियोजित अभियानों का संचालन संभव हुआ, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितिजन्य जागरूकता को मजबूती मिली।

*विभागीय श्रेणी के विजेता नवाचार*

इसी तरह विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग का “विद्या समीक्षा केंद्र (VSK)” डेटा-आधारित शिक्षा शासन का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। यह AI सक्षम प्लेटफॉर्म 56,000 से अधिक विद्यालयों, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख विद्यार्थियों की निगरानी करता है, जिससे ड्रॉपआउट की प्रारंभिक पहचान, संसाधनों का बेहतर उपयोग और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना संभव हो सका है।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की “वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम” ने व्यवसाय सुगमता सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। 16 विभागों की 136 सेवाओं को एकीकृत करते हुए इस प्रणाली ने अनुमोदन, प्रोत्साहन, शिकायत निवारण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाया, जिससे विलंब कम हुआ और पारदर्शिता के साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ा।

वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग की समग्र ई-गवर्नेंस सुधार पहल ने राजस्व संग्रह और अनुपालन व्यवस्था को सुदृढ़ किया।एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण, ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली और रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से विभाग ने ₹5,425 करोड़ का राजस्व अर्जित किया और पारदर्शिता तथा नियामक निगरानी के नए मानक स्थापित किए।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की “FDS 2.0 – ई-कुबेर डिजिटल भुगतान प्रणाली” ने मैनुअल चेक आधारित प्रक्रियाओं को समाप्त कर पूर्णतः कैशलेस, RBI एकीकृत भुगतान व्यवस्था लागू की। इसके माध्यम से ₹1,776 करोड़ से अधिक के 18 लाख लेन-देन पूर्ण हुए, जिससे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित वन क्षेत्रों में भी समय पर मजदूरी भुगतान, आजीविका सुरक्षा और पारदर्शी फंड प्रवाह सुनिश्चित हुआ।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा अंतर्गत लागू QR कोड आधारित सूचना स्वप्रकटीकरण व्यवस्था ने नागरिक-केंद्रित शासन को नई मजबूती दी। QR कोड के माध्यम से ग्रामीणों को वास्तविक समय की योजना जानकारी उपलब्ध कराकर इस पहल ने मध्यस्थों पर निर्भरता कम की और 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता को सुदृढ़ किया।

कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत ने दिया तथा धन्यवाद ज्ञापन संयुक्त सचिव श्री मयंक अग्रवाल ने किया। इस अवसर पर डीजीपी श्री अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, एससीएस गृह श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के संचालक श्री रजत बंसल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इन सभी नवाचारों के माध्यम से यह स्पष्ट है कि छत्तीसगढ़ में शासन केवल योजनाओं के क्रियान्वयन तक सीमित नहीं है, बल्कि परिणामों, प्रभाव और नागरिक विश्वास पर केंद्रित एक नई प्रशासनिक संस्कृति विकसित हो रही है। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के अंतर्गत सम्मानित ये जिले और विभाग सुशासन, पारदर्शिता, तकनीकी नवाचार और जनकल्याण के नए मानक स्थापित कर रहे हैं। यह उपलब्धियाँ न केवल राज्य के प्रशासनिक तंत्र की क्षमता को दर्शाती हैं, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता और भविष्य के लिए स्पष्ट दृष्टि को भी सुदृढ़ करती हैं।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से की सौजन्य भेंट*

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से की सौजन्य भेंट*

रायपुर 8 जनवरी 2026/मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज गोवा प्रवास के दौरान गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत से सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों के बीच आपसी सहयोग और साझा हितों से जुड़े विषयों पर आत्मीय चर्चा हुई।

*लुड़ेग के धान खरीदी केंद्र में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश, किसानों से मिलकर…..*

लुड़ेग के धान खरीदी केंद्र में जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय का औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को लेकर दिए सख्त निर्देश, किसानों से मिलकर….

