*विष्णु के सुशासन मं अन्नदाता मन के नई होय कछु परेशानी– डीडीसी सालिक साय, कहींन प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी करे जात हे, कांग्रेसी मन हर किसान मन ला गुमराह करत हवें………*

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*विष्णु के सुशासन मं अन्नदाता मन के नई होय कछु परेशानी– डीडीसी सालिक साय, कहींन प्रति एकड़ 21 क्विंटल खरीदी करे जात हे, कांग्रेसी मन हर किसान मन ला गुमराह करत हवें………*

जशपुरनगर। किसान मन के धान समर्थन मूल्य मं 14 नवम्बर ले खरीदी सुरू होगे हावे, जेकर सिलसिला 31 जनवरी 2025 तक चलही। प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी होय से किसान मन मं उत्साह हावे, फेर पाछू दू दिन ले ए शिकायत मिलत रिहिस कि प्रति एकड़ 21 क्विंटल के बजाय किसान मन ले केवल 14 क्विंटल धान ही लिया जाही, जेन से किसान मन चिन्तित होगे हावय। लगातार किसान मन मं भ्रमित स्थिति देखे जावत रिहिस। एही बात के लेकर भाजपा अजजा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष अउ जिप सदस्य सालिक साय ह कांग्रेस ऊपर आरोप लगाय हंय कि ओमन किसान मन ला गुमराह करत हवंय। उंकर कहना रहिस कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णु साय के नेतृत्व मं प्रदेश भर मं सुचारू रूप से धान खरीदी होवत हावे। भाजपा सरकार ह किसान मन ला प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी के मोदी के गारंटी दीस हावय, अउ विष्णु के सुशासन वाली सरकार ह ए गारंटी ला पूरा करथें। समूचे प्रदेश अउ जशपुर जिले मं भी किसान मन से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी होवत हावे। कहीं भी प्रति एकड़ के बाद कऊनो भी प्रकार के कटौती नइ होय हे, किसान मन निश्चिंत रहीं।

सालिक साय ह साफ-साफ कहिन कि कांग्रेस ह किसान मन ला गुमराह करे के काम मं लागे हावे। राज्य मं मुख्यमंत्री विष्णु साय के नेतृत्व मं छत्तीसगढ़ सरकार ह किसान मन के विकास खातिर संकल्पित हावे। सरकार बनते ही पहले किसान मन ला दू साल के बकाया बोनस दीस गे रिहिस अउ चुनावी वादा पूरा करत हुए प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदी 3100 रूपिया प्रति क्विंटल के दर से होवत हावे।

उंकर किसान मन से अपील रहिस कि ओमन कऊनो के बहकावे मं नइ आंव। उंकर जिला प्रशासन ला भी कह देय हावय कि हर एक उपार्जन केंद्र मं स्पष्ट सूचना जारी करे अउ गुमराह करे वाले समिति प्रबंधक अउ लोगन ऊपर कड़ी कारवाही करे। सालिक साय ह कहिन कि राज्य मं किसान मन के धान खरीदी मं कऊनो परेशानी नइ होय, ए बात के पूरा ध्यान रखते हुए विष्णु के सुशासन वाली छत्तीसगढ़ सरकार ह किसान मन ला उपार्जन केंद्र मं आवश्यकता परे तो 5 से 10 हजार नगद देय के व्यवस्था भी कराय हावे, जेन ह विष्णु के सुशासन के वचन हावे।