जशपुरनगर। किसानों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय ने जिले के लुड़ेग धान खरीदी केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने केंद्र में मौजूद किसानों से सीधे संवाद कर धान खरीदी की जमीनी स्थिति की जानकारी ली और उनकी समस्याएं गंभीरता से सुनीं।श्री साय ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हितों को सर्वोपरि मानते हुए कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान खरीदी प्रक्रिया में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखा जाए तथा किसानों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

*धान केंद्र की व्यवस्थाओं का लिया जायजा*

निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष ने तौल प्रक्रिया, रिकॉर्ड संधारण, बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी, छाया और साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि किसानों को केंद्र पर सम्मानजनक और सुव्यवस्थित वातावरण मिलना चाहिए,

श्री साय ने स्पष्ट किया कि धान की तौल के बाद भुगतान प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए, जिससे किसानों को आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि किसान संतुष्ट रहें और उन्हें उनकी उपज का उचित मूल्य समय पर प्राप्त हो।

*समस्या मिलने पर तत्काल समाधान के निर्देश*

जिला पंचायत अध्यक्ष ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि यदि किसी किसान को किसी प्रकार की समस्या आती है, तो उसका तत्काल निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केंद्रों में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।निरीक्षण के अवसर पर समिति के कर्मचारी, विभागीय अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

*जिले में 5 करोड़ 22 लाख की लागत से बनेंगे 18 महतारी सदन, ग्रामीण महिलाओं के लिए सशक्तिकरण का बनेंगे केंद्र, साय सरकार की योजनाओं से बदली जशपुर की महिलाओं की पहचान…*

*जिले में 5 करोड़ 22 लाख की लागत से बनेंगे 18 महतारी सदन, ग्रामीण महिलाओं के लिए सशक्तिकरण का बनेंगे केंद्र, साय सरकार की योजनाओं से बदली जशपुर की महिलाओं की पहचान…*

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले की ग्रामीण महिलाएँ आज आत्मनिर्भरता की सशक्त मिसाल बनकर उभर रही हैं। कभी सीमित संसाधनों में जीवन यापन करने वाली महिलाएँ अब आर्थिक, सामाजिक और सामुदायिक रूप से मजबूत होकर अपने परिवार और समाज में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। इसके पीछे महतारी वंदन योजना, महतारी सदन और ई-रिक्शा वितरण जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं का बड़ा योगदान है।जिले की दो लाख से अधिक महिलाओं के खातों में महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 448 करोड़ रुपये की राशि सीधे हस्तांतरित की जा चुकी है। इस आर्थिक सहयोग से महिलाओं को न केवल आय का संबल मिला है, बल्कि उनके आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। कई महिलाएँ स्वरोजगार से जुड़कर परिवार की आय बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

*‘महतारी सदन’ बना महिलाओं के संगठन और प्रशिक्षण का केंद्र”

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में महतारी सदन एक महत्वपूर्ण पहल बनकर सामने आया है। महिलाओं को सुरक्षित, सुविधायुक्त और संगठित मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से साय सरकार ने जशपुर जिले में 18 महतारी सदन भवनों की स्वीकृति दी है। प्रत्येक भवन के लिए 29 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।कुल 5 करोड़ 22 लाख रुपये की लागत से बनने वाले ये भवन महिला स्व-सहायता समूहों के लिए प्रशिक्षण, बैठक, कौशल विकास और आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र बनेंगे।इन महतारी सदनों में महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, बुनाई, हस्तशिल्प, मशरूम उत्पादन, घरेलू उद्योग, पैकेजिंग और विपणन जैसी गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे महिलाओं में सामूहिक निर्णय क्षमता, नेतृत्व गुण और सामाजिक एकता को मजबूती मिल रही है।
जिले के बगीचा विकासखंड के कुर्रोग और रंगले, पत्थलगांव के लुड़ेग, बागबहार और सुरंगपानी, मनोरा के सोनक्यारी और मनोरा, जशपुर के लोखंडी और आरा, कुनकुरी के ढोढ़ीबहार, केराडीह और नारायणपुर, कांसाबेल के बगिया, दोकड़ा और बटईकला, तथा फरसाबहार के केरसई, पंडरीपानी और गारीघाट पंचायतों में इन भवनों का निर्माण किया जा रहा है।

*महिलाओं की जुबानी—बदली जिंदगी की कहानी*

कुर्रोग (बगीचा) की सावित्री भगत बताती हैं कि पहले प्रशिक्षण के लिए दूर जाना पड़ता था, लेकिन अब गांव में ही सुविधाएँ उपलब्ध होंगी।सोनक्यारी (मनोरा) की रजनी पैंकरा कहती हैं कि महतारी सदन महिलाओं के लिए सिर्फ भवन नहीं, बल्कि सशक्तिकरण की नींव है।

*ई-रिक्शा वितरण से महिलाओं को मिला नया आत्मसम्मान*

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रक्षा बंधन के अवसर पर 12 स्व-सहायता समूहों की दीदियों को ई-रिक्शा प्रदान किए। आज ये महिलाएँ ई-रिक्शा चलाकर न केवल नियमित आय अर्जित कर रही हैं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा भी सुलभ करा रही हैं।
तपकरा की राजकुमारी पैंकरा कहती हैं कि ई-रिक्शा से परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।छेरडांड की संगीता देवी बताती हैं कि अब वे आत्मविश्वास के साथ काम कर रही हैं।

*ग्रामीण समाज में महिला सशक्तिकरण की नई कहानी*

महतारी सदन और ई-रिक्शा जैसी योजनाएँ मिलकर जशपुर जिले में महिला सशक्तिकरण की नई कहानी लिख रही हैं। महिलाएँ आज आर्थिक रूप से सक्षम, सामाजिक रूप से सम्मानित और आत्मनिर्भर बनकर उभर रही हैं। साय सरकार की ये पहलें न केवल वर्तमान, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत सिद्ध हो रही हैं।

*BIG breking:– नए साल में जशपुर को ऐतिहासिक सौगात, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 77 सड़कों के लिए ₹192 करोड़ रुपए से अधिक की दी मंजूरी…..*

*BIG breking:– नए साल में जशपुर को ऐतिहासिक सौगात, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 77 सड़कों के लिए ₹192 करोड़ रुपए से अधिक की दी मंजूरी…..*

जशपुरनगर।प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को सड़क अधोसंरचना के क्षेत्र में अब तक की सबसे बड़ी सौगात मिली है।नए साल में जिले के विभिन्न विकासखंडों में 77 सड़क निर्माण एवं उन्नयन कार्यों को स्वीकृति प्रदान कर बड़ी सौगात दी है। इन सभी कार्यों के लिए कुल ₹192 करोड़ से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इससे जिले के ग्रामीण, दूरस्थ एवं आदिवासी अंचलों में आवागमन सुगम होगा और विकास को नई गति मिलेगी।जिले के बगीचा विकासखंड अंतर्गत गायबुड़ा–खालपारा मार्ग के लिए ₹3 करोड़ 24 लाख, टोरा–परसुरा ₹4 करोड़ 33 लाख, समदुरा–तेतरटोली ₹63 लाख, टीआर-02 से अक्रिकोना ₹2 करोड़ 21 लाख, बगडोल–गायरटोली ₹1 करोड़ 90 लाख, छिछली–सन्ना से चीवराडांड ₹2 करोड़ 33 लाख तथा सरईपानी–रागरा मार्ग के लिए ₹2 करोड़ 02 लाख की मंजूरी दी गई है।दुलदुला विकासखंड दुलदुला विकासखंड में कोरना–डोभ (कदमटोली होकर) मार्ग के लिए ₹4 करोड़ 18 लाख, कस्तुरा–सरईटोली ₹2 करोड़ 92 लाख, फरसा–सुनकाडंड कादोबहर ₹2 करोड़ 66 लाख, कंटासारू–तुर्री ₹2 करोड़ 77 लाख, एनएच से कोरकोटटोली ₹4 करोड़ 40 लाख, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी–आसनबहार (नोनियाताला) ₹2 करोड़ 57 लाख, चटकपुर–सुकबासुटोली–खुंटीटोली–नगेराटुकु ₹3 करोड़ 19 लाख, खुंटीटोली–डंडाडीह ₹2 करोड़ 45 लाख एवं चराईडांड–गिधासांड मार्ग के लिए ₹2 करोड़ 45 लाख स्वीकृत किए गए हैं।जिले के फरसाबहार विकासखंड अंतर्गत तेलाइन–मोहांटोली मार्ग ₹6 करोड़ 88 लाख, खुटगांव–केंदुटोली ₹3 करोड़ 03 लाख, नवाटोली–सहसपुर ₹4 करोड़ 25 लाख, बनखेता–जुनाडीह ₹3 करोड़ 09 लाख, सागजोर–सोनाजोरी ₹3 करोड़ 34 लाख, घुमरा–बुरुशापार ₹2 करोड़ 50 लाख, बलुआबहार–करमटोली ₹1 करोड़ 68 लाख, बेलडीपा–रेगरमुंडा ₹2 करोड़ 56 लाख, घुमरा रोड–छकलपुर ₹1 करोड़ 64 लाख एवं कुनकुरी–लावकेरा से मयूरटोली मार्ग के लिए ₹1 करोड़ 49 लाख की स्वीकृति दी गई है।जिले के कुनकुरी विकासखंड में एमडीआर से रेमते ₹3 करोड़ 80 लाख, खुटगांव से बतानटोली (धान खरीदी केंद्र तक) ₹1 करोड़ 87 लाख, महुवाटोली–पुटुकेला नदी तक ₹1 करोड़ 30 लाख, कुनकुरी–मज्हाटोली ₹2 करोड़ 11 लाख, धुमाडांड–बुधीडेरा ₹1 करोड़ 31 लाख, दमगड़ा–डडगांव ₹2 करोड़ 87 लाख, रानीकोम्बो–छातापारा ₹4 करोड़ 11 लाख, प्रधानमंत्री सड़क से लोढ़ाम्बा ₹2 करोड़ 40 लाख, एनएच-43 से परसाकानी ₹1 करोड़ 96 लाख, बरडांड–सेंदरीमुंडा ₹1 करोड़ 92 लाख, कुनकुरी–राजाडांड ₹2 करोड़ 06 लाख, रजौटी–कोटिया ₹3 करोड़ 84 लाख एवं करमटोली–बोडाटोंगरी मार्ग के लिए ₹5 करोड़ 57 लाख स्वीकृत किए गए हैं।जिले के मनोरा विकासखंड
मनोरा विकासखंड अंतर्गत करडीह–सरईटोली (केराकोना) ₹4 करोड़ 78 लाख, रांझाडीपा–पियारटोली ₹4 करोड़ 86 लाख, टीआर-05–रुकुरमा ₹1 करोड़ 84 लाख, टीआर-07–घटगांव ₹1 करोड़ 42 लाख, बोरोकोना–वनग्राम ₹2 करोड़ 11 लाख, जरहापाठ ₹4 करोड़ 03 लाख एवं मतरलौंगा मार्ग के लिए ₹1 करोड़ 77 लाख की मंजूरी दी गई है।जिले के पत्थलगांव विकासखंड में लखझार–मुडापारा ₹2 करोड़ 28 लाख, चंदागढ़–डूमरमुड़ा ₹1 करोड़ 13 लाख, डूमरबहार–पकरीढाप ₹2 करोड़ 53 लाख, लुडेग–सुरंगपानी (जोरामा) ₹2 करोड़ 94 लाख, सावाटोली–बिछीटोला ₹2 करोड़ 53 लाख, तिरशोथ–मुदापारा ₹1 करोड़ 50 लाख, सरगुजा सीमा–चिमटापानी ₹98 लाख, धवईपारा–दर्रापारा ₹1 करोड़ 20 लाख, बुढ़ाडांड–बरपारा ₹2 करोड़ 07 लाख, लुड़ेग–सुरंगपानी–खगेश्वरपारा ₹2 करोड़ 06 लाख, कदमपारा–लोटापारा ₹1 करोड़ 17 लाख, खरकट्टा–पंडरीपारा ₹1 करोड़ 70 लाख, किलकिला–केराकछार–लाइनपारा ₹1 करोड़ 31 लाख, बंधनपुर–घोटमुड़ा ₹2 करोड़ 19 लाख, लुड़ेग–सुरंगपानी–बरपानी ₹3 करोड़ 31 लाख, पकपानी–घुटारीपारा ₹1 करोड़ 09 लाख तथापतराटोली–पकरीपारा मार्ग के लिए ₹80 लाख स्वीकृत किए गए हैं।जशपुर विकासखंड में जशपुर कॉलेज रोड–ग्रनचटोली (लक्ष्मी नगर) ₹2 करोड़, सिटोंगा–छेंनगोंटोली ₹2 करोड़ 57 लाख, बरगांव–हर्राकोना ₹2 करोड़ 88 लाख, बडबनाई–खुंटीटोली ₹6 करोड़ 57 लाख एवं लोखंडी–बस्ता (घुमलू होकर) मार्ग के लिए ₹4 करोड़ 28 लाख की स्वीकृति दी गई है।वहीं जिले के कांसाबेल विकासखंड अंतर्गत फरसाजुनवाइन–रेनकुटोली ₹1 करोड़ 56 लाख, नक्तिमुंडा–बिहाबल–पतरापाली ₹3 करोड़ 72 लाख, कोडलिया–गतीमहुवा ₹1 करोड़ 93 लाख, सोनारपहरी–मुख्य मार्ग ₹3 करोड़ 20 लाख, खुंटेरे–करमटोली ₹2 करोड़ 72 लाख, एनएच-43–महादेवमुड़ा ₹1 करोड़ 78 लाख, पालीडीह–कटंगजोर–डूमरकोना ₹3 करोड़ 05 लाख, बंधनपुर रोड–बरडांडपरा ₹1 करोड़ 48 लाख तथा लुड़ेग–सुरंगपानी–फिटिंगपारा मार्ग के लिए ₹1 करोड़ 27 लाख स्वीकृत किए गए हैं।इन सड़क कार्यों की स्वीकृति से जशपुर जिले में आवागमन सुलभ होगा, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। वर्षों से लंबित मांगें पूरी होने पर क्षेत्रवासियों में हर्ष का माहौल है।

*जिले के 755 किसानों की बदल गई तकदीर, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सौर सुजला योजना से सोलर सिंचाई पंप की दी सौगात……*

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*जिले के 755 किसानों की बदल गई तकदीर, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सौर सुजला योजना से सोलर सिंचाई पंप की दी सौगात……*

जशपुरनगर। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों के हित में निरंतर लिए जा रहे फैसलों का सकारात्मक असर अब गांव–गांव तक दिखाई देने लगा है। सौर सुजला योजना मुख्यमंत्री की ऐसी ही एक दूरदर्शी सौगात है, जिसने जशपुर जिले के किसानों की खेती और किस्मत—दोनों बदलने का काम किया है।

*दो वर्षो में जिले के 755 किसानों को मिली बड़ी राहत*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जशपुर जिले में सौर सुजला योजना के तहत 755 किसानों को सोलर सिंचाई पंप की स्वीकृति मिली है। यह सौगात उन किसानों के लिए संजीवनी साबित हो रही है, जो अब तक बारिश और पारंपरिक साधनों पर निर्भर थे। सौर ऊर्जा से चलने वाले पंपों ने सिंचाई को आसान, सुलभ और किफायती बना दिया है।

*बगीचा के बंधु यादव की सौर सुजला योजना से बदली तकदीर,मुख्यमंत्री का जताया आभार*

जिले के बगीचा तहसील क्षेत्र निवासी बंधु यादव ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस सौगात से लाभान्वित किसानों में शामिल हैं। सोलर पंप मिलने के बाद अब वे समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं। इससे फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है और उत्पादन भी बढ़ा है।बंधु यादव कहते हैं कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह योजना उनके लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई है।
इसी तरह फरसाबहार तहसील के खुटशेरा निवासी दुलार साय भी इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। सोलर पंप लगने से उन्होंने खेती का दायरा बढ़ाया है और अतिरिक्त फसलों की खेती शुरू की है। इससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी हुई है और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है।

*कम लागत,अधिक उत्पादन—किसानों को मिला आत्मविश्वास*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सोच के अनुरूप सौर सुजला योजना ने किसानों को कम लागत में अधिक उत्पादन का रास्ता दिखाया है। डीज़ल और बिजली पर होने वाला खर्च कम हुआ है, वहीं पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है। यह योजना खेती को आत्मनिर्भर और टिकाऊ बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।

*दो साल में दिखा सुशासन का असर*

बीते दो वर्षों में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में किसानों को केंद्र में रखकर कई योजनाएं धरातल पर उतरी हैं। सौर सुजला योजना उनमें से एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जिसने जशपुर जिले के सैकड़ों किसानों को स्थायी सिंचाई सुविधा देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की यह सौगात आज जशपुर के किसानों के चेहरे पर मुस्कान और खेतों में हरियाली का प्रतीक बन चुकी है।

*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर बना पॉवर हब, दो वर्षों में बिजली ढांचे को मिली ऐतिहासिक मजबूती, प्रदेश का पांचवां 400/220 केवी विद्युत उपकेंद्र हर्राडांड सहित 11 नए सब-स्टेशनों के निर्माण को मिली मंजूरी*

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*मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर बना पॉवर हब, दो वर्षों में बिजली ढांचे को मिली ऐतिहासिक मजबूती*

*प्रदेश का पांचवां 400/220 केवी विद्युत उपकेंद्र हर्राडांड सहित 11 नए सब-स्टेशनों के निर्माण को मिली मंजूरी*

जशपुरनगर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी एवं जनहितकारी नेतृत्व में जशपुर जिला बीते दो वर्षों में विद्युत अधोसंरचना के क्षेत्र में अभूतपूर्व परिवर्तन का साक्षी बना है। जिले को पॉवर हब के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य की साय सरकार द्वारा बड़े पैमाने पर विद्युत सब-स्टेशनों की स्थापना, ट्रांसमिशन लाइनों के विस्तार तथा वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। इन प्रयासों से जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं स्थिर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो रही है।
साय सरकार द्वारा जशपुर जिले के हर्राडांड में प्रदेश के पांचवें 400/220 केवी उच्च क्षमता वाले विद्युत उपकेंद्र की स्थापना को मंजूरी दी गई है,जिसकी निविदा प्रक्रिया पूर्ण के बाद निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगी,जो पूरे सरगुजा संभाग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। इसके साथ ही फरसाबहार एवं झिक्की बगीचा में 132/33 केवी सब-स्टेशन की स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिससे क्षेत्रीय बिजली भार का संतुलन बेहतर होगा।इसके अलावा जिले के सलिहाटोली, विपतपुर, भगोरा, समडमा, मैनी, रेड़े (पथलगांव), पालीडीह, खुटेरा एवं चेटवा में 33/11 केवी विद्युत सब-स्टेशन के निर्माण हेतु करोड़ों रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है। इन सभी परियोजनाओं के लिए आवश्यक प्रक्रियाएं पूर्ण की जा रही हैं और शीघ्र ही निर्माण कार्य प्रारंभ होगा।

*कुनकुरी को मिला मिनी डिपो स्टोर, समय और लागत दोनों में हुई बचत*

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा कुनकुरी विकासखंड में उप-क्षेत्रीय भंडार (मिनी डिपो स्टोर) की स्थापना को भी मंजूरी दी गई है, जिसे जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। पूर्व में ग्रामीण क्षेत्रों में खराब या जले हुए वितरण ट्रांसफार्मरों के प्रतिस्थापन हेतु विश्रामपुर एवं सूरजपुर स्थित क्षेत्रीय भंडारों से 150 से 200 किलोमीटर दूर से सामग्री मंगानी पड़ती थी,जिससे मरम्मत कार्य में देरी होती थी।मिनी डिपो स्टोर कुनकुरी के संचालन में आने से अब ट्रांसफार्मर एवं अन्य विद्युत सामग्री स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो रही है, जिससे समय की बचत के साथ-साथ विद्युत आपूर्ति शीघ्र बहाल हो रही है।

*नए कार्यालयों की स्थापना से मजबूत हुई विद्युत प्रशासनिक व्यवस्था*

जिले के कुनकुरी में वृत्त कार्यालय, संभागीय कार्यालय, एसटीएम संभागीय कार्यालय, सतर्कता संभागीय कार्यालय, वितरण भंडार, उप-संभागीय कार्यालय तपकरा एवं वितरण केंद्र कुनकुरी की स्थापना की गई है। इन कार्यालयों के संचालन से जिले में विद्युत व्यवस्था की निगरानी और रखरखाव और अधिक प्रभावी हो गया है, जिससे उपभोक्ताओं को त्वरित समाधान मिल रहा है।

*117 नए अतिरिक्त ट्रांसफार्मर की स्थापना ,ग्रामीण इलाकों की लो वोल्टेज समस्या से हमेशा के लिए मिलेगी निजात*

नए सब-स्टेशनों एवं ट्रांसमिशन नेटवर्क सहित ग्रामीण इलाकों में 117 नए ट्रांसफार्मर की स्थापना की जा चुकी है। जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही लो वोल्टेज की समस्या से स्थायी राहत मिलने की उम्मीद है। इससे किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली मिलेगी, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं, व्यापारियों और लघु उद्योगों को भी सीधा लाभ पहुंचेगा।

*बिजली के साथ विकास को मिली नई रफ्तार*

जिलेवासियों का कहना है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले को मिली विद्युत सौगातों से न केवल बिजली व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि कृषि, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और उद्योग जैसे क्षेत्रों में भी विकास को नई गति मिली है। निर्बाध बिजली आपूर्ति से आमजन के दैनिक जीवन में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।निस्संदेह, साय सरकार की यह पहल जशपुर को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाते हुए विकास के नए आयाम स्थापित कर रही है।

*युवा ही प्रदेश और देश का भविष्य हैं: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, रोजगार और खेल सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध, बिलासपुर में तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव का भव्य शुभारंभ*

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*युवा ही प्रदेश और देश का भविष्य हैं: मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय*

*राज्य सरकार युवाओं को शिक्षा, रोजगार और खेल सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध*

*बिलासपुर में तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ राज्य युवा महोत्सव का भव्य शुभारंभ*

*खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़-2026 के शुभंकर ‘मोर वीर’, थीम सॉन्ग और खेलो इंडिया टॉर्च का अनावरण*

*मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये प्रोत्साहन राशि सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं*

रायपुर 23 दिसंबर 2025/छत्तीसगढ़ के युवाओं की प्रतिभा, ऊर्जा और रचनात्मक क्षमता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से आयोजित राज्य स्तरीय युवा महोत्सव का आज बिलासपुर के बहतराई स्टेडियम में भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने तीन दिवसीय इस महोत्सव का उद्घाटन करते हुए खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स छत्तीसगढ़ 2026 के शुभंकर ‘मोर वीर’, थीम सॉन्ग एवं खेलो इंडिया टॉर्च का रिमोट बटन दबाकर अनावरण किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं के प्रेरणास्रोत स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर श्रद्धासुमन अर्पित कर नमन किया। उद्घाटन समारोह में अबूझमाड़ क्षेत्र के खिलाड़ियों द्वारा मलखंब की उत्कृष्ट प्रस्तुति दी गई। महिला कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी एवं एथलेटिक्स खिलाड़ी श्री अमित कुमार द्वारा खेलो इंडिया टॉर्च का अनावरण किया गया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा ही देश और प्रदेश का भविष्य हैं। राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास और खेल सहित हर क्षेत्र में युवाओं को आगे बढ़ाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। यह युवा महोत्सव न केवल युवाओं की प्रतिभाओं को पहचान देने का मंच है, बल्कि उन्हें राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम भी है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर खेलो इंडिया में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्रोत्साहन राशि देने, मलखंब खिलाड़ियों को एक लाख रुपये की विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान करने तथा अमेरिका गॉट टैलेंट में चयनित मलखंब खिलाड़ी अनतई पोटाई के अमेरिका आने-जाने का सम्पूर्ण व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस युवा महोत्सव में प्रदेशभर से 3,000 से अधिक युवा भाग ले रहे हैं, जो 14 सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विधाओंकृ8 दलीय एवं 6 एकलकृमें अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। लोकनृत्य, लोकगीत, वाद-विवाद, चित्रकला और कविता लेखन की विजेता प्रतिभाएँ वर्ष 2026 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय युवा उत्सव में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बस्तर ओलंपिक में 1 लाख 65 हजार से अधिक युवाओं की सहभागिता यह प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्त होकर शांति, विकास और सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। जनजातीय अंचलों में खेलों की अपार संभावनाएँ हैं और सरकार इन क्षेत्रों की प्रतिभाओं को पहचान कर उन्हें आगे बढ़ा रही है।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि युवाओं की सृजनशील सोच से ही देश आगे बढ़ता है और केंद्र व राज्य सरकारें मिलकर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए निरंतर
प्रयासरत हैं।

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने घोषणा की कि आने वाले समय में सरगुजा अंचल में भी ओलंपिक-स्तरीय खेल आयोजनों का आयोजन किया जाएगा।

उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर बदल रहा है और आज जनजातीय क्षेत्रों के युवा राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं।

इस अवसर पर संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, विधायकगण श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री धरमलाल कौशिक, श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, क्रेडा अध्यक्ष श्री भूपेंद्र सवन्नी, छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम अध्यक्ष श्री राजा पांडे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, खिलाड़ी और युवा उपस्थित थे।

*शराब पीकर ,बिना हेलमेट और सीटबेल्ट के गाड़ी चलाने वाले हो जाइए सावधान, कलेक्टर ,एस एस पी ने दिए कार्यवाही करने के निर्देश, सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई संपन्न……*

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*शराब पीकर ,बिना हेलमेट और सीटबेल्ट के गाड़ी चलाने वाले हो जाइए सावधान, कलेक्टर ,एस एस पी ने दिए कार्यवाही करने के निर्देश, सड़क सुरक्षा समिति की बैठक हुई संपन्न……*

जशपुरनगर । कलेक्टर श्री रोहित व्यास ने मंगलवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक ली और बिना हेलमेट और सीटबेल्ट के गाड़ी चलाने वालों पर चालान काटने की कार्रवाई करें। इस अवसर पर एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह भी उपस्थित थे।कलेक्टर ने कहा की सभी स्कूल के 100 मीटर के दायरे में कोई भी मादक पदार्थ विक्रय करते पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट आनलाइन के माध्यम से पुलिस विभाग को शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने आम नागरिकों को वाहन चलाते समय हेलमेट और सीटबेल्ट का उपयोग करने को कहा हैं। एस एस पी श्री शशि मोहन सिंह ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में संबंधित अधिकारियों को जिले में जहां 10 जग ब्लैक स्पाट चिन्हांकन किया गया है।उन स्थानों में रात्रि पाली में भी निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। ताकि दुर्घटना को रोका जा सके साथ ही शराब सेवन करके वाहन चलाने वालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने कहा कि यातायात के नियमों का उलंघन करने वालों चलान काटने की कार्रवाई करें।
लोगों को सुरक्षित रखना हमारी पहली प्राथमिकता हैं।
इस अवसर पर सभी एसडीएम और पुलिस विभाग परिवहन विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।